50+ ➧ Best - ज़िद पर शायरी हिंदी उर्दू में - Zid Par Shayari For Facebook

 

50+ ➧ Best - ज़िद पर शायरी हिंदी उर्दू में - Zid Par Shayari



दोस्तों आज का यह आर्टिकल Shayari On Topics पर आधारित हैं इस पोस्ट में आप पढ़ सकते हैं ज़िद पर शायरी (Zid Par Shayari), Zid Status For Facebook, Facebook Theme Post Zid  Shayari. Zid love Shayari, Zid Sad Shayari, ज़िद पर शेर ओ शायरी, हिंदी उर्दू में. 

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ज़िद पर शायरी हिंदी उर्दू में -   Zid Par Shayari For Facebook


तो दोस्तों आईये शुरुआत करते हैं इस पोस्ट की जो ख़ास आपके लिए अलग-अलग सोशल मिडिया के प्लेटफ्रॉम से संग्रह किया गया हैं जो शेर-ओ-शायरी के चाहने वालो को बेहद ही पसंद आएगा ये  हिंदी उर्दू  में ज़िद पर शायरी का ये कलेक्शन.



  
हकीकत जिद किए बैठी है चकनाचूर करने को
मगर हर आंख फिर सपना सुहाना ढूंढ लेती है.

Haqikat Zid Kiye Baithi Hai,

Chakanachur Karane Ke Liye.
Magar Har Ankh Fir Sapana Suhaana Dhundh Leti Hai..

  
शिकवा करने गए थे और इबादत सी हो गई…
तुझे भुलाने की जिद थी मगर तेरी आदत सी हो गई


Shikwa Karane Gaye The Aur Ibaadat Si Ho Gayi,
Tujhe Bhulaane Ki Zid Thi Magar Teri Aadat Si Ho Gayi..

  
एक ही दिन में सारी ज़िन्दगी जीने की ज़िद न कर,
समन्दर में लहरा कुछ दिन, पी जाने की ज़िद न कर.

Ek Hi Din Me Saari Zindagi Jeene Ki Zid Na Kar,
Samndar Me Lahara Kuchh Din, Pee Jaane Ki Zid Hai..

  
बहुत जल्दी सीख लेते है ज़िंदगी का सबक,
गरीबो के बच्चे बात-बात पर ज़िद नही करते.

Bahut Jaldi Sikh Lete Hai Zindagi Ka Sabak,
Garibo Ke Bachche Baat-Baat Par Zid Nahi Karate.

 50+ ➧ Best -  ज़िद पर शायरी हिंदी उर्दू में -  Zid Par Shayari


  
हर बात तेरी मानूं , ना-मुमकिन है,
ज़िद छोड़ दे ऐ दिल, तू अब बच्चा नही रहा.

Har Baat Teri Manu, Namumkin Hain,
Zid Chhod De E Dil, Tu Ab Bachcha Nahi Raha.


  
ज़माना चाहता है क्यों,मेरी फ़ितरत बदल देना,
इसे क्यों ज़िद है आख़िर,फूल को पत्थर बनाने की.

Zamaana Chahata Hai Kyu, Meri Fitarat Badal Dena,
Ise Kyu Zid Hain Aakhir, Phool Ko Patthar Banaane Ki.

  
मैं ने कभी ये ज़िद तो नहीं की पर
आज शब ऐ मह-जबीं न जा कि तबीअत उदास है.
अदम

Maine Kabhi Ye Zid To Nahi Ki Par
Aaj Shab-E-MahJabi Na Ja Ki Tabiyat Udas Hai.

Zid Love Shayari

  
ना कर ➪जिद अपनी हद मे रह ए दिल, 
वो बड़े लोग है मर्जी से याद करते है.

Na Kar Zid Apani Had Me Rah E Dil
Wo Bade Log Hain Marji Se Yaad Karate Hai.

  
जमाना हो गया है देखो मेरी चाहत नही बदली,
उसकी जिद नही बदली मेरी आदत नही बदली.

Zamaana Ho Gaya Hai Dekho Meri Chahat Nahi Badali,
Usaki Zid Nahi Badali Meri Aadat Nahi Badali.

 10  
वही पुरानी ख्वाहिश वही पुरानी जिद चाहिए,
एक छोटा सा पल और साथ तुम सिर्फ तुम चाहिए.

Wahi Purani Khwahish Wahi Purani Zid Chahiye
Ek Chhota Sa Pal Aur Sath Tum Sirf Tum Chahiye.

 11  
ये मेरे प्यार की जिद है कि अगर प्यार करु तो सिर्फ तुमसे ही करु.,
वरना तुम्हारी जो फितरत है वो नफरत के काबिल भी नही.

Ye Mere Pyaar Ki Zid Hai Ki Agar Pyaar Karu To Sirf Tumase Hi Karu,
Warana Tumhaari Jo Fitarat Hai Wo Nafarat Ke Kabil Bhi Nahi.

Zid Par Shayari

 12  
सुनो तुम मेरी जिद नहीं जो पूरी हो,
तुम मेरी धड़कन हो जो जरुरी हो.

Suno Tum Meri Zid Nhai Jo Puri Ho,
Tum Meri Dhadakan Ho Jo Jaruri Ho..

 13  
न जिद है न हमे कोई गुरूर है 
बस तुम्हे पाने का हमे सुरूर है. 
इश्क गुनाह है तो गलती की
अब सजा जो भी हो हमे मंजूर है..

Naa Zid Hai Na Hame Koi Gurur Hai,
Bas Tumhe Paane Ka Hame Surur Hai.

Ishk Gunaah Hai Galati Ki,
Ab Saja Jo Bhi Ho Hame Manjur Hai..

 14  
तू हवा के रुख पर चाहतो के दीप जलाने कि जिद न कर,
ये कातिलो का शहर है यहाँ मुस्कराने कीं जिद ना कर.

Tu Hawa Ke Rukh Par Chahato Ke
Deep Jalaane Ki Zid Na Kar,

Ye Katilon Ka Shahar Hai Yaha,
Muskuraane Ki Zid Naa Kar..

ज़िद पर शेर ओ शायरी

 15  
ज्यादा कुछ नही बदलता उम्र बढने के साथ,
बचपन की जिद समझौतों मे बदल जाती है.

Jyaada Kuchh Nahi Badalata Umr Badhane Ke Sath,
Bachapan Ki Zid Samjauton Me Badal Jati Hai.


 16  
नाम मेरा जहाँ लिखा पाया,
ज़िद तो देखो कि वो मिटा के रहे.

Naam Mera Janha Likha Paaya,
Zid To Dekho Ki Wo Mita Ke Rahe.

 17  
हमें अपने दिल की तो परवा नहीं है
मगर डर रहा हूँ ये कमसिन की ज़िद है
क़मर जलालवी

Hame Apane Dil Ki Parwaah Nahi Hai,
Magar Dar Raha Hun Ye Kamsin Ki Zid Hai..

 18  
कहो नाखुदा से उठा दे वह लंगर,
मैं तूफां की जिद देखना चाहता हूँ .

Kaho Nakhuda Se Utha De Wah Langar,
Main Tufan Ki Zid Dekhana Chahata Hun.

 19  
दिल भी इक ज़िद पे अड़ा है किसी बच्चे की तरह
या तो सब कुछ ही इसी चाहिये या कुछ भी नहीं.

Dil Bhi Ek Zid Pe Ada Hai Kisi Bachche Ki Tarah,
Yaa To Sab Kuchh Hi Ise Chahiye Ya Kuchh Bhi Nahi..

 20  
यही ज़िद है तो फिर हिस्सा सभी अपना उठाते हैं
अगर शबनम तुम्हारी है तो हम शोला उठाते हैं.

Yahi Zid Hai To Fir Hissa Sabhi Apna Uthate Hai,
Agar Shabanam Tumhaari Hai To Ham Shola Uthate Hai..

 21  
मना लिया हमने अपने दिल को,
हर चीज की ज़िद अच्छी नही होती.

Mana Liya Hamane Apane Dil Ko,
Har Chiz Ki Zid Achchi Nahi Hoti Hai.

 22  
दिल मे घर करके बैठे है ये जो ज़िद्दी से ख़्वाब,
कागज पे उतार मै वो सारे मेहमान ले आऊँ.

Dil Me Ghar Karake Baithe Hai ye Jo Zidi Se Khwaab,
Kagaz pe Utaar Main Saare Mrhamaan Le Aau..

Zid Love Shayari

 23  
तुम्हारी ज़िद बेमानी है दिल ने हार कब मानी है,
कर ही लेगा वश में तुम्हें आदत इसकी पुरानी है.

Tumhaari Zid Bemaani Hai Dil Ne Haar Kab Mani Hai,
Kar Hi Lega Vash Me Tumhe Aadat Isaki Purani Hai..

 24  
इधर फ़लक को है ज़िद बिजलियाँ गिराने की
उधर हमें भी है ज़िद आशियाँ बनाने की.

Idhar Falak Ko Hai Zid Bijaliyan Giraane Ki,
Udhar Hame Bhi Zid Hai Aashiyana Banaane Ki..



 25  
मिल सके आसानी से, उसकी ख्वाहिश किसको हैं,
ज़िद तो उसकी है जो मुकद्दर में लिखा ही नहीं..

Mil Sake Aasaani Se, Usaki Khwahish Kisako Hai.
Zid To Usaki Hai, Jo Mukkadar Me Likha Hi Nahi.


ज़िद पर शेर ओ शायरी

 26  
उन्हें यह ज़िद थी के हम बुलाते,
हमें यह उम्मीद वो पुकारें
गुलज़ार

Unhe Yah Zid Thi Ki Ham Bulate,
Hame Yah Ummid Wo Pukaare,.

 27  
यूँ जिद ना किया करो, मेरी दास्तां सुनने की,
मै हँस के सुना दूँगा, तुम रोने लगोगे. 

Yun Zid Naa Kya Karo, Meri Dastan Sunane Ki,
Main Hans Ke Suna Dunga, Tum Rone Lagogi.

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 28  
सोयी आँखों में हलचल करते रहे,
कल रात तुम्हारे ज़िद्दी ख़याल.

Soyi Ankhon Me Halchal Karate Rahe,
Kal Raat Tumhaare Ziddi Khyaal..

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 29  
बड़ी काम आई लगन इश्क़ में,
मैं गिर-गिर के ख़ुद हि संभलता रहा.

Badi Kaam Aayi Lagan Ishk Me,
Main Geer-Geer Ke Khud Hi Sambhalata Raha.


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Zid Status For Whatsapp
 30  
इस दिल की ज़िद हो तुम वर्ना
इन आँखों ने और भी हसीन चेहरे देखे है.

Is Dil Ki Zid Ho Tum Warana,
In Ankhon Ne Aur Bhi Haseen Chehare Dekhe Hai.

 31  
वो तो ख़ुश्बू है हर इक वक्त  उसे बिखरना है ,
दिल को क्यूँ ज़िद है कि उसे आग़ोश में भरना है.

Wo To Khushbu Hai Har Waqt Use Bikharana Hai.
Dil Ko Kyu Zid Hai Hai Ki Use Aagosh Me Bharana Hai..

Zid Par Shayari

 32  
मुमकिन नहीं चमन में दोनों की ज़िद हो पूरी ,
या बिजलियाँ रहेंगी या आशियाँ रहेगा .

Mumkin Nahi Chaman Me Dono Ki Zid Puri Ho,
Ya Bijaliyan Rahengi Ya Ashiyaana Rahega.

 33  
मिल सके अासानी से, उसकी ख्वाहिश किसको है?
जिद तो उसकी है जो किस्मत में लिखा ही नहीं.

Mil Sake Aasaani Se, Usaki Khwahish Kisako Hai?
Zid To Usaki Hai Jo Kisamat Me Likha Hi Nahi.

 34  
वो तो मौत की जिद थी, सो उसकी ही चली,
वरना टक्कर अच्छी दी थी मेरे मुल्क के सिपाही ने.

Wo Maut Ki Zid Thi, So Usaki Hi Chali,
Warana Takkar Achchi Di Thi Mere Mulk Ke Sipahi Ne.

 35  
उसको छूना जुर्म है तो​ मेरी सजा-ए-मौत का इंतजाम करो,
मेरे दिल की जिद है की आज उसे सीने से लगाना है.

Usako Chhuna Zurm Hai To, Meri Saza-E-Maut Ka Intzaam Karo,
Mere Dil Ki Zid Hai Ki Aaj Use Seene Se Lagaana Hai.​


 36  
मंदिर-मस्जिद सब नाम के हैं,
खुदा से रूबरू होना है तो इश्क़ कर.

Mandir-Masjid Sab Naam Ke Hai,
Khuda Se Rubaru Hona Hai To Ishk Kar.


Zid-Shayari-Urdu
Zid Shayari In Urdu
 37  
पता नहीं क्यों लोग रिश्ते छोड़ देते हैं...
लेकिन जिद नहीं

Pata Nhai Kyu Log Rishte Chhod Dete Hai,
Lekin Zid Nahi..

 38  
टूट जायेंगी तेरी जिद की आदत उस वक़्त,
जब मिलेगी ख़बर तुझको की याद करने वाला, 
अब याद बन गया है..

Tut Jayegi Teri Zid Ki Aadat Us Waqt,
Jab Milegi Khabar Tujhako Ki Yaad Karane Wala,
Ab Yaad Ban Gaya Hai.. 

 39  
जह़र को चख के परखने की जिद,
शायद, मोहब्बत  इसे ही कहते हैं.

Zahar Ko Chakh Ke Parakhane Ki Zid,
Shayad Mohabbat Ise Hi Kahate Hai. 

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 40  
ये मेरे दिल की जिद है की प्यार करुँ तो सिर्फ तुमसे करूँ,
वरना तुम्हारी जो फितरत है वो नफरत के भी काबिल नहीं.

Ye Mere Dil Ki Zid Hai Ki Pyaar Karu To Sirf Tumase Karu,
Warana Tumhari Jo Fitarat Hai, Wo Nafarat Ke Bhi Kabil Nahi.


 41  
वाकीफ तो रावण भी था, अपने अंजाम से,
जिद तो अपने अंदाज से जीने की थी.

Wakif To Ravan Bhi Tha, Apane Anjaam Se,
Zid To Apane Andaaz Se Jeene Ki Thi.

Zid love Shayari

 42  
खुद से जीतने की जिद है मुझे खुद को ही हराना है,
मै भीड़ नहीं हूँ दुनिया की ,मेरे अन्दर एक ज़माना है.

Khud Se Jeetane Ki Zid Hai Mujhe Khud Ko Hi Harana Hai,
Main Bheed Mahi Hun Duniya Ki, Mere Andar Ek Zamaana Hai.

 43  
दिल की जिद ने मुझे मजबूर किया है वरना,
हम गरीबों का नवाबों से ताल्लुक क्या है.

Dil Ki Zid Ne Mujhe Majboor Kiya Hai Warana,
Ham Garibon Ka Nawaabo Se Talluk Kya Hai..

 44  
हमारी ज़िद है कि दीवानगी ना छोड़ेंगे,
ना तुम भी कोई कसर रखना आज़माने में.

Hamari Zid Hai Ki Deewanagi Na Chhodenge,
Na Tum Bhi Kasar Rakhana Aajmaane Me.

 45  
मुसाफ़िर लौटकर आने का फिर वादा तो करता जा,
अगर कुछ और रुक जाने की ज़िद मानी नहीं जाती.

Musaafir Lautkar Aane Ka Fir Wada To Karata Ja,
Agar Kuchh Aur Ruk Jaane Ki Zid Maani Nahi Jati.

 46  
मौसम की तरह बदलते हैं उस के वादे,
उस पर यह ज़िद की तुम मुझ पे एतबार करो.

Mausam Ki Tarah Badalate Hai Us Ke Wade,
Us Par Yah Zid Ki Tum Mujh Pe Etabaar Karo..

 47  
कसक तुम्हारें बन कर सैंलाब आंसुओ की कहीं 
जिंदगीं की रूख ना मोड़ दें.
सब्र का पैंमाना छलकें,
कहीं जिद तुम्हारी राहें ना छोड़ दें..

Kasak Tumhaare Ban Kar Sailaab Ansuon Ki Kahi
Zindagi Ki Rukh Naa Mod De,
Sabr Ka Paimaana Chhalake,
Kahi Zid Tumhaari Raahe Naa Chhod De..


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Zid Shayari For Facebook

 48  
तुम्हे अगर जिद है हमसे जुदा होने की,
तो हमें भी उम्मीद है तुम्हे पा लेने की.

Tumhe Agar Zid Hai Hamase Juda Hone Ki,
To Hame Bhi Ummid Hai Tumhe Pa Lene Ki.

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 49  
इंसान ख्वाहिशों से बँधा हुआ एक ज़िद्दी परिंदा है,
उम्मीदों से ही घायल और उम्मीदों पर ही ज़िन्दा है.

Insaan Khwahishon Se Bandha Hua Ek Ziddi Parinda Hai,
Ummid Se Hi Ghayal Aur Ummidon Par Hi Zinda Hai.

 50  
उलझी शाम को पाने की ज़िद न करो
जो ना हो अपना उसे अपनाने की ज़िद न करो.

इस समंदर में तूफ़ान बहुत आते है,
इसके साहिल पर घर बनाने की ज़िद न करो.

Ulajhi Sham Ko Pane Ki Zid Naa Karo,
Jo Naa Ho Apana Use Apanaane Ki Zid Naa Karo.

Is Samandar Me Tufaan Bahut Aate Hai,
Isake Sahil Par Ghar Banaane Ki Zid Naa Karo.

 51  
प्यार उससे इस कदर करती चली जाऊँ,
वो जख़्म दे और मैं भरती चली जाऊँ.

उसकी ज़िद हैं कि वो मुझे मार ही डाले तो,
मेरी भी ज़िद हैं उसपे मरती चली जाऊँ..

Pyaar Usase Is Kadar Karati Chali Jau,
Wo Zakhm De Aur Main Bharati Chali Jaau.

Usaki Zid Hai Ki Wo Mujhe Maar Hi Daale To,
Meri Bhi Zid Hai Usape Marati Chali Jaau..

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