बेहतरीन 100+ मौसम शायरी 2 लाइन - मौसम Status






दोस्तों हिंदी उर्दू शायरी के इस Post की  Topic "Mausam Shayari" हैं. इसमें आप पढ़ सकते हैं मौसम शायरी 2 लाइन, मौसम शायरी in Urdu, मौसम Status, मौसम शायरी 4 लाइन, पर बनी बेजोड़ शानदार शायरी को, मित्रो आशा करता हूँ कि यह पोस्ट आप सभी शायरी के चाहने वालो को बेहद पसंद आएगी.


Mausam-Shayari-2-Line
Mausam Shayari 2  Line


दोस्तों आज मौसम की बात करते हैं इस खूबसूरत से आर्टिकल में, और पढ़ते हैं मौसम पर बनी ढेरो दर्द प्यार और बारिश पर बानी शायरी को. 

मौसम प्रकृति ने मौसम है,सब के लिए चार बनाये हैं हैं लेकिन जीवन में ऐसे कई और भी मौसम हैं जो हमें ख़ुशी देता हैं और ग़म भी. मोहब्बत करने वालो के लिए मौसम दो होते हैं एक प्यार का दूसरा ग़म का. आज उसी प्यार और ग़म के मौसम की बात करेंगे इस पोस्ट में और पढ़ेंगे "Mausam Shayari" के पोस्ट को और खो जाएं हसीन प्यार भरे मौसम में. 

बेहतरीन 100+ मौसम शायरी 2 लाइन - मौसम Status



1
कम से कम अपनी जुल्फे तो बाँध लिया करो।
कमबख्त. बेवजह मौसम बदल दिया करते हैं

Kam Se Kam Apni  Julfe To Baandh Liya Karo,

Kambakht... Be-Wajah Mausam Badal Diya Karte Hain



2

जो आना चाहो हज़ारों रास्ते 
न आना चाहो तो हज़ारों बहाने 
मिज़ाज-ऐ-बरहम , मुश्किल रास्ता 
बरसती बारिश और ख़राब मौसम

Jo Aana Chaho Hajaro raste ,

Na Aana Chaho To hajaro Bhane,
Mijaj e Beraham Mushkil Rasta,
Barsti barish Aur Khrab Mausam

3
लुत्फ़ जो उस के इंतज़ार में है
वो कहाँ मौसम-ए-बहार में है 

Lutf Jo Us Ke Entjar Me Hai,
Vo Kha Mausme E Bahar Me Hai.


4

तुम्हारे शहर का मौसम बड़ा सुहाना लगे।
मैं शाम चुरा लूँ अगर बुरा न लगे।।
क़ैसर-उल जाफ़री

Tumhare Shahar Ka Mausam Bada Suhana Lage,
Main Ek Shaam Chura Lun Agar Bura Na Lage।



5

यूँ ही शाख से पत्ते गिरा नहीं करते,
बिछड़ के लोग भी ज्यादा जिया नहीं करते।

जो आने वाले हैं मौसम उनका एहतराम करो,
जो दिन गुजर गए उनको गिना नहीं करते।।

Yuhin Shaakh Se Patte Gira Nahi Karte,
Bichhad Ke Log Bhi Zyada Jiya Nahi Karte,
Jo Aane Wale Hain Mausam Unka Ehtraam Karo,
Jo Din Gujar Gaye Unko Gina Nahi Karte।

6
आज है वो बहार का मौसम,
फूल तोड़ूँ तो हाथ जाम आए।। 

7
मौसम को मौसम की बहारों ने लूटा,
हमे कश्ती ने नहीं किनारों ने लूटा।।

   Mausam Status   

8
कुछ आपका अंदाज है कुछ मौसम रंगीन है,
तारीफ करूँ या चुप रहूँ, जुर्म दोनो संगीन है।।

9
मौसम गए सुकून गया ज़िन्दगी गई
दीवानगी की आग में क्या-क्या गया न पूछ।।

   Mausam Shayari   

10
धुप सा रंग है और खुद है वो छाँवो जैसा
उसकी पायल में बरसात का मौसम छनके।।
क़तील शिफ़ाई

11
जाता हुआ मौसम लौटकर आया है,
काश वो भी कोशिश करके देखे?

Jata Hua Mausam Lautkar Aaya Hai,
Kash Wo Bhi Koshish Karane Dekhe?

12
मौसम भी है सुहाना, बारिश भी हो रही है,
बस एक कमी है तेरा मुझसे गले लग जाना।।

Mausam Bhi Hai Suhaana, Barish Bhi Ho Rahi Hai,
Bas Ek Kami Hai Tera Gale Lag Jaana.


____________________________________

13
कुछ तो मौसम-ए-हवा भी सर्द थी कुछ था तेरा ख्याल भी,
दिल को खुशी के साथ साथ होता रहा मलाल भी।।

Kuchh To Hawa Bhi Sard Thi Kuchh Tha Tera Khayal Bhi,
Dil Ko Khushi Ke Saath Saath Hota Raha Malaal Bhi.

14
बहुत ही सर्द है अब के दयार-ए-शौक़ का मौसम,
चलो गुज़रे दिनों की राख में चिंगारियाँ ढूँडें।।
प्रकाश फ़िक्री

15
मौसम की तरह बदलते हैं उस के वादे,
उस पर यह ज़िद की तुम मुझ पे एतबार करो।।

Mausam Ki Tarah Badalate Hai Us Ke Wade,
Us Par Yah Zid Ki Tum Mujh Pe Etabaar Karo..

16
मौसम ने बनाया है निगाहों को शराबी,
जिस फूल को देखूं वोही पैमाना हुआ है।।

17
मौसम की मिसाल दूँ या तुम्हारी
कोई पूछ बैठा है बदलना किसको कहते हैं।।

18
तब्दीली जब आती है मौसम की अदाओं में,
किसी का यूँ बदल जाना बहुत ही याद आता है।।

Tabdeeli Jab Bhi Aati Hai Mausam Ki Adaaon Me,
Kisi Ka Yun Badal Jana Bahut Hi Yaad Aata Hai.

19
आज मौसम कितना खुश गंवार हो गया
ख़त्म सभी का इंतज़ार हो गया।
बारिश की बूंदे गिरी इस तरह से
लगा जैसे आसमान को ज़मीन से प्यार हो गया।।

Aaj Mausam Kitana Khush Ganwaar Ho Gaya,
Khatm Sabhi Ka Intazaar Ho Gaya,
Barish Ki Bunde Giri Is Tarah Se,
Laga Jaise Aasmaan Ko Zamin Se Pyaar Ho Gaya.

   Mausam Status   

20
मौसम की पहली बारिश में  तुम मिले इस तरह
जैसे धरती मिल गई हो  आसमान से
जैसे बूँदों ने पहली बार  किया हो ।

आलिंगन  माटी के सीने से और उसी माटी की सौंधी
खुशबू की तरह फैल रहा है  हर तरफ  प्यार तेरा।।

Mausam Ki Pahali Barish Me Tum Mile Is Tarah,
Jaise Dharati Mil Gayi Ho Aasamaan Se,
Jaise Bundon Ne Phali Baar Kiya Ho
Aalingan Maati Ke Seene Se Aur Us Maati Ki Saundhi
Khushbu Ki Tarah Fail Raha Hai Har Taraf Pyaar Tera.

21
पतझड़ में सिर्फ पत्ते गिरते हैं।
नज़रों  से गिरने का कोई मौसम नहीं होता।।


22
दिल की बाते कौन जाने, 
मेरे हालात को कौन जाने, 
बस बारिश का मौसम है।

पर दिल की ख्वाहिश कौन जाने, 
मेरी प्यास का एहसास कौन जाने?

 Dil Ki Bate Kon jane ,
 Mere Halat Ko Kon jane,
 Bas Barish ka Mausam Hai,

 Par Dil Ki Khvahis Kon Jane,
 Mere Pyas Ka Ehasas Kon Jane?

23
तेरे तसव्वुर की धूप ओढ़े खड़ा हूँ छत पर।
मिरे लिए सर्दियों का मौसम ज़रा अलग है।।
साबिर

24
रिमझिम बरस पड़े हो तुम तो फुहार बन के
आया है अब तो मौसम कैसा खुमार बन के
मेरे दिल में यूँहीं रहना तुम प्यार प्यार बन के।।

Rimjhim Baras Pade Ho Tum To Fuhaar Ban Ke,
Aaya Hai Ab Mausam Kaisa Khumaar Ban Ke,
Mere Dil Me Yu Hi Raha, Tum Pyaar Pyaar Ban Ke.

25
कुछ तो तेरे मौसम ही मुझे रास कम आये।
और कुछ तेरी मिटटी में बगावत भी बहुत थी।।

Kuchh To Tere Mausam Hi Mujhe Raas Kam Aaye,
Aur Kuchh Meri Mitti Me Bagawat Bhi Bahut Thi.

26
उस को भला कोई कैसे गुलाब दे।
जिसके आने से बारिश का मौसम और गुलाबी हो जाता है।।

Us Ko Bhal Koi Kaise Gulaab De,
Jisake Aane Se Barish Ka Mausam Aur Gulabi Ho Jata Hai.

27
इतनी बारिश और रोमांटिक मौसम ना कर ओ राम जी,
जरुरी नहीं की  सब की सैटिंग हो।।

Itani Barish Aur Romantic Mausam Naa Kar Ram Ji,
Jaruri Nahi Sab Ki Setting Ho.

   मौसम शायरी in Urdu  

28
शहर देखकर ही अब हवा चला करती है।
अब इंसान की तरह होशियार मौसम होते हैं।।

Shahar Dekhakar Hi Ab Hava Chala Karati Hai. 
Ab Insaan Ki Tarah Hoshiyaar Mausam Hote Hai .

29
छु कर निकलती है जो हवाएँ तेरे चेहरे को,
सारे शहर का मौसम गुलाबी हो जाता है।।

Chhu Kar Nikalati Hai Jo Hawaaye Tere Chehare Ko,
Saare Shahar Ka Mausam Gulabi Ho Jata Hai.

30
आज कुछ और नहीं बस इतना सुनो,
मौसम हसीन है लेकिन तुम जैसा नहीं।।

Aaj Kuchh Aur Nahi Bas Itana Suno,
Mausam Hasin Hai Lekin Tum Jaisa Nahi.

31
अपने किरदार को मौसम से बचाए रखना।
लौट कर फूलों में वापस नहीं आती खुशबू।।

Apane Kirdaar Ko Mausam Se Bachaye Rakhana,
Laut Kar Phoolo Me Wapas Nahi Aati Khushabu.

32
ये बारिश का मौसम, और तुम्हारी याद।
चलो फिर मिलते है ,एक कप चाय के साथ।। 

33
बरसता भीगता मौसम धुआं धुआं होगा।
पिघलती शम्मों पे दिल का मेरे गुमां होगा।।

   मौसम शायरी 4 लाइन   

34
जब इंसान की फितरत बदल रही हो तो 
ये जरुरी नहीं की इंसान बदल गया,
हो सकता है बाहर का मौसम बदल रहा हो।।

Jab Insaan ki Fitrat Badal Rahi Ho To 
Ye Jaruri Nahi ki Insaan Badal Gaya,
Ho Sakta Hai Bahar ka Mausam Badal Rha Ho..

35
कब तलक दिल में जगह दोगे हवा के ख़ौफ़ को।
बादबाँ खोलो कि मौसम का इशारा हो चुका।।
शहज़ाद अहमद

36
हमें इस सर्द मौसम में तेरी यादें सताती हैं।
तुम्हें एहसास होने तक दिसंबर बीत जायेगा।।

37
प्यार में एक ही मौसम है बहारों का मौसम।
लोग मौसम की तरह फिर कैसे बदल जाते हैं।।
फ़राज़ 

38
जब से तेरे ख़याल का, मौसम हुआ है दोस्त
दुनिया की धूप-छाँव से आगे निकल गये।।

39
मंजर भी बेनूर थे
और फिजायें भी बेरंग थी,
तुम्हारी याद आयी और
मौसम सुहाना हो गया।।

Manjar Bhi Benoor The
Aur Fizayein Bhi Berang Thi,
Tumhari Yaad Aayi Aur
Mausam Suhana Ho Gaya.


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40
जिसके आने से मेरे ज़ख्म भरा करते थे।
अब वो मौसम मेरे ज़ख्मो को हरा करते हैं।।

Jiske Aane Se Mere Zakhm Bhara Karte The,
Ab Wo Mausam Mere Zakhmo Ko Haraa Harte Hain.

41
वाह मौसम तेरी वफा पे आज दिल खुश हो गया,,
याद-ए-यार मुझे आयी और बरस तू पड़ा।।

Waah Mausam Teri Wafa Pe Aaj Dil Khush Ho Gyaa
Yaad-E-Yaar Mujhe Aayi Aur Tu Baras Gaya।।

42
प्यार करने का मौसम नहीं आता हैं,
पर जब तुम सामने आते हो, तो हर
मौसम मजेदार बन जाता हैं।।

Pyaar Karane Ka Mausam Nahi Aata Hai
Par Jab Tum Samane Aate Ho To Har
Mausam Awesome Ban Jata Hai.


43
सर्दी में दिन सर्द मिला। 
हर मौसम बेदर्द मिला।। 
मोहम्मद अल्वी

44
दर्द  दर्द में कोई मौसम प्यारा नही होता, 
दिल हो प्यासा तो पानी से गुजारा नही होता,  
कोई देखे तो हमारी बेबसी, 
हम सभी के हो जाते हैं , 
पर कोई हमारा नही होता।।

Dard-Dard Me Koi Mausam Pyaara Nahi Hota
Dil Ho Pyaasa To Pani Se Guzaara Nahi Hota
Koi Dekhe To Hamari Bebasi
Ham sabhi Ke Ho Jate Hai
Par Koi Hamaara Nahi Hota..

45
कुछ दर्द कुछ नमी कुछ बातें जुदाई की।
गुजर गया ख्यालों से तेरी याद का मौसम।।

46
एक पुराना मौसम लौटा याद भरी पुरबाई भी।
ऐसा तो कम ही होता है वो भी हो तन्हाई भी।।

Ek Purana Mausam Lauta Yaad Bhari Purvai Bhi,
Aisa To Kam Hi Hota Hai Wo Bhi Ho Tanhayi Bhi.

   Mausam Shayari   

47
मौसम-ए-गुल में तो आ जाती है काँटों पे बहार।
बात तो जब है ख़िजाँ में गुल-ए-तर पैदा कर।।
फ़ना निज़ामी

48
कोई मौसम हो दिल-गुलिस्ताँ में।
आरज़ू के गुलाब ताज़ा हैं।। 

49
किसने जाना है बदलते हुए मौसम का मिज़ाज
उसको चाहो तो समझ पाओगे फ़ितरत उसकी।। 

50
मौसम-ए-बहार है अम्बरीं ख़ुमार है।
किस का इंतिज़ार है गेसुओं को खोलिए।।
अदम

51
सर्दी के मौसम का मजा अलग सा है,
रात मे रजाई का मजा अलग सा है।

धुंध ने आकर छिपा लिया सितारों को,
आपकी जुदाई का ऐहसास अब अलग सा है।।

52
उदास ज़िन्दगी, उदास वक्त, उदास मौसम
कितनी चीज़ों पे इल्ज़ाम लग जाता है तेरे बात न करने से।।

53
साहिल. रेत. समंदर लहरें बस्ती .जंगल सहरा दरिया 
खुशबू मौसम फूल दरीचे बादल सूरज चाँद सितारे 
आज ये सब कुछ नाम तुम्हारे।।

54
मौसम ए इश्क़ है ये जरा खुश्क हो जायेगा
ना उलझिये हमसे जनाब वर्ना  इश्क हो जायेगा।।

Mausam-E-Ishq Hai Ye Jara Khushk Ho Jaayega
Na Ulajhyi Hamase Janaab Varna Ishq Ho Jaayega.

55
अच्छा सुनो तुम अपना जरा ध्यान रखना,
अभी मौसम बीमारी का भी हैं और इश्क का भी।।

Achchha Suno Tum Apna Jara Dhyaan Rakhana
Abhi Mausam Bimaari Ka Bhi Hai Aur Ishq Ka Bhi

   मौसम शायरी 4 लाइन   

56
शायद कायनात भी है गुलाम तुम्हारी।
तभी तो हर बदलता मौसम लिए आता है खुशबू तुम्हारी।।

Shayad Kayanaat Bhi Hai Gulaam Tumhaari
Tabhi To Har Balata Mausam Liye Aata Hai Khushbu Tumhaari.

57
टपक पड़ते हैँ आँसू जब किसी की याद आती है।
ये वो बरसात है जिसका कोई मौसम नहीँ होता।।

Tapak Raha Hai Ansu Jab Kisi Yaad Aati Hai,
Ye Wo Barasaat Hain Jisaka Koi Mausam Nahi Hota.

बेहतरीन 100+ मौसम शायरी 2 लाइन - मौसम Status


58
जुदाई की रुतों में सूरतें धुंधलाने लगती हैं, 
सो ऐसे मौसमों में आइना देखा नहीं करते।।
हसन अब्बास रज़ा

59
ये  बारिश  ये  हसीन मौसम  और ये  मदमस्त हवाये, 
लगता है आज  मोहब्बत प्यार की बाहो में हैं।।

Ye Barish Ye Hasin Mausam Aur Ye Madmast Hawaye,
Lagata Hai Aaj Mohabbat Pyaar Ki Baaho Me Hai.

60
शहर में बिखरी हुई हैं, ज़ख्म-ए-दिल की खुशबुएँ,
ऐसा लगता है के दीवानों का मौसम आ गया।।

61
बेवफाई का मौसम भी  अब यहाँ आने लगा है।
वो फिर से किसी और को देख कर मुस्कुराने लगा है।।

62
वही पर्दा, वही खिड़की, वही मौसम, वही आहट
शरारत है, शरारत है, शरारत है, शरारत है।

63
सर्द मौसम में छनी हुयी धुप सी लगते हो।
कोई बादल हरे मौसम का फ़िर ऐलान करता है।।

64
जो अपनी औलाद से बढ़ कर,समझे पौधों-पेड़ों को।
आने वाले मौसम में इस बाग़ को ऐसा माली दे।।

65
उदास छोड़ गया वो हर एक मौसम को
ग़ुलाब खिलते थे कल जिसके मुस्कुराने से।।

66
सर्द मौसम में बहुत याद आते हैं।
धुँध में लिपटे हुए वादे तेरे।।

Sard Mausam Me Bahut Yaad Aate Hain,
Dhundh Me Lipte Hue Vaade Tere.

   मौसम शायरी in Urdu  

67
इससे पहले कहीं रूठ न जाएँ मौसम अपने।
धड़कते हुए अरमानों एक सुरमई शाम दे दें।।

68
मौसम अच्छा हो  गया है,
लगता है  मेरी  जिंदगी में
तुम आने  वाले हो।।

   Mausam Status   

69
काश तुझे सर्दी के मौसम मे लगे मोहब्बत की ठंड।
और तु तड़प के मांगे मुझे कंबल की तरह।।

70
कभी सावन के शोर ने मदहोश किया था मौसम
आज पतझड़ में हर दरख़्त खामोश खड़ा है।।

71
मौसम इस कदर खुमारी मे है।
मेरा शहर भी शिमला होने की तैयारी में है।।

Mausam Es Kadar Khumaari Me Hai
Mera Shahar Bhi Shimala Hone Ki Taiyaari Me Hai

72
बालकनी से बाहर आकर कर देखो ये जानेजाना। 
मौसम तुम से मेरे दिल की बात कहने आया है।।

Balkani Se Bahar Aakar Dekho-E-Haseena,
 Mausam Tum Se Mere Dil Ki Baat Kahane Aaya Hai.

73
अभी तो खुश्क़ है मौसमबारिश हो तो सोचेंगे।
हमें अपने अरमानों को,किस मिट्टी में बोना है।।

Abhi To Khusk Hai Mausam Barish Ho To Sochege,
Hume Apne Armano Ko Kis Mitti Me Bona Hai.

74
किसके नक्श-ए-पा पड़े पलकें वजू करने लगीं,
मौसमो का रंग बदला रुत सुहानी हो गयी।।


____________________________________

75
रंग पैराहन का खुश्बू जुल्फ लहराने का नाम।
मौसम-ए-गुल है तुम्हारे बाम पर आने का नाम।।
फ़ैज़

76
अपनी सी लगती है हर नमी अब तो।
आँखों ने खुश्क मौसम कभी देखे ही नहीं।।

77
बदला जो रंग उसने हैरत हुयी मुझे।
मौसम को भी मात दे गयी फ़ितरत जनाब की।।

Badla Jo Rang Usne Heerat Hue Mujhe,
Mausam Ko Bhi Mat De Gaye Fitrat janab Ki.

78
हमें क्या पता था, ये मौसम यूँ रो पड़ेगा।
हमने तो आसमां को बस अपनी दास्ताँ सुनाई है।।

Hume Kya Pata Tha, Ye Mausam Yu Ro Padega,
Humne To Aasma Ko Bas , Apni Dasta Sunae Hai.

79
क्यों आग सी लगा के गुमसुम है चाँदनी,
सोने भी नहीं देता मौसम का ये इशारा।।

Kyu Aag Se lagi hai Gumsum Hai Chandni,
Sone Bhi Nahi Deta Mausam ka Ye Eshra.


80
वाह मौसम आज तेरी अदा पर 
दिल को प्यार आ गया, वो पास आई,
और तू बारिश बनकर बरस गया।।

Waah Mausam Aaj Teri Ada Par
Dil Ko Pyaar Aa Gaya. Wo Paas Aayi,
Aur Tu Barish Banakar Baras Gaya.

   Mausam Shayari   

81
ये बारिश ये हसीन मौसम और ये मदमस्त हवाये।
लगता है आज मोहब्बत प्यार की बाहो में हैं।।

Ye Barish Ye Hasin Mausam Aur Ye Madmast Hawaye,
Lagata Hai Aaj Mohabbat Pyaar Ki Baaho Me Hai.

82
आमद से पहले तेरी सजाते कहाँ से फूल।
मौसम बहार का तो तेरे साथ आया है।। 

83
दूर तक छाए थे बादल और कहीं साया न था 
इस तरह बरसात का मौसम कभी आया न था।। 
क़तील शिफ़ाई

84
उसे छुआ तो दिसम्बर में प्यास लगने लगी। 
कि उसके ज़िस्म का मौसम तो जून जैसा है।।

Use Chhuwa To December  Me Pyaas Lagane Lagi
Ki Usake Zism Ka Mausam To June Jaisa Hai.

85
बलखाने दे अपनी जुल्फों को हवाओं में।
जूड़े बांधकर तू मौसम को परेशां न कर।।

86
कहानी बस इतनी सी थी तेरी मेरी मोहब्बत की।
मौसम की तरह तुम बदल गए 
और फसल की तरह हम बरबाद हो गए।।

87
ये दिसम्बर तो बातोँ का मौसम था।
दुआ करो कि जनवरी बांहोँ का मौसम हो।।

88
खुद भी रोता है, मुझे भी रुला के जाता है।
ये बारिश का मौसम, उसकी याद दिला के जाता है।।

89
धूप भी खुल के कुछ नहीं कहती ,
रात ढलती नहीं थम जाती है।
सर्द मौसम की एक दिक्कत है ,
याद तक जम के बैठ जाती है।।

90
क्यूँ किसी की यादों को सोच कर रोया जाए,
क्यूँ किसी के ख्यालों में यूँ खोया जाए।
बाहर मौसम बहुत ख़राब हैं,
क्यूँ न रजाई तानकर सोया जाए।।

91
लो बदल गया मौसम
हूबहू तुम्हारी तरह।।

Lo Badal Gaya Mausam 
Hubhu Tumhari Trah.

92
हम कि रूठी हुई रुत को भी मना लेते थे।
हम ने देखा ही न था मौसम-ए-हिज्राँ जानाँ।। 

93
इनपे कभी मौसम का असर क्यों नहीं होता।
रद्द क्यों तेरी यादों की उड़ाने नहीं होती।।

94
जब जब आता है यह बरसात का मौसम
तेरी याद होती है साथ हरदम।
इस मौसम में नहीं करेंगे याद तुझे यह सोचा है हमने, 
पर फिर सोचा की बारिश को कैसे रोक पाएंगे हम।।

Jab Jab Aata Hai Yah Barsat Ka Mausam ,
Teri Yad Hoti Hai Sath Hardam,
Es mausam Me Nahi Karege Yad Tujhe Yah Socha Hai Humne,
Par Fir Socha Ki Barish Ko Kese Rok payege Hum.

95
कहीं फिसल ना जाओ ज़रा संभल के रहना।
मौसम बारिश का भी है और मुहब्बत का भी।।

Kahi Fisal Na jayo Zara Sambhal Ke Rahna.
Mausam barish ka Bhi hai Aur Mohabbat Ka Bhi.

96
ये सुहाना मौसम, ये हल्की हवायें. फरवरी आ रही हैं।
बोलो, पट रहे हो तुम या हम किसी और को पटाये।।

97
सर्द फ़िजा.खुशनुमा मौसम और ओस की हल्की बूँदे।
खामखाँ बढ़ा दिया बेचैनियों को जनवरी की लहर ने।।

98
बरसता, भीगता मौसम है कमज़ोरी मेरी लेकिन,
मैं ये रिमझिम, घटा, बादल तुम्हारे नाम करता हूँ।। 

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