लाज़वाब 45+ उल्फत शायरी 2 लाइन / उल्फत Status


दोस्तों हिंदी उर्दू शायरी के इस Post की  Topic "उल्फत Shayari" हैं. इसमें आप पढ़ सकते हैं उल्फत शायरी 2 लाइन, उल्फत शायरी in Hindi, उल्फत शायरी Urdu, उल्फत Status, पर बनी बेजोड़ शानदार शायरी को,   मित्रो आशा करता हूँ कि यह पोस्ट आप सभी शायरी के चाहने वालो को बेहद पसंद आएगी.

Ulfat-Shayari-2-Line
Ulfat Shayari 2 Line

प्यारे दोस्तों आज का यह आर्टिकल "उल्फत  शायरी 2 लाइन" पर खास इन दोस्तों के लिए हैं जिन्हे पसंद हैं एक से बढ़ कर एक शेर-ओ-शायरी इस पोस्ट को अलग अलग सोशल मिडिया के प्लेटफॉर्म से संग्रह किया गया हैं. 

45+ उल्फत  शायरी 2 लाइन / उल्फत Status


तो देर कैसी आईये पढ़ते हैं  उल्फत शायरी Urdu, उल्फत Status, के श्यारी को उससे पहले गुनगुनाते हैं एक नगमा जाने माने शायर शहरयार द्वारा लिखा गया एक नगमा जो फिल्म उमराव जान से लिया गया हैं. जो आज भी सभी दिलो में छाया हुआ हैं 

"इन आँखों की मस्ती के  मस्ताने हज़ारों हैं मस्ताने हज़ारों हैं, इक तुम ही नहीं तन्हाँ उल्फ़त में मेरी रुसवा, इस शहर में तुम जैसे दीवाने हज़ारों हैं" .

1
ये रस्म-ए-उल्फत 
इज़ाज़त नहीं देती वरना,

हम भी तुम्हे ऐसे भूलें 
की सदा याद रखोगे.

2
खुदा करे मेरी उल्फत मे 
वो यू उलझ जाये,

मै उनको दिल में भी सोचूँ 
तो वो समझ जाये.

3
एक हम ही नहीं तनहा
उल्फत में तेरी रुसवा,

इस शहर में हम जैसे
दीवाने हज़ारों है

4
साजे-उल्फत छिड़ रहा था 
आसुंओं के तार पर,

मुस्कराये हम तो 
उनको बदगुमानी हो गई.

उल्फत  शायरी 2 लाइन 

5
मुझ से तू रख या न रख 
रासिम या इत्तफाक,

मेरी उल्फत को कह 
फितूर यूँ रुसवा तो न कर.

6
वो अहद, अहद ही क्या 
जिसे निभाओ भी,

हमारे वादा-ऐ-उल्फत को
भूल जाओ भी.

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7
ना छेड़ किस्सा-ऐ-उल्फत का
बड़ी लम्बी कहानी है,

मैं गैरों से नहीं हारा, 
किसी अपने की मेहरबानी है.

उल्फत शायरी Urdu

8
चुपके से धड़कन में उतर जायेंगे,
राहें उल्फत में हद से गुजर जायेंगे,

आप जो हमें इतना चाहेंगे ऐ ग़ालिब
हम तो आपकी साँसों में पिघल जायेंगे.

9


रूदाद-ए-ग़म-ए-उल्फ़त उनसे
 हम क्या कहते क्यूँकर कहते,

इक हर्फ़ न निकला होंटों से, 
और आँख में आँसू आ भी गए.

10
ये सिलसिला उल्फत का चलता ही रह गया,
दिल चाह में दिलबर के मचलता ही रह गया,

कुछ देर को जल के शमां खामोश हो गई,
परवाना मगर सदियों तक जलता ही रह गया.

Yeh Silsila Ulfat Ka Chalta Hi Reh Gaya,
Dil Ki Chah Mein Dilbar Machalta Hi Reh Gaya,

Kuchh Der Ko Jal Ke Shama Khamosh Ho Gayi,
Parwana Magar Sadiyon Tak Jalta Hi Reh Gaya.

उल्फत Status

11
रस्म-ए-उल्फ़त को निभाएं तो निभाएं कैसे
हर तरफ आग है दामन को बचाएं कैसे,
दिल की राहों में उठाते हैं जो दुनियावाले
कोई कह दे की वो दीवार गिराएं कैसे.

12
उल्फत बदल गई, कभी नियत बदल गई 
खुदगर्ज जब हुए, तो फिर सीरत बदल गई,

अपना कुसूर, दूसरों के सर पर डाल कर 
कुछ लोग सोचते हैं, हकीकत बदल गई.

Ulfat Badal Gayi, Kabhi Niyat Badal Gayi,

Khudgarj Jab Huye, To Fir Sirat Badal gayi.

Apana Kasur Dusaro Ke Sir Par Daal Kar,
Kuchh Log Sochate Hai, Haqiqat Badal Gayi.

13
होंठों पे उल्फत का नाम होता है,
आँखों में छलकता जाम होता है,

तलवारों की ज़रूरत वहां कैसे,
जहाँ नज़रों से कत्ल-ए-आम होता है.

14
रब्त उलफत कहूँ या
इश्क़ की मेराज़ कहूँ,

अपने साए से भी 
अब तेरा गुमान होता है.

15
रस्मे उल्फत को निभाने की ज़रुरत क्या है, 
यह तो पत्थर है मानाने की ज़रुरत क्या है,

साथ में भीड़ लगाने की ज़रुरत क्या है, 
हो यकीन खुद पे ज़माने की ज़रुरत क्या है.

16
रुदादे गमे उल्फत उनसे, 
हम क्या कह्ते ,क्यूं कर कहते,

एक हर्फ ना निकला होठों से,
और आंख में आंसू आ भी गये.

17
अगर मुझसे टूटा है पैमाना-ए-उल्फत,
तुम्हारी नजर क्यों झुकी जा रही है.

18


होठों पर उल्फत के फसाने नहीं आते,
जो बीत गए फिर वो जमाने 

नहीं आते, दोस्त ही होते है दोस्त के हमदर्द,
कोई फरिश्ते यहां साथ निभाने नहीं आते.
19
दिल से निकलेगी न मर कर भी 
वतन की उल्फत,

मेरी मिट्टी से भी 
खुशबू-ए-वतन आएगी.

20
राज़-ए-उल्फत, सीने में हम, 
लिए फ़िरते हैं, 

वो बयाँ अगर कर दें तो 
ज़िन्दगी ही संवर जाए.

21
इश्क़ में हर क़दम है इक मंज़िल,
राह-ए-उल्फ़त की मुश्किलात न पूछ.
वक़ार बिजनोरी

22
नक़्श-ए-उल्फ़त मिट गया तो 
दाग़-ए-उल्फ़त हैं बहुत,

शुक्र कर ऐ दिल कि 
तेरे घर की दौलत घर में है.
जोश मलसियानी

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23
आरज़ू मेरी, चाहत तेरी,
तमन्ना मेरी, उल्फत तेरी,

इबादत मेरी, मोहब्बत तेरी,
बस तुझ से तुझ तक है दुनिया मेरी.

24
उस मुसाफ़िर ने फिर 
और कोई ठिकाना ना चाहा,

जो इक बार तेरी 
नज़र-ए-उल्फत में कैद हो गया.

25
तुमसे उल्फत के ये तकाज़े 
ना निभाए जाते,

वरना तम्मन्ना हमे भी खूब थी, 
कि चाहे जाते.

26
उल्फत का अक्सर यही दस्तूर होता है,
जिसे चाहो वही अपने से दूर होता है,

दिल टूटकर बिखरता है इस कदर,
जैसे कोई कांच का खिलौना चूर-चूर होता है.

27
दिल में कुछ टूटने लगता है तिरे ज़िक्र के साथ,
चंद आँसू तिरी उल्फ़त के बहाने निकले.
सबीहा सबा

28
है ये उल्फ़त भी क्या बला साहब,
इस में झुकते नवाब देखे हैं.
बशीर महताब 

उल्फत शायरी Urdu

29
ना छेड किस्सा-ए-उल्फत
बडी लम्बी कहानी है,

मैं ज़माने से नहीं हारा, 
किसी की बात मानी है.

30
यूँ तो उल्फत के तकाज़े बहुत,
एक वो ज़ालिम बहुत,
एक हम ज़िद्दी बहुत.

31
उल्फत की जंजीर से डर लगता हैं,
कुछ अपनी ही तकदीर से डर लगता हैं,

जो जुदा करते हैं, किसी को किसी से,
हाथ की बस उसी लकीर से डर लगता हैं.

45+ उल्फत  शायरी 2 लाइन / उल्फत Status


32
साज़-ए-उल्फ़त छिड़ रहा है 
आँसुओं के साज़ पर,
मुस्कुराए हम तो उन को 
बदगुमानी हो गई.
जिगर मुरादाबादी

33
रिश्ता-ए-उल्फ़त को 
ज़ालिम यूँ न बेदर्दी से तोड़,

दिल तो फिर जुड़ जाएगा 
लेकिन गिरह रह जाएगी.

34
बस इतनी दाद देना 
बाद मेरे मेरी उल्फ़त की,

कि जब मैं याद आऊँ,
तो खुद से प्यार कर लेना.

उल्फत  शायरी 2 लाइन 

35
उल्फ़त में बराबर है 
वफ़ा हो कि जफ़ा हो,
हर बात में लज़्ज़त है, 
अगर दिल में मज़ा हो
अमीर मीनाई

36
प्यार कमजोर दिल से किया नहीं जा सकता,
ज़हर दुश्मन से लिया नहीं जा सकता,

दिल में बसी है उल्फत जिस प्यार की,
उस के बिना जिया नहीं जा सकता.

37
रस्म-ए-उल्फ़त सिखा गया कोई,
दिल की दुनिया पे छा गया कोई,

ता कयामत किसी तरह न बुझे,
आग ऐसी लगा गया कोई.

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38
छोड़ तो दी, 
रस्मे उल्फत ज़माने के लीए,

मर मर के जिए है, 
हम दुआओं में उम्र ले कर

39
बड़ी शिद्दत से चाहा था तुझे,
उल्फत ऐ-ज़िंदगी,

तुम्हारी बेवफाई पर भी, 
कसूर अपना ही लगता है.

40
गजल-ए-उल्फत पढ़ लिया करो,  
एक खुराक सुबह एक खुराक शाम, 
ये वही दवा है 
जिससे, बीमारे-इश्क को 
मिलता है तुरंत आराम

Gazal-E-Ulfat Padh Liya Karo
Ek Khurak Subah Ek Khurak Shaam
Ye Wahi Dawa Hai
Jisase Bimaare-Ishq Ko
Milata Hai Turant Aaraam.

उल्फत शायरी Urdu

41

छोड़ तो दी, रस्मे उल्फत 
ज़माने के लीए,

मर मर के जिए है, 
हम दुआओं में उम्र ले कर .

उल्फत Status

42
होंठों पे उल्फत का नाम होता है,
आँखों में छलकता जाम होता है,

तलवारों की ज़रूरत वहां कैसे,
जहाँ नज़रों से कत्ल-ए-आम होता है.

Hotho Pe Ulfat Ka Naam Hota Hai,
Ankhon Me Chhalakata Jaam Hota Hai.

Talwaaro Ki Jarurat Waha Kaise,
Janha Nazaro Se Qtl-E-Aam Hota Hai.

43
जगा दिया सुबह तेरी याद-ए-उल्फत ने वरना,

आज इतवार था बहुत देर तक सोते हम. 

44
उल्फत का अक्सर यही दस्तूर होता है, 
जिसे चाहो वही अपने से दूर होता है, 

 दिल टूटकर बिखरता है इस कदर, 
 जैसे कोई कांच का खिलौना चूर-चूर होता है .

Ulafat Me Aksar Yahi Dastur Hota Hain,
 Jise Chaho Wahi Apane Se Dur Hota Hai.

 Dil Tutkar Bikharata Hai Is Kadar,

 Jaise Kanch Ka Khilauna Chur Chur Hota Hain.

45
उल्फत की बात है  हुजूर 
जरा सलीके से कीजिये,

सड़को पर यू हाथ पकड़ कर 
महोब्बत  चला नही करती.

Ulfat Ki Baat Hain Hajur 
Jara Salike Se Kijiye.

Sadakon Par Yu Hath Pakad Kar 
Mohabbat Chala Nahi Karti.

दोतो आज " 45+ उल्फत  शायरी 2 लाइन / उल्फत Status" की पोस्ट आप को जरूर पसंद आयी होगी आप ने पढ़ा होगा इस आर्टिकल में उल्फत Shayari, उल्फत शायरी 2 लाइन, उल्फत शायरी in Hindi, उल्फत शायरी Urdu पर बानी ढेरो शायरियां कृपया इस पोस्ट को भी आप अपने दोस्तों को शेयर करे ताकि इस पोस्ट का भी वो लुफ्त उठा सके धन्यवाद आप सभी का.


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