Friday, 1 June 2018

30 अहमद फ़राज़ की शायरी - 30 + Two Line Shayari by Ahmad Faraz Part 1

30 अहमद फ़राज़ की शायरी - 30 + Two Line Shayari by Ahmad Faraz Part 1

नमस्कार दोस्तो आज का यह आर्टिकल शेर.ओ.शायरी के चाहने वालो के लिये है इस खास पोस्ट मे आप पढ़ सकते है प्रसिद्ध शायर "अहमद फ़राज की चुनिन्दा 30 शायरी" जो आपके दिल को छू लेगी.
30-Two-Line-Shayari-by-Ahmad-Faraz

तो देर कैसी आईये पढ़ते है अहमद फ़राज की एक से बढ़ कर एक लाजवाब शायरी और शेयर करते है शेर ओ शायरी के चाहने वाले दोस्तो को Facebook और Whatsapp पर.


1= Ek Nafrat Hi Nahi Duniya Mein Dard Ka Sabab Faraz
    Mohabbat Bhi Sakoon Walon Ko Badi Taklif Deti Hai.

 एक नफरत ही नहीं दुनिया में दर्द का सबब फ़राज़
मोहब्बत भी सकूँ वालों को बड़ी तकलीफ़ देती है.
Two Line Shayari by Ahmad Faraz
 2= Mana Ki Tum Guftgoo Ke Fan Mein Mahir Ho Faraz
    Wafa Ke Lafz Pe Atako ToHumein Yaadn Kar Lena. 
   माना कि तुम गुफ़्तगू के फन में माहिर हो फ़राज़
   वफ़ा के लफ्ज़ पे अटको तो हमें याद कर लेना
  

 3= Apne Hi Hote Hai Jo Dil Pe Waar Karte Hai Faraz,
   Warna Gairon Ko Kya Khabar Ki Dil Ki Jagah Kaun Si Hai. 
   अपने ही होते हैं जो दिल पे वार करते हैं फ़राज़
   वरना गैरों को क्या ख़बर की दिल की जगह कौन सी है.
30 अहमद फ़राज़ की शायरी
 4= Us Shakhs Se Bas Itna Sa Talluk Hai Faraz
    Wo Pareshan Ho To Humein Neend Nahin Aati.
   उस शख्स से बस इतना सा ताल्लुक़ है फ़राज़
  वो परेशां हो तो हमें नींद नहीं आती. 
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 5= Bach Na Saka Khuda Bhi Muhabbat Ke Takaazon Se Faraz
     Ek Mahboob Ki Khatir Sara Jahan Bana Dala.
   बच न सका ख़ुदा भी मुहब्बत के तकाज़ों से फ़राज़
   एक महबूब की खातिर सारा जहाँ बना डाला. 
 6= Is Tarah Gaur Se Mat Dekh Mera Haath Ae Faraz
    In Laqiron Mein Hasraton Ke Siwa Kuch Bhi Nahi.
   इस तरह गौर से मत देख मेरा हाथ ऐ फ़राज़
   इन लकीरों में हसरतों के सिवा कुछ भी नहीं. 
  7= Wo Roz Dekhta Hai Dube Hue Suraj Ko Faraz
Kaash Main Bhi Kisi Sham Ka Manzar Hota.
   वो रोज़ देखता है डूबे हुए सूरज को फ़राज़
   काश मैं भी किसी शाम का मंज़र होता. 
Best Ahmad Faraz Poetry
 8= Wo Barish Mein Koi Sahara Dhoondata Hai Faraz
    E Badal Aaj Itna Baras,
    Ki Meri Bahon Ko Wo Sahara Bana Le. 
   वो बारिश में कोई सहारा ढूँढता है फ़राज़
   ऐ बादल आज इतना बरस
  की मेरी बाँहों को वो सहारा बना ले.
 9= Deewar Kya Giri Mere Kachche Makan Ki Faraz
    Logon Ne Mere Ghar Se Raste Bana Liye.
   दीवार क्या गिरी मेरे कच्चे मकान की फ़राज़
   लोगों ने मेरे घर से रास्ते बना लिए.  


 10= Dosti Apni Bhi Asar Rakhti Hai Faraz
     Bahut Yaad Aayenge Jara Bhool Ke Dekho.
   दोस्ती अपनी भी असर रखती है फ़राज़
   बहुत याद आएँगे ज़रा भूल कर तो देखो.
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11= Fursat Mile To Kabhi Hamein Bhi Yaad Kar Lena Faraz
Badi Pur Raunak Hoti Hai Yaadein Hum Faqiron Ki.
 फुर्सत मिले तो कभी हमें भी याद कर लेना फ़राज़
 बड़ी पुर रौनक होती हैं यादें हम फकीरों की.  
 12= Ek Pal Jo Tujhe Bhoolane Ka Sochata Hun Faraz
    Meri Saanse Meri Taqdir Se Ulajh Jati Hai.
   एक पल जो तुझे भूलने का सोचता हूँ फ़राज़
   मेरी साँसें मेरी तकदीर से उलझ जाती हैं.
 13= Mohabbat Ke Andaz Juda Hote Hain Faraz
   Kisi Ne Toot Ke Chaaha Aur Koi Chaah Ke Toot Gaya.
   मोहब्बत के अंदाज़ जुदा होते हैं फ़राज़
   किसी ने टूट के चाहा और कोई चाह के टूट गया.
Two Line Shayari by Ahmad Faraz
 14= Aankhon Mein Haya Ho To 
    Parda Dil Ka Hi Kaafi Hai Faraz,


   Nahin To Naqabon Se Bhi Hote Hain 
   Ishaare Mohabbat Ke.
   आँखों में हया हो तो 
   पर्दा दिल का ही काफी है फ़राज़

   नहीं तो नकाबों से भी होते हैं
    इशारे मोहब्बत के.  
30 अहमद फ़राज़ की शायरी
 15= Uski Baatein Mujhe Khusboo Ki Tarah Lagti Hain
Phool Jaise Koi Sehara Mein Khila Karta Hai.
   उसकी बातें मुझे खुशबू की तरह लगती हैं
   फूल जैसे कोई सेहरा में खिला करता है.  
 16= Ruth Jane Ki Adaa Ham Ko Bhi Aati Hai Faraz
    Kaash Hota Koi Ham Ko Bhi Manaane Waala.
   रूठ जाने की अदा हम को भी आती है फ़राज़
   काश होता कोई हम को भी मनाने वाला. 
  17= Kis Kis Se Muhabbat Ke Wade Kiye Hain Tune Faraz
Har Roz Ek Naya Shakhs Tera Naam Puchhata Hai.
   किस किस से मुहब्बत के वादे किये हैं तू ने फ़राज़
   हर रोज़ एक नया शख्स तेरा नाम पूछता है. 
 18= Wafa Ki Laaz Mein Usko 
   Mana Lete To Achcha Tha Faraz

   Ana Ki Jang Mein Aksar Judai Jeet Jaati Hai,
   वफ़ा की लाज में उसको मना लेते तो अच्छा था फ़राज़
  अना की जंग में अक्सर जुदाई जीत जाती है.  
Best Ahmad Faraz Poetry
 19= Us Se Bichhade To Maloom Hua Ki 
  Maut Bhi Koi Cheez Hai Faraz


  Zindagi Wo Thi Jo Ham Uski 
  Mahafil Mein Gujaar Aaye.
   उस से बिछड़े तो मालूम हुआ की 
  मौत भी कोई चीज़ है फ़राज़

  ज़िन्दगी वो थी जो हम उसकी 
  महफ़िल में गुज़ार आए.


 20= Hamare Baad Nahi Aayega Tumhe 
     Chaahat Ka Aisa Maza Faraz


    Tum Logon Se Khud Kehate Firoge Ki 
    Mujhe Chaaho To Uski Tarah.
   हमारे बाद नहीं आएगा 
  तुम्हे चाहत का   ऐसा मज़ा फ़राज़

  तुम लोगों से खुद कहते फिरोगे की 
  मुझे चाहो तो उसकी तरह.
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21= Main Qpne Dil Ko Ye Baat Kaise Samjhaun Faraz
    Ki Kisi Ko Chahane Se Koi Apna Nhai Hota,
 मैं अपने दिल को ये बात कैसे समझाऊँ फ़राज़
 कि किसी को चाहने से कोई अपना नहीं होता.
30 अहमद फ़राज़ की शायरी
 22= Kaanch Ki Tarah Hote Hain 
  Gareebon Ke Dil Faraz

  Kabhi Tut Jaate Hain To 
  Kabhi Tod Diye JaateHain.
   कांच की तरह होते हैं गरीबों के दिल फ़राज़
   कभी टूट जाते हैं तो कभी तोड़ दिए जाते हैं.

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 23= Mujuhko Maloom Nahi Husn Ki Taarif Faraz
   Meri Nazaron Mein Haseen Wo Hai 
   Jo Tujh Jaisa Ho. 
   मुझको मालूम नहीं हुस्न की तारीफ फ़राज़
   मेरी नज़रों में हसीन वो है जो तुझ जैसा हो. 
Two Line Shayari by Ahmad Faraz
 24= Jo Kabhi Har Roz Mila Karte The Faraz
    Wo Chehare To Ab Khab-O-Khyal Ho Gaye.
  जो कभी हर रोज़ मिला करते थे फ़राज़
  वो चेहरे तो अब ख़ाब ओ ख़याल हो गए.
 25= Uski Zafaaon Ne Mujhe 
  Ek Tahzeeb Sikha Di Hai Faraz


   Main Rote Hue So Jaata Hun Par 
  Shikwa Nahin Karta.
   उसकी जफ़ाओं ने मुझे 
  एक तहज़ीब सिख दी है फ़राज़

   मैं रोते हुए सो जाता हूँ पर 
  शिकवा नहीं करता.
Best Ahmad Faraz Poetry
 26= Ye Kah Kar Mujhe Mere Dushman 
  Hansta Chhod Gaye,

   Tere Dost Kaafi Hain Tujhe Rulane Ke Liye. 
   ये कह कर मुझे मेरे दुश्मन हँसता छोड़ गए
  तेरे दोस्त काफी हैं तुझे रुलाने के लिए.

30 अहमद फ़राज़ की शायरी - 30 + Two Line Shayari by Ahmad Faraz 

  27= Wahan Se Ek Pani Ki Bund 
    Na Nikal Saki “Faraz”


    Tamaam Umar Jin Aankhon Ko Ham 
   Jheel Likhte Rahe.
   वहाँ से एक पानी की बूँद 
  ना निकल सकी “फ़राज़”

  तमाम उम्र जिन आँखों को हम झील लिखते रहे.  
"30 अहमद फ़राज़ की शायरी"
 28= Wo Shakhas Jo Kehta Tha 
  Tu Na Mila To Marr Jaunga “Faraz”


  Wo Aaj Bhi Zinda Hai 
  Yahi Baat Kise Aur Se Kahne Ke Liye.
   वो शख्स जो कहता था 
  तू न मिला तो मर जाऊंगा “फ़राज़”

  वो आज भी जिंदा है 
  यही बात किसी और से कहने के लिए. 
"Two Line Shayari by Ahmad Faraz"
 29= Aise Duba Hun 
   Teri Yaad Ke Samandar Me “Faraz”


  Dil Ka Dhadakna Bbhi 
  Ab Tere Kadmon Ki Sda Laggti Hai.
   ऐसा डूबा हूँ 
  तेरी याद के समंदर में “फ़राज़”

  दिल का धड़कना भी 
  अब तेरे कदमों की सदा लगती है.

 30= Tumhari Duniya Me 
     Ham Jaise Hazaron Hai “Faraz”


     Hum Hi Pagal The 
     Jo Tumhe Pa Ke Itraane Lage

   तुम्हारी दुनिया में 
  हम जैसे हजारों हैं “फ़राज़”

  हम ही पागल थे 
  जो तुम्हे पा के इतराने लगे.

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नमस्कार दोस्तों Wahh Hindi Blog की और से आप सभी को धन्यवाद देता हु, की आप सभी ने इस ब्लॉग को अपना समझा. साथ ही अपना प्यार और सहयोग दिया.