Monday, 20 February 2017

बेटियों पर 10 फेसबुक पोस्ट

पापा की परी हु मैं 

बेटियां घर की रोनक होती है अगर जिस घर में बेटी ना हो वो घर सुना सुना सा रहता और उस घर में लक्ष्मी का वास नहीं होता.  बेटी  घर में हंसती हैं तो उसकी हर खिलखिलाहट में मधुर संगीत होता हैं. किसी ने सच ही कहा  हैं की बेटियां घर में मधुर संगीत की तरह होती हैं जब वो बोलती हैं बिना रुके तो सब मुस्कुराते हुए कहते हैं बेटियां  चुप हो जा कितना बोलती हैं, लेकिन जब वो खामोश रहती हैं तो  माँ पूछती हैं  तबियत तो ठीक हैं ना , पापा बोलते हैं आज घर में कैसी ख़ामोशी सी छाई हुयी हैं मेरी बेटी ठीक तो हैं ना, भाई बोलता हैं छोटी तू  नाराज़ हैं क्या भाई से, दादी बोलती हैं नज़र लग गयी हैं मेरी गुडिया रानी को नज़र उतारों इसकी,  सच हैं ये बात की बिना बेटी के बिना  घर सूना होता हैं क्युकि बेटियां ही घर की रोनक होती हैं . 
Shayari-on-Pyari-Beti

आज का यह आर्टिकल बेटियों के नाम हैं और इस ब्लॉग में आप को कुछ पिक्चर के द्वारा बेटियों की बात की जा रही जिसे आप फेसबुक और व्हात्सप्प पर शेयर भी कर सकते हैं हर पिक्चर इमेज में yes और no जैसे सवाल हैं जिसका जवाब आप को दिल से देना हैं तो आईये देखते हैं आज की इस ब्लॉग पोस्ट को..


  • सूरत सांवली हो या चाँद सी..!
  • बेटियाँ मां बाप के लिए 'परी' ही होती है.
मुझसे माँ से दो पल की जुदाई सही नहीं जाती है....
पता नहीं बेटियां ये हुनर कहाँ से लाती हैं..














3

3

3

3

3

3









Previous Post
Next Post

About Author

0 comments: