35+ हक़ शायरी 2 लाइन - Haq Status




दोस्तों फेसबुक शायरी के इस Post की Topic  "Haq Shayari"  हैं. इसमें आप पढ़ सकते हैं हक शायरी 2 लाइन, हक़ शायरी in UrduHaq Status, हक शेर हिंदी उर्दू,   पर बनी बेजोड़ शानदार हक़ शायरी को, मित्रो आशा करता हूँ कि यह पोस्ट आप सभी शायरी के चाहने वालो को बेहद पसंद आएगी.

Haq-Shayari
Haq Shayari

दोस्तों आईये अब पढ़ते हक़ पर बनी ढेरो दिल को छू ले वाली शायरियों को. जो आप सभी को बेहद ही पसंद आएगी.  कैसी पढ़ते ह और अपने शायरी  को दोस्तों में शेयर करते हैं और  जताते हैं.

 35+ हक़ शायरी 2 लाइन -  Haq Status 


1
बदल गए कुछ लोग आहिस्ता आहिस्ता। 
अब तो अपना भी हक बनता है। । 

2
जवानी की दुआ लड़कों को ना-हक़ लोग देते हैं। 
यही लड़के मिटाते हैं जवानी को जवाँ हो कर। 

Jawani Ki Dua Ladakon Ko Na-Haq Log Dete Hain,
Yahi Ladke Mitaate Hain Jawaani Ko Jawan Ho Kar.

3
न जाने किसने पढ़ी है मेरे हक़ में दुआ। 
आज तबियत में जरा आराम सा है। 

4
मेरी नाराज़गी पर हक़ मेरे अहबाब का है बस। 
भला  दुश्मन से भी कोई कभी नाराज़ होता है। । 

5
बेशक तुम्हें गुस्सा करने का हक है मुझ पर,
 पर नाराजगी में कहीं ये मत भूल जाना की। 
 हम बहुत प्यार करते हैं तुमसे। । 

Beshak Tumhe Gussa Karane Ka Haq Hai Mujh Par,
Par Narazagi Me Kahi Ye Mat Bhul Jana Ki,
Ham Bahut Pyaar Karate Hai Tumase.
6
तुझे गुस्सा दिलाना भी एक साजिश है। 
तेरा रुठ कर मुझ पर यूँ हक जताना प्यार सा लगता है। 

7
तुम्हारी फ़िक्र है मुझे शक नहीं। 
तुम्हे कोई और देखे ये किसी को हक़ नहीं। 

Tumhari Fikr Hai Mujhe Shak Nahi,
Tumhe Koi Aur Dekhe Ye Kisi Ko Haq Nahi.

8
हक से अगर दो तो
नफरत भी कबूल हमें। 

खैरात में तो हम
तुम्हारी मोहब्बत भी न लें। 

  हक शेर हिंदी उर्दू  

9
इश्क है तो शक कैसा। 
और नहीं है तो हक कैसा

10
हक की लड़ाई तन्हा ही लड़नी होती है। 
सैलाब उमड़ता है जीत जाने के बाद। 

11
तेरी मुहब्बत पर मेरा हक तो नही पर दिल चाहता है। 
आखरी सास तक तेरा इंतजार करू। 

  Haq Shayari  

12
न मांझी, न हमसफर न हक में हवाए। 
कश्ती भी जर्जर है, ये कैसा सफर है। 

13
मेरे हक़ में खुशियों की दुआ करते हो। 
तुम खुद मेरे क्यों नही हो जाते। । 

14
चलो आज मांग लो. हक़ से तुम हमे। 
देखते हैं हक़-ए-बन्दगी में कशिश​ कितनी है। 

15
हक़ हूँ में तेरा हक़ जताया कर। 
यूँ खफा होकर ना सताया कर। 

  हक शायरी 2 लाइन  

16
बेजुबाँ जानवर भी 
हक़ अदा कर देते हैं नमक का। 

एक न जाने इंसान ही क्यों 
इतना खुदगर्ज़ निकला। 

Bejuban Janawar Bhi 
Haq Ada Kar Dete Hai Namak Ka,

Ek Naa Jaane Insaan Hi Kyu 
Itana Khudgarz Nikala.

17
बड़ी मुश्किल में हूँ कैसे इज़हार करूँ,
वो तो खुशबु है उसे कैसे गिरफ्तार करूँ। 

उसकी मोहब्बत पर मेरा हक़ नहीं लेकिन,
दिल करता है आखिरी सांस तक उसका इंतज़ार करूँ। 
18
नींद मुझे न आती है तो कैसे तुम सो जाते हो,
मेरे जायज़ सवालों पे तुम चुप कैसे हो जाते हो। 

दिनभर मुझे रुलाते हो बस ये बता दो किस हक से,
तुम पत्थर दिल हो जाते हो बस ये बता दो किस हक से। 

19
 ना जाने कौन मेरे हक़ में दुआ पढता है। 
 डूबता भी हूँ तो समंदर उछाल देता है। 

20
यदि आप सही है तो आपको गुस्सा करने की जरूरत नहीं है। 
यदि आप गलत है तो अपको गुस्सा करने का हक नहीं है। 

21
बीवी भी हक जताती है, माँ भी हक जताती है। 
शादी के बाद आदमी कश्मीर हो जाता है। 

22
उसकी ज़िद है तो, उसे इश्क़ करने दीजिए। 
उसे हक़ है वो, किस तरह तबाह होगा। 

23
जरुरी नहीं हमें  डाँटने वाला हमसे नाराज  ही हो। 
क्यूँकी डाँटने का हक़ सिर्फ प्यार करने वाले को ही होता है।  

  हक शेर हिंदी उर्दू  

24
तुम रुठ जाओ मुझसे,
हक है तुम्हारा। 

हम कैसे रुठे तुमसे,
रूह तक बसेरा है तुम्हरा। 

  Haq Shayari  

25
देख पगली‬  मैं तेरे ‪‎दिल‬ का।  
‎हक़दार‬ बनाना चाहता‬ हु ‎चौकीदार‬ नहीं। 

 35+ हक़ शायरी 2 लाइन -  Haq Status 


26
इज़हार-ए-इश्क करो उस से, जो हक़दार हो इसका। 
बड़ी नायाब शय है ये  इसे ज़ाया नहीं करते। 

27
वही हक़दार हैं किनारों के। 
जो बदल दें बहाव धारों के। 

28
अभी तक समझ नहीं पाये तेरे इन फैसलो को ऐ खुदा। 
उसके हक़दार हम नहीं या  हमारी दुआओ में दम नहीं। 

29
सिर्फ दिल का हकदार  बनाया था तुम्हें।  
हद  हो गई तुमने  तो जान  भी ले ली। 

30
छीनता हो हक तुम्हारा, जब कोई संसार में। 
आँख से आंसू नहीं, शोला निकलना चाहिए। 


____________________________________

31
चेहरा देखने का हक़ तो सिर्फ आपको दिया है। 
वरना लोग तो हमारी पायल की आवाज़।  
सुन कर सर झुका देते हैं। 

32
तुझे हक़ है अपनी दुनिया में खुश रहने का। 
मेरा क्या❓ मेरी तो दुनिया ही तुम हो। 

33
तेरे एहसास की ख़ुशबू से ही तो है सारा वजूद मेरा। 
मेरी रग रग में तेरी मोहब्बत , मेरी हर सांस पे हक़ तेरा। 

34
भाई बोलने का हक़ मैंने सिर्फ दोस्तों को दिया है। 
वरना दुश्मन तो आज भी हमें बाप के नाम से पहचानते हैं। 

35
जान हो तुम मेरी। 
अब इसे हक़ समझो या कब्जा। 

36
हर एक नज़र को गुनाह का हक़ है,
हर नूर को एक आह का हक़ है। 

हम भी एक दिल लेकर आये हे इस दुनिया में,
हमें भी ये गुनाह करने का हक़  है। 

दोस्तों आशा करता हूँ की "   35+ हक़ शायरी 2 लाइन -  Haq Status   " यह भी पोस्ट पसंद आया होगा आप सभी को और आपने पढ़ा होगा "Haq Shayari" हक़ शायरी in Urdu, Haq Statue, हक़ शायरी 4 लाइन, के इस कलेक्शन को दोस्त अगर यह पोस्ट आपके दिल को छू लिया हो तो इसे जरूर से शेयर करे ताकि इस कलेक्शन को और भी दोस्त पढ़ सके. धन्यवाद आप सभी का आपने इस पोस्ट को अपना प्यार दिया.



No comments