45+ ज़िक्र शायरी 2 लाइन - Zikr Status


दोस्तों फेसबुक शायरी के इस Post की Topic  "Zikr Shayari"  हैं. इसमें आप पढ़ सकते हैं ज़िक्र शायरी 2 लाइन, ज़िक्र शायरी in Urdu, Zikr Status, ज़िक्र शायरी 4 लाइन, पर बनी बेजोड़ शानदार ज़िक्र शायरी को, मित्रो आशा करता हूँ कि यह पोस्ट आप सभी शायरी के चाहने वालो को बेहद पसंद आएगी.


Zikr-Shayari

आईये अब पढ़ते हैं "ज़िक्र शायरी" के इस खास कलेक्शन को और लुफ्त उठाते इस पोस्ट का और साथ ही शेयर करते हैं अपने दोस्तों को.

45+ ज़िक्र शायरी 2 लाइन - Zikr Shayari  


1
तेरा ज़िक्र मेरी इबादत हैं सनम
मत रोको दुनिया वालों मेरा सनम ख़ुदा है

2
जिक्र अधूरी मोहब्बत का 
किसी से ना करना

मैं खुद सबसे कह दूंगा की
उन्हें फुरसत नही मिलती

3
दिल में तेरी ही यादें हैं जुबां पे तेरा ही ज़िक्र है
मैं कहता हूँ ये इश्क़ है तू कहती है बस फ़िक्र है

4
ये तेरा ज़िक्र है या इत्र है
जब-जब करती हूँ
महकती हूँ, बहकती हूँ, चहकती हूँ 

5
ज़िक्र तक करते कभी हम अपनी ज़ुबान से
पर सोचा बिना सितम के भी क्या दास्तां होगी

  ज़िक्र शायरी  

6
सारी सारी रात सितारों से उसका ज़िक्र होता है
और उसको ये गिला है के हम याद नहीं करते

7
पूछा न जिंदगी में किसी ने भी दिल का हाल
अब शहर भर में ज़िक्र मेरी खुदकुशी का है

Punchha Na Zindagi Me Kisi Ne Bhi Dil Ka Haal
Ab Shahar Bhar Me Zikr Meri Khudkhushi Ka Hai
8
जो सामने  जिक्र नही करते
वो दिल ही दिल मे बहुत फिक्र करते हैं

Jo Saamane Zikr Nahi Karate
Wo Dil Hi Dil Me, Bahut Fikr Karate Hai

  Zikr Shayari  

9
जरूरत नहीं फिक्र हो तुम,
कर ना पाऊँ कहीं भी
वो जिक्र हो तुम

10
फ़िक्र तो तेरी आज भी है
बस  जिक्र का हक नही रहा

Fikar To Teri Aaj Bhi Hai
Bas  Jikar Ka Haq Nahi Raha

  ज़िक्र शायरी in Urdu  

11
उस ख़्याल पर ही मुझे 
प्यार आ जाता है

ज़िक्र जिसमें तेरा 
इक बार आ जाता है

Us Khayal Par Hi Mujhe 
Pyar Aa Jata Hai

Zikr Jismen Tera 
Ek Baar Aa Jata Hai

12
छू गया जब कभी ख्याल तेरा,
दिल मेरा देर तक धड़कता रहा

कल तेरा ज़िक्र छिड़ गया घर में,
और  घर देर तक महकता रहा

13
भर जायेंगे ज़ख़्म भी तुम ज़माने से ज़िक्र ना करना
ठीक हूँ मैं तुम मेरे दर्द की फिकर ना करना

14
है एहतराम भी लाज़िम कि 
ज़िक्र है उनका

15
मेरी शायरी में सनम. तेरी कहानी है
जिसके आधे हिस्से मे तेरा ज़िक्र आधे में मेरी दीवानगी है

16
तू न कर ज़िक्र-ए-मोहब्बत कोई गम नहीं
तेरी ख़ामोशी भी सच बयाँ कर देती है

17
ज़िक्र जब होगा मोहब्बत में तबाही का कहीं 
याद हम आएँगे दुनिया को हवालों की तरह
 सुदर्शन फ़ाक़िर

18
जहाँ भी ज़िक्र हुआ प्यार का
वहीं तुमसे नज़र मिलाने की तलब लगी

19
कुछ इस तरह वो मेरी बातों का ज़िक्र किया करती है
सुना है वो आज भी मेरी फिक्र किया करती है

20
आजमाते हैं लोग सब्र मेरा
करके बार बार जिक्र तेरा

21
मोहब्बत की महफ़िल में आज मेरा ज़िक्र है
अभी तक याद हूँ उसको खुदा का शुक्र है

  ज़िक्र शायरी in Urdu  

22
मुझे पढ़ते रहना
चुपके से तेरा ज़िक्र करुगी एक दिन 

23
अब तेरा ज़िक्र नही
अब तेरी फ़िक्र नही

क्यू की तू वो नही रहा 
जिससे मैने, मोहब्बत की थी

अब तू बन चुका है वो 
जिसके बारे मैने कभी सोचा भी नही

Ab Tera Zikar Nahi, 
Ab Teri Fikar Nahi

Kyu Ki tu Who Nahi raha
Jise Maine Mohabbat Ki  Thi

Ab Tu Ban Chuka Hai Wo 
Jiske Baare Maine Kabhi Socha bhi Nahi



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24
म्हारी फिक्र और 
जिक्र करने के लिए

हमारा कोई रिश्ता ही हो 
ये जरूरी तो नहीं?

Tumhari Fikr Aur
Zikar Karane Ke Liye

Hamara Koi Rishta Hi Ho,
Ye Jaruri To Nahi?


45+ ज़िक्र शायरी 2 लाइन - Zikr Shayari


25
ज़िक्र तेरी फ़िक्र 
तेरा एहसास तेरा ख्याल

तू खुदा तो नहीं ,
फिर हर जगह क्यों हैं?

Tera Zikr Teri Fikr,
Tera Ehasaas, Tera Khyaal

Tu Khuda To Nahi?
Fir Har Jagah Kyu Hai?

  ज़िक्र शायरी  

26
कुछ बुरे लोगो का ज़िक्र करने से अच्छा
कुछ अच्छे लोगो की फ़िक्र कर लू

Kuchh Bure Logo Ka Zikar Karane Se Achchha
Kuchh Achchhe Logo Ki Fikr Kar Lu

27
तेरे इश्क से मिली है,
मेरे वजूद को ये शौहरत

मेरा ज़िक्र ही कहाँ था, 
तेरी दास्ताँ से पहले

Tere Ishq Se Mili Hai,
Mere Vajud Ko Ye Shauharat

Mera Zikr Hi Kaha Tha,
Teri Dastan Se Pahale

28
तेरा ज़िक्र तेरी फिक्र 
तेरा एहसास तेरा ख्याल

तू खुदा नहीं फिर 
हर जगह मौज़ूद क्यूँ है?

Tera Zikr Teri Fikr 
Tera Ehsaas Tera Khyaal

Tu Khuda Nahin Phir 
Har Jagah Maujud Kyu Hai?

29
ज़िक्र अपनी हर बात में लाता है मेरा
भूला नहीं है वो मुझे बेवफ़ा होकर भी

30
ज़िक्र तेरा ही चल रहा है
यूँ ही तो नही मुस्कुराय़े हैं हम

31
ज़िक्र तेरा है या कोई नशा है
जब जब होता है दिल बहक जाता है

32
तेरा हुआ ज़िक्र तो हम 
तेरे सजदे में झुक गये

अब क्या फर्क पड़ता है 
मंदिर में झुक गये या मस्जिद में झुक गये

33
भरी महफिल में मोहब्बत का जिक्र हुआ
हमने तो बस आप की ओर मुड़कर देखा
और लोग वाह-वाह करने लगे

34
मेरी मोहब्बत की ना सही, 
मेरे सलीके की तो दाद दे सनम

तेरा जिक्र रोज करते हैं, 
तेरा नाम लिए बगैर 

35
ज़िक्र उनका ही आता है मेरे फ़साने में,
जिनको जान से ज्यादा चाहते थे हम किसी ज़माने में

तन्हाई में उनकी ही याद का सहारा मिला,
जिनको नाकाम रहे हम भुलानें में



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36
कोरे काग़ज़ सी ज़िंदगी पर जो भी लफ़्ज़ उकेरे हैं
इनमे ज़िक्र सिर्फ़ उनका है जो मेरे ना होकर भी मेरे हैं

37
साथ दे पाना ना दे पाना अपनी जगह
फ़िक्र करना, ज़िक्र रखना अपनी जगह

38
सनम अहसास मेरा तेरी पलकों में है वरना,
इतनी नादान तेरी आँखे नहीं
जो मेरा जिक्र हो और झुक जाए

39
प्यार करते हो मुझसे तो इज़हार कर दो
अपनी मोहब्बत का जिक्र सरेआम कर दो

नही करते अगर प्यार तो इन्कार कर दो
ये लो मेरा मासूम दिल इसके टुकड़े-हजार कर दो 

40
ज़िक्र करता है दिल सुबह शाम तेरा
गिरते हैं आँसू बनता है नाम तेरा

किसी और को क्यों देखे ये आँखें, 
जब दिल पे लिखा सिर्फ नाम तेरा

41
तेरा ज़िक्र जिसमें हुआ ना हो
मेरे पास ऐसा लम्हा ना हो

मैंने जिसमें तुझको माँगा नहीं
मेरे लब पे ऐसी दुआ ना हो

42
जहाँ भी ज़िक्र हुआ सुकून का
वहीँ तेरी बाहोँ की याद आयी

Jaha Bhi Zikr Hua Sukun Ka
Wahi Teri Baanho Ki Yaad Aayi

43
जिक्र तो छोड़ दिया मैंने उसका
लेकिन कम्बख्त फिक्र नहीं जाती

44
उलझन में हूं या दुख में हूं,
दोस्त है मेरा फिक्र करेगा

दूर है फिरभी भूलेगा नही,
कभी तो मेरा जिक्र करेगा



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