2020/10/16

51+ Geeta Quotes In Hindi | Powerful Bhagavad Gita Quotes in Hindi

Geeta Quotes In Hindi में आपको मिलेगा ज्ञान, ध्यान, अध्यात्म से जुड़े Bhagavad Gita Quotes in Hindi, श्रीमद्भगवद्गीता अनमोल वचन को जो आपको सत्य के मार्ग पर ले जाएगा. 

दोस्तों आज की पोस्ट को लिया गया अनमोल वचन के कॉलम से जहा आपको मिलता हैं ढेरो Powerful Motivational से भरे पोस्ट जो आपके लिए उपयोगी साबित होंगे.

आज की पोस्ट में जानते हैं भगवान् श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए ज्ञान, सत्य और अत्याध्य्मिक उपदेशों को. जो आपके जीवन में एक नया बदलाव लाएगा. 

गीता ग्रंथ ही नहीं यह सर्व ज्ञान, ऊर्जा से भरा भंडार हैं. तो आईये देर कैसी पढ़ते हैं आज की पोस्ट  श्रीमद्भगवद्गीता अनमोल वचन को. 

Geeta Quotes In Hindi


 ❂ ─1
प्रबुद्ध व्यक्ति 
ईश्वर के सिवाय किसी
और पर निर्भर नहीं होता ।।

Prabuddh Vaykti Ishvar Ke Siwaay Kisi Aur Par Nirbhar Nahi Hota.

 ❂ ─2
आपका मन आपका सबसे अच्छा
दोस्त होने के साथ-साथ
आपका सबसे बड़ा
दुश्मन भी है।।

Aapka Man Aapaka Sabase Achchha Dost Hone Ke Sath-Sath Aapaka Sabase Bada Dushaman Hain.

 ❂ ─3
मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है.
जैसा वो विश्वास करता है वैसा वो बन जाता है।।

Manushya Apane Vishvaas Se Nirmit Hota Hain, Jaisa Wah Vishwaas Karata Hain, Waisa Hi Wah Ban Jaata Hain.

 ❂ ─4
अभी भी अपने विचारों के लिए प्रयास करें।
ध्यान में अपने मन को एक तरफ कर लें।।

Abhi Bhi Apane Veecharon Ke Liye Prayaas Kare, Dhyaan Me Apane Mann Ko Ek Taraf Kar Le.

 ❂ ─5
सारे शास्त्र मेरे पास ले जाते हैं,
मैं उनका लेखक और उनकी बुद्धि हूँ।।

Saare Shatra Mere Paas Se Le Jaate Hain, Main Unaka Lekhak Aur Unaki Buddhi Hun.

 ❂ ─6
अप्राकृतिक कर्म
बहुत तनाव पैदा करता है।।

Aprakrtik Karm Bahut Tanaav Paida Karta Hain.

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 ❂ ─7
आप अब जो करते हैं
उसमें सभी इनाम है।।

Aap Ab Jo Karate Hain Usame Savhi Inaam Hain 

 ❂ ─8
आप जो भी करते हैं
उस पर ध्यान केंद्रित करें,
परिणाम नहीं, किसी भी चीज में।।

Aap Jo Bhi Karate Hain, Us Par Dhyaan Kendrit Kare, Parinaam Nahi, Kisi Bhi Chiz Ke Liye

 ❂ ─9
जब तक आप
अच्छा काम करते हैं,
तब तक चिंता न करें।।

Jab Tak Aap Achchha Kaam Karate Hain, Tab Tak Chinta Naa Kare.

 ❂ ─10
केवल मन ही किसी का
मित्र और शत्रु होता है।।

Keval Man Hi Kisi Ka Mitra Aur  Shatru Hota Hain.

Bhagavad Gita Quotes in Hindi


 ❂ ─11
मैं सभी प्राणियों के
ह्रदय में विद्यमान हूँ।।

Mai Sabhi Praniyon Ke Hraday Me Viddhmaan Hun

 ❂ ─12
नरक तीन चीजों से नफरत करता है:
वासना, क्रोध और लोभ।।

Nark Teen Chizo Se Nafarat Karta Vaasana, Krodh Aur Lobh

 ❂ ─13
कर्म उसे नहीं बांधता
जिसने काम का
त्याग कर
दिया है।।

Kram Use Nahi Bandhata Jisase Kaam Ka Tyaag Kar Diya Hain.

 ❂ ─14
प्रबुद्ध
व्यक्ति के लिए,
गंदगी का ढेर, पत्थर,
और सोना सभी समान हैं।।

Prabuddh Vyakti Ke Liye, Gandagi Ka Dher, Patthar Aur Sona Sabhi Samaan Hain.

 ❂ ─15
वह जो मुझे हर जगह देखता है,
और मेरे बारे में सब कुछ देखता है,
मैं उससे नहीं हारा और न ही वह मुझसे हारा है।।

Wah Jo Mujhe Har Jagah Dekhata Hain, Aur Mere Baare Me Sab Kuchh Dekhata Hain, Usase Nahi Haara Aur Naa Hi Wah Mujhse Haara Hain.

 ❂ ─16
ऐसा कुछ भी नहीं,
चेतन या अचेतन,
जो मेरे बिना
अस्तित्व में
रह सकता
हो।।

Esa Kuchh Bhi Nahi, Chetan Ya Achetan, Jo Mere Hain We Bina Aastitva Me Rah Sakata Ho.

श्रीमद्भगवद्गीता अनमोल वचन

 
❂ ─17
अपने कर्म पर अपना ध्यान लगायें,
ना की उसके फल पर।।

Apane Karm Par Dhyaan Lagaye, Naa Ki Usake Fal Par.

 ❂ ─18
यह तो स्वभाव है जो की
आंदोलन का कारण बनता है।।

Yah To Svabhav Hain, Jo Ki Aandolan Ka Kaaran Banata Hain

 ❂ ─19
जो भी होता है
वह सब एक
कारण से
होता है।।

Jo Bhi Hota Hain, Sab Ek Kaaran Se Hota Hain.

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 ❂ ─20
हर व्यक्ति का विश्वास
उसकी प्रकृति के
अनुसार होता है।।

Har Vaykti Ka Vishvaas Usaki Prakti Ke Anusaar Hota Hain.

 ❂ ─21
जीवन इतना अप्रत्याशित
और मोड़ और मोड़ से भरा है।।

Jeevan Itana Apratyashit Aur Mod Se Bhara Hain.

 ❂ ─22
मैं सृष्टि का आरंभ,
मध्य और अंत हूं।।

Main Srishti Kaa Arambh, Madhya Aur Anta Hun.

 ❂ ─23
मैं समय हूँ, सभी का नाश करने वाला,
मैं दुनिया का उपभोग करने आया हूं।।

Main Samay Hun, Sabhi Kaa Naash Karane Wala, Main Duniya Ka Pubhog Karane Aaya Hun.

 ❂ ─24
मनुष्य अपने विश्वास से बनता है,
जैसा वह मानता है, वैसे ही वह है।।

Manuishya Apane Vishvaas Se Banata Hain, Jaisa Wah Maanata Hain Waise Hi Wah Hain.

 ❂ ─25
फल की अभिलाषा छोड़कर
कर्म करने वाला पुरुष ही
अपने जीवन को सफल
बनाता है।।

Fal Ki Abhilaasha Chhod Kar Karm Karane Wala Purush Hi Apane Jeevan Ko Safal Banataa Hain.

 ❂ ─26
सदैव सन्दहे करने वाले व्यक्ति के लिए
प्रसन्नता न इस लोक में है न ही कही और।

Sadaiv Sandeh Karane Wale Vaykti Ke Liye Prasnnataa Naa Hi Is Lok Me Hain Naa Hi Kahi Aur.

Gita Quotes in Hindi


 ❂ ─27
शांति, सौम्यता, मौन, आत्म संयम
और पवित्रता, ये मन के विषय हैं।

Shanti, Saumyata, Maun, Aatma Sanyam Aur Pavitrta Ye Man Ke Vishay Hain.

 ❂ ─28
मैं उन्हें ज्ञान देता हूँ
जो सदा मुझसे जुड़े रहते हैं
और जो मुझसे प्रेम करते हैं।।

Main Unhe Gyaan Deta Hun Jo Sada Mujhase Jude Rahate Hain Aur Jo Mujhase Prem Karate Hain 

 ❂ ─29
जो कार्य में निष्क्रियता और
निष्क्रियता में कार्य देखता है
वह एक बुद्धिमान व्यक्ति है।।

Jo Karya Me Nishkriyata Aur Nishkriyata Me Karya Dekhata Hain Wah Ek Buddhimaan Vaykti Hain.

 ❂ ─30
कर्म योग वास्तव में
एक परम रहस्य है।।

Karm Yog Vastav Me Ek Param Rahasya Hain

 ❂ ─31
बुद्धिमान व्यक्ति
कामुक सुख में
आनंद नहीं
लेता।।

Budhimaan Vayakti Kamuk Sukh Me Aanand Nahi Leta

 ❂ ─32
चिंता जीवन में कुछ भी
मदद या निर्माण नहीं करती है।।

Chinta Jeevan Me Kuchh Bhi Madad Ya Nirmaan Nahi Karati Hain


Gita Suvichar in Hindi
 
❂ ─33
इस जीवन में
ना कुछ खोता है
ना व्यर्थ होता है।।

Is Jeevan Me Na Kuchh Khota Hain Naa Vayrth Hota Hain.

 ❂ ─34
निर्माण केवल पहले से
मौजूद चीजों का प्रक्षेपण है।।

Nirmaan Keval Pahale Se Maujud Chizo Ka Prakshepan Hain.

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❂ ─35
जिसके पास कोई जुड़ाव नहीं है
वह वास्तव में दूसरों से प्रेम
कर सकता है, क्योंकि
उसका प्रेम शुद्ध
और दिव्य है।।

Jisake Paas Judaav Nahi Hain Wah Vastav Me Dusaron Se Prem Lar Sakata Hain, Kyuki Usaka Prem Shuddh Aur Divya Hain.

 ❂ ─36
इन्द्रियों की दुनिया में
कल्पना सुखों की एक शुरुवात है
और अंत भी जो दुख को जन्म देता है,

Indriyon Ki Duniyan Me Kalpana Ki Shuruvaat Hain Aur Ant Bhi Jo Dukh Ko Janm Deta Hain.

 ❂ ─37
आपके सार्वलौकिक रूप का
मुझे न प्रारंभ न मध्य न
अंत दिखाई दे रहा है.

Aapke Sarvalaukik Roop Ka Mujhe Naa Prarambh Naa Madhya Naa Ant Dikhai De Raha Hain.

 ❂ ─38
जो मन को नियंत्रित नहीं करते
उनके लिए वह शत्रु के
सामान कार्य
करता है।।

Jo Man Ko Niyantrit Nahi Karate Unake Liye Wah Shatru Ke Samaan Karya Karata Hain.

 ❂ ─39
भगवान प्रत्येक वस्तु में है
और सबके अंदर भी।।

Bhagwaan Pratek Vastu Me Hain Aur Sabse Andar Hain.

 ❂ ─40
इच्छा खुशी के सबसे बड़े
विनाश में से एक है।।

Ichchha Khushi Ke Sabse Bade Vinaash Me Se Ek Hain.

 ❂ ─41
नर्क के तीन द्वार हैं:
वासना, क्रोध और लालच।।

Nark Ke Teen Dwar Hain: Vaasana, Krodh Aur Lalach

 ❂ ─42
जब वे अपने कार्य में
आनंद खोज लेते हैं
तब वे पूर्णता प्राप्त
करते हैं।।

Jab We Apane Karya Me Aannad Khoz Lete Hain, Tab We Purnata Prapt Karate Hain.

 ❂ ─43
कर्म मुझे बांधता नहीं,
क्योंकि मुझे कर्म के
प्रतिफल की कोई
इच्छा नहीं।।

Karm Mujhe Bandhata Nahi, Kyuki Mujhe Karm Ke Pratifal Ki Koi Ichchha Nahi.

 ❂ ─44
मन अशांत है और उसे नियंत्रित करना कठिन है,
लेकिन अभ्यास से इसे वश में किया जा सकता है।।

Man Ashant Hain Aur Use Niyantran Karana Kathin Hain, Lekin Abhyaas Se Ise Vash Me Kiya Jaa Sakata Hain.

 
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❂ ─45
मैं ऊष्मा देता हूँ, मैं वर्षा करता हूँ
और रोकता भी हूँ, मैं अमरत्व
भी हूँ और मृत्यु भी।।

Main Ushmaa Deta Hun, Main Varsha Karataa Hun Aur Rokata Bhi Hun, Main Amartva Bhi Hun Aur Mrityu Bhi.

 ❂ ─46
अपने कर्त्तव्य का पालन करना
जो की प्रकृति द्वारा निर्धारित
किया हुआ हो, वह कोई
पाप नहीं है।

Apane Kartvya Kaa Paalan Karna Jo Ki Prakti Dwaraa Nirdharit Kiya Hua Ho, Wah Koi Paap Nahi Hain.

 ❂ ─47
जो लोग अपने काम के परिणामों के प्रति
लगाव का त्याग नहीं कर सकते,
वे रास्ते से बहुत दूर हैं।

Jo Log Apane Kaam Ke Parinaamon Ke Prati Lagaav Ka Tyaag Nahi Kar Sakate, We Raste Se Abhut Dur Hain.

 ❂ ─48
जो इस लोक में
अपने काम की सफलता की
कामना रखते हैं वे देवताओं का पूजन करें।।

Jo Is Lok Me Apane Kaam Ki Safalata Ki Kaamanaa Rakhate Hain, We Devtaon Kaa Pujan Kare.

 ❂ ─49
ज्ञानी व्यक्ति ज्ञान
और कर्म को एक रूप में
देखता है, वही सही मायने में देखता है।।

Gyani Vaykti Gyaan Aur Karm Ko Ek Rup Me Dekhata Hain, Wahi Sahi Maayane Se Dekhata Hain.

 ❂ ─50
सही रवैया होना
किसी भी चीज में
बहुत मायने रखता है।।

Sahi Ravaiya Hona Kisi Bhi Chiz Me Bahut Maayane Rakhata Hain.



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