Friday, 24 February 2017

जावेद अख्तर के लिखे 10 सबसे यादगार गज़ले

देखे जावेद अख्तर के लिखे शायरी और गज़लों का संग्रह  

जावेद अख्तर किसी भी परिचय के मोहताज़ नहीं जावेद अख्तर वो नाम हैं जिसे भारत ही नहीं देश विदेश में भी जाना जाता हैं.  फिल्मों के गीतकार और पटकथा लेखक  के रूप में साथ ही वो सामाजिक कार्यकर्त्ता के रूप में भी एक प्रसिद्ध हस्ती मानी जाती हैं. जावेद अख्तर जी का जन्म ग्वालियर में 17 जनवरी 1945 को में हुआ था। 
बताते चले की जावेद साहब ने दो निकाह  किया था और उनकी पहली बीबी से दो बच्चो का जन्म हुआ जिनका नाम फरहान अख्तर्, और दूसरी बेटी जोया अख्तर हैं. 
Javed-Akhtar-Hindi-Shayari-Collection

जैसा की जावेद अख्तर ने अपने करियर को लेकर बॉलीवुड के सफ़र की शुरुवात बतौर डायलॉग राइटर के रूप में की और उसके बाद  में वह स्क्रिप्ट राइटर और लिरिसिस्ट बन गए और सलीम खान के साथ मिलकर एक से बढ़ कर एक बॉलीवुड जगत के लिए  कई बेहतरीन फिल्में बनायीं. जिसमे शोले, दीवार, जंजीर, त्रिशूल, दोस्ताना, काला पत्थर, मशाल, मेरी जंग और मि. इंडिया, सागर,  जैसी फिल्में शामिल हैं. और उनको लगातार कामयाबी इसो तरह उन्हें मिलती गयी और बाद में उन्हें भारत सरकार ने सन् 2007 में  पद्म भूषण से सम्मानित किया गया.
तो आईये आज इस ब्लॉग के माध्यम से पढ़ते हैं कुछ अख्तर साहब द्वारा लिखे ग़ज़ल की दो लाइन और साथ गुनगुनाते हैं. तो देर कैसी पढ़तें हैं आज की ये पोस्ट और शेयर करते हैं अपने दोस्तों को ये गज़लें 
1
10 most memorable Hindi Shayari Collection


तमन्‍ना फिर मचल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ
यह मौसम ही बदल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ

मुझे गम है कि मैने जिन्‍दगी में कुछ नहीं पाया
ये गम दिल से निकल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ

नहीं मिलते हो मुझसे तुम तो सब हमदर्द हैं मेरे
ज़माना मुझसे जल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ

ये दुनिया भर के झगड़े घर के किस्‍से काम की बातें
बला हर एक टल जाए,अगर तुम मिलने आ जाओ



2
जावेद अख्तर के लिखे 10 सबसे यादगार गाने


जिधर जाते हैं सब जाना उधर अच्छा नहीं लगता
मुझे पामाल* रस्तों का सफ़र अच्छा नहीं लगता

ग़लत बातों को ख़ामोशी से सुनना, हामी भर लेना
बहुत हैं फ़ायदे इसमें मगर अच्छा नहीं लगता

मुझे दुश्मन से भी ख़ुद्दारी की उम्मीद रहती है
किसी का भी हो सर, क़दमों में सर अच्छा नहीं लगता

बुलंदी पर इन्हें मिट्टी की ख़ुशबू तक  नहीं आती
ये वो शाखें हैं जिनको अब शजर* अच्छा नहीं लगता

ये क्यूँ बाक़ी रहे आतिश-ज़नों*, ये भी जला डालो
कि सब बेघर हों और मेरा हो घर, अच्छा नहीं लगता



3
Javed Akhtar Hindi Shayari Collection


तुमको देखा तो ये ख़याल आया
ज़िन्दगी धूप तुम घना साया

आज फिर दिल ने एक तमन्ना की
आज फिर दिल को हमने समझाया

तुम चले जाओगे तो सोचेंगे
हमने क्या खोया, हमने क्या पाया

हम जिसे गुनगुना नहीं सकते
वक़्त ने ऐसा गीत क्यूँ गाया



4
10 most memorable Hindi Shayari Collection


प्यार मुझसे जो किया तुमने तो क्या पाओगी
मेरे हालात की आंधी में बिखर जाओगी

रंज और दर्द की बस्ती का मैं बाशिन्दा हूँ
ये तो बस मैं हूँ के इस हाल में भी ज़िन्दा हूँ
ख़्वाब क्यूँ देखूँ वो कल जिसपे मैं शर्मिन्दा हूँ
मैं जो शर्मिन्दा हुआ तुम भी तो शरमाओगी

क्यूं मेरे साथ कोई और परेशान रहे
मेरी दुनिया है जो वीरान तो वीरान रहे
ज़िन्दगी का ये सफ़र तुमको तो आसान रहे
हमसफ़र मुझको बनाओगी तो पछताओगी

एक मैं क्या अभी आयेंगे दीवाने कितने
अभी गूंजेगे मुहब्बत के तराने कितने
ज़िन्दगी तुमको सुनायेगी फ़साने कितने
क्यूं समझती हो मुझे भूल नही पाओगी



5
Javed Akhtar Hindi Shayari Collection


आप भी आइए, हम को भी बुलाते रहिए
दोस्‍ती ज़ुर्म नहीं, दोस्‍त बनाते रहिए

ज़हर पी जाइए और बाँटिए अमृत सबको
ज़ख्‍म भी खाइए और गीत भी गाते रहिए

वक्‍त ने लूट लीं लोगों की तमन्‍नाएँ भी
ख्‍वाब जो देखिए औरों को दिखाते रहिए

शक्‍ल तो आपके भी ज़हन में होगी कोई
कभी बन जाएगी तसवीर, बनाते रहिए



6
10 most memorable Hindi Shayari Collection


यही हालात इब्तदा से रहे
लोग हमसे ख़फ़ा-ख़फ़ा-से रहे

बेवफ़ा तुम कभी न थे लेकिन
ये भी सच है कि बेवफ़ा-से रहे

इन चिराग़ों में तेल ही कम था
क्यों गिला फिर हमें हवा से रहे


7
10 most memorable Hindi Shayari Collection


जाते जाते वो मुझे अच्छी निशानी दे गया 
उम्र भर दोहराएंगे ऐसी कहानी दे गया

उस से मैं कुछ पा सकू ऐसी कहाँ उम्मीद थी 
ग़म भी शायद बराए मेहरबानी दे गया

खैर मैं प्यासा रहा पर उसने इतना तो किया 
मेरी पलकों की कितरों को वो पानी दे गया



8
Javed Akhtar Hindi Shayari Collection


दर्द अपनाता है पराए कौन
कौन सुनता है और सुनाए कौन

कौन दोहराए वो पुरानी बात
ग़म अभी सोया है जगाए कौन

वो जो अपने हैं क्या वो अपने हैं
कौन दुख झेले आज़माए कौन


9
Javed Akhtar Hindi Shayari Collection


हम तो बचपन में भी अकेले थे
सिर्फ़ दिल की गली में खेले थे

एक तरफ़ मोर्चे थे पलकों के
एक तरफ़ आँसूओं के रेले थे

थीं सजी हसरतें दूकानों पर
ज़िन्दगी के अजीब मेले थे

आज ज़ेहन-ओ-दिल भूखों मरते हैं
उन दिनों फ़ाके भी हमने झेले थे

ख़ुदकुशी क्या ग़मों का हल बनती
मौत के अपने भी सौ झमेले थे

10
10 most memorable Hindi Shayari Collection


आप भी आइए, हम को भी बुलाते रहिए
दोस्‍ती ज़ुर्म नहीं, दोस्‍त बनाते रहिए

ज़हर पी जाइए और बाँटिए अमृत सबको
ज़ख्‍म भी खाइए और गीत भी गाते रहिए

वक्‍त ने लूट लीं लोगों की तमन्‍नाएँ भी
ख्‍वाब जो देखिए औरों को दिखाते रहिए

शक्‍ल तो आपके भी ज़हन में होगी कोई
कभी बन जाएगी तसवीर, बनाते रहिए


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