Monday, 22 May 2017

कार्ल मार्क्स के विचार - Best 40 Quotes By Karl Marx In Hindi

कार्ल मार्क्स  के ढेरो प्रेरक कथन और जीवनी 

जर्मन के महान दार्शनिक, अर्थशास्त्री  और वैज्ञानिक समाजवाद का प्रणेता. कार्ल हेनरिख का जन्म त्रेवेस (प्रशा) के एक यहूदी परिवार में  5 मई 1818 को हुआ था. कार्ल हेनरिख का परिवार  1824 में ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया था..
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40 Greatest Quotes by Karl Marx in Hindi 

कार्ल हेनरिख ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा के बाद 17 वर्ष की आयु में कानून की पढाई के लिए उन्होंने बॉन विश्वविद्यालय दाखिला लिया. और वही कानून की शिक्षा ली और उसके बाद  बर्लिन और जेना विश्वविद्यालयों में साहित्य, इतिहास और दर्शन का अध्ययन किया.

महान दार्शनिक हीगेल से ये बहुत प्रभावित थे.  1839-1841  में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की, दिमॉक्रितस और एपीक्यूरस के प्राकृतिक दर्शन पर शोध-प्रबंध को लिखकर..

अपनी  शिक्षा को पूर्ण करने के बाद उसी वर्ष 1842 में मार्क्स ने कोलोन से प्रकाशित हो रही "राइनिशे जीतुंग" पत्र में पहले लेखक के रूप में कार्य किया और उसके बाद संपादक उसी पत्र के बने. लेकिन सर्वहारा क्रांति के विचारों के लेखन के कारण मात्र 15  महीनों में ही सन 1843 में इस पत्र का प्रकाशन बंद करावा दिया गया.. प्रकाशन बंद होने के कारण मार्क्स पेरिस चले गए और वही से लेखन कार्य प्रारंभ किया द्यूस फ्रांजोसिश' जारबूशर पत्र में उन्होंने हीगेल के नैतिक दर्शन पर अनेक लेख लिखे. फिर  सन  1845  में फ्रांस से भी  निष्कासित हो कर ब्रूसेल्स चले गए और वही उन्होंने जर्मनी के मजदूर सगंठन और 'कम्युनिस्ट लीग' के निर्माण में अपना भरपूर सहयोग और अपना सक्रिय योगदान दिया. और  1847 में एजेंल्स के साथ मिलकर अंतराष्ट्रीय समाजवाद' का प्रथम घोषणापत्र (कम्युनिस्ट मॉनिफेस्टो) को प्रकाशित किया.. और उसके बाद 1848 में मार्क्स ने पुन: कोलोन में 'नेवे राइनिशे जीतुंग' का संपादन प्रारंभ किया. और इस पत्र के द्वारा जर्मनी को समाजवादी क्रांति का संदेश देना आरंभ किया. अपने लेखन कार्य से. 

1849 में इसी अपराघ में वह प्रशा से निष्कासित हुए और फिर वो पेरिस से होते हुए लन्दन चले गए. और अपना सारा जीवन वही व्यतित किया. 

लन्दन में रह कर उन्होंने सर्वप्रथम "कम्युनिस्ट लीग" की स्थापना करने की कोशिश की परन्तु इसमे किन्ही कारणों से फूट पड़ गयी. और इसी कारण इसे संस्था को भंग कर देना पड़ा. 

इसी तरह उनका संघर्ष रूपी जीवन चलता रहा और उनके शोधकार्य में अनेक बाधाएँ आती रही. मार्क्स सम्पूर्ण जीवन आर्थिक संकटों के बीच गुज़रा. इनकी 6 संताने हुयी जिनमे से 3 कन्यायें ही जीवित रही. आखिरकार मार्च 14, 1883 में मार्क्स के जीवन की लीला समाप्त हो गयी ..

आईये आज इस लेख में पढ़ते हैं जर्मन के महान दार्शनिक, अर्थशास्त्री  और वैज्ञानिक समाजवाद का प्रणेता. कार्ल हेनरिख के विचारो को जो उन्होंने अपने पत्र में तथा अपने विचारो में कहा...
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 1= जितना अधिक श्रम का विभाजन और मशीनरी का उपयोग बढ़ता है , 
 उतना ही श्रमिकों के बीच प्रतिस्पर्धा बढती है , 
 और उतनी ही उनका वेतन कम होता जाता है.


 Jitna Adhik Sram Ka Vibhajan Aur Mashinri Ka Upyog Badta Hai,
 Utna Hi Srmikon Ke Bich Pratisprdha Badti Hai,
 Aur Utni Hi Unka Vetan Kam Hota Jata hai ..

कार्ल मार्क्स के प्रेरक 40 कथन

 2= धर्म दीन प्राणियों का विलाप है , 
 बेरहम दुनिया का ह्रदय है और निष्प्राण परिस्थितियों का प्राण है . 



 Dhrm Den Praniyon Ka Vilap Hai,
 Berahm Duniya Ka harday Hai Aur Nispran Pristhitiyon Ka Pran Hai..

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 3= सामाजिक प्रगति समाज में महिलाओं को मिले स्थान से मापी जा सकती है .


  Samajik Pragti Samaj Me mahilaon Ko Mile Sthan SMapi ja Sakti Hai..
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 4= इतिहास खुद को दोहराता है , 
 पहले एक त्रासदी की तरह , दुसरे एक मज़ाक की तरह .


 Itehas Khud Ko Dohrata Hai,
 Pahle Ek Trasdi Ki Trah Dusre Ek Mazak Ki Trah..

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 5= दुनिया के मजदूरों एकजुट हो जाओ,
 तुम्हारे पास  खोने को कुछ भी नहीं है ,सिवाय अपनी जंजीरों के..


 Duniya ke Majduron Ekjut Ho jao,
 Tumhare Pas Khone Ko kuch Bhi nahi hai Sivay Apni Zanjero Ke ..

कार्ल मार्क्स  के ढेरो अनमोल वचन और विचार

 6= शांति का अर्थ साम्यवाद के विरोध का नहीं होना है .


 Shanti Ka Arth Samyavad Ke Virodh Ka Nahi Hona Hai.

कार्ल मार्क्स की जीवनी 

 7= हमें ये नहीं कहना चाहिए कि एक आदमी के एक घंटे की कीमत 
 दूसरे आदमी के एक घंटे के बराबर है ..
 बल्कि ये कहें कि एक घंटे के दौरान एक आदमी उतना ही मूल्यवान है 
 जितना कि एक घंटे के दौरान कोई और आदमी . 



 Hme Ye Nahi Khana Chahiye Ki Ek Aadmi Ke Ek Gante Ki Kimat,
 Dusre Aadmi Ke Ek Gante Ke Brabar hai.
 Balki Ye Khe Ki Ek Gante Ke Dauran Ek Aadmi Utna Hi  Mulyavan Hai
 Jitna Ki Ek Gante Ke Dauran Koi Aur Aadmi..

40 Greatest Quotes by Karl Marx 

 8= इतिहास कुछ भी नहीं करता . उसके पास आपार धन नहीं होता,
 वो लड़ाई  नहीं लड़ता . वो तो मनुष्य हैं, वास्तविक , जीवित , जो ये सब करते हैं..


 Itehas  Kuch Bhi  Nahi Karta Uske Pas Apar Dhan Nahi Hota,
 Vo Ladai Nahi Ladta Vo To Manusya Hai Vastvik Jivit Jo Ye Sab Karte Hai ..

Karl Marx Biography 

 9= मानसिक पीड़ा का एकमात्र मारक शारीरिक पीड़ा है .


 Manshik Pida Ka Ekmatra marak Sharirik Pida hai.

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 10= यह बिल्कुल असंभव है कि प्रकृति के नियमों से ऊपर उठा जाए . 
 जो ऐतिहासिक परिस्थितियों में बदल सकता है 
 वह महज वो रूप है जिसमे ये नियम खुद को क्रियान्वित करते हैं.


 Yah Bilkul Asambhav Hai ki Prakrti Ke Niymo Se Upar Utha Jaye,
 Jo Yetihasik Pristhitiyon Me Badal Sakta Hai.
 Wah Mahaj Vo Rup hai Jisme Ye Niyam Khud Ko Kriyanvit karte Hai..

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 11= जीने और लिखने के लिए लेखक को पैसा कमाना चाहिए , 
 लेकिन किसी भी सूरत में उसे पैसा कमाने के लिए जीना और लिखना नहीं चाहिए..


 Jine Aur Likhne Ke Liye Lekhak Ko Pesa Kamana Chahiye,
 Lakin Kisi Bhi Surat Me Use Pesa Kamane Ke liye Jena Aur Likhna Nahi Chahiye..

कार्ल मार्क्स के प्रेरक 40 कथन

 12= अगर कोई चीज निश्चित है तो ये कि  मैं खुद एक मार्क्सवादी नहीं हूँ .


 Agar Koi Chij Nischit hai To Ye Ki Me Khud Ek Marksvadi  Nahi Hun..
40 Greatest Quotes by Karl Marx 

 13= पूंजीवादी उत्पादन टेक्नोलोजी विकसित करता है.


 Punjivadi Utpadan Teknoloji Viksit karta Hai.

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 14= कोई भी जो इतिहास की कुछ जानकारी रखता है वो  ये जानता है कि
 महान सामाजिक  बदलाव बिना महिलाओं के उत्थान के असंभव हैं . 
 सामाजिक प्रगति महिलाओं की सामजिक स्थिति, 
 जिसमे बुरी दिखने वाली महिलाएं भी शामिल हैं,
 को देखकर मापी जा सकती है..


 Koi Bhi Jo Itehas Ki Kuch Jankari Rakhta Hai Vo Ye Janta Hai Ki,
 Mahan Samajik Badlav Bina Mahilaon Ke Uthan Ke Asambhav Hai,
 Samajik Pragti Mahilaon Ki Samajik Sthti,
 Jisme Buri Dhikne Vali Mahilaye Bhi Shamil Hai,
 Ko Dekhkar mapi Ja Sakti Hai ..

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 15= ज़रुरत तब तक अंधी होती है जब तक उसे होश न आ जाये. 
 आज़ादी ज़रुरत की चेतना होती है.


 Zarurat tab Tak Andhi Hoti Hai Jab Tak Use Hosh Na Aa Jaye,
Aazadi Zarurat Ki Chetna Hoti Hai..

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 16= बिना किसी शक के 
 मशीनों ने समृद्ध आलसियों की संख्या बहुत अधिक बढ़ा दी है..


 Bina Kisi Shk Ke 
 Mashino Ne Smrardh Aalsiyon Ki Sankhya Bhaut Bada De Hai..

कार्ल मार्क्स के प्रेरक 40 कथन

 17=  बिना उपयोग की वस्तु हुए किसी चीज की कीमत नहीं हो सकती .


 Bina Upyog Ki Vastu Huye,
 Kisi Chij Ki Kimat Nahi Ho Sakati..

40 Greatest Quotes by Karl Marx 

 18= अमीर गरीब के लिए कुछ भी कर सकते हैं
 लेकिन उनके ऊपर से हट नहीं सकते..


 Amir Grib Ke Liye Kuch Bhi kar Sakte Hai,
 Lakin Unke Upar Se Hut Nahi Sakte..

कार्ल मार्क्स  के ढेरो अनमोल वचन और विचार 

 19= समाज व्यक्तियों से नहीं बना होता है 
 बल्कि खुद को अंतर संबंधों के योग के रूप में दर्शाता है, 
 वो सम्बन्ध जिनके बीच में व्यक्ति खड़ा होता है.


 Samaj Vykityon Se Nahi Bana Hota Hai,
 Balki Khud Ko Antar Sambandho Ke Yog Ke Rup Me  Darshta Hai,
 Vo Sambandh Jinke Bich Me Vykit Khada Hota Hai..

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 20= साम्यवाद के सिद्धांत का एक वाक्य में अभिव्यक्त किया जा सकता है,
 सभी निजी संपत्ति को ख़त्म किया जाये..


 Samyavad Ke Sidhant Ka Ek Vakya Me Abhivykt Kiya Ja  Sakta Hai...
 Sabhi Niji Sampati Ko Khatam Kiya jaye .

"Karl Marx Biography" 

 21= अनुभव सबसे खुशहाल लोगों की प्रशंशा करता है, 
 वे जिन्होंने सबसे अधिक लोगों को खुश किया.


 Anubhav Sabse Khushal Logo ki Pranshsha Karta Hai,
 Ve Jinhone Sabse Adhik Logo Ko Khus Kiya ..

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 22= समय सबकुछ है , इंसान कुछ भी नहीं..


 Samy Sabkuch Hai Inshan Kuch Bhi Nahi.

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 23= शायद ये कहा जा सकता है कि 
 मशीनें विशिष्ट श्रम के विद्रोह को दबाने के लिए पूंजीपतियों द्वारा लगाए गए हथियार हैं..


 Shayad Ye Kha Ja Sakta hai Ki,
 Mashin VIshisth Sram Ke Vidroh Ko Dabane Ke Liye  Punjipatiyon Dvara Lagae Gay Hathiyar Hai..

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 24= लोकतंत्र समाजवाद का रास्ता है.


 Loktantra Smajvad Ka Rasta Hai.
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 25= बहुत सारी उपयोगी चीजों के उत्पादन का परिणामm
 बहुत सारे बेकार लोग होते हैं.


 Bhaut Sari Upyogi Chijon Ke Utpadan Ka parinam,
 Bhaut sare Bekar Log Hote Hai..
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 26=  मानसिक श्रम का उत्पाद, विज्ञान हमेशा अपने मूल्य से कम आँका जाता है.


 Manshik Sram Ka Utpad Vigyan  Hmesha Apne Muly Se Kam Anka Jata Hai..

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 27= धर्म लोगों का अफीम है.


 Dhrm logon Ka Afim Hai.

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 28= हर किसी से उसकी क्षमता के अनुसार , 
 हर किसी को उसकी ज़रुरत के अनुसार.



 Har Kisi Se Uski  Kshmta Ke Anusar,
 Har Kisi Ko Uski Jarurat Ke Anusar...

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 29= आज़ादी ज़रुरत की चेतना होती है.


 Aazadi Zarurat Ki Chetna Hoti Hai.

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 30= पिछले सभी समाजों का इतिहास वर्ग संघर्ष का इतिहास रहा है.


 Pichle Sabhi Samajo Ka Itehsa Varg Sangrsh Ka Itehas Raha Hai.
40 Greatest Quotes by Karl Marx 

 31= चिकित्सा संदेह तथा बीमारी को भी ठीक करती है .


 Chikitsa Sandeh Ttha Bimari Ko Bhi Thik Karti Hai.

कार्ल मार्क्स के प्रेरक 40 कथन

 32= लोगों की ख़ुशी के लिए पहली आवश्यकता धर्म का अंत है.


 Logo Ki Khushi Ke Liye Pahli Aavshyakta Dhram Ka Ant Hai.
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 33= पूँजी मजदूर की सेहत या उसके जीवन की लम्बाई के प्रति लापरवाह है,
 जब तक की उसके ऊपर समाज का दबाव ना हो.



 Punji Majdur Ki Sehat ya Uske Jivan ki
 lambayi Ke Prati Laparvah hai,
 Jab Tak Ki Uske Upar Samaj Ka Dvab Na Ho..

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 34= कारण हमेशा से अस्तित्व में रहे हैं , 
 लेकिन हमेशा उचित रूप में नहीं.


 Karan Hmesha Se Astitva Me Rahe Hai,
 Lakin Hmesha Uchit Rup me Nahi..
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 35= कंजूस मात्र एक पागल पूंजीपति है..


 Kanjus Matra Ek pagal Punjipati Hai.
कार्ल मार्क्स की जीवनी 

 36= अनुभव सबसे खुशहाल लोगों की प्रशंशा करता है..


 Anubhav Sabse Khushal Logo ki Pranshsha Karta Hai..

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 37= धर्म मानव मस्तिष्क जो न समझ सके, उससे निपटने की नपुंसकता है.


 Dhrm Manav Mstisk Jo Na Samjh Sake
 Usse Niptne Ke Napunskta Hai..

Karl Marx Biography 

 38= नौकरशाह के लिए दुनिया महज एक हेर-फेर करने की वस्तु है.


 Naukarshah Ke Liye Duniya Mahj Ek Her Fer Karne Ki  vastu Hai.

कार्ल मार्क्स के प्रेरक 40 कथन

 39= ज़मींदार , और सभी लोगों की तरह, 
 वहां से काटना पसंद करते हैं जहाँ उन्होंने कभी बोया नहीं.


 Zamindar Aur Sabhi Logo Ki Trah,
 Waha Se Katna Pasand Karte Hai Jhan Unhone Kabhi Boya Nahi..

"40 Greatest Quotes by Karl Marx" 

 40= पूँजी मृत श्रम है , 
 जो पिशाच की तरह केवल जीवित श्रमिकों  का खून चूस कर जिंदा रहता है , 
 और जितना अधिक ये जिंदा रहता है उतना ही अधिक श्रमिकों को चूसता है .



 Punji Mrt Sram Hai,
 Jo Pishch Ki Trah Keval Jivit  Shrmikon  Ka Khun Chus Kar Jinda Rahta hai,
 Aur Jitna Adhik Ye Jinda rahta hai Utna Hi Adhik  Shrimikon Ko Chusta Hai..

.Note: दोस्तों बहुत सावधानी बरतने के बावजूद यदि ऊपर दिए गए किसी भी वाक्य या Quote में आपको कोई त्रुटि मिले तो कृपया हमें क्षमा करें और comments के माध्यम से अवगत कराएं ताकि उन त्रुटियों को सुधार सके हम. आशा हैं की आप हमारा साथ देंगे  धन्यवाद  
  विश्व प्रसिद्द लेखकों और विद्वानों द्वारा लिखे गए और बोले गए अनमोल विचार एवं कथनों को और ज्यादा पढ़ने और जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाते..
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