60+ फ़िक्र शायरी 2 Line / फ़िक्र Status




दोस्तों हिंदी उर्दू शायरी के इस Post की  Topic "फ़िक्र Shayari" हैं. इसमें आप पढ़ सकते हैं फ़िक्र शायरी 2 लाइन, फ़िक्र शायरी in Hindi, फ़िक्र शायरी Urdu, पर बनी बेजोड़ शानदार शायरी को  फ़िक्र Status का यह पोस्ट बेहद आप सभी को पसंद आएगा. 


Fikar-Shayari-2-Line
Fikar Shayari 2 Line

दोस्तों जैसा की हम सब जानते है की हर एक इंसान को किसी ना किसी बात की हमेशा फ़िक्र रहती हैं चाहे वो पैसो की फ़िक्र हो या घर, परिवार, ज़माना, या अपने आप से ज्यादा अज़ीज अपने प्यार की फिकर हो हर कोई किसी ना किसी बात की फ़िक्र को लेकर दिन रात घुलता जाता हैं.

आज की पोस्ट आप की फ़िक्र को लेकर बनायीं गयी हैं और जब कोई उस चिंता को नज़र अंदाज़ करता हैं तो दिल में कितना दर्द होता हैं. आज उसी दर्द की एक माला बना कर इस संग्रह में पेश कर रहा हूँ, जो आप को बेहद ही पसंद आएगा और आप की फिकर को अपने शब्दों से जुबान देगा. 

60+ फ़िक्र शायरी 2 Line /  फ़िक्र Status 


1 अब नही करेंगें हम फिक्र तेरी,
क्युकी  तुम्हारी फिकर तो ज़माना करता हैं. 

Ab Nahi Karenge Ham Fikr Teri,
Kyuki Tumhara Fikar To Zamaana Karta Hai.


फ़िक्र Shayari

2
कुछ बुरे लोगो का ज़िक्र करने से अच्छा, 
कुछ अच्छे लोगो की फ़िक्र कर लू. 

Kuchh Bure Logo Ka Zikar Karane Se Achchha
Kuchh Achchhe Logo Ki Fikr Kar Lu.

3
गुस्सा इतना है कि तुमसे 
कभी बात भी ना करूँ,
फिर भी दिल में तेरी फिक्र 
खुद से ज्यादा है.

Gussa Itana Hain Hain Ki Tumase 
Kabhi Baat Na Karu,

Fir Bhi Dil Me Teri Fikar 
Khud Se Jyda Hain.

4
तुम्हारी फिकर के लिए
हमारा कोई रिश्ता हो ज़रूरी तो नही,

Tumhari Fikar ke liye , 
Hamara koi Rishta ho Jaruri toh nah,

5
नसीब में नही होते 
फ़िक्र करने वाले लोग, 

जो फिकर करते है, 
अक्सर उन्हे ग़लत समजते है लोग.

Naseeb Mein Nahi Hote 
Fikar Karne Wale Log, 

Jo Fikar Karte Hai, 
Aksar Unhe Galat Samajte Hai Log.

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6
बात बस इतनी सी है,
हमें तुम्हारी फिकर
तुमसे थोड़ी ज़्यादा है. 

Baat bas itni si hai,
Hamein Tumhari Fikar, 
Tumse Thodi Jyada hai. 

7
तुम्हारी फिक्र है मुझे 
इसमे कोई शक नही, 

तुम्हे कोई और देखे 
किसी को ये हक नही.


फ़िक्र शायरी 2 लाइन

8
फ़िक्र तो तेरी आज भी है,
बस  जिक्र का हक नही रहा.

Fikar To Teri Aaj Bhi Hai,
Bas  Jikar Ka Haq Nahi Raha.

9
तुम अपनी फ़िक्र करो जनाब,
हम तो पहले से ही बदनाम हैं.

Tum Apani Fikr Karo Janab,
Ham To Pahale Se Hi Badanaam Hai.

10
किसी की चाहत और मोहब्बत पर, 
दिल से अमल करना,
दिल टुटे न उसका इतनी सी फिक्र करना. 

11
फिकर करता हू तुम्हारी,
ज़िकर इसका करना ज़रूरी तो नही.

Fikar Karta Hu Tumhari,
Jikar Iska Karna Jaruri To Nahi.

12
हम आईना हैं आईना ही रहेंगे,
फ़िक्र वो करें,

जिनकी शक्लो में कुछ और,
दिल में कुछ और है.

13
करू क्यों फ़िक्र की,
मौत के बाद जगह कहाँ मिलेगी,

जहाँ होगी महफिल, 
मेरे यारो की मेरी रूह वहाँ मिलेगी.

14
फ़िक्र ना होती तेरी, 
तो कब के ज़िंदगी से दर गये होते,

तुम ना होते जो साथ हमारे,
हम तो कब के मर गये होते.

Fikar Na Hoti Teri, 
To Kab Ke Zindagi Se Darr Gaye Hote,

Tum Na Hote Jo Sath Hamare,
Hum To Kab Ke Mar Gaye Hote.

15
ये फिकर ये अदावतें 
ये अंदाज़ ऐ गुफ्तगूं,

संभल जाओ तुम, 
तुम्हें हमसे मोहब्बत हो रही है.

16
कई बार हम किसी की, 
इतनी फ़िक्र कर लेते है,

जितनी उनको हमारी,
जरूरत भी नही होती.

Kayi Baar Ham Kisi Ki,
Itani Fikr Kar Lete Hai.

Jitani Unako Hamari,
Jarurat Bhi Nahi Hoti.

17
मौका मिले कभी तो ये जरुर सोचना 
एक लापरवाह सा लड़का,

तेरी अपने आप से ज्यादा 
फ़िक्र क्यू करता है.

Mauka Mile To Ye Jarur Sochana,
 Ek Laparwah Sa Ladaka.

Teri Apane Aap Se Jyaada 
Fikr Kyu Karata Hain..

18
उनकों ज़माने की फिक्र है, 
हमको उनकी,

इन दो फ़िक्र कीं दिवार में 
एक मुहब्बत है जलती.

19
मुझे अपनी फ़िक्र कहाँ
मुझे तो फ़िक्र तुम्हारे इश्क कि है,

जिसका क़त्ल करने कि इजाजत 
मेरा जमीर मुझे नहीं देता.

20
तेरा ज़िक्र तेरी फ़िक्र
तेरा एहसास तेरा ख्याल,

तू खुदा तो नहीं ,
फिर हर जगह क्यों हैं?

Tera Zikr; Teri Fikr,
Tera Ehasaas, Tera Khyaal,

Tu Khuda To Nahi?
Fir Har Jagah Kyu Hai?

21
कितनी फ़िक्र है कुदरत को 
मेरी तन्हाई की,

जागते रहते हैं रात भर 
सितारे मेरे लिए.

Kitni Fikr Hai Kudrat Ko 
Meri Tanhayi Ki,

Jagte Rahte Hain Raat Bhar 
Sitare Mere Liye.

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22
फ़िक्र ये थी कि 
शब-ए-हिज्र कटेगी कैसे,

लुत्फ़ ये है कि हमें 
याद न आया कोई.

23
लिहाज़-ए-इश्क न होता तो तुम भी 
आज बदनाम होते,

ख़ामोश हैं क्योंकि, 
तेरी रूसवाई की फ़िक्र करते है.


फ़िक्र Shayari

24
छोटी छोटी बात पर 
गुस्सा करने वाले लोग वही होते है.

जो दिल से प्यार और सोच में 
फिकर रखते है. 

Choti Choti Baat Par 
Gussa Karne Wale Log Wahi Hote Hai.

Jo Dil Se Pyar aur Soch Mein 
Fikr Rakhte Hai. 

25
जो लोग 
सबकी फिक्र करते हैं,

अक्सर उन्हीं की फिक्र करने वाला 
कोई नहीं होता.

Jo Log Sabki 
Fikar Karte Hain,

Aksar Unhi Ki Fikar Karne Wala 
Koi Nahi Hota.

26
मुझे मेरे कल कि फिक्र तो 
आज भी नही है,

पर ख्वाहिश तुझे पाने कि 
कयामत तक रहेगी.

27
जिक्र तो छोड़ दिया मैंने उसका,
लेकिन कम्बख्त फिक्र नहीं जाती.

28
वो मेरी फ़िक्र तो करता है 
मगर प्यार नहीं ,

यानी पाज़ेब में घुँघरू तो हैं 
झंकार नहीं.

29
किसी की चाहत और मोहब्बत पर
दिल से यकीं करना,

दिल टुटे न उसका 
इतनी फिक्र करना.

Kisi Ki Chahat Aur Mohabbat Par
Dil Se Yakin Karana,

Dil Tute Na Usaka
Itani Fikar Karana.

30
फ़िक़्र-ए-दुनिया में 
सर खपाता हूँ,

मैं कहाँ और ये 
वबाल कहाँ?

31
फ़िक्र मत कर बंदे 
समय बलवान है,

कर्म कर मेहनत मे 
बहुत जान है.

32
किसी की इतनी भी फ़िक्र ना करो
की वो तुम्हे ही Ignore करने लगे.

Kisi Ki Itani Bhi 
Fikar Na Karo,

Ki Wo Tumhe Hi 
Ignore Karane Lage.

33
कौन फिक्र करे 
किसी और की इस जहाँ में,

चलो कुछ देर और 
आँख मूँद कर मर जाएँ.


60+ फ़िक्र शायरी 2 Line /  फ़िक्र Status 


34
मेरे इस दिल को तुम ही रख लो,
बड़ी फ़िक्र रहती है इसे तुम्हारी.

35
जरूरत नहीं फिक्र हो तुम,
कर ना पाऊँ कहीं भी,
वो जिक्र हो तुम.

36
तुम्हारी फिक्र और 
जिक्र करने के लिए,

हमारा कोई रिश्ता ही हो 
ये जरूरी तो नहीं?

Tumhari Fikr Aur
Zikar Karane Ke Liye,

Hamara Koi Rishta Hi Ho,
Ye Jaruri To Nahi?

37
ना कद्र, ना फ़िक्र
ना रहम, ना मेहरबानी,

फिर भी वो कहते हैं 
बेशुमार इश्क है तुमसे.

Na Kadr, Na Fukr,
Na Rham, Na Meharbaani.

Fir Bhi Wo Kahate Hai,
Beshumaar Ishq Hai Tumase.


फ़िक्र शायरी 2 लाइन

38
जो सामने 
जिक्र नही करते,

वो दिल ही दिल मे 
बहुत फिक्र करते हैं.

Jo Saamane 
Zikr Nahi Karate.

Wo Dil Hi Dil Me,
Bahut Fikr Karate Hai.

39
आज वही कल है,
 जिस कल की फ़िक्र तुम्हें कल थी.

40
बहुत फ़िक्र होने लगी है 
मुझे अब मेरी,

कोई बात तेरी 
मेरे दिल तक नहीं जाती. 

41
मुस्कान के सिवा 
कुछ न लाया कर चेहरे पर,

मेरी फ़िक्र हार जाती है
 तेरी मायूसी देखकर.

Muskaan Ke Siwa,
Kuchh Na Laya Kar Chaihare Par,

Meri Fikr Haar Jati Hai,
Teri Mayusi Dekhkar.

42
कभी आओ बैठते है, 
बतलाते है,

दुनिया की फिक्र छोड़
दिल की सुनाते है.

43
चेहरों की इतनी फ़िक्र क्यूँ है,
रंगों की इतनी क़द्र क्यूँ है ?

हुस्न अस्ल किरदार का है,
गोरा काले से बेहतर क्यूँ है ?


फ़िक्र शायरी 2 Line

44
फ़िक्र  ये थी कि 
शब-ए-हिज्र कटेगी कैसे,

लुत्फ़ ये है कि 
हमें याद न आया कोई.


फ़िक्र Status 

45
देख ली तेरी ईमानदारी ए-दिल,
तू मेरा और फ़िक्र किसी और की.

Dekh Li Teri Imandaari E Dil,
Tu Mera Aur Fikr Kisi Aur Ki.

46
चाहत फिक्र इम्तेहान सादगी वफा, 
मेरी इन्हीं आदतों ने मुझे मरवा दिया.

47
मेरी आधी फिक्र, आधे ग़म तो 
यूँ ही मिट जाते हैं, 

जब प्यार से तू मेरा 
हाल पूछ लेती है.

48
टूटे दिल की अपनी ना फ़िकर 
पर उसकी फ़िकर किये जा रहा हूँ,

समझ नही आता कि ये इश्क़ हैं 
या कोई हद किये जा रहा हूँ.

Tute Dil Ki Apni Na Fikar 
Par Uski Fikar Kiye Jaa Raha Hu,

Samaj Nahi Aata Ki Ye Ishq Hai 
Ya Koi Hadd  Kiye Jaa Raha Hu.

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49
चोट लगी तो अपने अन्दर 
चुपके चुपके रो लेते हो,

अच्छी बात है आसानी से 
जख्मों को तुम धो लेते हो.

 दिन भर कोशिश करते हो 
सबको गम का दरमाँ मिल जाये,

नींद की गोली खाकर 
शब भर बेफ़िक्री में सो लेते हो.  


फ़िक्र Shayari

50
अब तेरा ज़िक्र नही, 
अब तेरी फ़िक्र नही ,

क्यू की तू वो नही रहा 
जिससे मैने, मोहब्बत की थी.
अब तू बन चुका है वो 
जिसके बारे मैने कभी सोचा भी नही.

Ab Tera Zikar Nahi, 
Ab Teri Fikar Nahi,

Kyu Ki tu Who Nahi raha
Jise Maine Mohabbat Ki  Thi

Ab Tu Ban Chuka Hai Wo 
Jiske Baare Maine Kabhi Socha bhi Nahi.

51
हमको तो अपने सर को 
छुपाने की फ़िक्र है,

उनको नया मकान 
बनाने की फ़िक्र है,

उसने लगा दी आग 
की बाकी कुछ ना रहे,

मुझको हर एक चीज 
बचाने की फ़िक्र है.

52
ज़िन्दगी, अजीब है गालिब,
वक़्त की कदर, 
खो जाने के बाद होती है.

अपनों की फ़िक्र
रूठ जाने के बाद होती है,

और साथ की ज़रूरत अकसर 
दूर जाने के बाद होती है.

Zindagi Ajeeb Hai Galib,
Waqt ki Kadar, 
Kho jane Ke Baad Hoti Hai.

Apno ki Fikr, 
Ruth Jaane Ke Baad Hoti Hai.

Aur Saath Ki Jarurat Aksar, 
Dur Jane Ke Baad Hoti Hai.

53
जी चाहे की दुनिया की 
हर एक ‪‎फ़िक्र भुला कर,

दिल की बातें सुनाऊँ 
तुझे मैं पास बिठा कर.

दूर कहीं जहां 
कोई न हो हमारे अलावा,

टूट कर प्यार करूँ मैं 
तुम्हें सीने से लगा कर.

फ़िक्र Status 

54
किसको यह फ़िक्र है कि 
कबीले का क्या हुआ?

सब इस बार लड़ रहे है 
कि सरदार कौन है.

55
उलझन में हूं या दुख में हूं,
दोस्त है मेरा फिक्र करेगा.

दूर है फिरभी भूलेगा नही,
कभी तो मेरा जिक्र करेगा.

56
फ़िक्र तो तेरी आज भी करते है 
बस जिक्र करने का हक नही रहा.

दो आँखो मे दो ही आँसू
एक तेरे लिए, एक तेरी खातिर.

57
दूर होते नहीं जो 
दिल मे रहा करते हैं,

हम रहें आपके पास 
यही दुआ करते हैं,

ना रास्ते की फिकर 
ना मंज़िल का गिला,

हम तो मुसाफिर हैं 
मुश्किल से मिला करते हैं.

58
जी भर क देखू तुझे 
अगर गवारा हो

बेताब मेरी नज़रे हो 
और चेहरा तुम्हारा हो 

जान की फ़िक्र हो 
न जमाने की परवाह

एक तेरा प्यार हो 
जो बस हमारा हो

59
फिक्र ना करो हम 
कोई जंजीर नहीं हैं
कि पाँव से लिपट जायेंगे.

हम तो मोहब्बत हैं
राख बन के तेरी
राहों में बिखर जाएंगे.



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