Wednesday, 5 April 2017

Top 25 Akbar Allahabadi Two Line Shayari

अकबर इलाहाबादी की मशहूर 25 शायरियां हिंदी में 

अकबर इलाहाबादी किसी परिचय के मोहताज़ नहीं  आज भी उनकी ये ग़ज़ल हर एक की जुबान पर थिरकती हैं, "हगामा है क्यूँ बरपा, थोड़ी सी जो पी ली है, डाका तो नहीं डाला, चोरी तो नहीं की है", अकबर इलाहाबादी मिलनसार इंसान थे उनके द्वारा लिखी  हास्य रचना हास्य शायरी अपने आप में बेमिशाल हैं उन्हें उन्हें कविताओं  से भी लगाव था, चाहे उनके द्वारा लिखी ग़ज़ल हो नज़्म हो या रुबाई हो सब में एक अलग अंदाज़  होता था. 
Shayari-of-Akbar-Allahabadi-in-Hindi
Shayari of Akbar Allahabadi in Hindi

अकबर इलाहाबादी का जन्म से १८४६ में इलाहाबाद के निकट बारा में हुआ था. बताते चले की वो  पेशे से इलाहाबाद में सेशन जज भी थे....
आईये पढ़ते हैं अकबर इलाहाबादी द्वारा लिखी गयी कुछ मशहूर शायरी जो दिल को छू ले 

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वस्ल हो या फ़िराक़ हो ‘अकबर’
जागना रात भर मुसीबत है..


Wasl Ho Ya Firaaq Ho "Akbar"
Jaagana Raat Bhar Musibat Hain...


Top 25 Akbar Allahabadi Two Line Shayari



मेरी ये बेचैनियाँ और उन का कहना नाज़ से
हँस के तुम से बोल तो लेते हैं और हम क्या करें..


Meri Ye Bechaniyan Aur Un Ka Kehana Naaz Se
Hans Ke Tum Se Bol To Lete Hain 
Aur Ham Kya Karein...


अकबर इलाहाबादी  दो लाइन शायरी


किस नाज़ से कहते हैं वो झुंजला के शब-ए-वस्ल,
तुम तो हमें करवट भी बदलने नहीं देते...


Kis Naaz Se Kehate Hain Wo Jhunjala Ke Shab-E-Wasl
Tum To Hamein Karwat Bhi Badalne Nahin Dete.....
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जब ग़म हुआ चढ़ा लीं दो बोतलें इकट्ठी
मुल्ला की दौड़ मस्जिद ‘अकबर’ की दौड़ भट्टी..


Jab Gham Hua Chadha Li Do Botalein Ikaththi,
Mulla Ki Daud Maszid ‘Akbar’ Ki Daud Bhatti...
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जान शायद फ़रिश्ते छोड़ भी दें
डॉक्टर फ़ीस को न छोड़ेंगे..



Jaan Shaayad Farishte Chhod Bhi De
Doctor Fees Ko Na Chhodenge...

Top 25 Akbar Allahabadi Two Line Shayari



इस क़दर था खटमलों का चारपाई में हुजूम.
वस्ल* का दिल से मेरे अरमान रुख़्सत हो गया..


Is Kadar Tha Khatmalon Ka Chaarpaai Mein Hujoom.
Vasl Ka Dil Se Mere Armaan Rukhsat Ho Gaya..
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हम क्या कहें अहबाब* क्या कार-ए-नुमायाँ* कर गए,
बी-ए हुए नौकर हुए पेंशन मिली
फिर मर गए...


Ham Kya Kahein Ahbaab Kya Kaar-E-Numaayan Kar Gaye
B.A. Hue Naukar Hue Penshan 
Mili Phir Mar Gaye...
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हम ऐसी कुल किताबें क़ाबिल-ए-ज़ब्ती समझते हैं
कि जिन को पढ़ के लड़के बाप को 
ख़ब्ती समझते हैं....


Ham Yesi Kul Kitaabein Kaabil-E-Zabti Samjahte Hain
Ki Jin Ko Padh Ke Ladke Baap Ko 
Khabti Samjhte Hai...
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लिपट भी जा न रुक ‘अकबर’ ग़ज़ब की ब्यूटी है
नहीं नहीं पे न जा ये हया की ड्यूटी है...


Lipat Bhi Ja Na Ruk ‘Akbar’ Gajab Ki Beauti Hain
Nahin Nahinpe Na jaa Ye Haya Ki Duty Hain...
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हया से सर झुका लेना अदा से मुस्कुरा देना
हसीनों को भी कितना सहल है बिजली गिरा देना...


Haya Se Sar Jhuka Lena Ada Se Muskura Dena
Haseenon Ko Bhi Kitna Sahal Hain 
Bijali Gira Dena...

अकबर इलाहाबादी  दो लाइन शायरी


अब तो है इश्क़-ए-बुताँ में ज़िंदगानी का मज़ा
जब ख़ुदा का सामना होगा तो 
देखा जाएगा...


Ab To Hai Ishq-E-Buta Mein Zindagani Ka Maza
Jab Khuda Ka Saamana Hoga To 
Dekha Jaayega...
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जो कहा मैं ने कि प्यार आता है मुझ को तुम पर,
हँस के कहने लगा और आप को 
आता क्या है...



Jo Kaha Maine Ki Pyaar Aata Hain Mujh Ko Tum Par,
Hans Ke Kehane Lagaa Aur Aap Ko 
Aata Kya Hain...

Top 25 Akbar Allahabadi Two Line Shayari



इश्क़ के इज़हार में हर-चंद रुस्वाई तो है,
पर करूँ क्या अब तबीअत आप पर 
आई तो है...


Ishq Ke Ijhaar Mein Har Chand Ruswaai To Hain,
Par Karun Kya Tabiat Aap Par Ayi 
To Hain...
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रहता है इबादत में हमें मौत का खटका,
हम याद-ए-ख़ुदा करते हैं कर ले न 
ख़ुदा याद...


Rehata Hai Ibaadat Mein Hamein Maut Ka Khatka,
Ham Yaad-E-Khuda Karte Hain Kar Le Na 
Khuda Yaad...
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सीने से लगाएँ तुम्हें अरमान यही है,
जीने का मज़ा है तो मिरी जान 
यही है...

Seene Se Lagaaye Tumhein Armaan Yahi Hain,
Jeene Ka Maza Hain To Miri Jaan 
Yahi Hain...
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क्या वो ख़्वाहिश कि जिसे दिल भी समझता हो हक़ीर
आरज़ू वो है जो सीने में रहे नाज़ के साथ...


Kya Wo Khwahish Ki Jise Dil Bhi Samjhata Ho Hakeer
Aarjoo Wo Hain Jo Seene Mein Rahe Naaz Ke Saath...
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अकबर दबे नहीं किसी सुल्ताँ की फ़ौज से,
लेकिन शहीद हो गए बीवी की 
नौज से...


Akbar Dabe Nahin Kisi Sultan Ki Fauj Se,
Lekin Shahid Ho Gaye Bivi Ki 
Nauj Se...

"अकबर इलाहाबादी  दो लाइन शायरी"


आह जो दिल से निकाली जाएगी,
क्या समझते हो कि ख़ाली जाएगी...


AAh Jo Dil Se Nikali Jaayegi,
Kya Samjhte Ho Ki Khaali Jaayegi...
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दुनिया में हूँ दुनिया का तलबगार नहीं हूँ,
बाज़ार से गुज़रा हूँ ख़रीदार नहीं हूँ...


Duniya Mein Hu Duniya Ka Talabgaar Nahin Hu,
Bazaar Se Gujara hun Kharidaar Nahin Hu...
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इश्क़ नाज़ुक-मिज़ाज है बेहद,
अक़्ल का बोझ उठा नहीं सकता...


Ishq Najuk-Mijaaj Hain Behad,
Akl Ka Bojh Utha Nahin Sakta...
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जवानी की दुआ लड़कों को ना-हक़ लोग देते हैं,
यही लड़के मिटाते हैं जवानी को जवाँ हो कर...


Jawani Ki Dua Ladakon Ko Na-Haq Log Dete Hain,
Yahi Ladke Mitaate Hain Jawaani Ko Jawan Ho Kar...

अकबर इलाहाबादी  दो लाइन शायरी



कुछ तर्ज़-ए-सितम भी है कुछ अंदाज़-ए-वफ़ा भी,
खुलता नहीं हाल उन की तबीअत का ज़रा भी...


Kuchh Tarz-E-Sitam Bhi Hain Kuchh Andaz-E-Wafa Bhi,
Khulta Nahin Haal Un Ki Tabiyat Ka Zara Bhi...
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ग़म्ज़ा नहीं होता कि इशारा नहीं होता,
आँख उन से जो मिलती है तो क्या क्या नहीं होता...


Gamza Nahin Hota Ki Ishaara Nahin Hota,
Aankh Un Se Jo Milati Hai To Kya Kya Nahin Hota....
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हम आह भी करते हैं तो हो जाते हैं बदनाम,
वो क़त्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता...


Ham Aah Bhi Karte Hai To Ho Jate Hai Badnaam,
Wo Qatl Bhi Karte Hai To Charcha Nahin Hota...

Top 25 Akbar Allahabadi Two Line Shayari


उर्दू का हिंदी उच्चारण 


  • ग़म्ज़ा  =  शोख नज़र, कामुक नज़र
  • खब्ती  = पागल
  • अहबाब  =  दोस्तों ,  कार-ए-नुमायाँ  = साहस का काम
  • सहल  =  आसान
  • वस्ल  =  मिलन
  • शब-ए-वस्ल  =   मिलन की रात
  • हक़ीर  =  नीच, घृणित
  • आरजू   =  तमन्ना





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