91+ हुस्न शायरी 2 लाइन - Husn Status



दोस्तों फेसबुक शायरी के इस Post की Topic "Husn Shayari"  हैं. इसमें आप पढ़ सकते हैं हुस्न शायरी 2 लाइन, हुस्न शायरी in Urdu, Husn Status, हुस्न शायरी 4 लाइन, पर बनी बेजोड़ शानदार हुस्न शायरी को, मित्रो आशा करता हूँ कि यह पोस्ट आप सभी शायरी के चाहने वालो को बेहद पसंद आएगी. 

Husn-Shayari
Husn-Shayari

आईये पढ़ते हैं अब हुस्न की तारीफ में बनी शेर-ओ-शायरी के इस कलेक्शन को और शेयर करते हैं अपने पसंद की शायरी को अपने सोशल मिडिया के एकाउंट पर..

1
अब हम समझे तेरे चेहरे पे तिल का मतलब
हुस्न की दौलत पे दरबान बिठा रखा है

2
हुस्न हर बार शरारत में पहल करता है
बात बढती है तो इश्क के सर आती है

3
ना कर जिद दीवाने हुस्न को बेपर्दा तकने की 
हया जो फैलेगी रूखसार पर ,जान लेवा होगी

4
हुस्न वालों ने क्या कभी की खता कुछ भी
ये तो हम हैं सर इल्ज़ाम लिए फिरते हैं

5
मुझको मालूम नहीं हुस्न की तारीफ फ़राज़
मेरी नज़रों में हसीन वो है जो तुझ जैसा हो

Mujuhko Maloom Nahi Husn Ki Taarif Faraz
Meri Nazaron Mein Haseen Wo Hai    Jo Tujh Jaisa Ho

6
कहाँ तक जफा हुस्न वालों के सहते
जवानी जो रहती तो फिर हम न रहते
साकिब लखनवी

Kanha Tak Jafa Husn Waalo Ke Sahate
Jawaani Jo Rahti To Fir Ham Naa Rahate

  हुस्न शायरी  

7
तफ़रीक़ हुस्न-ओ-इश्क़ के अंदाज़ में न हो
लफ़्ज़ों में फ़र्क़ हो मगर  आवाज़ में न हो

Tafarik Husn-O-Ishk Ke Andaaz Me NHo
Lafzo Me Fakr Ho Magar Aawaz Me Naa Ho

8
हुस्न को हुस्न बनाने में मिरा हाथ भी है
आप मुझ को नज़र-अंदाज़ नहीं कर सकते

9
चेहरों की इतनी फ़िक्र क्यूँ है, रंगों की इतनी क़द्र क्यूँ है ?
हुस्न अस्ल किरदार का है, गोरा काले से बेहतर क्यूँ है  ?

10
हुस्न यूँ इश्क़ से नाराज़ है अब
फूल ख़ुश्बू से ख़फ़ा हो जैसे
फ़्तिख़ार आज़मी

11
दिल जो अजब शहर था ख्यालों का
लूटा हुआ है हुस्न वालों का

Dil Jo Ajab Shahar Tha Khayalo Ka
Luta Hua Hai Husn Walo Ka

12
हुस्न-ए-ख़ुमारी का आलम  क्या पूछते हो
गजरा, चूड़ी, काजल, बिंदी,  उफ्फ्फ तुम क्या पूछते हो

13
कितनी तारीफ करूं उस जालिम  के हुस्न की
पूरी किताब तो बस उसके,  होठों पर ही खत्म हो जाती है

14
पलट कर देख ये  ज़ालिम तमन्ना हम भी रखते है
तुम अगर हुस्न रखती हो तो  जवानी हम भी रखते है

15
हुस्न की मल्लिका हो या साँवली सी सूरत
इश्क अगर रूह से हो तो हर चेहरा कमाल लगता है

16
उसके हुस्न की तारीफ फ़क़त इतनी सी है
जहाँ से गुजर जाए,लोग मिसाल देते है 

17
मस्त-ए-नाज़ हुस्न तुझे कुछ ख़बर भी है
तुझ पर निसार होते हैं किस किस अदा से हम

18
हुस्न भी तेरा अदाए भी तेरी
नखरे भी तेरी शोखिया भी तेरी
बस इश्क़ मेरा रहने दो

19
झूम जाते हैं शायरी के लफ़्ज़ बहार के पत्तों की तरह
जब शुरू होता है बयाँ-ऐ-हुस्न महबूब का मेरे

20
जाके डसा मांगे ना पानी 
हुस्न .इश्क. और जवानी 

21
ये हुस्न तेरा ये इश्क़ मेरा 
रंगीन तो है बदनाम सही

मुझ पर तो कई इल्ज़ाम लगे 
तुझ पर भी कोई इल्ज़ाम सही
साहिर लुधियानवी

22
हुस्न वाले जब तोड़ते है दिल किसीका
बड़ी सादगी से कहते है मजबूर थे हम

23
ये हुस्न वाले भी देखो क्या गजब ढाते है
कत्त्ल करके नजरों से,बे-कसूर कहलाते है

24
ये सब हुस्न वाले मेरी माला के मनके हैं
नज़र में घूमते रहतें हैं, इबादत होती रहती है

25
तेरी हुस्न की क्या तारीफ करू ए जालिम
तेरी तुलना करने में तो आप्सरायो का चेहरा भी 
आँखों से ओझल हो जाता है

26
दरिया ऐ हुस्न दो हाथ ओर बढ गया
जब उन्होने अंगडाई ली दोनो हाथ उठा कर

27
हुस्न का आशिक तो हर कोइ होता हैं 
हम तो उनके दिल पर मरते हैं

28
इश्क़ क्या, हुस्न क्या,  फ़साना  क्या
हम न होंगे तो ये रंग-ए-ज़माना क्या 

29
दिल्लगी नहीं शायरी जो किसी हुस्न पर बर्बाद करें
यह तो एक शमा है जो उस नूर का पयाम है

30
अपने शब्दों से ही समा जाऊंगा , ज़हन में तुम्हारे
वो निगाहें, वो हुस्न, वो मुलाकात की, जरूरत नही मुझे

31
संभाल नहीं पाते हैं तुमको देख कर मेरी जान
हुस्न की बिजली इतनी ना गिरा की मेरी जान निकल जाए

32
मोहब्बत को छोड़कर क्या नही मिलता बाजार में
हुस्न जिस्म चुंबन वादा अदा जो मन करे खरीद लो

 Mohabbat Ko Chhodkar Kya Nahi Milata Bazaar Me
 Husn, Zism, Chumban, Wada Aada, Jo Man Kare Kharid  Lo

33
ये आईने नही दे सकते तुझे तेरे हुस्न की ख़बर
कभी मेरी इन आँखों से आकर पूछ तुम कितनी हसीन हो

34
मैं हुस्न हूँ, मेरा रूठना लाजिमी है
तुम इश्क़ हो, ज़रा अदब में रहा करो

Mai Husn Hun, Mera Ruthana Kazami Hai
Tum Ishk Ho, Jara Adab Se Raha Karo

35
जिंदगी दिल के राज तभी खोलती है
जब किसी हुस्न की निगाह बोलती है

36
काली लटों का राज ये बहोत गहरा है
हुस्न पर छाया घनी जुल्फों का पहरा है

37
ये शब ओ रोज़ जो इक बे-कली रक्खी हुई है
जाने किस हुस्न की दीवानगी रक्खी हुई है

38
ढाया खुदा ने ज़ुल्म हम दोनों पर
तुम्हें हुस्न और मुझे इश्क देकर

Dhaaya Khuda Ne Zulm Ham Dono Par
Tumhe Husn Aur Mujhe Ishk Dekar

39
शाम भी थी धुआँ धुआँ हुस्न भी था उदास उदास
दिल को कई कहानियाँ याद सी आ के रह गईं 
फ़िराक़ गोरखपुरी

40
लत लग गई हमे तो अब तेरे दीदार-ए-हुस्न की
इसका गुन्हेगार किसे कहे खुद को या तेरी कातिल अदाओ को?

  हुस्न शायरी in Urdu  

41
ग़जब हाल है हुस्न ए शबाब का
ये क़त्ल भी कर दें तो गुनहगार नही होते

42
वो अपने हुस्न की ख़ैरात देने वाले हैं 
तमाम जिस्म को कासा बना के चलना है
अहमद कमाल परवाज़ी

43
हुस्न में नाज़ था, नज़ाकत थी,
इश्क़ में एहसास था, शराफ़त थी

वो ज़माने भी क्या ज़माने थे,
जब प्यार करना इक इबादत थी

Husn Me Naaz Tha, Nazakat Thi
Ishk Me Ehasaas Tha, Sharafat Thi

Wo Zamaane Bhi Kya The
Jab Pyaar Karan eK Ibaadat ThI 

44
क्या हुस्न ने समझा है क्या इश्क ने जाना है
हम खाक नशीनो की ठोकर में ज़माना है

45
तेरा हुस्न वो  कातिल है ज़ालिम
जो क़त्ल तो करता है और
हाथ में तलवार भी नही रखता

46
दर्दे दिल की दवा नहीं करते, 
ये करम दिलरुबा नहीं करते

चोट खाई तो ये यकीन हुआ, 
हुस्न वाले कभी दुआ नहीं करते

47
तुझे नाज है तु हुस्न है .तेरे गुलिस्ता की 
मुझे फक्र है मैं इश्क हूँ
तुझे तड़पा न दूं तो कमाल क्या

Tujhe Naaz Hai Tu Husn Hain Tere Gulista Ki
Mujhe Fakr Hai Main Ishq Hun
Tujhe Tadapa Na Du To Kamaal Kya

48
कितना मुश्किल है जहाँ मे अच्छा दिलजानी होना
हुस्न के दौर में ईश्क का रूहानी होना

49
इश्क़ दीवाना हुस्न भी घायल 
दोनों तरफ़ इक  दर्द-ए-जिगर है

दिल की तड़प का हाल न पूछो 
जितनी इधर है उतनी उधर है

50
ये नाजो-हुस्न तो देखो..दिल को तड़पाये जाते है
नजरे मिलाते नही बस मुस्कुराये जाते है

51
हुस्न के  दीवाने हैं सब यहां
दिल की खूबसूरती लुभाती नहीं

किसी को चार पल का  नशा है मोहब्बत
इनको सच्ची  मोहब्बत भाती नहीं

  हुस्न शायरी 2 लाइन  

52
शरीके-ज़िंदगी तू है मेरी, मैं हूँ साजन तेरा,
ख्यालों में तेरी ख़ुश्बू है चंदन सा बदन तेरा

अभी भी तेरा हुस्न डालता है मुझको हैरत में,
मुझे  दीवाना कर देता है जलवा जानेमन तेरा

Sharike-Zindagi Tu Hai Meri, Main Hun Saajan Tera,
Khyalo Me Teri Khushbu Hai Chandan Sa Badan Tera

Abhi Bhi Tera Husn Daalata Hai Mujhako Hairat Me,
Mujhe Deewana Kar Deta Hai Jalawa Jaanemand Tera

53
क्यों तुम मेरे ख्यालों में आकर चली जाती हो?
अपनी जुल्फों को बिखराकर चली जाती हो

रग रग में उमड़ आता है तूफान हुस्न का,
तुम जो फूल सा मुस्कुराकर चली जाती हो

54
होठों पे हंसी रुख पे हया याद रहेगी
हुस्न तेरी शोख अदा याद रहेगी

Hontho Par Hansi Rukh Pe Haya Yaad Rahegi
E HUSN Teri Shokh Adaa Yaad Rahegi

55
ऐ दिल सुना न मुझको बिसरी हुई कहानी
कुछ इश्क की तबाही कुछ हुस्न की  जवानी

Ye Dil Suna Na Mujhako Bisari Huyi Kahaani
Kuchh Ishk Ki Tabahi Kuchh Husn Ki Jawaani

56
हुस्न ढल गया गुरूर अभी बाकी है,
नशा उतर गया सुरूर अभी बाकी है

जवानी ने दस्तक दी और चली गई,
जेहन में वही फितूर अभी बाकी है

Husn Dhal Gaya Gurur Abhi Baki Hai,
Nasha Utar Gaya Surur Abhi Baki Hai

Jawaani Ne Wahi Dastak Di Aur Chali Gayi,
Jehan Me Fitur Abhi Baki Hai

  हुस्न शायरी  

57
मदहोशी से भरा हुस्न है मेरा सनम
अगर नज़रें इनायत न की तो  तौहीन ए इश्क़ होगा

Madhoshi Se Bhara Husn Hai,Mera Sanam
Agar Nazare Inayat Na Ki To Tauhin-E-Ishk Hoga

58
हुस्न वाले वफ़ा नहीं करते,
इश्क वाले दगा नहीं करते
,
जुल्म करना तो इनकी आदत है,
ये किसी का भला नहीं करते
Husn Wale Wafa Nahi Karate
Ishk Wale Daga NAHI karate

Zulm Karana To Inaki Aadat Hai
Ye Kisi Ka Bhala Nahi Karate।  

59
इश्क़ ने जब माँगा खुदा से दर्द का हिसाब
वो बोले हुस्न वाले ऐसे ही बेवफाई किया करते हैं

Ishk Ne Jab Manga Khuda Se Dard Ka Hisab
Wo Bole Husn Wale Ese Hi Bewafayi Kiya Karate Hai

60
पायल तेरी, झुमकी तेरी, और ये जो नथनी नाक की
हुस्न तो, जो है सो है, ख़लिश हैं लोगों की आंख की

61
हुस्न की तारीफ सादगी का मजाक
कुछ ऐसा है आजकल दुनिया का मिजाज

62
नरगिसी आँख डोरे गुलाबी, मस्त ये हुस्न है मय के प्याले
शैख गर देख ले तुझको जालिम,अपनी तौबा वही तोड़ डाले

63
हुस्न-ए-बेनजीर के तलबगार हुए बैठे हैं, 
उनकी एक झलक को बेकरार हुए बैठे हैं

उनके नाजुक हाथों से सजा पाने को, 
कितनी सदियों से गुनाहगार हुए बैठे हैं


64
हुस्न पर जब भी मस्ती छाती है,
तब शायरी पर बहार आती है

पीके महबूब के बदन की शराब,
जिंदगी झूम-झूम जाती है

  हुस्न शायरी 4 लाइन  

65

कांच का जिस्म कहीं टूट न जाये
हुस्न वाले तेरी अंगड़ाइयो से डर लगता है

66
दिल तो चाहता है चूम लू तेरे रुखसार
फिर सोचते हैं के तेरे हुस्न को दाग़ न लग जाए 

67
बादलों में छुप रहा है चाँद क्यों, 
अपने हुस्न की शोखियों से पूछ लो
चांदनी पड़ी हुई है मंद क्यों, 
अपनी ही किसी अदा से पूछ लो

68
न पूछो हुस्न की तारीफ़ हम से 
मोहब्बत जिस से हो बस वो हसीं है 
आदिल फ़ारूक़ी

69
तेरे इस हुस्न को नकाब  की जरुरत ही क्या है❓. 
क्या कोई रह सकता हैं होश में, तेरी एक झलक के बाद❓.

Tere Husn Ko Nakab Ki Jarurat Hi Kya Hain❓.
Kya Koi Rah Sakata Hain Hosh Me, Teri Ek Jhalak Ke Baad❓.

70
सर-ए-आम यूँ ही जुल्फ संवारा न कीजिये 
बे-मौत हमको हुस्न से मारा न कीजिये

Sar-E-Aaam Yu Julf Sanwara Naa Kijiye
Be-Maut Hmako Husn Se Maara Naa Kijiye

71
हुस्न में नज़ाक़त इश्क़ में शराफत
ऊफ़्फ़!
एक मरने न दे, दूजा जीने न दे

72
ये हुस्न ये मौसम ये बारिश और मस्त ये मदमस्त हवाएँ
लगता है आज फिर मोहबत ने किसी का साथ दिया है

Ye Husn Ye Mausam Ye Barish aur Mast ye Madmast Hawaye
Lagta hai aaj fir Mohabbat ne kisi ka saath Diya hai 

73
न देखना कभी आईना भूल कर देखो 
तुम्हारे हुस्न का पैदा जवाब कर देगा 
बेख़ुद देहलवी

74
नज़र इस हुस्न पर ठहरे तो आखिर किस तरह ठहरे 
कभी जो फूल बन जाये कभी रुखसार हो जाये

75
क्यों यह हुस्न वाले इतने मिज़ाज़ -ऐ -गरूर होते है 
इश्क़ का लेते है इम्तिहान और खुद तालीम -ऐ -जदीद होते है


76
ये तेरा हुस्न औ कमबख्त अदायें तेरी,
कौन ना मर जाय,अब देख कर तुम्हें

तेरा हुस्न बयां करना नहीं मकसद था मेरा,
ज़िद कागजों ने की थी और कलम चल पड़ी

77
मैं इज़्ज़त करता हूँ सिर्फ दिल से चाहने वाले की
हुस्न तो आज कल बाज़ार में भी बिकते हैं

Main izzat karata hoon sirf dil se chaahane waale ki
 Husn to aaj kal baazar mein bhi bikate hain

____________________________________


78
 हुस्न और इश्क़ दोनों में तफ़रीक़ है,
 पर इन्हीं दोनों पे मेरा ईमान है

गर ख़ुदा रूठ जाए तो सज़दे करूँ,
और सनम रूठ जाए तो मैं क्या करूँ

79
तेरा मुस्कुराना देना जैसे पतझड़ में बहार हो जाये
जो तुझे देख ले वो तेरे हुस्न में ही खो जाये।

  हुस्न शायरी in Urdu  

80
तेरे हुस्न की तारीफ  मेरी शायरी के बस की नहीं
तुझ जैसी कोई और कायनात में ही नहीं बनी

81
इतने हिजाबों पर तो ये आलम है हुस्न का 
क्या हाल हो जो देख लें पर्दा उठा के हम 
जिगर मुरादाबादी

82
तेरे हुस्न पर तारीफ भरी किताब लिख देता
काश के तेरी वफ़ा तेरे हुस्न के बराबर होती

83
चुपके चुपके पहले वो ज़िन्दगी में आते हैं,
मीठी मीठी बातों से दिल में उतर जाते है

बच के रहना इन हुस्न वालों से यारो,
इन की आग में कई आशिक जल जाते हैं

84
किसी के हुस्न की शम्मा का परवाना हूँ
अक्सर लोग मुझे कहतें हैं मैं दीवाना हूँ

85
ये आईने ना दे सकेंगे तुझे, तेरे हुस्न की खबर
कभी मेरी आँखों से आकर पूछ, के कितनी हसीन है तू

Ye Aaina na de sakenge tujhe tere Husn ki Khabar
Kabhi meri aakhon se aakar puch ke  Kitni haseen hai tu

86
शायद तुझे खबर नहीं ए शम्मे-आरजू
परवाने तेरे हुस्न पे कुरबान गये है

  हुस्न शायरी 2 लाइन  

87
लोग कहते हैं, कि इश्क इतना न करो, कि
हुस्न पर सवार हो जाये.. हम कहते हैं

कि इश्क इतना करो , कि
पत्थर दिल को भी, प्यार हो जाये

88
माना कि बड़ा खुबसूरत हुस्न है तेरा लेकिन
दिल भी होता तो क्या बात होती

Maana ki Bada Khubsurat Husn hai tera Lekin
Dil Bhi Hota toh kya baat hoti

89
मेरी निगाह-ए-इश्क भी कुछ कम नही
मगर, फिर भी तेरा हुस्न तेरा ही हुस्न है

90
दुनिया में तेरा हुस्न मेरी जां सलामत रहे
सदियों तलक जमीं पे तेरी कयामत रहे

91
तेरे हुस्न को परदे की ज़रुरत नहीं है ग़ालिब 
कौन होश में रहता है तुझे देखने के बाद

92
तेरी सादगी का हुस्न भी लाजवाब है 
मुझे नाज़ है के तू मेरा इंतेख़ाब है

93
हुस्न वालों के पीछे दीवाने चले आते है,
शमा के पीछे परवाने चले आते है

तुम भी चली आना मेरे जनाजे के पीछे, 
उसमे अपने तो क्या बेगाने भी चले आते है
  
-
दोस्तों आशा करता हूँ की "  91+ हुस्न शायरी 2 लाइन - Husn Status   " यह भी पोस्ट पसंद आया होगा आप सभी को और आपने पढ़ा होगा " Husn Shayari" हुस्न शायरी in Urdu,  Husn Statue, हुस्न शायरी 4 लाइन, के इस कलेक्शन को दोस्त अगर यह पोस्ट आपके दिल को छू लिया हो तो इसे जरूर से शेयर करे ताकि इस कलेक्शन को और भी दोस्त पढ़ सके. धन्यवाद आप सभी का आपने इस पोस्ट को अपना प्यार दिया.


1 comment: