Sunday, 23 April 2017

Munshi Premchand Quotes Thoughts In Hindi / प्रेमचंद के अनमोल विचार

प्रसिद्द लेखक मुंशी प्रेमचंद के अनमोल वचन और विचार 

 हिन्दी और उर्दू के महानतम प्रसिद्द लेखक मुंशी प्रेमचंद कों कौन नहीं जानता इनका परिचय देना सूरज को दिया दिखाने के जैसा हैं..  प्रेमचन्द का जन्म उत्तरप्रदेश बनारस से लगभग 4 किलोमीटर दूर लमही गाँव में ३१ जुलाई सन् १८८० हुआ था.. इनके  पिता श्री का नाम अजायब राय था. जोकि डाकघर में एक मामूली सी नौकरी करते थे. 
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Munshi Premchand Quotes Thoughts In Hindi

प्रेमचंद का वास्तविक नाम धनपत राय श्रीवास्तव था, इन्हें नवाब राय और मुंशी प्रेमचंद के नाम से भी जाना जाता है.. उन्हें उपन्यास के क्षेत्र में महानायक माना जाता हैं, उनके कलम में साक्षात् माता सरस्वती विरजमान रहती थी..  

बंगाल के जानेमाने उपन्यासकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय ने उन्हें उपन्यास सम्राट की उपाधि दी और उपन्यास सम्राट कहकर संबोधित किया था.. प्रेमचंद  एक संवेदनशील लेखक, सचेत नागरिक, कुशल वक्ता तथा सुधी (विद्वान) संपादक थे.. आज भी उनके द्वारा लिखी पुस्तके हमें ज्ञान का दर्शन कराती हैं.. जयादा जानकारी के लिए wikipedia के लिंक पर जाए...

आईये आज इस आर्टिकल में पढ़ते हैं मुंशी प्रेमचंद जी द्वारा लिखे और कहे गए वो शब्द जो जीवन में नयी दिशा और उर्जा को प्रदान करता हैं... 

तो देर कैसी आईये पढ़ते हैं मुंशी प्रेमचंद जी द्वारा लिखी और कही गयी बाते और उन बातो का लाभ भी उठाते हैं अपने जीवन में...



 कुल की प्रतिष्ठा भी विनम्रता और सद्व्यवहार से होती है, 
 हेकड़ी और रुबाब दिखाने से नहीं...


 Kul Ki prtishtha BhI Vinmrta Aur Sad-vhvaar Se Hoti Hian,
 Hekadi Aur Raub Dikhane Se Nahi....
"Munshi Premchand Quotes" & Thoughts In Hindi 

 सौभाग्य उन्हीं को प्राप्त होता है,
 जो अपने कर्तव्य पथ पर अविचल रहते हैं...


 Saubhagy Unhi Ko Prapt Hota Hain,
 Jo Apane Kartvy Path Par AVirchal Rahate Hain...

मुंशी प्रेमचंद के अनमोल वचन 

 दौलत से आदमी को जो सम्मान मिलता है, 
 वह उसका नहीं, उसकी दौलत का सम्मान है...


 Daulat Se Aadami Ko Jo Sammaan Milata Hain,
 Wah Usaka Nahi Daulat Ka Samman Hain...

 यश त्याग से मिलता है, धोखाधड़ी से नहीं..


 Yash Tyag Se Milata Hain,
 Dhokhadhadi Se Nahi... 


 सफलता में दोषों को मिटाने की विलक्षण शक्ति है,...


 Sagata Me Dosh Ko Mitane Ki,
 Vilkshan Shakti Hain...


 डरपोक प्राणियों में सत्य भी गूंगा हो जाता है..


 Darpok Prandiyon Me Saty Bhi Gunga Ho Jata Hain... 

मुंशी प्रेमचंद के सुविचार 

 चिंता एक काली दिवार की भांति चारों ओर से घेर लेती है, 
 जिसमें से निकलने की फिर कोई गली नहीं सूझती....


 Chinta Ek Kaali Deewar Ki Bhati Charo Aor Se Gher Leti  Hain,
 Jisame Se Nikalane Ki Fir Se Koi Gali Nhai Sujhati....


 अच्‍छे कामों की सिद्धि में बड़ी देर लगती है, 
 पर बुरे कामों की सिद्धि में यह बात नहीं.....

 Accha kamo ki sidhi me badi der lagti hai,
 par bure kamo ke seedhe me yah bat nahi....


 केवल बुद्धि के द्वारा ही मानव का मनुष्यत्व प्रकट होता है...


 Keval budhe ke dvara hi manav ka,
 manushyatv prakat hota hain...


 कार्यकुशल व्यक्ति की सभी जगह जरुरत पड़ती है....


 Karykushal Vyakti Ki Sabhi Jagah Jarurat Padati Hian...


 दया मनुष्य का स्वाभाविक गुण है..


 Daya Manushy Ka Swbhavik Gun Hain...

Munshi Premchand Quotes & Thoughts In Hindi 

 सौभाग्य उन्हीं को प्राप्त होता है, 
 जो अपने कर्तव्य पथ पर अविचल रहते हैं..


 Saubhagy Unhi Ko Prapt Hota Hian, 
 Jo Apane Kartvy Path Par Avichal Rahate Hain... 


 निराशा सम्भव को असम्भव बना देती है...


 Nirasha sambhv ko asambhv bana deti haui...


 बल की शिकायतें सब सुनते हैं, 
 निर्बल की फरियाद कोई नहीं सुनता...


 Bal ki sekayate sab sunte hai,
 nirbal ki fariyad koi nahi suntan...


 क्रोध में मनुष्य अपने मन की बात नहीं कहता, 
 वह केवल दूसरों का दिल दुखाना चाहता है...


 krodh me manusay apne man ki bat nahi khata,
 wah keval dusro ka dil dukhana chata hai...

मुंशी प्रेमचंद के अनमोल वचन 

 चापलूसी का ज़हरीला प्याला 
 आपको तब तक नुकसान नहीं पहुँचा सकता.
 जब तक कि आपके कान उसे अमृत समझ कर पी न जाएँ...


 chaplushi ka zaherala peyala 
 aapko tab tak nukshan nahi phuncha shakta.
 jab tak ki aapke kan ushe amrat samaj kar pe na jaye,....


 आकाश में उड़ने वाले पंछी को भी,
 अपने घर की याद आती है...


 Akash me udene vale panchi ko bhi.
 apne ghar ki yad aati hai...


 न्याय और नीति लक्ष्मी के खिलौने हैं, 
 वह जैसे चाहती है नचाती है...


 Nyaay Aur Neeti Lakshmi Ke Khilaune Hain,
  wah jeshe chati hai nachati hai...


 युवावस्था आवेशमय होती है, 
 वह क्रोध से आग हो जाती है तो करुणा से पानी भी....


 yuvaavastha aavesmay hoti hai.
 vah krodh se aag ho jati hai to karuna se pani bhi ...


मै एक मज़दूर हूँ, जिस दिन कुछ लिख न लूँ, 
 उस दिन मुझे रोटी खाने का कोई हक नहीं...


 Me ek majdur hun jis din kuch likh na lu,
 us din mujhe roti khane ka koi huk nahi...


 दुखियारों को हमदर्दी के आंसू भी कम प्यारे नहीं होते...


 Dukhiyaro ko humdardi ke anshu bhi kam payre nahi hote ..


 कर्तव्य कभी आग और पानी की परवाह नहीं करता..


 Kartvy Kabhi Aag Aur Pani Ki Parwah Nahi Karata..

मुंशी प्रेमचंद के सुविचार 

 अन्याय में सहयोग देना, 
 अन्याय करने के ही समान है...


 Anyay Me Sahyog Dena,
 Anyay Karane Ke Samaan Hian..

 आत्म सम्मान की रक्षा, हमारा सबसे पहला धर्म है.


 Aatm Samman Ki Raksha,
 Hmara Sabase Pahale Dharm Hain..

Munshi Premchand Quotes & Thoughts In Hindi 

 नमस्कार करने वाला व्यक्ति विनम्रता को ग्रहण करता है. 
 और समाज में सभी के प्रेम का पात्र बन जाता है....


 Namskaar Karane Wala Vykti Vinamrta Ko Grahan Karata  Hain,
 Aur Samaj Me Sabhi Ke Prem Ka Patr Banata Hain...

मुंशी प्रेमचंद के अनमोल वचन 

 चोर केवल दंड से ही नहीं बचना चाहता, 
 वह अपमान से भी बचना चाहता है,
 वह दंड से उतना नहीं डरता जितना कि अपमान से...


 Chor Dand Se Nahi Bachana Chahata,
 Wah Apmaan Se Bhi Bachana Chahata Hain,
 Wah Dand Se Utana Nahi Darata Jitana Apamaan Se..



 साक्षरता अच्छी चीज है और उससे जीवन की कुछ,
 समस्याएं हल हो जाती है....


 Saksharta Achchhi Chij Hain Aur Usase Jeevan Ki Kuchh,
 Samsyaye Hal Ho jati Hai....

 दुनिया में विपत्ति से बढ़कर अनुभव सिखाने वाला,
 कोई भी विद्यालय आज तक नहीं खुला है...


 Duniya Me Vipatti Se Badhakar Anubhav Sikhane Wala 
 Koi Viddhalayal Aaj Tak Nahi Khula...

मुंशी प्रेमचंद के अनमोल वचन 

 देश का उद्धार विलासियों द्वारा नहीं हो सकता,
 उसके लिए सच्चा त्यागी होना आवश्यक है.....


 desh ka uddhar vilashiyu dvara nahi ho shakta,
  uske liye s accha tyagi hon aavashyak.....


 दौलत से आदमी को जो सम्‍मान मिलता है, 
 वह उसका नहीं, उसकी दौलत का सम्‍मान है...


 Daulat se aadmi ko jo samman milta hai,
 wah uska nahi uski daulat ka samman hai....


 संसार के सारे नाते स्‍नेह के नाते हैं, 
 जहां स्‍नेह नहीं वहां कुछ नहीं है....


 Sansar Ke Sare Naate Sneh Sneh Ke Naate Hain,
 Jaha Sneh Nahi Waha Kuchh Nahi Hain...


 नमस्‍कार करने वाला व्‍यक्ति विनम्रता को ग्रहण करता है,
 और समाज में सभी के प्रेम का पात्र बन जाता है...


 Namskar karne vala vyakit vinamrta ko gharan karta hai,  aur samaj me sabhi ke prem ka patra ban jata hai..

"मुंशी प्रेमचंद के अनमोल वचन" 

 जीवन की दुर्घटनाओं में,
 अक्‍सर बड़े महत्‍व के नैतिक पहलू छिपे हुए होते हैं...


 Jivan ki durghtanao men,
  aksr badhe mahatv  ke netik pahlu chipe hote hain...

 आदमी का सबसे बड़ा दुश्मन गरूर है...


 Aadami Ka Sabase Bada Dushaman Gurur Hain....



 चिंता रोग का मूल है...


 Chinta Rog Ka Mul Hain...



 जीवन का वास्तविक सुख, 
 दूसरों को सुख देने में हैं,  उनका सुख लूटने में नहीं ....


 Jeevan Ka Vastivik Sukh, 
 Dusaro Ko Sukh Dene Me Hai, Unaka Sukh Lutane Me  Nahi....



 लगन को कांटों कि परवाह नहीं होती...


 Lagan Ko Kanto Ki Parwaah Nahi Hoti...



 उपहार और विरोध तो सुधारक के पुरस्कार हैं...


 Upahaar Ka Virodh To Sudharak Ke Purskaar Hain.... 



 अपनी भूल अपने ही हाथ सुधर जाए तो,
 यह उससे कहीं अच्छा है कि दूसरा उसे सुधारे ..


 Apni Bhul Apane Hath Sudhar Jaaye To,
 Yah Usase Kahi Achchha Hain Hai Ki
 Dusara Use Sudhare....


 अनुराग, यौवन, रूप या धन से उत्पन्न नहीं होता,
 अनुराग, अनुराग से उत्पन्न होता है....


 anurag ,yovan, rup  ya dhan se utpann nahi hota.
 anurag, anurag se utpann hota hai....


 विजयी व्यक्ति स्वभाव से, बहिर्मुखी होता है.
 पराजय व्यक्ति को अन्तर्मुखी बनाती है....


 Vijayi vykati svabhav se bhaimurkhi hota hai,
 parajay vykati ko antarmukhi banati hai....



 कुल की प्रतिष्ठा भी विनम्रता और सदव्यवहार से होती है, 
 हेकड़ी और रुआब दिखाने से नहीं....


 Kul Ki  pratishtha bhi vinamrta aur sadvavhar se hoti hai.  hakdi aur rutba dikhane se nahi....
 


 मन एक भीरु शत्रु है.
 जो सदैव पीठ के पीछे से वार करता है..


 Man ek bheer shatru hai,
 jo sadev pith ke piche se var karta hai....

मुंशी प्रेमचंद के अनमोल वचन 

मासिक वेतन पूरनमासी का चाँद है.
 जो एक दिन दिखाई देता है और घटते घटते लुप्त हो जाता है...


 Mashek vetan puranmashi ka chand hai,
 jo ek din dekhae deta hai aur ghatte ghatte lupt ho jata hai..

Munshi Premchand Quotes & Thoughts In Hindi 

 जिस प्रकार नेत्रहीन के लिए दर्पण बेकार है.
 उसी प्रकार बुद्धिहीन के लिए विद्या बेकार है....


 Jish prakar netraheen ke liye darpan bekar hai.
 ushi prakar buddhahin  ki liye Viddhaya bekar hai...



 अतीत चाहे जैसा हो, 
 उसकी स्मृतियाँ प्रायः सुखद होती हैं....


 Atit chahe jesha ho 
 uski smartiyan prayah sukhad hoti hai,,.....



 जिस बंदे को पेट भर रोटी नहीं मिलती, 
 उसके लिए मर्यादा और इज्‍जत ढोंग है.....


 Jis bande ko pet bhar roti nahi milti.
  uske ley maryada aur ijjat dhong hai...



 खाने और सोने का नाम जीवन नहीं है, 
 जीवन नाम है, आगे बढ़ते रहने की लगन का....


 Khane aur sone ka nam jivan nahi hai,
 jivan nam hai aage badhte rahne ki lagan ka ....

"मुंशी प्रेमचंद के सुविचार" 

 स्वार्थ की माया अत्यन्त प्रबल है...


 Svarth ki maya atyant prabal hai...


 कर्तव्य-पालन में ही चित्त की शांति है ....


 Kartvy-Palan Me Chit Ki Shanti Hain...

 विश्व प्रसिद्द लेखकों और विद्वानों द्वारा लिखे गए और बोले गए अनमोल विचार एवं कथनों को और ज्यादा पढ़ने और जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाते..
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