Friday, 6 July 2018

Latest Collection of Shahar Shayari - शहर शायरी पर बेहतरीन कलेक्शन

Famous and Latest Collection of  Shahar Shayari  - शहर शायरी के लाज़वाब  Shayari On Topics पोस्ट में पढ़े Shahar Shayari in Hindi, शहर पर शायरी के विशाल संग्रह को  Shahar Status For Whatsapp - FB.


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Latest Collection of Shahar Shayari - शहर शायरी पर बेहतरीन कलेक्शन 


दोस्तों यह पोस्ट ख़ास शेर-ओ-शायरी के चाहने वालो के लिए हैं. यह खास पोस्ट नामी शायरों की कलम से जिन्होंने शहर पर बेजोड़ शायरियां लिखी जो आपको बेहद पसंद आएगी.

Latest Collection of Shahar Shayari - शहर शायरी पर बेहतरीन कलेक्शन 

इस आर्टिकल की तमाम  शायरियां अलग-अलग सोशल मिडिया पर सबसे अधिक प्रचलित शायरी को संग्रह कर के बनाया गया हैं. आशा करता हूँ यह पोस्ट जरूर पसंद आएगा आपको.

तो देर कैसी  आईये पढ़ते हैं शहर पर शायरी का यह बेजोड़ कलेक्शन और करते हैं अपने दोस्तों को शेयर व्हाट्सप्प, फेसबुक और प्लस पर.



 
हवाएँ गर्म और ज़िस्म बे-लिबास है उसका
शहर के लोगों क्या तुम्हें अहसास है इसका

Hawaayen Aur Zism Be-Libas Hai Usaka
Shahar Ke Logo Kya Tumhe Ahasaas Hai Isaka.

 
पूछा न जिंदगी में किसी ने भी दिल का हाल,
अब शहर भर में ज़िक्र मेरी खुदकुशी का है.

Punchha Na Zindagi Kisi Ne Bhi Dil Ka haal
Ab Shahar Bhar Me Jikra Meri Khudkhushi Ka Hai.

 
ख़त जो लिखा मैनें वफादारी के पते पर,
#डाकिया ही चल बसा शहर ढूंढ़ते ढूंढ़ते.

Khat Jo Likha Maine Vafadaari Ke Pate Par
Daakiya Hi Chal Basa Shahar Dhundhate Dhundhate.

शहर शायरी पर बेहतरीन कलेक्शन 

 
ये ही एक फर्क है तेरे और मेरे शहर की बारिश में
तेरे यहाँ ‘जाम’ लगता है, मेरे यहाँ ‘जाम’ लगते हैं.

Ye HI Ek Fark Hai Tere Aur Mere Shahar Ki Baarish me
Tere Yahan jaam Lagata Hai, Mere Yahan Jaam Lagate Hai.


 
यादों का शहर देखो बिलकुल वीरान है,
दूर दूर न जंगल है न ही कोई मकान है.

Yaadon Ka Shahar Dekho  Bilkul Veeraan Hai 
Door Door Na Jangle Hai Na Hi Koi Makaan.

 
नासमझ हो गये है, कातिल शहर के;
मुझ लाश पे ही, वार कर जाते है.

Nasamajh Ho Gaye Hai, Kaatil Shahar ke;
Mujh Laash Pe Hi, Vaar Kar Rahe Hai.

 
लगा है आजकल मेला मेरे शहर में
उम्मीद उनके भी नज़र आने की है.

Laga Hai Aajkal Mela Mere Shahar me
Ummid Unake Bhi Najar  Aane Ki Hai.

 
दिखावा मत कर मेरे शहर में शरीफ होने का,
हम खामोश तो है लेकिन ना-समझ नहीं.

Dikhava Mat Kar Mere Shahar Me Sharif Hone Ka 
Ham Khamosh To Hai Lekin Na-Samajh Nahi.

 
एक कमरे में सिमट कर रह गई है,
शहर बदला था या जिंदगी.

Ek Kamare ME Simat Kar Rah Gayi Hai,
Shahar Badala Tha Ya Zindagi

 10 
और तो सब ठीक है लेकिन, कभी-कभी यूँ ही,
चलता फिरता शहर अचानक तन्हा लगता है

Aur To Sab Thik Hai Lekin, Kabhi-kabhi Yu Hi,
Chalata Firata Shahar, Achanak Tanha Lagata Hai. 

 11 
बड़े हादसे होने लगे आज कल तेरे शहर में..
कोई दिल चुरा ले गया और पता न चला

Bade Haaadase Hone Lage Aaj Kal Tere Shahar Main,
Koi Dil Chura Le Gaya Aur Pata Na Chala.

 12 
कितनी अजीब है इस शहर की तन्हाई भी,
हज़ारो लोग है मगर फिर भी कोई उस जैसा नहीं.

Kitani Ajib Hai Is Shahar Ki Tanhayi Bhi,
Hajaaaro Log Hai Magar Fir Bhi Koi Us Jaisa Nahi.

 13 
हर किसी के हाथ में बिक जाने को हम तैयार नहीं
यह मेरा दिल है तेरे शहर का अख़बार नहीं

Har KIsi ke Hath Me Bik Jaane KO Ham Taiyaar Nahi
Yah Mere Dil Hai Tere Shahar Ka Akhabaar Nahi

 14 
क्या शहर क्या गांव, सब बदलने लगे,
एक घर में कई चूल्हे जलने लगे.

Kya Shahar Kya Gaav, Sab Badalane Lage, 
Ek Ghar Me Kai Chulhe Jalane Lage.

 15 
पूछा हाल शहर का तो मुस्कुरा के बोलें,
लोग तो जिंदा हैं ज़मीरों का पता नहीं

Pucha haal Shahar KA To Muskura Ke Bole
Log To JInda Hai Jamiro Ka Pata Nahi

 16 
चलती है दिल के शहर में ऐसी हुकुमते,
बस जो भी उसने कह दिया दस्तूर हो गया

Chalati Hai Dil Ke Shahar me Esi Hukumate,
Bas Jo Bhi Usane Kah Diya Dastoor Ho gaya 

 17 
रूठा रहे वो मुझ से ये मंज़ूर है लेकिन,
यारो उसे समझाओ के मेरा शहर न छोड़े.

Rutha Rahe Vo Mujh Se Ye Manjur Hai Lekin 
Yaaro Use Samajhao Ke Vo Mera Shahar na Chore

 18 
ठंडी हवाएं क्या चली मेरे शहर में,
हर तरफ़ तेरी यादों का दिसम्बर बिखर गया.

Thandi havaayen Kya Chali mere Shahar Me,
Har Taraf Teri yaadon ka Dicember Bikhar Gaya 

 19 
खंडहर हो गए थे मेरे अरमानो के महल,
शहर मे जलजला आया था तेरे जाने के बाद.

Khandahar H Gaye The Mere Armaano Ke Mahal
Shahar Me jaljala Aaya Tha Tere Jaane KE Baad

 20 
इस शहर के अंदाज अजब देखे है यारों ,
गुंगो से कहा जाता है, बहरों को पुकारो

In Shahar Ke Andaaj Ajab Dekhe Hai Yaaron
Gungo Se Kaha Jaata Hai, Baharo Ko Pukaaro

 21 
अजनबी शहर में एक दोस्त मिला, वक्त नाम था
पर जब भी मिला मजबूर मिला .

Ajnabi Shahar Me Ek Dost Mila, Vakt Naam Tha 
Par jab Bhi Mila Majboor Mila 

 22 
अब इस से बढ़ कर क्या हो एह्तायत-ए-वफ़ा,
में तेरे शहर से गुजरूँ तुझे खबर न करूं.

Ab Is  Se Badakar Kya Ho Ehtaayat-E-Vafa,
Mai Tere shahar Se Gujaru Tujhe Khabar Na Karu

 23 
लगता है उनकी पायल खो गई है
तभी आज़ शहर में सन्नाटा है.

Lagata Hai Unki paayal Kho gayi Hai
Tabhi Aaj Shahar Me Sannaata Hai

 24 
छु कर निकलती है जो हवाएँ तेरे चेहरे को,
सारे शहर का मौसम गुलाबी हो जाता है.

Chu kar Nikalati hai jo Hawaayen Tere Chehare Ko 
Saare Shahar Ka Mausam Gulaabi Ho Jata Hai.

शहर शायरी पर बेहतरीन कलेक्शन 

 25 
पानी आँख में भर कर लाया जा सकता है,
अब भी जलता शहर बचाया जा सकता है.

Paani Aankh Me bhar Kar Laaya Jaa Sakata Hai
Ab Bhi jalata Shahar Bachaaya jaa Sakata Hai 

 26 
सिर्फ गुलाब देने से अगर मोहब्बत हो जाती,
तो माली सारे शहर का महबूब बन जाता.

Sirf Gulaab Dne Se Agar Mohabbat Ho Jaati,
To Maali Saare Shahar Ka mahboob ban Jaata .

 27 
कुछ तो ख़बर होगी तुम्हारे शहर में,
हम बेख़बर हैं अपने शहर में.

Kuch To khabar Hogi Tumhaare Shahar Me
Ham Bekhabar Hai Apane Shahar me.

Latest Collection of Shahar Shayari 

 28 
मेरे पास ही था उसके तमाम ज़ख़्मों का मरहम...
मगर कहाँ दिखायी देती हैं बड़े शहर में छोटी दुकाने.

Mere Paas Hi Thi Usake Tamaam Jakhmo Ka Maraham
Magar Kaha Dikhaayi Deti Hai Bade Shahar Me Choti Dukaane 

 29 
पगली सी एक लड़की से शहर ये ख़फ़ा हैं,
वो चाहती है पलकों पे आसमान रखना.

Pagali Si Ek ladaki Se Shahar ye Khafa Hai 
Vo Chaahati hai Palako Pe Aasmaan Rakhana.

 30 
तेरे शहर के कारीगर बङे अजीब हैं ए दिल,
काँच की मरम्मत करते हैं पत्थर के औजारों से.

Tere Shahar Ke Kaarigar Bade Ajeeb hai E Dil
Kaach KA Marammat Karate Hai Patthar Ke Aujaar Se.

 31 
मत पूछ उसके मैखाने का पता ऐ साकी , 
उसके शहर का तो पानी भी नशा देता है.

Mat Puch Usake Maikhaane Ka Pata E Saaki
Usake Shahar Ka Paani Bhi  Nasha Deti hai.

 32 
शहर देखकर ही अब हवा चला करती है
अब इंसान की तरह होशियार मौसम होते हैं.

Shahar Dekhakar Hi Ab Hava Chala Karati Hai. 
Ab Insaan Ki Tarah Hoshiyaar Mausam Hote Hai .

 33 
इतनी चाहत से न देखा कीजिए महफ़िल में आप
शहर वालों से हमारी दुश्मनी बढ़ जाएगी.

Itani Chaahat Se Na Dekha Kijie Mahafil me aap
Shahar Vaalo Se Hamaari Dushamani Bad Jaaygi.

 34 
माफी भी दूर से देना इस शहर में सबको 
कई क़त्ल हुए हैं माफ़ करने के बाद.

Maafi Bhi Door Se Dena Is Shahar Me Sabako
Kai Katl Huye Hai Maaf Karane Ke Baad.

 35 
खंजर वाले तो मुफ्त मे बदनाम होते हैं..!
ये हसीनों का शहर है, अदाओं से कत्ले-आम होते है.

Khanjar Vaalo To....Muft Me Badanaam Hote Hai 
Ye Hasino Ka Shahar Hai, Adaao Se Katle-aam Hote Hai.

 36 
आज तक गुमसुम खड़ी हैं शहर में
जाने दीवारों से तुम क्या कह गए.

Aaj Tak Gumsum Khadi Hai Shahar Me 
Jaane Diwaro Se Tum ya kah aye.

 37 
मैं अपनी दोस्ती को शहर में रूसवा नहीं करता
मोहब्बत मैं भी करता हूँ मगर चर्चा नहीं करता.

Mai Apani Dosti Ko Shahar Me Rusawa Nahi karata 
Mohabbat Mai Bhi Karata Hu Magar Charcha Nahi karata. 

 38 
शहर भर में मजदूर जैसे दर-बदर कोई न था,
जिसने सबका घर बनाया, उसका घर कोई न था.

Shahar Bhar Me Majboor Jaise Dar-Badar Koi Na Tha,
Jisane Sabaka Ghar Banaya, Usaka Ghar Koi Na Tha .

 39 
हर बात पे उठती हैं उंगलियां मेरी तरफ,
क्या मेरे सिवा..... शहर में मासूम हैं सारे.

Har BaaT pe Uthati  Hai Ungaliya Meri Taraf 
Kya Mere Siwa  Shahar Me Maasum Hai Saare.

 40 
ख़ामोश सा शहर और गुफ़्तगू की आरज़ू
हम किससे करें बात कोई बोलता ही नहीं.

Khaamosh Saa Shahar Aur Guftagu Ki Aaraju
Ham Kisase Kare baat Koi Bolata nahi.

 41 
गरीब की थाली में पुलाव आ गया,
लगता है शहर में चुनाव आ गया.

Garib Ki Thali Me Pulaav Aa Gaya,
Lagata Hai Shahar Me Chunaav Aa Gaya.


 42 
दिल है मेरा एक अजीब शहर,
जिसको भी बसाओ खो जाता है.

Dil Hai Mera Ek ajeeb Shahar,
Jisako Basaao Kho Jaata Hai.

 43 
इस अजनबी शहर में पत्थर कहां से आया है
लोगों की भीड़ में कोई अपना ज़रूर है.

Es Ajanabi Shahar Me Patthar Kaha Se Aaya Hai
Logo KI Bhid Me koi Apnana Jaroor Hai.

Shahar Shayari

 44 
बर्बाद ना कर ज़ालिम ठोकर से मजारों को
इस शहर-ए-खामोश को मर-मर के बसाया है.

Barbaad Na Kar Jaalim Thokar Se Majaaro Ko
Es Shahar-E-Khaamosh ko Mar-Mar Ke Basaaya Hai.

शहर शायरी पर बेहतरीन कलेक्शन 

 45 
मुझे भी बना दे ऐ खुदा -दिल तोड़ने वाला
कबतक वफा करूँगा - बेवफाओ के शहर मे.

Mujhe Bhi Bana De E Khuda-Dil Todane Waala 
Kabtak Vafa Karunga- Bevafaao Ke Shahar Me.

 46 
कई योगी आए बेवफाओ के शहर मे भी
ख्वाहिशो के कत्लखाने वहाँ भी बंद करवाने है.

Kai  yogi Aaye Bevafaao Ke Shahar Me Bhi 
Khwahisho Ke Katlkhaane Vaha Bhi Band Karawaane Hai,

 47 
अजीब लोगों का बसेरा है, तेरे शहर में,
गुरूर में मिट जाते हैं, मगर बात नहीं करते.

Ajeeb LOgo Ka Basera Hai, Tere Shahar Me, 
Gurur Me Mit Jaate Hai, Magar Baat Nahi Karate.

 48 
झूठी सारी बातें,धोखा हर तक़सीम,
गांव से शहर तक,कड़वे सारे नीम.

Jhuthi Saari Baate, Dhokha Har Takseem,
Gaav Se Shahar Tak Kadwe Saare Neem.

 49 
जो देखती हूँ वही बोलने की आदी हूँ,
मैं अपने शहर की सब से बड़ी फ़सादी हूँ.

Jo Dekhti Hu Vahi Bolane Ki Aadi Hu.
Mai Apane Shahar Ki Sab Se Badi Fasaadi hu.

 50 
मैंने अपने गम क्या आसमान को सुना दिए 
शहर के लोगो ने बारिश का मजा ले लिया.

Maine Apane Gam Ko Kya Aasamaan Me Suna Diye 
Shahar Ke Logo Ne Baarish Ka M\aja Le Liya.

 51 
जिस शहर में सच्चा हमसफर न मिलेगा
मुसाफिर वहां सफर में कहां तक चलेगा.

Jis Shahar Me Sachcha Hamsafar Na Milega 
Musaafir Vaha Safar Me Kaha Tak Chalega.

 52 
मेरे खेत की मिट्टी से पलता है तेरे शहर का पेट
मेरा नादान गाँव अब भी उलझा है कर्ज की किश्तों में.

Mere  Khet Ki Mitti Se PaLata Hai Tere Shahar Ka Pet 
Mera Naadan Gaav Ab Bhi Ulajha Hai Karj Ke Kishto Me.

 53 
बड़े हादसे होने लगे आज मेरे भी शहर में,
कोई दिल चुरा ले गया और" पता न चला.

Bade Haadase Hone Lage Aaj Mere Bhi Shahar Me,
Koi Dil Chura Le gaya Aur Pata Na Chala.


 54 
मुझे नहीं आता,ये तेरे शहर का रिवाज होगा,
कि जिस्से काम निकल जाये,उसे ज़िन्दगी से निकाल दो.

Mujhe Nahi Aata, Ye Tere Shahar ka Rivwaaj Hoga 
Ki Jisase Kaam Nikal Jaaye, Use Jindagi Se Nikaal Do.

 55 
ये सर्द रात ये तन्हाईयाँ ये नींद का बोझ
हम अपने शहर में होते तो घर गए होते.

Ye Sard Raat Ye Tanhaayiyan Ye Nind Ka Bojh
Ham Apane Shahar Me Hote To Ghar Aa Gaye Hote.

 56 
मेरा गाँव भी तिरे शहर जैंसा हो गया है
यहाँ भी हर आदमी पत्थर जैंसा हो गया है.

Mera Bhi Har Tire Shahar Jaisa Ho gaya Hai 
Yaha Bhi Har Aadami Pathhar Jaisa Ho Gya Hai.

 57 
अकेला वारिस हूँ उसकी तमाम नफरतों का, 
जो शख्स सारे शहर में प्यार बाटंता है.

Akela Vaarish Hu Usaki Tamaam Nafarato Ka 
JO Shaksh Saare Shahar Me Pyar Baatata Hai

 58
लफ्ज़ों के हेर फेर का धन्धा भी ख़ूब है.
जाहिल हमारे शहर के उस्ताद हो गऐ,

Lafjo Ke Her Pher  Ka Dhandha Bhi Khub hai
Jaahil Hamaare Shahar Ke Ustaad Ho Gaye.

शहर शायरी   

 59 
मौसम इस कदर खुमारी मे है,
मेरा शहर भी शिमला होने की तैयारी में है

Mausam Es Kadar Khumaari Me Hai
Mera Shahar Bhi Shimala Hone Ki Taiyaari Me Hai

 60 
अश्क गिरे मेरे, जो उसके पहलू में,
बेवफाई इस शहर में, फिर आम हो गई 

Ashk Gire Mere, Jo Usake Pahalu Me 
Bewafaai Es shahar Me, Fir Aam Ho Gayi

 61 
कहीं फिसल न जाऊं तेरे ख्यालों में चलते चलते,
अपनी यादों को रोको मेरे शहर में बारिश हो रही है

Kahi Fisal Na Jaau tere Khayaalo Me Chalate Chalate
Apani Yaadon Ko Roko Mere Shahar Me Baarish Ho Rahi Hai 

 62 
सुना है कि उसने खरीद लिया है 
करोड़ो का घर शहर में,
मगर आँगन दिखाने 
वो आज भी बच्चों को गाँव लाता है.

Suna Hai Ki Usane Kharid Liya Hai 
Karoro Ka Ghar Shahar Me
Magar Aangan Dikhaane 
Vo Aaj Bhi Bachcho Ko Gaav Laata Hai.

Shahar Shayari

 63 
हमारे शहर आ जाओ सदा बरसात रहती है,
कभी बादल बरसते हैं, कभी आँखें बरसती हैं.

Hamaare shahar Aa Jaao Sada Barasaat Rahati Hai
Kabhi Baadal Barasate Hai, Kabhi AAnkhe barasati Hai.

 64 
हुई है शाम तो आँखों में बस गया फ़िर तू,
कहाँ गया है मेरे शहर के मुसाफ़िर तू.

Hui Hai Shaam To Aankho Me Bas Gaya Fir Tu 
Kaha Gaya Hai Mere Shahar Ke Musaafir Tu.

 65 
हसीना ने मस्जिद के सामने घर क्या खरीदा ,
पल भर में सारा शहर नमाज़ी हो गया.

Hashina Ne Masjid Ke Saamane Ghar Kya Kharida
Pal Bhar Me Saara Shahar Namaaji Ho Gaya.

 66 
तू हवा के रुख पर चाहतो के दीप जलाने कि जिद न कर,
ये कतिलो का शहर है यहाँ मुस्कराने कीं जिद ना कर.

Tu Hawa Ke Rukh Par Chaahato Ke Deep Jalaane Ki zid na Kar,
Ye Kaatilo Ka Shahar hai Yaha Muskuraane Ki Zid Na Kar.

 67 
खामोश सा मेरे मन का शहर,
गुलजार सा हो जाता है तेरे आने से.

Khaamosh Saa Mere Man Ka shahar
Gulnaar Sa Ho Jata Hai Tere aane Par.

 68 
तबायफ ..ने अपनी आत्मकथा लिखने की क्या सोची,
कि शहर के सारे शरीफो ने आत्महत्या कर ली.

Tabaayaf ..Ne Apani Aatmkatha Likhane kKi Kya Sochi,
Ki Shahar Ke Saare Sharifo Ne Aatmhatya Kar Li.

 69 
सुना है बहुत बारिश है तुम्हारे शहर में,ज़्यादा भीगना मत,
अगर धुल गयी सारी ग़लतफ़हमियाँ,तो बहुत याद आएँगे हम.

Suna Hai Bahut Hai Tumhaare Shahar Me Jyaada Bhigana Mat,
Agar Dhul Gayi Saari Galatfahamiya, To Bahut Yaad Aayenge ham.

 70 
खामोश शहर की चीखती रातें,
सब चुप है पर, कहने को है हजार बातें.

Khaamosh Shahar Ki Chikhti Raate ,
Sab Chup hai Par, kahane Ko hai Hazaar Baate.

 71
शहर का तब्दील होना, शाद रहना और उदास,
रौनक़ें जितनी यहाँ हैं औरतों के दम से हैं.

Shahar Ka Tabdil Hona, Shaad rahana Aur Udaas,
Raunake Jitani Yaha Hai Aurato Ke Dam Se Hai Ham.

 72 
गले मिलकर, छुरा घोंपने का रिवाज है यहां,
क्या शहर है, कायदे का दुश्मन नहीं मिलता.

Gale Milakar, Chura Ghopane Ka Riwaaj Hai Yaha,
kya Shahar Hai, Kaayade Ka Dushman Nahi Milata.

शहर शायरी  

 73 
फूल पे सरसों के थोड़े दिन अभी रुकना, बसंत,
शहर दे फुरसत तो दिल तुझसे लगाने आएंगे.

Phool Pe Saraso Ke Thode Din Abhi Rukana, Basant,
Shahar De Furasat To Dil Tujhase Lagaane Aayenge.

 74 
सीख रहा हूँ धीरे धीरे 
तेरे शहर के रिवाज,
जिससे मतलब निकल जाए 
उसे जिंदगी से निकाल देना.

Sikh raha Hu Dheere dheere 
Tere Shahar Ke Riwaaz,
Jisase Matalab Nikal jaaye 
Use Zindagi Se Nikaal Dena.

 75 
ये सर्द रात ये तन्हाईयाँ ये नींद का बोझ,
हम अपने शहर में होते तो घर गए होते.

Ye Sard Raat Ye Tanhaayiya Ye Nind ka Bijh,
Ham Apane Shahar Me Hote To Ghar Gaye Hote .

 76 
ढून्ढ तो लेते तुम्हे हम,
शहर में भीड़ इतनी भी न थी,
पर रोक दी तलाश हमने 
क्योंकि तुम खोये नहीं थे, बदल गये थे.

Dhundh To Lete Tumhe Ham,
 Shahar Me Bheed Itani Bhi Nahi Thi,
Par Rok Di Talaash Hamane 
Kyoki Tum Khoye Nahi The, badal Gaye The. 

 77 
जो गूजरे शहर से तेरे तो ख्याल आया,
कभी हमने भी पत्थरो से मोहब्बत की थी.

Jo Gujare Shahar se Tere To Khyaal Aaya,
Kabhi Hamane Bhi Pattharo Se  Mohabbat Ki Thi .


 78 
मेरा बसेरा अब उस शहर अदावत में है साहब,
जहाँ लोग सजदों में भी लोगों का बुरा चाहते हैं

Mera Basera Ab  Us Shahar Adaavat Me HaiSaahab.
Jaha Log Sajado Me Bhi Logo Ka BUra Chaahate Hai

 79 
अजीब सी बस्ती में ठिकाना है मेरा जिसे वो 'शहर' कहते हैं.
जहाँ लोग मिलते कम, झाँकते ज्यादा हैं.

Azeeb Si Basti Me Thikaana Hai Mera Jise Vo Shahar Kahate Hai
Jahan Log Milate Kam, Jhaakate Jyaada Hai

◾ 80
किरदार को अपने यूं न बयां करो खुल कर,
ये शरीफों का शहर है अदाकारी जरूरी है.

Kirdaar Ko Apane Yu Na Baya KaroKhul Kar,

Ye Sharifo Ka Shahar Hai Adaakaari Jaroori Hai.

◾ 81
शहर क्या देखें कि हर मंज़र में जाले पड़ गए,
ऐसी गर्मी है कि पीले फूल काले पड़ गए.

Shahar Kya Dekhe Ki har Manjar Me Jaale Pad Gaye
Esi Garmi Hai Ki Pile Phool Kaale Pad Gaye 

◾ 82
मशगूल था सारा शहर दीवाली मनाने में,
मैंने वीराने में जाकर उसके सारे ख़त जला डाले

Mashgool Tha Saara Shahar Diwaali Manaane Me,
Maine Veeraane Me Jaakar Usake Saare Khat Jala Daale

◾ 83 
कल लगी थी शहर में बद्दुआओं की महफ़िल
मेरी बरी आई तो मैंने कहा इसे भी इश्क़ हो इसे भी इश्क़ इसे भी इश्क़ हो

Kal Lagi Thi Shahar Me Bachuaao Ki Mahafil 
Meri Baari Aayi To maine Kaha Ise Bhi Ishq Ho Ise Bhi Ishq Ise Bhi Ishq Ho

◾ 84 
हर शख़्स मिल रहा है ज़रा फ़ासले के साथ,
ये क्या तुम्हारे शहर के दस्तूर हो गए

Har Shaksh Mil Raha Hai Jara Faasale Ke Saath
Ye Kya Tumhaare Shahar Ke Dastoor Ho gaya.

◾ 85 
अमीर शहर तु जितनी भी कोशिश करले,
कुछ तो लगता है हमारा भी ख़ुदा आखिर.

Ameer Shahar Tu Jitani Bhi Koshish karale,
Kuch To Lagata Hai Hamaara Bhi Khuda Aakhir.

◾ 86 
कहाँ  जख्म_खोल बैठा पगले,
ये  नमक का शहर है 

Kaha Jakhm  Khol Baitha Pagale
Ye Namak_Ka-Shahar Hai

◾ 86 
एक तो मेरी चाहत और दुसरा इश्क का बुखार,
शहर का तापमान 50 डिग्री ना हो तो क्या हो

Ek To Meri Chaahat Aur Dusara Ishq Ka Bukhaar,
Shahar Ka Taapmaan 50 Digree Na Ho To Kya Ho


◾ 87
शहर क्या देखें कि हर मंज़र में जाले पड़ गए,
ऐसी गर्मी है कि पीले फूल काले पड़ गए.

Shahar Kya Dekhe Ki har Manjar Me Jaale Pad Gaye
Esi Garmi Hai Ki Pile Phool Kaale Pad Gaye 

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