60+ फितरत शायरी 2 लाइन - फितरत Status


दोस्तों हिंदी उर्दू शायरी के इस Post की Topic हैं "फितरत Shayari". इसमें आप पढ़ सकते हैं  फितरत शायरी 2 लाइन, फितरत शायरी in Urdu, फितरत Status, फितरत शायरी Hindi, फितरत शायरी 4 लाइन, पर बनी बेजोड़ शानदार शायरी को, मित्रो आशा करता हूँ कि यह पोस्ट आप सभी शायरी के चाहने वालो को बेहद पसंद आएगी

Fitarat-Shayari-2-Line
Fitarat Shayari 2 Line



दोस्तों आईये अब शुरुआत करते हैं "Fitarat Shayari 2 Line" के इस खास पोस्ट की और पढ़ते हैं एक से बढ़कर एक फितरत पर बानी शयीयों के इस कलेक्शन को और शेयर करते हैं अपने दोस्तों को.

60+ फितरत शायरी 2 लाइन - फितरत Status 


1
कैसे बदल दूं मैं फितरत ये अपनी,
मुझे तुम्हें सोचते रहने की आदत सी हो गई है..

Kaise Badal Du Main Fitarat Ye Apani,

Mujhe Tumhe Sochate Rahane Ki Aadat Si Ho Gayi Hai..

2
ये मेरे दिल की जिद है की प्यार करुँ तो सिर्फ तुमसे करूँ,
वरना तुम्हारी जो फितरत है वो नफरत के भी काबिल नहीं..

Ye Mere Dil Ki Zid Hai Ki Pyaar Karu To Sirf Tumase Karu,
Warana Tumhari Jo Fitarat Hai, Wo Nafarat Ke Bhi Kabil Nahi..

3
न फितरत ये रही मेरी, कि आगे हाथ फैलाऊँ,
है इससे अच्छा तो नहीं, 
इसी पल मर न क्यूँ जाऊ..

Naa Fitarat Ye Rahi Meri Ki Aage Hath Failaun
Hai Isase Achchha To Nahi
Isi Pal Mar Naa Kyu Jau..

4
मेरी फितरत में नहीं,
अपने गम बयां करना,

अगर तू मेरे वजूद का हिस्सा है,
तो महसूस कर तकलीफ मेरी..

5
ज़माना चाहता है क्यों, मेरी फ़ितरत बदल देना,
इसे क्यों ज़िद है  आख़िर,फूल को पत्थर बनाने की.

Zamaana Chahata Hai Kyu, Meri Fitarat Badal Dena,
Ise Kyu Zid Hain Aakhir,  Phool Ko Patthar Banaane Ki..
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6
दुश्मन भी दुआ देते हैं मेरी फितरत ऐसी है,
दोस्त भी दगा देते हैं मेरी किस्मत ऐसी है.. 

7
उनकी फितरत परिंदों सी थी,
मेरा मिज़ाज दरख़्तों जैसा,

उन्हें उड़ जाना था,
और मुझे कायम ही रहना था..

Unki Fitrat Parindo se Thi,
Mera Mijaj Darkhato Jaisa,

Unhe Udd jaana Tha,
Aur Mujhe Kaayam hi Rehna Tha.. 


8
इंसान घर बदल देता है मुकाम बदल देता है
रिश्ते बदल देता है दोस्त भी बदल देता है,

उसको खुशी नसीब नहीं होगी
जब तक वह अपनी फितरत नहीं बदल देता है..

Insaan Ghar Badal Deta hai , Mukaam Badal Deta hai
Rishte Badal Deta Hai, Dost Bhi Badal Deta Hai,

Usko Khusi Naseeb Nahi Hogi,
Jab Tak vah Apni Fitrat Nahi Badal Deta Hai..

   फितरत शायरी in Urdu   

9
फितरत किसी की यूँ ना आजमाया कर ए जिंदगी,
क्यूंकी हर शख्स अपनी हद में लाजवाब होता है..

Fitrat Kisi ki yu Na Aajmaya kar ae Zindagi,
Kyu ki Har Shaks Apni hadd mein Laajawab hota hai..

10
सिखा दिया तुने मुझे अपनों पर भी शक करना,
मेरी फितरत में तो था गैरों पर भी भरोसा करना..

Sikha Diya Tune Mujhe 
Apno Par Bhi Shak Karna,

Meri Fitrat Mein Toh Tha 
Gairo par Bhi Bharosa Karna..

11
ऐसा नही कि, 
मेरे इन्तजार की उन्हें खबर नही,

लेकिन तड़पाने की आदत तो उनकी 
फितरत में शुमार है..

Aisa nahi ki, 
Mere Intzaar ki  Unhe Khabar nahi,

Lekin Tadpane ki Aadat To Unki 
Fitrat mein Shumaar hai

12
अदब से झुक जाना 
हमारी फितरत में शामिल था

ऐ खुदा हम क्या झुके
लोग खुदा हो गए..

Adab se Zhuk Jaana 
Hamari Fitrat mein Shamil Tha,

Ae Khuda Hum Kya Zhuke
Log Khuda Ho Gaye..

13
क्या मिलना ऐसे लोगो से 
जिनकी फितरत छुपी रहे,

नकली चेहरा सामने आये 
और असली सूरत छुपी रहे..

Kya Milna Aise Logo Se 
jinki Fitrat Chupi Rahe,

Nakli Chera Saamne Aaye 
Aur Asli Surat Chupi Rahe..

14
आग लगाना मेरी फितरत में नही है 
मेरी सादगी से लोग जलें तो मेरा क्या..

15
आदमी की फितरत 
उसकी पहचान बता देती है,

कौन किस लबो लहजे का है 
ज़ुबान बता देती है.. 

16
झरनों की फितरत कहाँ हैं जुदा ?
गिरते हैं यह भी इंसानो की तरह,

इंसान की जांत ही बस बईमान है , 
एक में खूबसूरती, एक में किस्मत का बखान है..

17
बहुत जुदा है औरों से 
मेरे दर्द की फितरत, ग़ालिब,

ज़ख्म का कोई निशाँ नहीं, 
तकलीफ की कोई इन्तहा नहीं..

18
दिल से खेलने की फितरत 
खुदा ने भी क्या खूब रखी,

इश्क़ को रूह तक रखा 
मोहब्बत को आँखें नहीं बख्शी.. 
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19
बहते पानी की तरह है फितरत-ए-इश्क,
रुकता भी नहीं थकता भी नहीं,

थमता भी नहीं,
और मिलता भी नहीं..


20
ऐ सनम अब ज़रा अपनी 
फितरत बदल के देख,

तुझे भी इश्क़ हो जाएगा,
ज़रा हमसे मिल के देख..

21
कुछ तो बात है तेरी फ़ितरत में ऐ सनम. 
वरना तुझको याद करने की खता हम बार-बार ना करते..

22
हमारी तो फितरत थी,
दूध में शक्कर की तरह
घुल मिल जाने की..

   फितरत शायरी in Urdu   

23
लहरों की तो, फ़ितरत ही है, मचाने की शोर
लेकिन होती है, मंज़िल उसी की
जो तूफान, नज़रों से देखता है..

   फितरत शायरी 4 लाइन   

24
तेरी मोहब्बत और मेरी फितरत में फर्क सिर्फ इतना है,
कि तेरा ऐटीट्यूड नहीं जाता और मुझे झुकना नहीं आता,

​​हक़ से अगर दे तो ​नफरत​ भी सर आँखों पर​,
खैरात में तो तेरी मोहब्बत भी मंजूर नहीं..

25
तेरी तो फितरत थी सबसे मोहब्बत करने की
हम तो बेवजह खुद को खुशनसीब समझने लगे..

26
टूटना फितरत है इश्क की,
सनम मिले तो , दिल टूटता है 
ना मिले तो, कलम टूटती है..

27
इश्क की फितरत मलंग से रंग घोले 
बाजी थी इशारों की जुंबा भी क्या बोले..

28
अजीब सी आदत और गज़ब की फितरत है मेरी, 
मोहब्बत हो या नफरत बहुत शिद्दत से करता हूँ..

29
मैं आईना हूँ टूटना मेरी फितरत है,
इसलिए पत्थरों से मुझे कोई गिला नहीं..

Mai Aayina Hun Tutana Meri Fitarat Hain.
Isliye Pattharon Se Mujhe Koi Geela Nahi..

30
तुम्हारी आँखो की जुबान उर्दू ही है शायद,
पढ़ने में मुझे दिक्कत हैं,
और बयां ना करना तुम्हारी फितरत..

   फितरत शायरी Hindi   

31
क्या करेंगे हम दिखावे से भरी दुनिया में,
यहाँ तो आईना भी फितरत से जुदा लगता है,

हमने शामिल किया जब दिल को अपने साथ कहीं,
अपना चेहरा भी बड़ा अजनबी सा लगता है..

32
तुम को चाहने की वजह कुछ भी नहीं,
बस इश्क़ की फितरत है बेवजह होना..

33
जब इंसान की फितरत बदल रही हो तो 
ये जरुरी नहीं की इंसान बदल गया,

हो सकता है 
बाहर का मौसम बदल रहा हो..

Jab Insaan ki Fitrat Badal Rahi Ho To 
Ye Jaruri Nahi ki Insaan Badal Gaya,

Ho Sakta Hai 
Bahar ka Mausam Badal Rha Ho..

34
ना तेरा है ना मेरा है
इश्क फितरत से ही लुटेरा है..

35
मेरी फितरत में नहीं
अपना गम बयां करना,

अगर तेरे वजूद का हिस्सा हूँ तो
महसूस कर तकलीफ मेरी..

36
तुम्हें चाहने की
वजह कुछ भी नहीं,

बस इश्क की फितरत है 
बे-वजह होना..

Tumhe Chahane Ki
Vajah Kuchh Bhi Nahi,

Bas Ishq Ki Fitarat Hain
Be-Vajah Hona..

37
बदला जो रंग उसने हैरत हुयी मुझे,
मौसम को भी मात दे गयी फ़ितरत जनाब की..

Badla Jo Rang Usne Heerat Hue Mujhe,
Mausam Ko Bhi Mat De Gaye Fitrat janab Ki..

38
मुझे भी सिखा दो, भूल जाने का फितरत,
मैं थक गयी हूँ, तुझे याद करते करते..

39
हले रिम-झिम फिर बरसात और अचानक कडी धूप,
 मोहब्बत और अगस्त की फितरत एक सी है..

Pahle Rim Jhim Fir Barsat Aur Achanak Kadi Dhup,
Mohabbat Aur Augst Ki Fitrat Ek Se Hai..

40
हमें तो कब से पता था की तू  बेवफ़ा है,
तुझे चाहा इसलिए कि शायद तेरी फितरत बदल जाये..

41
नहीं चाहिए वो जो मेरी किस्मत में नहीं ,
भीख मांग कर जीना मेरी फितरत में नहीं..

Nahin Chaahie Vo Jo Mere Kismat Mein Nahi, 
Bheekh Maang Kar Jeena Mere Phitarat Mein Nahi..

42
मेरी फितरत में नहीं हैं किसी से नाराज होना,
नाराज वो होतें हैं जिन्हें अपनेआप पर गुरूर होता है..

Meri Fitrat mein Nahi hai kisi se Naaraz hona,
Naaraz woh hote hai Jinhe apne aap par gurur hota hai.. 

43
इश्क की चाकरी मिलती नही खैरात में,
दिल में फकीरी और फितरत सूफियाना चाहिए..

Ishq ki Chakri Milti nahi Khairaat mein,
Dilo mein Fakiri aur Fitrat Sufiyana Chahiye..


60+ फितरत शायरी 2 लाइन - फितरत Status 


44
हर कोई रखता है ख़बर ग़ैरों के गुनाहों की
अजब फितरत हैं कोई आइना नहीं रखता..

Har Koi Rakhta hai Khabar Gairo ke Gunaho ki
Ajab Fitrat hai koi Aaina Nahi Rakhta..

45
दुश्मन भी दुआ देते हैं मेरी फितरत ऐसी है,
दोस्त भी दगा देते हैं मेरी किस्मत ऐसी है ..

Dushman bhi dua dete hai, meri Fitrat aisi hai,
Dost Bhi Daga Dete Hai, Meri Kismat Aisi hai.. 

46
तुम्हारी फितरत भी उस मक्खी की तरह है, 
जो अपने फायदे के लिए जख्मो को भी नही छोड़ती..
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47
पता ही न चला कि
कमबख्त ज़माना कब से
शुगर फ़्री हो गया?

   फितरत शायरी 4 लाइन   

48
रंजिशे हैं अगर दिल में कोई तो खुलकर गिला करो,
मेरी फितरत ऐसी है कि मैं फिर भी हँस कर मिलूंगी..

49
करते है मोहब्बत और जताना भूल जाते है 
पहले खफा होते हैं फिर मनना भूल जाते है,

भूलना तो फितरत सी है ज़माने की 
लगाकर आग मोहब्बत की बुझाना भूल जाते है..


50
नजरअंदाज न किया करो 
तुम फितरत मेरी,

पता है न कि मैं 
सर पर सवार भी हो जाता हूँ..

51
हवस भरी निगाहों से देखना 
कुछ मर्दों की फितरत है,

उसे नजरअंदाज करना 
औरत की खूबसूरती है..

   फितरत शायरी Hindi   

52
ये मेरे प्यार की जिद है कि 
अगर प्यार करु तो सिर्फ तुमसे ही करु.,

वरना तुम्हारी जो फितरत है 
वो नफरत के काबिल भी नही.

Ye Mere Pyaar Ki Zid Hai Ki 
Agar Pyaar Karu To Sirf Tumase Hi Karu,

Warana Tumhaari Jo Fitarat Hai 
Wo Nafarat Ke Kabil Bhi Nahi..

53
जो मुँह को आ रही थी वो लिपटी है पाँवों से 
 बारिश के बाद मिटटी की फितरत बदल गयी..

 Jo Muh Ko AA Rahi Thi Vo Lipti Hai Panvo Se,
 Barish Ke Bad Mitti Ki Fitrat Badal Gaye..

54
ज़मीं पर रह कर आसमान छूने की 
फितरत है मेरी, 

पर गिरा कर किसी को उपर उठने का 
शौक नहीं मुझे..

55
सबको ऐतराज है दुनिया में मेरी फितरत पे
कि क्यूँ मैं तुमपे ये जाँनिसार करता हूँ,

लोग कहते हैं कि सैकड़ों परियाँ हैं यहाँ
फिर जुदा होके क्यूँ तेरा इंतजार करता हूँ..

56
दिल है कदमों पे किसी के सर झुका हो या न हो,
बंदगी तो अपनी फ़ितरत है, ख़ुदा हो या न हो..

57
इंसान की फितरत को समझते हैं ये परिंदे,
कितनी भी मोहब्बत से बुलाना मगर पास नहीं आयेंगे..

58
हमें तो अब तक तेरी फितरत ही 
समझ नही #आई है यार

कभी तो तुम हमें टूटकर चाहने
लगते हो, तो कभी पहचानने.. 

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