120+ वक्त शायरी 2 लाइन - Waqt Status - Time Hindi Status


दोस्तों लाज़वाब शायरी के इस Post की  Topic   Waqt Shayari   हैं. इसमें आप पढ़ सकते हैं  वक्त शायरी 2 लाइन, वक्त शायरी in Urdu, Waqt Status, Time Status, वक्त शायरी 4 लाइन,  पर बनी बेजोड़ शानदार  वक्त शायरी को, मित्रो आशा करता हूँ कि यह पोस्ट आप सभी शायरी के चाहने वालो को बेहद पसंद आएगी.


Waqt-Shayari
120+ वक्त शायरी 2 लाइन - Waqt Status
  
आईये आज पढ़ते हैं अब Waqt Shayari के इस शानदार कलेक्शन को जो हमें वक़्त की कद्र करना सिखाएगा और साथ ही उसकी कीमत बताएगा तो देर कैसी  अपने पसंद की शायरी को शेयर करते हैं सोशल मिडिया के प्लेटफार्म पे अपने दोस्तों को टैग करके।


120+ वक्त शायरी 2 लाइन - Waqt Status


1
वक्त की धुंध में छुप जाते हैं ताल्लुक,
बहुत दिनों तक किसी की आँख से ओझल ना रहिये।।

2
आदमी के शब्द नहीं,
वक्त बोलता है।।

3
शाम का वक्त हो और 'शराब' ना हो,
इंसान का वक्त इतना भी 'खराब' ना हो।।



4
ना हँसना किसी के बुरे वक्त पे दोस्तों,
ये वक्त है जनाब चेहरे याद रखता है।।

5
उलझ गया था तुम्हारे दुपट्टे का कोना मेरी घड़ी से,
वक्त तब से जो रुका है तो अब तक रुका ही पड़ा है।।

6
कभी वक्त निकाल के हमसे बातें करके देखना,
हम भी बहुत जल्दी बातों मे आ जाते है।।

7
उसे शिकायत है कि मुझे बदल दिया वक्त ने,
कभी खुद से भी सवाल करना कि क्या तुम वही हो?

8
वक्त इशारा देता रहा और हम इत्तेफाक समझते रहे,
बस यूँही धोके खाते रहे, और इस्तेमाल होते रहे।।

  Time Hindi Status  

9
वक़्त जब करवटें बदलता है, 
फ़ित्ना-ए-हश्र साथ चलता है।।
अनवर साबरी

10
कुछ इस कदर खोये हैं तेरे ख्यालो में,
कोई वक़्त भी पुछता है तो तेरा नाम बता देते हैं।।


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11
कौन डूबेगा किसे पार उतरना है 'ज़फ़र' 
फ़ैसला वक़्त के दरिया में उतर कर होगा।।
अहमद ज़फ़र

12
जिन किताबों पे सलीक़े से जमी वक़्त की गर्द,
उन किताबों ही में यादों के ख़ज़ाने निकले।।

13
हर वक़्त दिल को जो सताए ऐसी कमी है तू,
मैं भी ना जानू की इतनी क्यूँ लाज़मी है  तू।।

14
वक़्त बर्बाद करने वालों को, 
वक़्त बर्बाद कर के छोड़ेगा।। 
दिवाकर राही

15
जैसे दो मुल्कों को इक सरहद अलग करती हुई, 
वक़्त ने ख़त ऐसा खींचा मेरे उस के दरमियाँ।। 
मोहसिन ज़ैदी

16
चेहरा ओ नाम एक साथ आज न याद आ सके, 
वक़्त ने किस शबीह को ख़्वाब ओ ख़याल कर दिया।। 
परवीन शाकिर

17
उसकी कदर करने में जरा भी देर मत करना,
जो इस दौर में भी आपको वक्त देता हो।।

18
दिल चाहता है हर वक़्त तेरे सदके उतारता रहूँ,
भला इस कदर भी  हसीन होता है महबूब किसी का।।

19
कैसे कहूँ कि इस दिल के लिए कितने खास हो तुम,
फासले तो कदमों के हैं पर, हर वक्त दिल के पास हो तुम।।

  Waqt Shayari  

20
पैसा कमाने के लिए इतना वक़्त खर्च ना करो की, 
पैसा खर्च करने के लिए ज़िन्दगी में वक़्त ही न मिले।।

21
सब कुछ तो है क्या ढूँडती रहती हैं निगाहें, 
क्या बात है मैं वक़्त पे घर क्यूँ नहीं जाता।। 
निदा फ़ाज़ली

22
वक़्त मेरी तबाही पे हँसता रहा,
रंग तकदीर क्या क्या बदलती रही।।

23
वक्त तो रेत है फिसलता ही जायेगा,
जीवन एक कारवां है चलता चला जायेगा

मिलेंगे कुछ खास इस रिश्ते के दरमियां,
थाम लेना उन्हें वरना कोई लौट के न आयेगा।।

24
सब एक नज़र फेंक के बढ़ जाते हैं आगे,
मैं वक़्त के शो-केस में चुप-चाप खड़ा हूँ।।

25
सियाह रात नहीं लेती नाम ढलने का,
यही तो वक़्त है सूरज तेरे निकलने का।।

26
रोके से कहीं हादसा-ए-वक़्त रुका है, 
शोलों से बचा शहर तो शबनम से जला है।। 
अली अहमद जलीली

27
उस वक़्त मुझे चौंका देना,
जब रँग में महफ़िल आ जाए।।

28
सब आसान हुआ जाता है, 
मुश्किल वक़्त तो अब आया है।। 
शारिक़ कैफ़ी

29
यूँ तो पल भर में सुलझ जाती है उलझी ज़ुल्फ़ें,
उम्र कट जाती है पर वक़्त के सुलझाने में।।



30
उन का ज़िक्र उन की तमन्ना उन की याद, 
वक़्त कितना क़ीमती है आज कल।। 
शकील बदायुनी

31
वो ख़लिश जिस से था हंगामा-ए-हस्ती बरपा,
वक़्त-ए-बेताबी-ए-ख़ामोश हुई जाती है।।

32
तुम ने वो वक्त कहां देखा जो गुजरता ही नहीं,
दर्द की रात किसे कहते हैं तुम क्या जानो।।

  Waqt Status   

33
अल्लाह तेरे हाथ है अब आबरू-ए-शौक़, 
दम घुट रहा है वक़्त की रफ़्तार देख कर।। 
बिस्मिल अज़ीमाबादी

34
वक्त नहीं लगता दिल को दिल तक आने में,_
पर सदियाँ लग जाती है एक रिश्ता भुलाने में।। 

35
सीख जाओ वक्त पर किसी की चाहत की कदर करना,
कहीं कोई थक ना जाये तुम्हें एहसास दिलाते दिलाते।।

   वक्त शायरी 2 लाइन   

36
वक्त चाहत नही होती तो तेरे करजज़ार होते, 
एक पल के लिए भी हम तलाबदार न होते।।

37
वक़्त रहते इश्क़ की कदर करें,
ताज़महल दुनिया ने देखा है मुमताज़ ने नहीं।।

38
आप के दुश्मन रहें वक़्त-ए-ख़लिश सर्फ़-ए-तपिश,
आप क्यों ग़म-ख़्वारी-ए-बीमार-ए-हिजराँ कीजिये।।

39
कोई ठहरता नहीं यूँ तो वक़्त के आगे
मगर वो ज़ख़्म कि जिस का निशाँ नहीं जाता ।।
फ़र्रुख़ जाफ़री

40
कल मिला वक़्त तो ज़ुल्फ़ें तेरी सुलझा लूंगा,
आज उलझा हूँ ज़रा वक़्त के सुलझाने में।।

41
जब दिल पे छा रही हों घटाएँ मलाल की,
उस वक़्त अपने दिल की तरफ़ मुस्कुरा के देख।। 

42
सदा ऐश दौराँ दिखाता नहीं, 
गया वक़्त फिर हाथ आता नहीं।। 
मीर हसन

43
वक्त भी वक्त पर अपनी,
कदर समझा देता है।।

44
वक़्त  का खास होना ज़रुरी नहीं,
खास लोगों के लिये वक़्त होना ज़रुरी हैं।।

45
ना उसने मुड़ कर देखा ना हमने पलट कर आवाज दी,
अजीब सा वक्त था जिसने दोनो को पत्थर बना दिया।।

46
लोग बहुत अच्छे होते हैं,
अगर हमारा वक्त अच्छा हो तो।।

47
वक्त नहीं है  किसी के पास, 
जब तक न हो कोई मतलब खास।।

48
रात तो वक्त की पाबंद है, ढल जायेगी,
देखना तो ये है दीयों का सफर कितना होगा।।
49
बख्शे हम भी न गए, बख्शे तुम भी न जाओगे,
वक्त जानता है हर चेहरे को बेनकाब करना।।

50
बातों से सीखा है हमने आदमी को पहचानने का फन,
जो हल्के लोग होते है, हर वक्त बातें भारी भारी करते हैं।।

51
जिन्दगी जख्मो से भरी है वक्त को मरहम बनाना सीख लो,
हारना तो है एक दिन मौत से फिलहाल जिन्दगी जीना सीख लो।।

52
वक्त की कैद में सिमटे जिंदगी के पन्नें,
कुछ रंगहीन और कुछ रंगीन।।

53
माँगना ही छोड़ दिया हमने वक्त किसी से,
क्या पता उनके पास इनकार करने का भी वक्त ना हो।।

54
एहसान तुम्हारे एकमुश्त, किश्तों में चुकाए हैं हमनें,
कुछ वक्त लगा पर अश्कों के, कुछ सूद चुकाए हैं हमनें।।

55
जैसे ही तू जुदा हुआ वक़्त का वार चल गया,
तारे कही भटक गए चाँद कही निकल गया।।

56
वक्त ढूँढ रहा था मुझे हाथों में खंजर लिए,
मैं छुप गई आईने में आँखों में समंदर लिए।।

57
जिंदगी ने मेरे मर्ज का एक इलाज बताया था,
वक्त को दवा और ख्वाहिशों का परहेज बताया था।।

58
वक्त, मौसम और लोगों की एक ही फितरत होती है,
कब, कौन और कहाँ बदल जाए कुछ कह नहीं सकते।।

59
जी लो हर लम्हा बीत जाने से पहले,
लौट कर यादे आती है वक्त नही।।

60
नये-नये रिश्तों में नई-नई सी महक साथ हैं,
अब कौन कितनी देर महकेगा, ये वक्त की बात है।।

61
ना देख पीछे मुड़कर वक्त को वो गुजर गया,
सुनो हथेली में एक बूँद अश्क की कब तक संभालोगे।।

62
राब्ता लाख सही क़ाफ़िला-सालार के साथ, 
हम को चलना है मगर वक़्त की रफ़्तार के साथ।। 
क़तील शिफ़ाई

63
नफरत है इस रविवार से मुझे,
ये दिलाती है और भी तेरी याद खाली वक्त में।।

64
वक्त सारी जिंदगी में दो ही गुजरे हैं कठिन,
इक तेरे आने से पहले, इक तेरे आने के बाद।।

65
कलाई पर घड़ी बांध लेने से वक्त नहीं थमता
उसे जीना पड़ता है ,ताकि लम्हा यादो मै कैद हो जाये।।

66
अजनबी शहर में एक दोस्त मिला, वक्त नाम था,
पर जब भी मिला मजबूर मिला।।

67
गुज़रते वक़्त ने क्या क्या न चारा-साज़ी की, 
वगरना ज़ख़्म जो उस ने दिया था कारी था।। 
अख़्तर होशियारपुरी

68
तेरा साथ छूटा है सम्भलने में वक्त तो लगेगा,
हर चीज़ इश्क़ तो नहीं की इक पल में हो जाए।।

69
वक्त जब भी शिकार करता है,
हर दिशा से वार करता है।।

120+ वक्त शायरी 2 लाइन - Waqt Status


70
बदल जाते हैं वो लोग भी वक्त की तरह,
जिन्हें हम हद से ज्यादा वक़्त देते हैं।।

71
वक्त का सितम कम था जो तुम भी शामिल हो गई, 
पर जो भी हो तुम दोनो ने मिलकर बहुत रूलाया है मुझे।।



72
दम तोड़ देती है,माँ बाप की ममता उस वक्त,
जब बच्चे कहते है, तुमने हमारे लिए किया ही क्या है।।

73
गया जो हाथ से वो वक़्त फिर नहीं आता
कहाँ उमीद कि फिर दिन फिरें हमारे अब।। 
हफ़ीज़ जौनपुरी

   Waqt Shayari  in Urdu   

74
तू मुझे बनते बिगड़ते हुए अब ग़ौर से देख, 
वक़्त कल चाक पे रहने दे न रहने दे मुझे।। 
ख़ुर्शीद रिज़वी

75
इक दुकान ऐंसी भी है जहाँ तुम मुल्क भी खरीद सकते हो,
वक्त मिले तो आना दिल्ली में, वो भी दुकान दिखायेंगे तुम्हें।।

76
मेरे साथ बैठकर वक्त भी रोया एक दिन,
बोला बन्दा तु ठिक है..मै ही खराब चल रहा हूँ।।

77
हम वक्त गुजारने के लिए दोस्तों को नही रखते,
दोस्तों के साथ रहने के लिए वक्त रखते है।।

78
अभी साथ था अब खिलाफ है,
वक्त का भी आदमी जैसा हाल है।।

79
सब अपनी गरज़ के यार है तू दोस्ती की बात न कर,
वक्त बड़ा बेरहम है ये तुझे भी आईना दिखाएगा।।

80
वो जो कपडे बदलने का शौक रखते थे,
आखिरी वक्त न कह पाये कफ़न ठीक नही।।

81
आज दिल कर रहा है बच्चों की तरह रूठ ही जाऊँ,
फिर सोचा वक्त का तकाजा है मनायेगा कौन।।

82
दर्द बयां करना है तो शायरी से कीजिए जनाब,
लोगों के पास वक्त कहां, एहसासों को सुनने का।।


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83
रोना तो खूब चाहता था,
पर ज़िम्मेदारीयों ने इतना वक्त भी ना दिया मुझे।।

84
बुरे वक्त में ही सबके असली रंग दिखते हैं,
दिन के उजाले में तो पानी भी चांदी लगता है।।

85
वक्त ने बदल दी, तेरे मेरे रिश्ते की परिभाषा, 
पहले दोस्ती, फिर अपनापन और अब अजनबी सा अहसास।।

86
काश इस गुमराह दिल को ये मालूम होता कि,
मोहब्बत उस वक्त तक ही दिलचस्प होती है
जब तक नहीं होती है।।

  Waqt Status   

87
जिन नोटों की खातिर कुछ लोग बदल गये,
आज वक्त इतना बदल गया की वो नोट ही बदल गये।।

88
हार जाउँगा मुकदमा उस अदालत में, ये मुझे यकीन था,
जहाँ वक्त बन बैठा जज और नसीब मेरा वकील था।।

  Waqt Shayari  

89
हर वक्त मेरा वहम नहीं जाता,
एक बार और कह दो की तुम मेरे हो।।

90
वक़्त अच्छा भी आएगा 'नासिर' 
ग़म न कर ज़िंदगी पड़ी है अभी।। 
नासिर काज़मी

   Waqt Shayari  in Urdu   

91
ज़िन्दगी की जरूरतें समझिए वक्त कम है फरमाइश लम्बी हैं,
झूठ-सच, जीत-हार की बातें छोड़िये दास्तान बहुत लम्बी है।।

92
जख्म कुरेदता है फिर मरहम लगाता है,
वक्त बेरहम है पर हकीम सबसे अच्छा है।।



93
बदलती रहती हैं हकीकतों की बारिश वक्त के साथ,
काश उम्मीदों के घरौंदे समझ के पत्थरों से बनातें।।

94
बंद घड़ियाँ भी दिखाऐं वक्त दिन में दो दफ़ा,
चालू घड़ियाँ भी हमारे वक्त से क्यूँ हैं खफ़ा।।

95
वक्त बदलते देर नहीं लगती,
ये सब कुछ भुला भी देता है सिखा भी देता है।।

  Time Hindi Status  

96
खूब करता है, वो मेरे ज़ख्म का इलाज,
कुरेद कर देख लेता है और कहता है वक्त लगेगा।।

97
वक्त की सीढ़ियों पे उम्र तेज चलती है,
जवां रहोगे कोई शौक पाल कर रक्खो।।

98
वक्त एक सा नहीं रहता सुन लो ऐ दोस्त मेरे,
रोना तो उन्हें भी पड़ेगा ही जो औरों को रुलाते हैं।।

99
मैं तो वक्त से हार कर सर झुकाएँ खड़ा था,
सामने खड़े कुछ लोग ख़ुदको बादशाह समझने लगे।।

100
उदास जिन्दगी, उदास वक्त, उदास मौसम,
कितनी चीजो पे इल्जाम लगा है तेरे ना होने से।।

   वक्त शायरी 2 लाइन   

101
प्यार अगर सच्चा हो तो कभी नहीं बदलता,
ना वक्त के साथ ना हालात के साथ।।

102
तो क्या हुआ गर महंगे खिलौने के लिए जेब में पैसे नहीं,
मैं वक्त देता हूँ मेरे बच्चों को जो अमीरों को मयस्सर नहीं।।

103
कौन कहता है कि वक्त बहुत तेज है,
कभी किसी का इंतजार तो करके देखो।।

104
कितना भी समेट लो हाथों से फिसलता ज़रूर है,
ये वक्त है दोस्तों बदलता ज़रूर है।।

105
लोगों पर भरोसा करते वक्त ज़रा सावधान रहिये,
क्युकि फिटकरी और मिश्री एक जैसे ही नजर आते है।।

106
वक्त-वक्त पर खुद में बदलाव जरुरी है,
तभी जाकर जिन्दगी का दौर बदलेगा।।

107
वक्त तो खैर वक्त पे बदलता है,
लेकिन इन्सान बे वक्त बदल जाते है।।

108
फुर्सत निकालकर आओ कभी मेरी महफ़िल में,
लौटते वक्त दिल नहीं पाओगे अपने सीने में।।

109
जहाँ चिराग की जरूरत हुई वहाँ मैं आफताब लेकर आयी हूँ,
कुछ बारिशें वक्त पर न हो सकीं तो अब सैलाब लेकर आयी हूँ।।

110
हसरतें कुछ और, वक्त की इल्तजा कुछ और, 
कौन जी सका है, अपने मुताबिक ज़िन्दगी।।

111
मोहब्बत, परवाह और थोड़ा वक्त,
यही वो दौलत है जो अक्सर हम तुमसे माँगते हैं।।

112
मेरी भी कहानी लिखेगा कोई इक दिन,
वक्त ने मुझे क्या से क्या बना दिया।।

113
चलिए कुछ बचकानी बातें करते है,
हर वक्त की समझदारी तो बोझ है।।

114
लोग कहते है कि वक्त हर ज़ख्म को भर देता है,
पर किताबों पर धूल जमने से कहानी बदल नहीं जाती।।

115
धीरज का दामन पकड़े पढ़ लेंगे खामोशियों को,
अभी उलझनों में उलझे हैं वक्त लगेगा गिर कर संभलने में।।

116
बिछडते वक्त मेरे ऐब गिनाये उसने,
सोचता हूँ जब मिला था तब कौनसा हुनर था मुझमें।।

117
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में हैं,
देखना हैं जोर कितन बाजू-ए-कातिल में हैं,

वक्त आने दे बता देंगे तुझे ए आसमां,
हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में हैं।।

118
घर से निकलते वक्त रोज़,
एक मसला बड़ा हो जाता है,

कौन-सा चेहरा पहन कर निकलें,
ये सवाल खड़ा हो जाता है।।

119
वक्त के मरहम पे आखिर फिर भरोसा हो गया है, 
जागता नासूर था एक आज थक के सो गया है,

राहतों की चाँदनी मेरे मुकद्दर में लिखो अब, 
जिंदगी फिर से मिलेगी बीज मैंने बो दिया है।।

120
जबआँख खुले तो धरती हिन्दुस्तान की हो
जब आँख बंद हो तो यादेँ हिन्दुस्तान की हो

हम मर भी जाए तो कोई गम नही लेकिन
मरते वक्त मिट्टी हिन्दुस्तान की हो।।

दोस्तों आशा करता हूँ की "   120+ वक्त शायरी 2 लाइन - Waqt Status - Time Hindi Status " यह भी पोस्ट पसंद आया होगा आप सभी को और आपने पढ़ा होगा "Waqt Shayari" वक्त शायरी in Urdu, Waqt Statue, Time Hindi Status, वक्त शायरी 4 लाइन, के इस कलेक्शन को दोस्त अगर यह पोस्ट आपके दिल को छू लिया हो तो इसे जरूर से शेयर करे ताकि इस कलेक्शन को और भी दोस्त पढ़ सके. धन्यवाद आप सभी का आपने इस पोस्ट को अपना प्यार दिया.


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