Saturday, 24 June 2017

150 Swami Vivekananda Quotes In Hindi, 150 स्वामी विवेकानंद अनमोल वचन

महान लोगों के द्वारा कहे गए सर्वश्रेष्ठ प्रेरणादायक विचार जो हमें हमेशा सकारात्मक दिशा की ओर ले जाती है. और हमारे अन्दर छुपी नकारात्मक सोच को मिटा देती हैं. जीवन में सफलता और उंचाईयों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं. 
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150 Swami Vivekananda Quotes In Hindi, 150 स्वामी विवेकानंद अनमोल वचन

आज हम इस आर्टिकल में महान  प्रेरणा के अपार स्रोत स्वामी विवेकानंद की बात करते हैं जिन्होंने अपने अल्प जीवन में पूरे विश्व पर भारत और हिंदुत्व की गहरी छाप छोड़ दी. स्वामी जी ने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज की सेवा में अर्पित कर दिया. 

तो आईये पढ़ते हैं इस पोस्ट में  स्वामी विवेकानंद जी द्वारा कहे गए प्रेरणादायक सुविचार जो हमारे जीवन में एक नयी उर्जा भर देगी.  

150 Swami Vivekananda Quotes In Hindi, 150 स्वामी विवेकानंद अनमोल वचन


 1= उठो, जागो और तब तक मत रूको 
 जब तक लक्ष्‍य की प्राप्ति न हो जाए..


   Utho Jago Aur Tab Tak Mat Ruko 
 Jab Tak Lakshya Ki Prati Na Ho Jaye.


 2= मन की एकाग्रता ही समग्र ज्ञान है.


   Man Ki Ekagrata Hi Smgra Gyan Hai


 3= एक समय में एक काम करो 
 और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्‍मा उसमें डाल दो 
 और बाकी सब कुछ भूल जाओ..


   Ek Samya Me Ek Kam Karo,
Aur Yesa karte Samya Apni Puri Atma Usme Dal Do,
Aur Baki Sab Kuch Bhul Jao


 4= जिस समय जिस काम के लिए प्रतिज्ञा करो, 
 ठीक उसी समय पर उसे करना ही चाहिए, 
 नही तो लोगो का विश्‍वास उठ जाता है..


   Jis Samya Jis Kam Ke Liye Pratiyga Karo,
 Thik Usi Samay Par Use Karna Hi Chahiye,
 Nahi To Logon Ka Vishvas Uth jata Hai.


 5= मुझे पसन्‍द करो या न पसन्‍द करो दोनों मेरे ही पक्ष में है.
 यदि आप मुझे पसन्‍द करोगें तो
 मैं आप के दिल में रहूँगां और अगर न पसन्‍द करोगे तो मैं आपके  दिमाग़ में रहूँगा..


   Mujhe Pasand Karo ya Na Pasand Karoge To,
 Me Aap Ke Dil me Rahunga 
 Aur Agar Na Pasand kareoge To 
 Me Aapke Dimag me Rahunga.


 6= कोई व्‍यक्ति कितना ही महान क्‍यों न हो, 
 आंखे मूंदकर उसके पीछे न चले.
 यदि ईश्‍वर की ऐसी ही मंशा होती तो वह हर प्राणी को आंख, नाक,  कान, मुंह और दिमाग़ क्‍यों देते?


   Koi Vykit Kitna Hi Mahan Kyu na Ho,
 Ankhe Mundkar Uske Piche Na Chle,
 Yadi Eshvar Ki Yesi Hi Mansha Hoti to Wah Har Prani Ko  Ankh, Nak, Kan, Muh Aur Dimag Kyu Dete?

स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार

  7= आज हमारे देश को आवश्‍यकता है.
 लोहे के समान मांसपेशियों और वज्र के समान स्‍नायुओं की.
 हम बहुत दिनों तक रो चुके, 
 अब और रोने की आवश्‍यकता नहीं, 
 अब अपने पैरों पर उठ खड़े हो एवं मनुष्‍य बनो.


   Aaj Hamare Desh Ko Aavshyakta Hai,
 Lohe Ke Saman Manspeshiyon Aur Vjra Ke Saman Snayuyon Ki,
 Hum Bahut Dino Tak Ro Chuke,
 Ab Aur Rone Ki Avashyakta NahiAb Apne Peron Par Uth  Khade Ho Avam Manusya Bano.


 8= दुनिया का सबसे बड़ा धर्म है, 
 अपने स्‍वभाव के प्रति सच्‍चे होना.
 स्‍वयं पर विश्‍वास करो..


   Duniya Ka Sabse Bada Dhram Hai,
 Apne Svabhav Ke Prati Sacche Hona.
  Svam Par Vishvas Karo.


 9= लगातार पवित्र  विचार करते र‍हें.
 बुरे संस्‍कारों को दबाने के लिए एकमात्र समाधान यही है..


   Lagatar Pavitra Vichar Karte Rahe
 Bure Sanskaron Ko Dbane Ke Liye 
 Ekmatra Smadhan Yahi Hai.


 10= उस व्‍यक्ति ने अमरत्‍व प्राप्‍त कर लिया है, 
 जो किसी सांसारिक वस्‍तु से व्‍याकुल नहीं होता.


   Us Vykit Ne Amrtva Prapt Kar Liya Hai,
 Jo Kise Sanskarik Vastu Se Vyakul Nahi Hota.



 11= कभी मत सोचिये कि आत्‍मा के लिए कुछ असंभव है, 
 ऐसा सोचना सबसे बड़ा विधर्म है.
 अगर कोई पाप है, तो वो यही है,
 ये कहना कि तुम निर्बल हो या अन्‍य निर्बल हैं.



   Kabhi Mat  Sochiye Ki Aatma Ke Liye 
 Kuch Asambhav Hai,
 Yesa Sochna Sabse Bada Vidhram Hai.
 Agar Koi Pap hai To Vo yahi hai 
 Ye Khana Ki Tum Nirbal Ho Ya Anya Nirbal Hai.

स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार

 12= बच्‍चों पर निवेश करने की सबसे अच्‍छी खोज है, 
 अपना समाज और अच्‍छे संस्‍कार.
 ध्‍यान रखें, एक श्रेष्‍ठ बालक का निर्माण 
 सौ विद्यालय को बनाने से भी बेहतर है.


   Baccho Par Nivesh Karne Ki Sabse Acchi Khoj Hai,
 Apna Samaj Aur Acche Sanskar,
 Dhyan Rakhe Ek Sresth Balak Ka Nirman 
 So Vidyalay Ko Bnane Se Bhi Behtar Hai.

"Vivekananda Thoughts"

 13= किसी की निंदा ना करें.
 अगर आप मदद के लिए हाथ बढ़ा सकते है, 
 तो जरूर बढ़ाएं अगर नहीं बढ़ा सकते, 
 तो अपने हाथ जोडिये अपने भाईयों को आशीर्वाद दीजिये, 
 और उन्‍हें उनके मार्ग पर जाने दीजिये.


   Kisi Ki Ninda Na Kare,
 Agar Aap Madad Ke Liye Hath Bada Sakte Hai To 
 jarur Badeya Agar Nahi Bada Sakte,
 To Apne Hath Jodiye Apne Bhaiyon Ko Aashirvad Dijiye  Aur Unhe Unke Marg Par Jane Dejiye..


 14= किसी एक विचार को अपने जीवन का लक्ष्‍य बनाओ 
 कुविचारों का त्‍याग कर केवल उसी विचार के बारे में सोचो.
 आप पाओगे कि सफलता तुम्‍हारे कदम चूम रही है.



   Kisi Ek Ka Vichar Ko Apne Jivan Ka Lakshya Banao,
 Kuvichar Ka Tyag Kar Keval Use Vichar Ke Bare Me Socho,
 Aap Paoge Ke Saflta Tumhare Kadam Chum Rahi Hai.


 15= एक समय आता है, 
 जब मनुष्‍य अनुभव करता है कि थोड़ी-सी मनुष्‍य की सेवा करना 
 लाखों जप-ध्‍यान से कहीं बढ़कर है.



   Ek Samay Aata Hai,
 Jab Manusya Anubhav Karta hai 
 Ki Thodi Se Manusya Ke Sewa Karna,
 Lakhon Jap Dhyan Se Badkar Hai.


 16= अगर हम ईश्‍वर को अपने दिल में 
 और हर जीवित चीज़ में नहीं देख सकते हैं तो, 
 हम ईश्‍वर को खोजने के लिए और कहाँ जहा सकते हैं?


   Agar Hum Eshvar Ko Apne Dil me 
Aur Har Jivit Chijon Me Nahi Dekh Sakte Hai To,
Hum Eshvar Ko Khojne Ke Liye Aur Khan Ja Sakte Hain?


  17= तुम अपनी अंत:स्‍थ आत्‍मा को छोड़ 
 किसी और के सामने सिर मत झुकाओ.
 जब तक तुम यह अनुभव नहीं करते कि 
 तुम स्‍वयं देव हो, तब तक तुम मुक्‍त नहीं हो सकते.


   Tum Apni Antsth Aatma Ko Chod 
 Kisi Aur Ke Samne Sir mat Jhukao,
 Jab Tak Tum Yah Anubhav nahi karte ki,
 Tum Svam Dev Ho Tab Tak Tum Mukt Nahi Ho Sakte .


 18= बाहरी स्वभाव केवल अंदरूनी स्वभाव का बड़ा रूप है.


   Bahri Svabhav Keval Andruni Svabhav Ka Bada Rup Hai.

Swami Vivekananda Quotes in Hindi

 19= वेदान्त कोई पाप नहीं जानता, वो केवल त्रुटी जानता है. 
 और वेदान्त कहता है कि सबसे बड़ी त्रुटी यह कहना है कि 
 तुम कमजोर हो, तुम पापी हो, एक तुच्छ प्राणी हो, 
 और तुम्हारे पास कोई शक्ति नहीं है और तुम ये-वो नहीं कर सकते.


   Vedant Koi Pap Nahi Janta Vo Keval Truti Janta Hai,
 Aur Vedant Kahta Hai Ki Sabse Badi Truti Yah Kahna Hai Ki,
 Tum Kamjor Ho Tum Papi Ho Ek Tucch Prani Ho,
 Aur Tumhare Pas Koi Shakti Nahi Hai Aur Tum Ye Vo Nahi Kar Sakte


 20= जब तक लाखों लोग भूखे और अज्ञानी हैं,
 तब तक मैं उस प्रत्‍येक व्‍यक्ति को गद्दार मानता हूँ 
 जो उनके बल पर शि‍क्षित हुआ और 
 अब वह उसकी ओर ध्‍यान नहीं देता..


   Jab Tak Lakho Log Bhukhe Aur Agyani  Hai,
 Tab Tak me Us Pratek Vykit Ko Gaddar Manta Hun,
 Jo Unke Bal Par Shikshit Huwa Aur Ab Wah Uski Aur Dhyan Nahi Deta.


 21= कोई व्‍यक्ति कितना ही महान क्‍यों न हो, 
 आंखे मूंदकर उसके पीछे न चले.
 यदि ईश्‍वर की ऐसी ही मंशा होती तो वह हर प्राणी को आंख, नाक,  कान, मुंह और दिमाग़ क्‍यों देते?


   Koi Vykit Kitna Hi Mahan Kyu na Ho,
  Ankhe Mundkar Uske Piche Na Chle,
  Yadi Eshvar Ki Yesi Hi Mansha Hoti to Wah Har Prani Ko  Ankh, Nak, Kan, Muh Aur Dimag Kyu Dete.


 22= आज हमारे देश को आवश्‍यकता है.
 लोहे के समान मांसपेशियों और वज्र के समान स्‍नायुओं की.
 हम बहुत दिनों तक रो चुके, 
 अब और रोने की आवश्‍यकता नहीं, 
 अब अपने पैरों पर उठ खड़े हो एवं मनुष्‍य बनो.


   Aaj Hamare Desh Ko Aavshyakta Hai,
 Lohe Ke Saman Manspeshiyon Aur Vjra Ke Saman Snayuyon Ki,
 Hum Bahut Dino Tak Ro Chuke,
 Ab Aur Rone Ki Avashyakta Nahi,
 Ab Apne Peron Par Uth Khade Ho Avam Manusya Bano.


 23= जीवन में ज्‍यादा रिश्‍ते होना जरूरी नहीं हैं, 
 लेकिन जो रिश्‍ते हैं उनमें जीवन होना जरूरी हैं..


   Jivan Me Jyda Riste Hona Jaruri Nahi Hai,
 Lakin Jo Rishte Hai Unme Jivan Hona Jaruri Hai.

Quotes of Swami Vivekananda 

 24= कोई भी धर्म जो तुम्‍हें ईश्‍वर की प्राप्ति में सहायता देता है, 
 अच्‍छा हैं। धर्म ईश्‍वर की प्राप्ति है.


   Koi Bhi Dhram Jo Tumhe Eshvar Ke Prapti Me Shayta Deta Hai,
 Accha Hai Dhram Eshvar Ki Prapti Hai.


 25= कभी कमजोर नहीं पड़े, आप अपने आपको शक्तिशाली बनाओं, 
 आप के भीतर अनंत शक्ति है..


   Kabhi Kamjor Nahi Pade Aap Apne Aapko Shaktishali Banao,
 Aap Ke Bhitar Anant Shakti Hai...


 26= मस्तिष्‍क की शक्तियां सूर्य की किरणों के समान है.
 जब वो केन्द्रित होती है तो चमक उठती हैं..


   Mastisk Ki Shaktiya Surya Ki Kisrno Ke Sman Hai,
 Jab Vo Kendrat Hoti Hai To Chamak Uthti Hai.


  27= हम जितने शान्‍तचित्त होंगे और हमारे स्‍नायु जितने संतुलित रहेंगे, 
 हम जितने ही अधिक प्रेम-सम्‍पन्‍न होंगे- 
 हमारा कार्य भी उतना ही अधिक उत्तम होगा..


   Hum Jityne Shantchit Honge Aur Hmare Snayu Jitne Santulit Rahege,
 Hum Jitne Hi Adhik Prem Sampnn Honge,
 Humra Karya Bhi Utna Hi Adhik Uttam Hoga.

Vivekananda Thoughts

 28= अगर धन दूसरों की भलाई करने में मदद करे, 
 तो इसका कुछ मूल्‍य है, 
 अन्‍यथा ये सिर्फ बुराई का एक ढेर है
 और इससे जितना जल्‍दी छुटकारा मिल जाये उतना बेहतर है..


   Agar Dhan Dusron Ki Bhlae Karne Me Madad Kare,
 To Eska Kuch Mulya Hai,
 Anytha Ye Sirf Burae Ka Ek Dher Hai,
 Aur Esse Jitna Jaldi Chutkara Mil Jaye Utna Behtar Hai.


 29= यदि स्‍वयं पर विश्‍वास करना, 
 अधिक विस्‍तार से पढाया और अभ्‍यास कराया गया होता, 
 तो मुझे यकीन है कि बुराइयों और दु:ख का 
 एक बहुत ही बड़ा हिस्‍सा गायब हो गया होता..


   Yadi Svam Par Vishvas Karna ,
Adhik Vistar Se Pdaya Aur Abhyas Karaya Gaya Hota,
To Mujhe Yakin Hai Ki Buraeyon Aur 
 Dukh Ka Ek Bhut Hi Bada Hissa Gayab Ho Gaya Hota.


 30= जो सत्‍य है, 
 उसे साहस पूर्वक निर्भीक होकर लोगो से कहो,
 उससे किसी को कष्‍ट होता है या नहीं, इस और ध्‍यान मत दो..


   Jo Satya Hai,
 Use Sahas Purvak Nirbhik Hokar Logo Se Kaho,
 Usse Kisi Ko Kast Hota Hai Ya Nahi Es Aur Dhyan mat Do.


 31= जो मनुष्‍य इसी जन्‍म में मुक्ति प्राप्‍त करना चाहता है, 
 उसे एक ही जन्‍म में हजारों वर्ष का काम करना पड़ेगा..


  Jo Manusya Esi Janm Me Mukte Prapt Karna Chata Hai,
 Use Ek Hi Janm Me Hajaron Vars ka Kam Karna Padega.


 32= एक शब्द में, यह आदर्श है कि तुम परमात्मा हो.


   Ek Shabd Me Yah Aadarsh Hai Ki Tum Parmatma Ho.


 33= उस व्यक्ति ने अमरत्व प्राप्त कर लिया है, 
 जो किसी सांसारिक वस्तु से व्याकुल नहीं होता.


   Us Vykit Ne Amrtva Prapt Kar Liya Hai 
 Jo Kisi Sansarik Vastu Se Vyakul Nahi Hota.


 34= ब्रह्माण्‍ड की सारी शक्तियां पहले से हम में है, 
 वह हम ही है जो अपनी आंखो पर हाथ रख लेते है 
 और फिर रोते है कि कितना अन्‍धकार है..


   Bramhand Ki Sari Shaktiyan Pahle Se Hum Me Hai,
 Wah Hum Hi Hai Jo Apni Ankho Par Hath Rakh Lete Hai.  Aur Fir Rote Hai Ki Kitna Andhkar Hai .


 35= भला हम भगवान को खोजने कहाँ जा सकते हैं, 
 अगर उसे अपने ह्रदय और हर एक जीवित प्राणी में नहीं देख सकते..


   Bhla Hum Bhagwan Ko Khojne Khan Ja Sakte Hai,
 Agar Use Apne Harday Aur Har Ek Jivit Prani Me Nahi Dekh Sakte.


 36= हमें अनन्‍त शक्ति, अनन्‍त उत्‍साह, 
 अनन्‍त साहस तथा अनन्‍त धैर्य चाहिए. 
 केवल तभी महान कार्य सम्‍पन्‍न होंगे.


   Hume Anant Shakti Anant Utsha,
 Anant Sahas Tatha Anant Dherya Chahiye,
 Keval Tabhi Mahan Karya Sampann Honge.


  37= तेरा सपना क्‍यों पूरा नहीं होता, 
 हिम्‍मत वालों का इरादा अधूरा नहीं होता, 
 जिस इंसान के कर्म अच्‍छे होते है 
 उस के जीवन में कभी अँधेरा नहीं होता..


   Tera Sapna Kyu Pura Nahi Hota 
 Himmat Valon Ka Erada Adhura Nahi Hota,
 Jis Inshan Ke Karm Acche Hote Hai 
 Us Ke Jivan Me Kabhi Andhera Nahi Hota.

"Swami Vivekananda Quotes in Hindi"

 38= हमारे देश की स्त्रियाँ, विद्या, बुद्धि अर्जित करें, 
 यह मैं ह्रदय से चाहता हूँ, 
 लेकिन पवित्रता की बलि देकर यदि यह करना पड़े तो कदापि नहीं..


   Hmare Desh Ki Striyan Vidhya Buddhi Arjit Karen,
 Yah Me Harday Se Chata Hun,
 Lakin Pvitrta Ki Bali DekarYadi Yah 
 Karna Pade ToKadipi Nahi .


 39= आपका उद्देश्‍य आपका अपना है, 
 उसे दूसरों के लिए मत बदलिए 
 लेकिन आपका चरित्र आपके लिए नहीं है, 
 उसे दूसरों के लिए बदल दीजिए..


   Apka Udeshya Apka Apna Hai,
 Use Dusron Ke Liye Mat Badliye.
 Lakin Apka Charitra Aapke Liye Nahi Hai 
 Use Dusron Ke Liye Badal Dijiye .


 40= मानव-देह ही सर्वश्रेष्‍ठ देह है, 
 एवं मनुष्‍य ही सर्वोच्‍च प्राणी है,
 इस जन्‍म में ही हम इस सापेक्षिक जगत् से 
 संपूर्णतया बाहर हो सकते हैं..


   Manv Deh Hi Sarvsresth Deh Hai.
 Avam Manusya Hi Sarvoch Prani Hai,
 Ess Janm Me Hi Hum Es Sapeshit Jagat Se Sampurntya.


 41= जो दूसरों से घृणा करते है, 
 वो स्‍वयं भी पतित होते है.


   Jo Dusron Se Grana Karte Hai 
 Vo Svam Bhi Patit Hote Hai.


 42=  जितना बड़ा संघर्ष होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी..


  Jitna Bada Sangrash Hoga Jeet Utni Hi Shandar Hogi


  
 43= मन की दुर्बलता से अधिक भयंकर और कोई पाप नहीं है.


   Man Ki Durbalta Se Adhik Bhyankar Aur Koi Pap Nahi Hai.


 44= जगत में यदि आप किसी एक 
 धर्म-मात्र की शिक्षा प्रदान करना चाहते है, 
 तो वह होगा निर्भयता..


   Jagat Me Yadi Aap Kisi Ek 
 Dhram Matra Ki Siksha Pradan Karna Chahte Hai
 To Wah Hoga Nirbhyata.


 45= आप ईश्‍वर में तब तक विश्‍वास नहीं कर पाएंगे
 जब तक आप अपने आप में विश्‍वास नहीं करतें हैं..


   Aap Eshor Me Tab Tak Vishvas Nahi Kar Payege,
 Jab Tak Aap Apne Aap Me Vishvas Nahi Karte Hai.


46= पहले हर अच्‍छी बात का मजाक बनता है, 
 फिर विरोध होता है और फिर उसे स्‍वीकार लिया जाता है.


   Pahle Har Acchi Bat Ka Majak Banta Hai,
 Fir Virodh Hota Hai Aur Fir Use Svikar Liya Jata Hai.

Quotes of Swami Vivekananda

 47= शारीरिक, बौद्धिक और आध्‍यामित्‍क रूप से 
 जो भी कमजोर बनता है,
 उसे जहर की तरह त्‍याग दो..


   Sharirik Baudhik Aur Adhyatmik Rup Se 
  Jo Bhi Kamjor Banta Hai,
  Use Zahar Ki Trah Tyag Do.


 48= इस दुनिया में सभी भेद-भाव किसी स्‍तर के हैं, ना कि प्रकार के, 
 क्‍योंकि एकता ही सभी चीजों का रहस्‍य है..


   Es Duniya Me Sabhi Bhed Bhav Kisi Star Ke Hai 
 Na Ki Prakar Ke ,
 Kyuki Ekta Hi Sabhi Chijo Ka Rahsya Hai.


 49= जीवन का रहस्‍य केवल आनंद नही है, 
 बल्कि अनुभव के माध्‍यम से सीखना है..


   Jivan Ka Rahsya Keval Anand Nahi Hai,
  Balki Anubhav Ke Madhyam Se Shikna Hai .


  50= किसी मकसद के लिए खड़े हो तो एक पेड़ की तरह, 
 गिरो तो बीज की तरह, 
 ताकि दुबारा उगकर उसी मकसद के लिए जंग कर सको..


   Kisi Maksad Ke Liye Khede Ho To Ek Pend Ki Trah,
 Giro To Bij Ki Trah Taki Dubara Ugkar Use maksad Ke Liye Jang Kar Sako.


 51= हम वो हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है.
 इसलिए इस बात का ध्‍यान रखिये कि आप क्‍या सोचते हैं, 
 शब्‍द गौण हैं.
 विचार रहते हैं, वे दूर तक यात्रा करते हैं.


   Hum Vo Hai Jo Hume Humari Soch Ne Bnaya Hai,
  Esliye Es Bat Ka Dhyan Rakhiye Ki Aap Kya Sochte Hai,
  Shabd Goud Hai,
  Vichar Rahte Hai Ve Dur Tak Yatra Karte Hai



 52= सफलता प्राप्‍त करने के लिए 
 अटल धैर्य और दृढ़ इच्‍छाशक्ति चाहिए.


   Safalta Prapt Karne Ke Liye 
 Atal Dherya Aur Dran Echashakti Chahiye.


 53= सभी शक्ति तुम्‍हारे भीतर है, 
 आप कुछ भी और सब कुछ कर सकते हैं.


   Sabhi Shakti Tumhare Bhitar Hai,
  Aap Kuch Bhi Aur Sab Kuch Kar Sakte Hai.


 54= एक अच्‍छे चरित्र का निर्माण 
 हज़ारों बार ठोकर खाने के बाद ही होता है..


   Ek Acche Chartra Ka Nirman 
 Hajaron Bar Thokar Khane Ke Bad Hi Hota Hai.


 55= बहादुर अकेला ही महान लक्ष्‍य 
 हासिल कर सकता है, ना कि कायर..


   Bhadur Akela Hi Mahan Laksya 
 Hasil Kar Sakta Hai Na Ki Kayar.


 56= शिक्षा मनुष्‍य में पूर्णता अभिव्‍यक्‍त है, 
 और चरित्र उस अभिव्‍य‍क्ति की परीक्षा..


   Siksha Manusya Me Purntah Abhivykt Hai 
 Aur Charitra Us Abhivykt Ke Priksha.


  57= विश्‍व एक व्‍यायामशाला है, 
 जहाँ हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं..


   Vishva Ek Vyamyamshala Hai 
 Jaha Hum Khud ko majbut Bnane Ke Liye Aate Hai.


 58= पवित्रता और दृढ़ इच्‍छाशक्ति सर्वशक्तिमान है,
 क्‍या तुम इसमें विश्‍वास करते हो?


   Pvitrata Aur Dran Echashakti Sarvshaktiman Hai,
  Kya Tum Esme Vishvas Karte Ho.


 59= कोई काम करने से पहले हार मत मानिये, 
 नही तो वह काम कभी भी सफल नही होगा.


   Koi Kam Karne Se Pahle Har Mat Maniye,
  Nahi To wah Kam Kabhi Bhi Safal Nahi Hoga.


 60= मस्तिष्‍क की शक्तियां सूर्य की किरणों के समान है.
 जब वो केन्द्रित होती है तो चमक उठती हैं..


   Mastisk Ki Shaktiya Surya Ki Kisrno Ke Sman Hai,
 Jab Vo Kendrat Hoti Hai To Chamak Uthti Hai .


 61= सब कुछ खोने से बुरा क्‍या है? 
 वो उम्‍मीदें खोना जिसके भरोसे पर हम 
 सब कुछ वापस प्राप्‍त कर सकते हैं.


   Sab Kuch Khone Se Bura Kya Hai,
 Vo Ummede Khona Jiske Brose Par Hum 
 Sab Kuch Vapas Prapt Kar Sakte Hai.


 62आधुनिक भौतिक विज्ञान उन्‍ही निष्‍कार्षो तक पहुँचा है, 
 जिन तक भारतीय वेदांत युगों पहले पहुँच चूका है.


   Aadhunik Bhotik Vigyan Unhi Niskarsho Tak Pahuncha Hai,
 Jin Tak Bartiya Vedant Yugo Pahle Pahunch Chuka Hai.

  
 63= कुछ मत पूछो, बदले में कुछ मत मांगो.
 जो देना है वो दे दो.
  वो तुम तक वापस आएगा लेकिन उसके बारे में अभी मत सोचो.


   Kuch Mat Puncho Badle Me Kuch Mat Mango,
Jo Dena Hai Vo De Do.
  Vo Tum Tak Vapas Aayga Lakin Uske bare Me Abhi Mat Socho .

स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार

 64= पवित्रता, धैर्य तथा प्रयत्न के द्वारा सारी बाधाएँ दूर हो जाती हैं.
 इसमें कोई सन्‍देह नहीं कि महान कार्य सभी धीरे-धीरे होते हैं.. 


   Pvitrta Dherya Tatha Prayatna Ke Dvara Sari Badhae Dur Ho Jati Hai,
 Esme Koi Sandeh Nahi Ki Mahan Karya Sabhi Dhere Dhere Hote hai.


 65= यह भगवान से प्रेम का बंधन वास्‍तव में ऐसा है, 
 जो आत्‍मा को बांधता नहीं है बल्कि प्रभावी ढंग से उसके सारे बंधन तोड़ देता है.


   Yah Bhagwan Se Prem Ka Bandhan Vastava Me Yesa Hai,
 Jo Atma Ko Bandhta Nahi Hai Balki Prabavi Dhang Se Uske Sare Bandhan Tod Deta Hai.


 66= जब कोई विचार अनन्‍य रूप से मस्तिष्‍क पर अधिकार कर लेता है, 
 तब यह वास्‍तविक भौतिक या मानसिक अवस्‍था में परिवर्तित हो जाता है.


   Jab Ko Vichar Ananya Rup Se Mastisk Par Adhikar Kar Leta Hai,
 Tab Yah Vastvik Bahutik Ya Mansik Avstha Me Parivartit Ho Jata hai.


 67= नेतृत्‍व करने वालों के शब्‍दकोशों में असंभव शब्‍द नहीं होता है.
 कितनी भी बड़ी चुनौतियां क्‍यों न हो, 
 मजबूत इरादें और दृढ़ संकल्‍प से उन्‍हें सुलझाया जा सकता है.


   Netrtva Karne Valon Ke Shabdkoshon Me Asambhav Shabd Nahi Hote Hai,
 KItni Bhi Badi Chunotiyon Kyu Na Ho,
 Majbut Erade Aur Dran Sankalp Se Unhe Suljhya Ja Sakta Hai .


 68= आसक्ति का सम्‍पूर्ण त्‍याग करने के दो उपाय है:-
 समस्‍त कर्मफलों को ईश्‍वर को समर्पित करना.
अपनी इच्‍छा-शक्ति का अवलम्‍बन करके. 


   Ashakti Ka Sampurn Tyag Karne Ke Do Upay Hai,
 Samast Karmflon Ko Ishvar Ko Samrpit karna,
Apni IchaShakti Ka Avlamban Karke..


 69= स्‍वयं में बहुत सी कमियों के बावजूद अगर मैं स्‍वयं से प्रेम कर सकता हूँ तो
 फिर दूसरों में थोड़ी बहुत कमियों की वजह से उनसे घृणा कैसे कर सकता हूँ.


   Svam Me Bhaut Se Kamiyon Ke Bavjud Agar Me Svam Se Prem Kar Sakta Hun to,
 Fir Dusron Me Thodi Bhaut Kamiyo Ki Vjha Se Unse Grana Kese Kar Sakta Hun. 


 70= यही दुनिया है, यदि तुम किसी पर उपकार करोगे तो 
 लोग उसे कोई महत्‍व नहीं देंगे
 परन्‍तु ज्‍यों ही तुम उस कार्य को बन्‍द कर दों तो
 वे तुरन्‍त तुम्‍हें बदमाश प्रमाणित करनें में नही हिचकिचायेंगे.


   Yahi Duniya Hai Yadi Tum Kisi Par Upkar Karoge To,
 Log Use Koi Mahatva Nahi Denge,
 Prantu Jyu Hi Tum Us Karya Ko Band Kar Do To,
 Ve Turant Tumhe Badmash Pramanit Karne Me Nahi  Hichkichayege .


 71= हम जो बोते हैं वो काटते हैं. हम स्‍वयं अपने भाग्‍य के विधाता हैं.
 हवा बह रही है। वो जहाज जिनके पाल खुले हैं..
 इससे टकराते हैं, और अपनी दिशा में आगे बढ़ते हैं, 
 लेकिन जिनके पाल बंधे हैं हवा को नहीं पकड़ पाते.
 क्‍या यह हवा की गलती है? 
 हम खुद अपना भाग्‍य बनाते हैं.


   Hum Jo Bote Hai Vo Katte Hai Hum Svam Apne Bagya Ke Vidhata Hai,
 Hwa Bah Rahi Hai VO Jahaj Jinke Pal Khule Hai,
 Esse Takrate Hai Aur Apni Disha Me Aage Badte Hai,
 Lakin Jinke Pas Pal Bandhe Hai Hawa Ko Nahi Pakd pate ,
 Kya Yah Hawa Ki Galti Hai,
 Hum Khud Apna Bagya Bnate Hai.


 72= शक्ति जीवन है, निर्बलता मृत्‍यु है.विस्‍तार जीवन है, 
 संकुचन मृत्‍यु है. प्रेम जीवन है, द्वेष मृत्‍यु है.


   Shakti Jivan Hai Nirbalta martyu Hai Vistar Jivan Hai,
Sankuchan Martyu Hai Prem Jivan Hai Dvesh martyu Hai .

Swami Vivekananda Quotes in Hindi

 73= "भारत उठो"
 अपनी आध्‍यामित्‍कता से सारे संसार के विजेता बनो.


   Bharat Utho,
 Apni Aadhyamiktkta Se Sare Sansar Ke Vijeta Bano.


 74= आपको अपने भीतर से ही विकास करना होता है.
 कोई आपको सीखा नहीं सकता, कोई आपको आध्‍यात्मिक नहीं बना सकता.
 आपको सिखाने वाला और कोई नहीं, सिर्फ आपकी आत्‍मा ही है.


   Apko Apne Bhitar Se Hi Vikash Karna Hota Hai,
 Koi Apko Sikha Nahi Shakta Koi Apko Adhyatmik Nahi Bana Sakta,
 Apko Shikhane Vala Aur Koi Nahi Sirf Apki Aatma Hi Hai.


 75= हम जितना ज्‍यादा बाहर जायें और दूसरों का भला करें, 
 हमारा ह्रदय उतना ही शुद्ध होगा, और परमात्‍मा उसमे बसेंगे.


   Hum Jitna Jyada Bahar Jaye Aur Dusron Ka Bhla Karen,
 Humara Harday Utna Hi Sudh Hoga Aur Parmatma Usme Bsenge .


 76= जो आप की मदद करता है, उसे कभी मत भूलों.
 जो आप से प्रेम करता है, उससे कभी घृणा मत करो..
 जो आप पर भरोसा करता है, उसे कभी भी धोखा मत दो.


   Jo Aap Ki Madad Karta Hai Use Kabhi Mat Bhulon,
 Jo Aap Se Prem Karta Hai Usse Kabhi Grana Mat Karo,
 Jo Aap Par Bhrose  karta Hai Use kabhi Bhi Dhoka Mat Do.


  77= मुझे गर्व है कि मैं उस धर्म को मानता हूँ, 
 जिसने सारी दुनिया को भाईचारे का पाठ सिखाया.


   Mujhe Garv Hai Ki Me Us Dhram Ko Manta Hun.
 Jisne Sari Duniya Ko Bhaichara Ka  Pith Sikhaya.


 78= मन का विकास करो और उसका संयम करो, 
 उसके बाद जहाँ इच्‍छा हो, वहाँ इसका प्रयोग करो, 
 उससे अति शीघ्र फल प्राप्ति होगी.


   Man Ka Vikash Karo Aur Uska Sayam karo,
 Uske Bad Jahan Eccha Ho Wahn Eska Pryog Karo,
  Usse Ati Shigra Fal Prapti Hogi.


 79= हम जो बोते हैं वो काटते हैं. 


   Hum Jo Bote Hai Vo Katte  Hai.


 80= तुम्‍हें अन्‍दर से बाहर की तरफ विकसित होना है.


   Tumhe Andar Se Bahar Ki Traf Viksit Hona Hai.

  
81= हमारे देश की स्त्रियाँ, विद्या, बुद्धि अर्जित करें.


   Humare Desh Ki Striyan , Vidya, Budhi Arjit Karen.


 82नेतृत्‍व करने वालों के शब्‍दकोशों में असंभव शब्‍द नहीं होता है.


   Netratva karne Valo Ke Shabdkosho Me 
 Asmbhav Shabd Nahi Hota Hai.

Swami Vivekananda Quotes in Hindi

  83= मानव-देह ही सर्वश्रेष्‍ठ देह है.


   Manv Deh Hi Sarvsresth Deh Hai.


  84= इच्‍छाशक्ति ही सबसे बलशाली है.


    ichcchhashakti Hi Sabse Balshali Hai.


 85= एक समय में एक काम करो .


   Ek Samay Me Ek Kam Karo.


 86= लोग तुम्हारी स्तुति करें या निन्दा, 
 लक्ष्य तुम्हारे ऊपर कृपालु हो या न हो, 
 तुम्हारा देहांत आज हो या युग में, तुम न्यायपथ से कभी भ्रष्ट न हो.


   Log Tumhari Stuti Kare Ya Ninda,
 Lakshya Tumhare Upar Krapalu Ho Ya Na Ho,
 Tumhara Dehant Aaj Ho Ya Yug Me Tum 
 Nayaypath Se Kabhi Bhrasth Na Ho .


 87= किसी भी काम को  करने से पहले हार मत मानिये.


   Kisi Bhi Kam Ko Karne Se Pahle Har Mat Maniye.


 88=  हम जितना ज्यादा बाहर जायें और दूसरों का भला करें, 
 हमारा ह्रदय उतना ही शुद्ध होगा, 
 और परमात्मा उसमे बसेंगे.


   Hum Jitna Jayda Bahar Jaye Aur Dusron Ka Bhla Kare,
 Humara Hardy Utna Hi Shudh Hoga,
  Aur Parmatma Usme Bsenge.


 89= जब तक जीना, तब तक सीखना,
 यानी अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्‍ठ शिक्षक है.


   Jab Tak Jeena  Tab Tak Shikna ,
 Yani Anubhav Hi Jagat Me Sarvsresth Shikshk Hai.


 90= सत्‍य एक हजार अलग तरीको से कहा जा सकता है, 
 और हर एक सच हो सकता है.


   SAtya Ek Hajar Alag Tariko Se Kha Ja Sakta Hai,
 Aur Har Ek Such Ho Sakta Hai.

Swami Vivekananda Quotes in Hindi

 91= तुम फुटबॉल के जरिये स्‍वर्ग के ज्‍यादा निकट होगे 
बजाये गीता का अध्‍ययन करने के.


   Tum Futbal Ke Jariye Svarg Ke Jyda Nikat Hoge,
 Bjaye Geeta Ka Adhyan Karne Ke.

Quotes of Swami Vivekananda

 92= स्‍वयं से बाहर ईश्‍वर को ढूँढ़ना असंभव है,
 क्‍योंकि शरीर ही उसका सबसे बड़ा मंदिर है.


   Svam Se Bahar Eshvar Ko Dundna Asambhav Hai.
 Kyuki Shrir Hi Uska Sabse Bada Mandir Hai.


 93= संभव की सीमा जानने का केवल एक ही तरीका हैं 
 असंभव से भी आगे निकल जाना.


   Sambhav Ki Seema Janne Ka Keval Ek Hi Tarika Hai,
Asambhav Se Bhi Aage Nikal Jana.


 94= जि़न्‍दगी का रास्‍ता बना बनाया नहीं मिलता हैं, 
 स्‍वयं को बनाना पड़ता हैं, 
 जिसने जैसा मार्ग बनाया उसे वैसी ही मंजिल मिलती है.


   Jindgi Ka Rasta Bana Bnaya Nahi Milta hai,
 Svam Ko Banana Padta Hai 
 Jisne Jesa marg Bnaya Use  Vese Hi Manjil Milti Hai.


 95= जब लोग तुम्‍हे गाली दें तो तुम उन्‍हें आशीर्वाद दो.
 सोचो तुम्‍हारे झूठे दंभ को बाहर निकालकर 
 वो तुम्‍हारी कितनी मदद कर रहे है.


   Jab Log Tumhe Gali De To Tum Unhe Aashirvad Do,
 Socho Tumhare Jhuthe Damb Ko Bahar Nikalkar Vo  Tumhari Kitni Madad Kar Rahe Hai.


 96= विश्‍व में अधिकांश लोग इसलिये असफल हो जाते है, 
 क्‍ योंकि उनमें समय पर साहस का संचार नही हो पाता 
 वे भयभीत हो उठते हैं.


   Vishva Me Adhikansh Log Esliye Asfal Ho Jate Hai,
 Kyuki Unme Samay Par Sahas Ka Sanchar Nahi Ho Pata 
 Ve Bhaybhet Ho Uthte Hai.


  97= भला हम भगवान को खोजने कहाँ जा सकते हैं, 
 अगर उसे अपने ह्रदय और हर एक जीवित प्राणी में नहीं देख सकते.


   Bhla Hum Bhagwan Ko Khojne Khan Ja Sakte Hai,
 Agar Use Apne Harday Aur Har Ek Jivit Prani Me 
 Nahi Dekh Sakte .


 98= जन्‍म, व्‍याधि, जरा और मृत्‍यु ये तो केवल आनुषंगिक है, 
 जीवन में यह अनिवार्य है, इसलिए वह एक स्‍वाभाविक घटना है.


   Janm Vydhi Jara Aur Martyu Ye To Keval Anusangik Hai,
 Jivan Me Yah Anivrya Hai Esliye Wah Ek Svabavik gatna Hai.


 99= इच्‍छाशक्ति ही सबसे बलवती है.
 इसके सामने हर एक वस्‍तु झुक सकती है, 
 क्‍यों‍कि वह ईश्‍वर और स्‍वयं ईश्‍वर से ही आती है.


   Ichashakti Hi Sabse Balvati Hai,
 Iske samne Har Ek Vastu Jhuk Sakti Hai,
 Kyuki Wah Ishvar Aur Svam Eshvar Se Hi Aati Hai.


 100= ज्ञान स्‍वयमेव है, 
 मनुष्‍य केवल उसका आविष्‍कार करता है.


   Gyan Svaymev Hai
 Manusya Keval Uska Aviskar Karta Hai.

स्वामी विवेकानंद अनमोल वचन

 101= ईश्‍वर ही ईश्‍वर की उपलब्धि कर सकता है.
 सभी जीवित ईश्‍वर है- इस भाव से सब को देखों.  


   Ishvar Hi Eshvar Ki Uplabdhi Kar Sakta Hai 
 Sabhi Jivit Eshvar Hai Es Bhav Se Sab Ko Dekho.


102आदर्श, अनुशासन, मर्यादा, परिश्रम, 
 ईमानदारी तथा उच्‍च मानवीय मूल्‍यों के बिना
 किसी का जीवन महान नहीं बन सकता है.


   Aadarsh Anushasan Maryada Prisram 
 Emandari Tatha Ucch Manviy Mulyon Ke Bina,
 Kisi Ka Jivan Mahan Nahi Ban Sakta Hai.


 103= तुम्‍हें अन्‍दर से बाहर की तरफ विकसित होना है, 
 कोई तुम्‍हें पढ़ा नहीं सकता, कोई तुम्‍हें आध्‍यात्मिक नहीं बना सकता, 
 तुम्‍हारी आत्‍मा के अलावा कोई और गुरू नहीं है.


   Tumhe Andar Se Bahar Ki Traf Viksit Hona Hai,
 Koi Tumhe Pada Nahi Sakta  Koi Tumhe Adhyatmik Nahi Ban Sakta,
 Tumhari Atma Ke Alava Koi Aur Guru Nahi Hai.


 104= जिस तरह से विभिन्‍न स्‍त्रोतों से उत्‍पन्‍न धाराएँ अपना जल समुद्र में मिला देती हैं, 
 उसी प्रकार मनुष्‍य द्वारा चुना हर मार्ग, चाहे अच्‍छा हो या बुरा लक्ष्‍य तक जाता है.


   Jis Trah Se Vibhinna Sroton Se Utpann Dharaye Apna Jal Samudra Me Mila Deti Hai,
 Usi Prakar Manusya Dvra Chuna Har Marg Chahe Accha Ho Ya Bura Lakshya Tak Jata hai.



 105= संसार में हर वस्‍तु में अच्‍छे और बुरे दो पहलू है.
 जो अच्‍छा पहलू देखते है, वे अच्‍छाई, 
 और जिन्‍हे केवल बुरा पहलू देखना आता है, वे बुराई संग्रह करते हैं.


   Sansar Me Har Vastu Me Acche Aur Bure Do Pahlu Hai,
 Jo Accha Pahlu Dekhte Hai Ve Acchae,
 Aur Jinhe Keval Bura Pahlu Dekhna Aata Hai Ve Burae Sangrah Karte Hai.


 106= कुछ सच्‍चे, ईमानदार और उर्जावान पुरूष और महिलाएं.
 जितना कोई भीड़ एक सदी में कर सकती है, उससे अधिक एक वर्ष में कर सकते हैं.


   Kuch Sacche Emandar Aur Urjavan Purush Aur mahilaye,
 Jitna Koi BHid Ek Sadi Me Kar Sakti Hai Usse Adhik Ek Varsh Me Kar Sakte Hai.



  107= आप जैसे विचार करेंगे, वैसे आप हो जायेंगे, 
 अगर अपने आपको निर्बल मानेंगे तो आप निर्बल बन जायेंगे 
 और यदि जो आप अपने आपको समर्थ मानेंगे तो आप समर्थ बन जायेंगे.


   Aap Jese Vichar Karege Vese Aap Ho Jayege,
 Agar Apne Aap ko Nirbal Manege To Aap Nirbal Ban Jayege,
 Aur Yadi Jo Aap Apne Aapko Samrth Manege To Aap Samrth Ban Jayege.


 108= जिनमें सत्‍य, पवित्रता और नि:स्‍वर्थता विद्यमान है, 
 उन्‍हें स्‍वर्गलोक, मृत्‍युलोक और पाताललोक की कोई भी शक्ति कुछ  क्षति नहीं पहुँचा सकती.
 इन गुणों के रहने पर चाहे समस्‍त विश्‍व ही किसी व्‍यक्ति के विरूद्ध  क्‍यों न हो जाये, 
 वह अकेला ही उसका सामना कर सकता है.


   Jinme Satya Pvitrta Aur Nihsvarth Vidhman Hai,
 Unhe Svarglok , Martyulok Aur Patallok Ki Koi Bhi Shakti  Kuch Kshti Nahi Pahuncha Sakti,
 En Guno Ke Rahne Par Chahe Samst Vishva Hi Kisi Vykit  Ke Virudh Kyu Na Ho Jaye,
 Wah Akela Hi Uska Samna Kar Sakta Hai.


 109= हर काम को तीन अवस्‍थाओं में से गुज़रना होता है.
 उपहास, विरोध और स्‍वीकृति। जो मनुष्‍य अपने समय से आगे विचार करता है, 
 लोग उसे निश्‍चय ही ग़लत समझते है.
 इसलिए विरोध और अत्‍याचार हम सहर्ष स्‍वीकार करते हैं.
 परन्‍तु हमें दृढ़ और पवित्र होना चाहिए और भगवान में अपरिमित  विश्‍वास रखना चाहिए, 
 तब ये सब मुक्‍त हो जायेंगे.


   Har Kam Ko Ten Avsthaon Me Se Ghuzarna Hota Hai,
 Uphas Virodh Aur Svikrati Jo Manusya Apne Samay Se  Aage Vichar Karta Hai,
 Log Use Nischit Hi Glat Samajte Hai,
 Esliye Virodh Aur Atyachar Hum Sahrsh Svikar Karte Hai,
 Prantu Hame Dran Aur Pavitra Hona Chahiye Aur  Bhagwan Me Aprimit Vishvas Rakhna Chahiye,
 Tab Ye Sab Mukt Ho Jayege .


 110= बस वही जीते हैं, जो दूसरों के लिए जीते हैं.


   Bas Wahi Jete Hai Jo Dusron Ke Liye Jete Hai.


 111= कमज़ोरी का इलाज़ कमज़ोरी का विचार करना नहीं 
 पर शक्ति का विचार करना है.


   Kmjori Ka Elaj Kamjori Ka Vichar Karna Nahi,
 Par Shakti Ka Vichar Karna Hai.


 112= जो अग्नि हमें गर्मी देती है, 
 हमें नष्‍ट भी कर सकती है। यह अग्नि का दोष नहीं है.


   Jo Agni Hume Garmi Deti Hai,
 Hume Nast Bhi Kar Sakti Hai Yah Agni Ka Dosh Nahi Hai.


 113= सच्‍ची सफलता और आनंद का सबसे बड़ा रहस्‍य यह है,
 वह पुरूष या स्‍त्री जो बदले में कुछ नहीं मांगता, पूर्ण रूप से निस्‍वार्थ  व्‍यक्ति और सबसे ज्‍यादा सफल हैं.


   Sacchi Saflta Aur Anand Ka Sabse Bada Rahsya Yah Hai.,
 Wah Purush Ya Stri Jo Badle Me Kuch Nahi Mangta Purn  Rup Se Nisvarth Vykit Aur Sabse Jayda Safal Hai.


 114= किसी चीज से डरो मत। अद्भुत काम करोगे,
 यह निर्भयता ही है जो क्षण भर में परम आनंद लाती है.


   Kisi Chij Se Daro Mat Adhut Kam Karoge,
 Yah Nirbhyta Hi Hai Jo Kshan Bhar Me Pram Anand Lati Hai.


 115= स्‍वतंत्र होने का साहस करो.
  जहाँ तक तुम्‍हारे विचार जाते हैं, 
 वहां तक जाने का साहस करो और उन्‍हें 
 अपने जीवन में उतारने का साहस करो.


   Svtantra Hone Ka Sahas Karo.
  Jhan Tak Tumhare Vichar Jate Hai,
 Waha Tak Jane Ka Sahas Karo Aur Unhe
 Apne Jivan Me Utarne ka Sahas Karo.

Vivekananda Thoughts

 116= किसी दिन, जब आपके सामने कोई समस्‍या ना आये- 
 आप सुनिश्चित हो सकते है कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं.


   Kisi Din Jab Aapke Samne Koi Samsya Na Aaye,
 Aap Sunischit Ho Sakte Hai Ki Aap Galat Marg Par Chal Rahe Hai.


  117= मजबूती जीवन है और कमजोरी मृत्‍यु है.


   Majbut Jivan Hai Aur Kamjori Martyu Hai.

स्वामी विवेकानंद अनमोल वचन

 118= मनुष्‍य की सेवा, भगवान की सेवा होती है.


   Manusya Ki Seva Bhagwan Ki Sewa Hoti Hai.


 119= खुद को  समझना सबसे बड़ा पाप है.


   Khud Ko Kamjor Samjhna Sabse Bada Pap Hai.


 120= सबसे बड़ा धर्म है अपने स्वभाव के प्रति सच्चे होना.


   Sabse Bada Dhram Hai,
  Apne Svabhav Ke Prati Sacche Hona.



 131= कुछ मत पूछो, बदले में कुछ मत मांगो. 
 जो देना है वो दो, 
 वो तुम तक वापस आएगा, पर उसके बारे में अभी मत सोचो.


  Kuch Mat Puncho Badle Me kuch mat Mango,
 Jo Dena Hai Vo Do,
 Vo Tum Tak Vapas Aayga Par Uske Bare Me Abhi Mat Socho.


 132= धन्य हैं वो लोग 
 जिनके शरीर दूसरों की सेवा करने में नष्ट हो जाते हैं.


   Dhnya Hai Vo Log,
 Jinke Shrir Dusron Ki Seva karne Me Nasth Ho Jate Hai.


 133=  श्री रामकृष्ण कहा करते थे,
 जब तक मैं जीवित हूँ, तब तक मैं सीखता हूँ 
. वह व्यक्ति या वह समाज जिसके पास सीखने को कुछ नहीं है 
 वह पहले से ही मौत के जबड़े में है.


   Shri Ramkrshna Kaha Karte The,
 Jab Tak Me Jivit Hun Tab tak Me Shikhta Hun,
 Wah Vykit Ya Wah Samaj Jiske Pas Shikne Ko Kuch Nahi Hai,
 Wah Pahle Se Hi Maut Ke Jabde Me Hai.

Quotes of Swami Vivekananda

 134= किसी दिन, जब आपके सामने कोई समस्या ना आये 
 आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं.


   Kisi Din Jab Aapke Samne Koi Samsya Na Aaye,
 Aap Sunischit Ho Sakte Hai Ki Aap Glat Marg Par Chal Rahe Hai.


 135= दिल और दिमाग के टकराव में दिल की सुनो.


   Dil Aur Dimag Ke Takrav Me Dil Ki Suno.


 136= शक्ति जीवन है, निर्बलता मृत्‍यु है.


   Shakti Jivan Hai Nirbalta Martyu Hai.


  137= हमें ऐसी शिक्षा चाहिए, जिससे चरित्र का निर्माण हो, 
 मन की शक्ति बढ़े, 
 बुद्धि का विकास हो और मनुष्‍य अपने पैर पर खड़ा हो सके.


   Hume Yesi Shicha Chahiye Jisse Charitra Ka Nirman Ho.
 Man Ki Shakti Bade 
 BUdhi Ka Vikash Ho
  Aur Manusya Apne Per Par Khada Ho Sake.


 138= भगवान् की एक परम प्रिय के रूप में पूजा की जानी चाहिए.
 इस जीवन या अगले जीवन की सभी चीजों से बढ़कर.


   Bhagwan Ki Ek Pram Prya Ke Rup Me Puja Ki Jani Chahiye,
 Es Jivan Ya Agle Jivan Ki Sabhi Chijo Se Badkar.


 139= यदि तुम संसार पर उपकार करना चाहते हो, 
 तो जगत पर दोषारोपण करना छोड़ दो.


   Yadi Tum Sansar Par Upkar Karna Chahte Ho,
 To Jagat Par Dosharopan Karna Chod Do.

स्वामी विवेकानंद अनमोल वचन

 140= जीवन का रहस्‍य भोग में नही, अनुभव से शिक्षा प्राप्ति में है.


   Jivan Ka Rhasya Bhog Me Nahi Anubhav Se Shiksha Prapti Me Hai.



 141= गलती एक तरफा हो तो झगड़ा ज्‍यादा देर तक नहीं चलता है.


   Galti Ek Traf Ho To 
 Jhagda Jyda Der Tak Nahi Chalta Hai.

Vivekananda Thoughts

 142= आकांक्षा, अज्ञानता, और असमानता.
 यह बंधन की त्रिमूर्तियां है.


   Aakanksha Aagyanta Aur Asmanta.
  Yah Bandhan Ki Trimurti Hai.

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