85+ शहर पर शायरी का लाज़वाब संग्रह - Shahar Status For Facebook


बेहतरीन 85+ शहर पर शायरी - Shahar Par Shayari

दोस्तों आज का यह आर्टिकल Shayari On Topics पर आधारित हैं इस पोस्ट में आप पढ़ सकते हैं शहर पर शायरी (Shahar Par Shayari), Shahar Status For Facebook, Facebook Theme Post Shahar Shayari. love shayari, Sad Shayari,

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85+ शहर पर शायरी का लाज़वाब संग्रह - Shahar Status For Facebook



तो आईये पढ़ते हैं जाने-माने शायरों के द्वारा लिखी गयी  एक से बढकर एक 85+ शहर पर शायरी का लाज़वाब संग्रह को जिसे अलग-अलग सोशल मिडिया के प्लेटफार्म से संग्रह किया गया हैं.

जो शेर-ओ-शायरी के कद्रदानो को बेहद ही पसंद आएगी. तो देर कैसी आईये पढ़ते हैं लाज़वाब शहर पर बनी शायरियों के संग्रह को..




.. 1 ..
हवाएँ गर्म और ज़िस्म बे-लिबास है उसका
शहर के लोगों क्या तुम्हें अहसास है इसका

Hawaayen Aur Zism Be-Libas Hai Usaka
Shahar Ke Logo Kya Tumhe Ahasaas Hai Isaka.

.. 2 ..
पूछा न जिंदगी में किसी ने भी दिल का हाल,
अब शहर भर में ज़िक्र मेरी खुदकुशी का है.

Punchha Na Zindagi Me Kisi Ne Bhi Dil Ka Haal,
Ab Shahar Bhar Me Zikr Meri Khudkhushi Ka Hai.

.. 3 ..
ख़त जो लिखा मैनें वफादारी के पते पर,
डाकिया ही चल बसा शहर ढूंढ़ते ढूंढ़ते.

Khat Jo Likha Maine Wafaadari Ke Pate Par,
Dakiya Hi Chal Basa Shahar Dhundhate-Dhundhate.

Shahar Status For Facebook

.. 4 ..
ये ही एक फर्क है तेरे और मेरे शहर की बारिश में
तेरे यहाँ जाम लगता है, मेरे यहाँ जाम लगते हैं.

Ye Hi Fark Hai Tere Aur Mere Shahar Ki Barish Me,
Tere Yaha Jaam Lagata Hai, Mere Yaha Jaam Lagte Hai..

.. 5 ..
यादों का शहर देखो बिलकुल वीरान है,
दूर दूर न जंगल है न ही कोई मकान है.

Yaado Ka Shahar Dekho Bilkul Viraan Hai,
Dur-Dur Na Jangal Hai Na Koi Makaan Hai.


.. 6 ..
नासमझ हो गये है, कातिल शहर के,
मुझ लाश पे ही, वार कर जाते है.

Nasamjh Ho Gaye Hai Qatil Shahar Ke,
Mujhe Lash Pe Hi, Vaar Kar Jate Hai.

.. 7 ..
लगा है आजकल मेला मेरे शहर में,
उम्मीद उनके भी नज़र आने की है.

Laga Hai Aaj-Kal Mela Mere Shahar Me,
Ummid Unake Bhi Nazar Aane Ki Hai.

.. 8 ..
दिखावा मत कर मेरे शहर में शरीफ होने का,
हम खामोश तो है लेकिन ना-समझ नहीं.

Dikhawa Mat Kar Mere Shahar Me Sharif Hone Ka,
Ham Khamosh To Hain Lekin Naa Samjh Nahi.

.. 9 ..
एक कमरे में सिमट कर रह गई है,
शहर बदला था या जिंदगी.

Ek Kamare Me Simat Kar Rah Gayi Hai,
Shahar Bala Tha Ya Zindagi?

.. 10 ..
और तो सब ठीक है लेकिन, कभी-कभी यूँ ही,
चलता फिरता शहर अचानक तन्हा लगता है.

Aur To Sab Thik Hai Lekin Kabhi-Kabhi Yun Hi,
Chalata Firata Shahar Achanak Tanha Lagata Hai..

.. 11 ..
बड़े हादसे होने लगे आज कल तेरे शहर में,
कोई दिल चुरा ले गया और पता न चला.

Bade Hadase Hone Lage Aaj-Kal Tere Shahar Me,
Koi Dil Chura Le Gaya Aur Pata Na Chala.

.. 12 ..
कितनी अजीब है इस शहर की तन्हाई भी,
हज़ारो लोग है मगर फिर भी कोई उस जैसा नहीं.

Kitani Ajeeb Hai Is Shahar Ki Tanhaayi Bhi,
Hazaaro Log Hai Magar Fir Bhi Koi Us Jaisa Nahi.

85+ शहर पर शायरी का लाज़वाब संग्रह - Shahar Par Shayari


.. 13 ..
हर किसी के हाथ में बिक जाने को हम तैयार नहीं
यह मेरा दिल है तेरे शहर का अख़बार नहीं.

Har Kisi Ke Hath Bik Jaane Ko Ham Taiyaar Nahi,
Yah Mera Dil Hai Tere Shahar Ka Akhabaar Nahi..

.. 14 ..
क्या शहर क्या गांव, सब बदलने लगे,
एक घर में कई चूल्हे जलने लगे.

Kya Shahar Kya Ganv, Sab Badalane Lage,
Ek Ghar Me Kayi Chulhe Jalane Lage..

.. 15 ..
पूछा हाल शहर का तो मुस्कुरा के बोलें,
लोग तो जिंदा हैं ज़मीरों का पता नहीं..

Punchha Haal Shahar Ka To Muskura Kar Bole,
Log Zinda Hain Zamiron Ka Pata Nahi.

.. 16 ..
चलती है दिल के शहर में ऐसी हुकुमते,
बस जो भी उसने कह दिया दस्तूर हो गया.

Chalati Hai Dil Ke Shahar Me Yesi Hukumate,
Bas Jo Bhi Usane Kah Diya Dastur Ho Gaya.


.. 17 ..
रूठा रहे वो मुझ से ये मंज़ूर है लेकिन,
यारो उसे समझाओ के मेरा शहर न छोड़े.

Rutha Rahe Wo Mujh Se Manjur Hai Lekin,
Yaaro Use Samjhao Ke Mera Shahar Na Chhode.

.. 18 ..
ठंडी हवाएं क्या चली मेरे शहर में,
हर तरफ़ तेरी यादों का दिसम्बर बिखर गया.

Thandi Hawaye Kya Chali Mere Shahar Me,
Har Taraf Teri Yaadon Ka December Bikhar Gaya.

.. 19 ..
खंडहर हो गए थे मेरे अरमानो के महल,
शहर मे जलजला आया था तेरे जाने के बाद.

Khandahar Ho Gaye Mere Armaano Ke Mahal,
Shahar Me Jaljala Aaya Tha Tere Jaane Ke Baad.

शहर शायरी 

.. 20 ..
इस शहर के अंदाज अजब देखे है यारों,
गुंगो से कहा जाता है, बहरों को पुकारो.

Is Shahar Ke Andaaz Azab Dekhe Hai Yaaro,
Gungo Se Kaha Jata Hai, Baharon Ko Pukaaro..

21 ..
अजनबी शहर में एक दोस्त मिला, वक्त नाम था
पर जब भी मिला मजबूर मिला.

Ajanabi Shahar Me Ek Dost Mila, Waqt Naam Tha,
Par Jab Bhi Mila Majboor Mila.

22 ..
अब इस से बढ़ कर क्या हो एह्तायत-ए-वफ़ा,
मैं तेरे शहर से गुजरूँ तुझे खबर न करूं.

Ab Is Se Badhakar Kya Ho Etihaat-E-Wafa,
Mai Tere Shahar Se Gyzaru Tujhe Khabar Na Ho..

23 ..
लगता है उनकी पायल खो गई है,
तभी आज़ शहर में सन्नाटा है.

Lagata Hai Unaki Payal Kho Gayi,
Tabhi Aaj Shahar Me Sannata Hai..

Whatsapp Shahar Status

24 ..
छु कर निकलती है जो हवाएँ तेरे चेहरे को,
सारे शहर का मौसम गुलाबी हो जाता है..

Chhu Kar Nikalati Hai Jo Hawaaye Tere Chehare Ko,
Saare Shahar Ka Mausam Gulabi Ho Jata Hai.

25 ..
पानी आँख में भर कर लाया जा सकता है,
अब भी जलता शहर बचाया जा सकता है.

Pani Ankh Me Bhar Kar Laaya Ja Sakata Hai,
Ab Bhi Jalata Shahar Bachaaya Ja Sakata Hai.

26 ..
सिर्फ गुलाब देने से अगर मोहब्बत हो जाती,
तो माली सारे शहर का महबूब बन जाता.

Sirf Gulaab Dene Se Agar Mohabbat Ho Jati,
To Mali Sare Shahar Ka Mahabub Ban Jata.

27 ..
कुछ तो ख़बर होगी तुम्हारे शहर में,
हम बेख़बर हैं अपने शहर में.

Kuchh To Khabar Hogi Tumhaare Shar Me,
Ham Bekhabar Hai Apane Shahar Me.

28 ..
मेरे पास ही था उसके तमाम ज़ख़्मों का मरहम,
मगर कहाँ दिखायी देती हैं,
बड़े शहर में छोटी दुकाने.

Mere Paas Hi Tha Usake Tamaam Zakhmo Ka Marham,
Magar Kaha Dikhayi Deti Hai,
Bade Shahar Me Chhoti Dukaane?

29 ..
पगली सी एक लड़की से शहर ये ख़फ़ा हैं,
वो चाहती है पलकों पे आसमान रखना.

Pagali Si Ek Ladaki Se Shahar Ye Khafa Hai,
Wo Chahati Hai Palako Pe Aasamaan Rakhana.

.. 30 ..
तेरे शहर के कारीगर बङे अजीब हैं ए दिल,
काँच की मरम्मत करते हैं पत्थर के औजारों से.

Tere Shahar Ke Karigar Bade Ajeeb Hai E Dil,
Kanch Ki Marammat Karate Hai
Patthar Ke Auzaaron Se. 

.. 31 ..
मत पूछ उसके मैखाने का पता ऐ साकी, 
उसके शहर का तो पानी भी नशा देता है.

Mat Punchh Usake Maikhane Ka Pata E Saki,
Usake Shahar Ka Pani Bhi Nasha Deta Hai.

.. 32 ..
शहर देखकर ही अब हवा चला करती है
अब इंसान की तरह होशियार मौसम होते हैं.

Shahar Dekhakar Hi Ab Hawa Chala Karati Hai,
Ab Insaan Ki Tarah Hoshiyaar Mausam Hote Hai.

.. 33 ..
इतनी चाहत से न देखा कीजिए महफ़िल में आप,
शहर वालों से हमारी दुश्मनी बढ़ जाएगी.

Itani Chahat Se Na Dekha Kijiye Mahafil Me Aap,
Shahar Walo Se Hamari Dushamani Badh Jayegi.

.. 34 ..
माफी भी दूर से देना इस शहर में सबको, 
कई क़त्ल हुए हैं माफ़ करने के बाद.

Maafi Bhi Dur Se Dena Is Shahar Me Sabako,
Kayi Qatl Huye Hain Maaf Karane Ke Baad

.. 35 ..
खंजर वाले तो मुफ्त मे बदनाम होते हैं,
ये हसीनों का शहर है,
अदाओं से कत्लेआम होते है.

Khanjar Wale To Muft Me Badnaam Hote Hai,
Ye Haseeno Ka Shahar Hai,
Adaaon Se Qtal-E-Aam Hote Hai.

.. 36 ..
आज तक गुमसुम खड़ी हैं शहर में,
जाने दीवारों से तुम क्या कह गए.

Aaj Tak Gum-Sum Khadi Hai Shahar Me,
Jane Deewaro Se Tum Kya Kah Gaye.

Shahar Whatsapp Status

.. 37 ..
मैं अपनी दोस्ती को शहर में रूसवा नहीं करता,
मोहब्बत मैं भी करता हूँ मगर चर्चा नहीं करता.

Mai Apani Dosti Ko Shahar Me Ruswa Nahi Karata,
Mohabbat Mai Bhi Karata Hun,
Magar Charcha Nahi Karata.


.. 38 ..
शहर भर में मजदूर जैसे दर-बदर कोई न था,
जिसने सबका घर बनाया, उसका घर कोई न था.

Shahar Bhar Me Majdur Jaise Dar-Bdar

.. 39 ..
हर बात पे उठती हैं उंगलियां मेरी तरफ,
क्या मेरे सिवा शहर में मासूम हैं सारे.

Har Baat Pe Uthati Hai Ungaliyan Meri Taraf
Kya Mere Siwa Shahar Me Masum Hai Sare.

.. 40 ..
ख़ामोश सा शहर और गुफ़्तगू की आरज़ू,
हम किससे करें बात कोई बोलता ही नहीं. 

Khamosh Sa Shahar Aur Uftguh Ki Aarzoo
Ham Kisase Kare Baat Koi Bolata Hi Nahi.

.. 41 ..
गरीब की थाली में पुलाव आ गया,
लगता है शहर में चुनाव आ गया.

Garib Ki Thali Me Pulaav Aa Gaya,
Lagata Hai Shaha Me Chunav Aa Gaya. 

.. 42 ..
दिल है मेरा एक अजीब शहर,
जिसको भी बसाओ खो जाता है.

Dil Hai Mera Ek Ajeeb Shahar,
Jisako Bhi Basao Kho Jate Hai.

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.. 43 ..
इस अजनबी शहर में पत्थर कहां से आया है
लोगों की भीड़ में कोई अपना ज़रूर है.

Is Ajanabi Shahar Me Patthar Kaha Se Aaya Hai,
Logo Ki Bheed Me Apana Jarur Hai.

.. 44 ..
बर्बाद ना कर ज़ालिम ठोकर से मजारों को,
इस शहर-ए-खामोशा को मर-मर के बसाया है.

Barbaad Naa Kar Zalim Thokar Se Mazaaro Ko,
Is Shahar-E-Khamosh Ko Mar-Mar Ke Basaya Hai.

.. 45 ..
मुझे भी बना दे ऐ खुदा -दिल तोड़ने वाला
कबतक वफा करूँगा - बेवफाओ के शहर मे.

.. 46 ..
कोई योगी आए बेवफाओ के शहर मे भी,
ख्वाहिशो के कत्लखाने वहाँ भी बंद करवाने है.

Ko Yogi Aaye Bewafaao Ke Shahar Me Bhi,
Khwahish Ke Qatlkhane Waha Bhi Band Karawaane Hai.

Shahar Status

.. 47 ..
अजीब लोगों का बसेरा है, तेरे शहर में,
गुरूर में मिट जाते हैं, मगर बात नहीं करते.

Ajeeb Logo Ka Basera Hai, Tere Shahar Me,
Gurur Me Mit Jaate Hai, Magar Baat Nahi Karate.

.. 48 ..
झूठी सारी बातें,धोखा हर तक़सीम,
गांव से शहर तक,कड़वे सारे नीम.

Jhuthi Sari Baate, Dhokha Har Taksim,
Ganv Se Shahar Tak, Kadawe Saare Neem.

.. 49 ..
जो देखती हूँ वही बोलने की आदी हूँ,
मैं अपने शहर की सब से बड़ी फ़सादी हूँ.

Jo Dekhati Hun Wahi Bolane Ki Aadi Hun,
Main Apane Shahar Ki Sab Se Badi Fasadi.


.. 50 ..
मैंने अपने गम क्या आसमान को सुना दिए, 
शहर के लोगो ने बारिश का मजा ले लिया.

Maine Apane Gam Kya Aasamaan Ko Suna Diye,
Shahar Ke Logo Ne Barish Ka Maza Le Liya.

.. 51 ..
जिस शहर में सच्चा हमसफर न मिलेगा,
मुसाफिर वहां सफर में कहां तक चलेगा.

Jis Shahar Me Sachcha Hamsafar Na Milega,
Musaafir Waha Safar Me Kaha Tak Chalega.

.. 52 ..
मेरे खेत की मिट्टी से पलता है तेरे शहर का पेट,
मेरा नादान गाँव अब भी उलझा है कर्ज की किश्तों में.

Mere Khet Mitti Se Palata Hai Tere Shahar Ka Pet,
Mera Nadaan Ganv Ab Bhi Uljha Hai Karj Ki Kishton Me.

.. 53 ..
बड़े हादसे होने लगे आज मेरे भी शहर में,
कोई दिल चुरा ले गया और पता न चला.

Bade Hadase Hone Lage Aaj Mere Bhi Shahar Me,
Koi Dil Chura Le Gaya Aur Pata Na Chala.

85+ शहर पर शायरी का लाज़वाब संग्रह - Shahar Par Shayari


.. 54 ..
मुझे नहीं आता,ये तेरे शहर का रिवाज होगा,
कि जिस्से काम निकल जाये,उसे ज़िन्दगी से निकाल दो.

Mujhe Nahi Aata, Ye Tere Shahar Ka Riwaaj Hoga,
Ki Jisse Kaam Nikal Jaaye, Use Zindagi Se Nikal Do.

.. 55 ..
ये सर्द रात ये तन्हाईयाँ ये नींद का बोझ,
हम अपने शहर में होते तो घर गए होते.

Ye Sard Raat Ye Tanhaayiyan Ye Need Ka Bojh,
Ham Apane Shahar Me Hote To Ghar Gaye Hote.

.. 56 ..
मेरा गाँव भी तिरे शहर जैंसा हो गया है,
यहाँ भी हर आदमी पत्थर जैंसा हो गया है.

Mera Ganv Bhi Tire Shahar Jaisa Ho Gaya Hai,
Yaha Bhi Har Aadami Patthar Ho Gaya.

.. 57 ..
अकेला वारिस हूँ उसकी तमाम नफरतों का, 
जो शख्स सारे शहर में प्यार बाटंता है.

Akela Varish Hun Usaki Tamaam Nafarato Ka,
Jo Shaks Saare Shahar Me Pyaar Bantata Hai.

.. 58 ..
लफ्ज़ों के हेर फेर का धन्धा भी ख़ूब है,
जाहिल हमारे शहर के उस्ताद हो गऐ.

Lafzo Ke Here-Fere Ka Dhandha Bhi Khub Hai,
Jahil Hamare Shahar Ke Ustaad Ho Gaye.

.. 59 ..
मौसम इस कदर खुमारी मे है,
मेरा शहर भी शिमला होने की तैयारी में है.

Mausam Is Kadar Khumari Me Hai,
Mera Shahar Bhi Shimala Hone Ki Taiyaari Me Hai.

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.. 60 ..
अश्क गिरे मेरे, जो उसके पहलू में,
बेवफाई इस शहर में, फिर आम हो गई .

Ashk Geere Mere, Jo Usake Pahalu Me,
Bewafayi Is Shahar Me Fir Aam Ho Gayi.

.. 61 ..
कहीं फिसल न जाऊं तेरे ख्यालों में चलते चलते,
अपनी यादों को रोको मेरे शहर में बारिश हो रही है.

Kahi Fisal Na Jau Tere Khyaalo Me Chalate Chalate,
Apani Yaado Ko Roko Mere Shahar Me Barish Hai.

.. 62 ..
सुना है कि उसने खरीद लिया है करोड़ो का घर शहर में,
मगर आँगन दिखाने वो आज भी बच्चों को गाँव लाता है.

Suna Hai Ki Usane Kharid Liya Hai Karodo Ka GHar Shahar Me,
Magar Angan Dikhane Wo Aaj Bhi Bachcho Ko Ganv Lata Hai.

.. 63 ..
हमारे शहर आ जाओ सदा बरसात रहती है,
कभी बादल बरसते हैं, कभी आँखें बरसती हैं.

Hamare Shahar Aa Jao Sada Barasati Rahati  Hai,
Kabhi Badal Barasate Hai, Kabhi Ankhe Barasati Hai.

.. 64 ..
हुई है शाम तो आँखों में बस गया फ़िर तू,
कहाँ गया है मेरे शहर के मुसाफ़िर तू.

Huyi Hai Sham To Ankho Me Bas Gaya Fir Tu,
Kanha Gaya Hai Mere Shahar Ke Musaafir Tu..

.. 65 ..
हसीना ने मस्जिद के सामने घर क्या खरीदा ,
पल भर में सारा शहर नमाज़ी हो गया.

Haseena Ne Maszid Ke Samane Ghar Kya Kharida,
Pal Bhar Me Sara Shaha Namazi Ban Gaya.

.. 66 ..
तू हवा के रुख पर चाहतो के दीप जलाने कि जिद न कर,
ये कतिलो का शहर है यहाँ मुस्कराने कीं जिद ना कर.

Tu Hawa Ke Rukh Par Chahato Ke Deep Jalaane Ki Zid Naa Kar,
Ye Qatilo Ka Shahar Hai Yaha Muskurane Ki Zid Na Kar.

.. 67 ..
खामोश सा मेरे मन का शहर,
गुलजार सा हो जाता है तेरे आने से.

Khamosh Sa Mere Man Ka Shahar,
Gulzaar Sa Ho Jata Hai Tere Aane Se.

.. 68 ..
तबायफ ..ने अपनी आत्मकथा लिखने की क्या सोची,
कि शहर के सारे शरीफो ने आत्महत्या कर ली.

Tawayaf Ne Apani Atmkatha Likhane Ki Kya Sochi,
Ki Shahar Ke Sare Sharifo Ne Atmhatya Kar Li..

.. 69 ..
सुना है बहुत बारिश है तुम्हारे शहर में,ज़्यादा भीगना मत,
अगर धुल गयी सारी ग़लतफ़हमियाँ,तो बहुत याद आएँगे हम.

Suna Hai Bahut Barish Hai Tumhare Shahar Me,
Jyaada Bheegana Mat,
Agar Dhul Gayi Sari Galatfahamiyan,
To Bahut Yaad Aayenge Ham.

.. 70 ..
खामोश शहर की चीखती रातें,
सब चुप है पर, कहने को है हजार बातें.

Khamosh Shahar Ki Chikhati Raate,
Sab Chup Hai Par, Kahane Ko Hai Hazaaro Baate.

.. 71 ..
शहर का तब्दील होना, शाद रहना और उदास,
रौनक़ें जितनी यहाँ हैं औरतों के दम से हैं.

Shahar Ka Tabdil Hona, Shaad Rahana Aur Udas,
Raunak Jitani Yaha Hai, Aurato Ke Dam Se Hai.

.. 72 ..
गले मिलकर, छुरा घोंपने का रिवाज है यहां,
क्या शहर है, कायदे का दुश्मन नहीं मिलता.

Gale Milakar, Chhura Ghupane Ka Riwaaz Hai Yaha,
Kya Shahar Hai, Kayade Ka Dushaman Nahi Milata.

शहर शायरी 

.. 73 ..
फूल पे सरसों के थोड़े दिन अभी रुकना, बसंत,
शहर दे फुरसत तो दिल तुझसे लगाने आएंगे.

Fool Pe Saraso Ke Thode Din Abhi Rukana Basant,
Shahar De Fursat To Dil Tujhase Lagane Aayege.

.. 74 ..
सीख रहा हूँ धीरे धीरे तेरे शहर के रिवाज,
जिससे मतलब निकल जाए उसे जिंदगी से निकाल देना.

Seekh Raha Hun Dheere-Dheere Tere Shahar Ka Riwaz,
Jisase Matalab Nikal Jaaye Use Ziondagi Se Nikal Dena.

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.. 75 ..
ये सर्द रात ये तन्हाईयाँ ये नींद का बोझ,
हम अपने शहर में होते तो घर गए होते.

Ye Sard Raat Ye Tanhaayiya Ye Need Ka Bojh,
Ham Apane Shahar Me Hote To Ghar Gaye Hote.

.. 76 ..
ढून्ढ तो लेते तुम्हे हम, शहर में भीड़ इतनी भी न थी,
पर रोक दी तलाश हमने क्योंकि तुम खोये नहीं थे, बदल गये थे.

Dhundh To Lete Tumhe Ham, 
Shahar Me Bheed Itani Bhi Na Thi.
Par Rok Di Talash Hamane Kyuki 
Tum Khoye NNahi The, 
Badal Gaye The.

.. 77 ..
जो गूजरे शहर से तेरे तो ख्याल आया,
कभी हमने भी पत्थरो से मोहब्बत की थी.

Jo Guzare Shahar Se Tere To Khyal Aaya,
Kabhi Hamane Bhi Pattharo Se Mohabbat Ki Thi.

.. 78 ..
मेरा बसेरा अब उस शहर अदावत में है साहब,
जहाँ लोग सजदों में भी लोगों का बुरा चाहते हैं.

Mera Basera Ab Us Shahar Adawat Me Hai Sahab,
Janha Log Sazado Me Bhi Logo Ka Bura Chahata Hai.

.. 79 ..
अजीब सी बस्ती में ठिकाना है मेरा,
जिसे वो शहर कहते हैं,
जहाँ लोग मिलते कम, झाँकते ज्यादा हैं.

Ajeeb Si Basti Me Thikaana Hai Mera,
Jis Wo Shahar Kahate Hai,
Janha Log Milate Kam, Jhankate Jyaada Hai.

.. 80 ..
किरदार को अपने यूं न बयां करो खुल कर,
ये शरीफों का शहर है अदाकारी जरूरी है.

Kirdaar Ko Apane Yu N Baya Karo Khul Kar,
Ye Sharifo Ka Shahar Hai Adaakari Jaruri Hai.

.. 81 ..
शहर क्या देखें कि हर मंज़र में जाले पड़ गए,
ऐसी गर्मी है कि पीले फूल काले पड़ गए.

Shahar Kya Dekhe Ki Har Manzar Me Jaale Pad Gaye,
Yesi Garmi Hai Ki Peele Fool Kaale Pad Gaye.

.. 82 ..
मशगूल था सारा शहर दीवाली मनाने में,
मैंने वीराने में जाकर उसके सारे ख़त जला डाले.

Mashagul Tha Sara Shahar Deewali Manate Me,
Maine Veerane Me Jaakar Usake Saare Khat Jala Daale.

.. 83 ..
कल लगी थी शहर में बद्दुआओं की महफ़िल
मेरी बारी आई तो मैंने कहा
इसे भी इश्क़ हो इसे भी इश्क़ इसे भी इश्क़ हो.

Kal Lagi Thi Shahar Me Badduaaon Ki Mahafil,
Meri Baari Aayi To Maine Kaha.
Ise Bhi Ishk Ho, Ise Bhi Ishk Ho, Ise Bhi Ishk Ho.

.. 84 ..
हर शख़्स मिल रहा है ज़रा फ़ासले के साथ,
ये क्या तुम्हारे शहर के दस्तूर हो गए.

Har Shakhs Mil Raha Hai Jara Fasale Ke Sath,
Ye Kya Tumhaare Shahar Ke Dastur Ho Gaye.

.. 85 ..
अमीर शहर तु जितनी भी कोशिश करले,
कुछ तो लगता है हमारा भी ख़ुदा आखिर.

Ameer Shahar Tu Jitani Bhi Koshish Karale,
Kuchh To Lagata Hai Hamaara Bhi Khuda Aakhir.

.. 86 ..
कहाँ जख्म खोल बैठा पगले,
ये  नमक का शहर है.

Kanha Zakhm Khol Baitha Pagale, 
Ye Namak Ka Shahar Hai.

.. 87 ..
एक तो मेरी चाहत और दुसरा इश्क का बुखार,
शहर का तापमान 50 डिग्री ना हो तो क्या हो.


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