Tuesday, 23 May 2017

टामस ऐल्वा एडिसन जीवनी और विचार - Thomas Alva Edison Biography Quotes in Hindi

जाने महान् आविष्कारक एडिसन की  सफलता और जीवन के  रहस्य 

महान् आविष्कारक टामस ऐल्वा "एडिसन" को कौन नहीं जानता जिन्होंने हमें ऐसे कई उपहार दिए अपने आविष्कारों से  जिसका उपयोग आज भी हम करते हैं. हमारे जीवन में सबसे बड़ा उपहार उजाले के रूप में दिया "बल्ब" का आविष्कार करके दिया. 
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  जन्म :  
महान्  वैज्ञानिक एडिसन का जन्म 11 फ़रवरी 1847 को मिलैन नगर के ओहायो राज्य में हुआ था. एडिसन बचपन से ही कुशाग्रता, जिज्ञाशु प्रवृति और अध्यवसाय थे. 

  शिक्षा :  
बचपन में अपनी माँ से छ: वर्षों तक घर में ही पढ़ा और उसके बाद विद्यालय में शिक्षा मात्र  तीन मास  की हुयी. लेकिन उन्होंने ह्यूम, सीअर, बर्टन, तथा गिबन के महान ग्रंथों एवं डिक्शनरी ऑव साइंसेज़ का अध्ययन लगातार करते हुए अपने 10 वें जन्म दिन तक अपनी कड़ी मेहनत के चलते पूर्ण कर लिया. 

  व्यवसाय : 
एडिसन अपने परिवार के आर्थिक सहायता  के लिए मात्र 12 वर्ष की आयु में ही फलों और समाचारपत्रों को बेचने का रोजगार शुरू कर दिया और उससे होने वाली कमाई से प्रति दिन अपने परिवार को  दिन एक डालर की सहायता देने लगे. 

और वे  रेल में पत्र छापते साथ ही अपने वैज्ञानिक प्रयोग करते रहते थे. और वे 20 वर्ष की आयु में ही तार त प्रेषण में महारथ हासिल कर ली. और उन्होंने  तार विभाग में तार कर्मचारी के रूप में नौकरी प्राप्त कर ली. और इस नौकरी को करने बाद वे अपने प्रयोग और परीक्षण में लग जाते. 

आविष्कारों की शुरुआत :- 

एडिसन ने अपने सबसे पहले  आविष्कार का पेटेंट  "विद्युत मतदानगणक" (Electric Vote Recorder)  के रूप में कराया. और उसी के बाद अपने जीविकोपार्जन के लिए कर रहे नौकरी को छोड़ दिया और और प्रयोगशाला में अपने आविष्कार को पूर्ण रूप देने का निश्चय किया. एडिसन निर्धन होते हुए भी यह कड़ा निर्णय लिया और नौकरी को छोड़ दी अपने आत्मविश्वास के बल पर. और अविष्कार करने में जुट गए.  और यह आत्मविश्वास उनका आखिरकार रंग ले आया और उन्होंने 1870-76 ई.  के बीच अनेको आविष्कार किए. 

आईये जानते हैं कुछ खास बाते महान् आविष्कारक टामस ऐल्वा "एडिसन" के बारे में  

असफलता ही सफलता का नाम है "थॉमस ऐल्वा एडीसन"  


1= एडीसन बचपन में मंदबुद्धि बालक के रूप में जाने जाते थे. 

2= एडीसन के घर की स्थित काफी दयनीय थी. स्कूल से मात्र  तीन माह के अन्दर ही अध्यापको द्वारा उन्हें निकाल दिया गया क्युकी उनकी माता के  पास ना फ़ीस देने को पैसे थे और ना ही स्कूल ड्रेस खरीदने के लिए पैसे थे. ऊपर से वे  मंदबुद्धि बालक थे. इस कारण उनकी प्रारम्भिक शिक्षा भी ना मिल पाई पूर्ण रूप से. 

3=आर्थिक स्थित से काफी कमजोर परिवार में सिर्फ माँ का सहारा मिला उन्हें, और माँ ने ही घर में उन्हें शिक्षा दी. सच कहा गया हैं की जिसे माँ की शिक्षा मिलती हैं और बालक उस शिक्षा को ह्रदय में उतारता हैं वो कभी असफल नहीं होता अपने जीवन में..  

4=मंदबुद्धि बालक एडीसन माँ से शिक्षा प्राप्त करते हुए आगे की पढाई के लिए प्राईवेट फार्म भरे और माँ से घर में ही पढ़ते हुए सारे  एग्जाम को पास किया..

5= माँ की शिक्षा और उनकी लगन ने आखिरकार मात्र 10 वर्ष की आयु में ही अपना छोटा सा पहला प्रयोगशाला भी बना लिया. और माँ के द्वारा उपलब्ध करायी गयी पुस्तकों  का अध्यन करते हुए , अपने प्रारम्भिक प्रयोगों को करने लगे.


6=उन्होंने अपने परिवार के जीविकोपार्जन के लिए तार विभाग में नौकरी कर ली और उसके द्वारा तनख्वाह के रूप में मिले हुए पैसो में से माँ को देते और बचे हुए पैसों को अपने प्रयोगों में लगाते.

7= वो बचपन से ही काफी जिज्ञाशु थे हर चीज के पीछे छिपे हुए राज को जानने की कोशिश करते रहते.  यही उनकी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी थी. 

8= वो जो कुछ भी जानते थे या सोचते थे उस विषय पर अपना प्रयोग शुरू कर देते थे. इस कारण लोग उन्हें सनकी और पागल कहते थे. पर लोगो की परवाह किये बगैर अपने प्रयोगों में जुटे रहते थे..


9= एक बार तो उनकी एक सोच ने लोगो को हैरान कर कर दिया और सभी को वास्तव में लगने लगा ये पागल हैं और सनकी भी. ये कुछ भी कर सकता हैं अपने पागलपन में.   

10= बचपन में उन्होंने लोगो के मुह से सुना था की, पक्षी कीड़े मकोड़े खाते हैं इस लिए लिए वो हवा में उड़ते हैं. तब उन्होंने इस प्रयोग को करना चाहा जिज्ञासावश इसका सत्य जानने के लिए, और सुबह वो पार्क में चले गए और वहा से ढेरो कीड़े मकोड़े पकड़ कर एक जार में बंद कर के ले आये और उसका एक घोल बना लिया और इस घोल को अपने दोस्त को पिला दिया यह जानने के लिए दोस्त पक्षी की तरह उडता हैं की नहीं?
पर इसका नतीजा उलटा निकला और दोस्त हवा में तो उड़ा नहीं बल्कि उसकी हालत खराब हो गयी तबियत बिगड़ गयी कीड़ो के घोल को पी कर.. 

11=लेकिन उनकी कभी ना हार मानने वाली प्रवित्ति उन्हें दुनिया का महान अविष्कारक बना दिया. इनकी जगह कोई और होता तो शायद अत्याधिक असफलताओं से हार कर कोई भी आविष्कार नहीं कर सकता था. 

12=जब बल्ब का आविष्कार किया तो ये हजारो बार से ज्यादा असफल हुए, लगातार बल्ब के  आविष्कार में मिल असफलता के बावजूद, उन्होंने आखिरकार अन्धकार को उजाले के रूप में परिवर्तित कर दिया. अपनी मेहनत लगन से दुनिया को दिखा दिया की "असफलता ही सफलता का राज हैं".

13=एक बचपन से ही  मंदबुद्धि रहा बालक अपनी सोच मेहनत लगन से वो कर दिखाया, जिसकी  कल्पना भी हम नहीं कर सकते, अपने जीवन काल में 1093 आविष्कारों को कर के एक विश्व रिकॉर्ड बना दिया. 


14= थॉमस अल्वा एडिसन का कहना था की अगर हम अपने किये गए कार्यो में हजारों  बार असफल होते हैं तो इसका सीधा मतलब यह की की हम कुछ न कुछ गलत कर रहे हैं. वरना हमें सफलता पहले चरण में ही प्राप्त हो जाती. बस हमें उस गलती को खोजना हैं और और उसे सुधारना  हैं.  और हमें  सफलता निश्चित ही मिलेगी कमियों को खोजो और उसे सुधारो असफलता से कभी हार मत मानों .. हजार बार असफल होकर भी आखिरकार सफलता हमारे कदम चूमेगी..

15=  50 वर्ष के अथक परिश्रम से असफलता  को मात देते हुए मेनलोपार्क और वेस्ट ऑरेंज के कारखानों में एडिसन ने 1093 आविष्कारों को पेटेंट कराया..

16=  प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान जलसेना में सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष बने और 40 युद्धोपयोगी आविष्कार किए.


17= महान् आविष्कारक टामस ऐल्वा "एडिसन"  84 वर्ष की आयु में 18 अक्टूबर 1931 वेस्ट ऑरेंज के न्यू जर्सी 
में  दुनिया से विदा ले लिया और उनकी मृत्यु हो गयी.. एडीसन की अंतिम सांस मिशिगन में एक टेस्ट ट्यूब में निहित है.

खास आविष्कार:- 

  •  अक्टूबर 1879 ई. को  40 घंटे से अधिक समय तक बिजली से जलनेवाला निर्वात बल्ब विश्व को भेंट किया.
  • 1 जून 1869 इलेक्ट्रोग्राफिक वोट रिकॉर्डर 
  • 22 जून 1869 ऑटोमेटिक टेलीग्राफ
  • 22 मार्च 1881 इलेक्ट्रिक लाइटिंग सिस्टम
  • 18 अक्टूबर 1881 इलेक्ट्रिक जेनरेटर
  • 29 मई 1883 मोटोग्राफ (लाउड स्पीकिंग टेलीफोन)
  • 26 मई 1889 ओर सेपरेटर
  • 31 जुलाई 1906 एल्कलाइन बैटरी 
  • 27 जनवरी 1880 प्रैक्टिकल इलेक्ट्रिक लैंप

फ़िल्मी जगत के लिए भी एडिसन ने ऐतिहासिक कार्य किया उन्होंने आवाज़ की रिकॉर्डिंग को पुनरुत्पादन के यंत्र फोनोग्राफ (Phonograph) के रूप में आविष्कार किया.  जिसे बाद में हम ग्रामोफोन (Gramophone) के नाम से जानने लगे थे.  विश्व का पहला मूवी कैमरा काइनेटोग्राफ़ (Kinetograph)  का भी आविष्कार किया. 

दोस्तों आईये जानते हैं उनके विचारो को और उनके द्वारा कहे गए प्रेरक कथनों को जो हमारे जीवन में नयी दिशा दिखायेंगे आशा हैं की यह लेख पढ़ कर आप को अवश्य लग रहा होगा की इंसान कुछ भी कर सकता हैं अगर असफलताओ से हार ना माने और अपनी दिशा में निरंतर आगे बढ़ता रहे गलतियों को अपनी सुधारते हुए. तो उसे सफलता अवश्य मिलेगी. 

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 1= मैं असफल नहीं हुआ हूँ.


 Me Asfal Nahi Huwa Hun.

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 2=  लगभग हर व्यक्ति जो किसी कल्पना को विकसित करता है, 
 उसपर तब तक काम करता है जब तक वो असंभव न लगने लगे, 
 और तब वो उस जगह निराश हो जाता हैं जहाँ निराश नहीं होना चाहियें..


 Lagbhag Har Vykit Jo Kisi Kalpna ko Viksit Karta Hai,
 Uspar Tab Tak Kam Karta Hai Jab Tak Vo  Asmbhav Na Lagne Lage,
 Aur Tab Vo Us Jagha Nirash Ho Jata Hai Jaha Nirash Nahi Hona Cahiye ..

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 3= जीवन में कुछ भी हासिल करने के लिए यह तीन चीजें बहुत जरुरी हैं,
 कड़ी मेहनत, दृढ़ता और कॉमन-सेन्स..


 Jivan Me Kuch Bhi Hasil Karne ke Liye Yah Ten Chije  Bhaut Jaruri Hai,
 Kadi Mehnat Dranta Aur Kaman Sens ..

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 4= अगर हम हर वो चीज कर दें जो हम सोचते हैं की हम नहीं कर सकते है,
 तो सचमुच हम खुद को आश्चर्यचकित कर देंगे..


 Agar Hum Vo Chij Kar Den Jo Hum Sochte Hain Ki Hum Nahi Kar Sakte Hai ,
To Sachmuch Hum Khud Ko  Ascharyachiket Kar Denge ..

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 5= सच में प्रकृति अदभुत है. बेईमान तो केवल मनुष्य है..


 Sach Me Prkrti   Adbhut Hai 
 Beeman To Keval Manusya Hai ..

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 6= जिस चीज को मानव का दिमाग बना सकता है, 
 उसे मानव का चरित्र नियंत्रित भी कर सकता है..


 Jis Chij Ko Manva Ka Dimag Bana Sakta Hai,
 Use Manav Ka Chritra Niyantrit Bhi Kar Sakta hai..

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 7= कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता है..


 Kadhi Mehnat Ka Koi Viklp Nahi Hota Hai..

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 8= मैं असफल नहीं हुआ हूँ,
 बल्कि मैंने बस 10,000 ऐसे तरीके खोज लिए हैं जो काम नहीं करते हैं..


 Me Asfal Nahi Huwa Hun,
 Balki Mene Bas 10000 Ease Tarike Khoj Liye Hai Jo Kam Nahi Karte Hai..

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 9= जो कोई भी चीज बिके नहीं, 
 मैं उसका आविष्कार करना नहीं चाहूँगा..


 Jo Koi Bhi Chij Bike Nahi,
 Me Uska Avishkar Karna Nahi Cahunga .

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 10= हमारे शरीर का प्रमुख कार्य दिमाग को इधर-उधर ले जाना है..


 Hmare Sharer Ka Prmukh Karya Dimag Ko Edhar Udhar Le Jana Hai..

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 11= व्यस्त होने का मतलब हकीकत में हमेशा काम होना ही नहीं होता.. 


 Vyast Hone Ka Matlab Hakikat Me Hmesha Kam Hona Hi Nahi Hota..

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 12= व्यस्त होने का मतलब हमेशा हकीकत में काम होना नहीं है.


 Vyasth Hone Ka Matalab Hamesha Hakiqat Me Kaam Hona Nhai Hai..

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 13= यदि हम हर वो चीज कर दें जिसके हम सक्षम हैं, 
 तो सचमुच हम खुद को चकित कर देंगे.


 Yadi Ham Har Wo Chij Kar De Jisake Ham Saksham Hain,
 To Sachmuch Ham Khud Ko Chakit Kar Denge..

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 14= आविष्कार करने के लिए, आपको,
 एक अच्छी कल्पना और कबाड़ के ढेर की जरूरत होती है.


 Avishkaar Karane Ke Liye Aap Ko
 Ek Achchi Kalpana Aur Kabaad Ke Dher Ki Jarurat Hoti Hain ..

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 15= ज्यादातर लोग अपने जीवन में अवसर गँवा देते हैं,
 क्योंकि ये काम जैसा दिखता है..


 Jaydatar Log Apne Jivan me Avsar Ganwa Dete Hai,
 Kyuki Ye kam Jesa Dikhta Hai..
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 16=  मेरे कोई अविष्कार भाग्य की वजह से हुए 
 और न ही मैंने कुछ भी तुक्के में नहीं किया.
 बल्कि वे काम द्वारा आये..


 Mere Koi Avishkar Bhagya Ki wajha Se Huy,
 Aur Na Hi Mene kuch Bhi Tukke Me Nahi Kiya,
 Balki Ve Kam Dvara Aaye ..

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 17= जीवन में असफल हुए कई लोग वे होते हैं जिन्हें इस बात का आभास नहीं होता 
 कि जब उन्होंने हार मान ली तो वे सफलता के कितने करीब थे..


 Jivan Me Asfal Hue Kai Log Ve Hote Hai Jinhe Es Bat Ka Abhas Nahi Hota,
 Ki Jab Unhene Har Man Li To Ve Sflta  Ke  Kitne Karib The.

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 18= मुझे इस बात पर गर्व होता है कि 
 मैंने कभी भी हथियारों का आविष्कार नहीं किया...


 Mujhe Es Bat Par Garv Hota Hai Ki ,
 Mene Kabhi Bhi Hthiyaron Ka Avishkar Nahi Kiya..
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 19= अपनी जिंदगी में मैंने एक भी दिन काम नहीं किया.
 यह सब तो मनोरंजक खेल था..


 Apni Jindgi Me Mene Ek Bhi Din Kam Nahi Kiya ,
 Yah Sab To Manoranjak Khel Tha ..

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 20= आविष्कार करने के लिए आपको,
 कूड़े के ढेर से एक अच्छी कल्पना ढूंढ निकालने की जरुरत होती हैं..


 Avishkar Karne Ke Liye Aapko,
 Kude Ke Dher Se Ek Acchi Kalpna
 Dund Nikalne Ki Jarurat Hote Hai..

.

 21= हमारी सबसे बड़ी कमजोरी हार मान लेना है.


 Hamari Sabse Badi Kamjori Har Man Lena Hai.

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 22= जीवन में असफल व्यक्तियों में कई वे लोग होते हैं जिन्हें इस बात का पता नहीं होता
 कि जब उन्होंने हार मानी तो उस समय वे सफलता के कितने करीब थे..


 Jivan Me Asfal Vykityon Me Kae Ve Log Hote Hai Jinhe Es Bat Ka Pata Nahi Hota,
 Ki Jab Unhone Har Mani To Us Samy Ve Saflta Ke Kitne Karib The.

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 23= कमजोर आदमी हर काम को असम्भव समझता है,
 जबकि वीर साधारण.. 


 Kamjor Aadmi Har Kam Ko Asambhav Samjhta Hai,
 Jabki Veer Sadharan..

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 24= हम बिजली को इतना सस्ता बना देंगे, 
 कि मोमबत्तियां केवल अमीर लोग जलाएंगे...


 Hum Bijle Ko Etna Sasta Bana Denge.,
 Ki Mombabtiyan Keval Amir Log Jlaenge ..

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 25= आपकी कीमत इसमें नहीं कि आपके पास क्या है.
 बल्कि इसमें हैं की आप क्या है..


 Aapki Kimat Esme Nahi Ki Aapke Pas Kya Hai,
 Balki Isme Hai Ki Aap Kya Hai..

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 26= जीनियस में एक प्रतिशत प्रेरणा और 99 प्रतिशत पसीना है..


 Jiniyas Me Ek Pratishat Prerna Aur 99 Prtishat Pasina Hai.

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 27= हमारी सबसे बड़ी कमजोरी हार मान लेना है.
 सफल होने का सबसे निश्चित तरीका यह है की,
 हमेशा एक और बार प्रयास करना..


 Hamari Sabse Badi Kamjori Har Man Lena Hai.
 Safal Hone Ka Sabse Nischit Tarika Yah Hai Ki
 Hamesha Ek Aur Bar Pryash Karna..

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 28= आप मुझे पूर्ण रूप से संतुष्ट व्यक्ति दिखाइए 
 और मैं आपको एक असफल व्यक्ति दिखा दूंगा..


 Aap Mujhe Purn Rup Se Santust Vykit Dikhaeya,
 Aur Me Aapko Ek Asfal Vykit  Dikha Dunga..

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 29= आप जो भी हैं वो आपके काम में दिखेगा 
आपको अलग से बताने की जरुरत नहीं..


 Aap jo Bhi Hai Vo Aapke Kam Me Dikhega 
 Aapko Alag Se Batane Ki Jarurat Nahi..

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 30= कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं है.


 Kadi Mehanat Ka Koi Vikalp Nahi..
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 31= शरीर का मुख्य कार्य मस्तिष्क को इधर -उधर ले जाना है.


 Sharir Ka Mukhy Kary,
 Mastishk Ko Idhar-Udhar Le Jana Hai..

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 32= आपकी कीमत इसमें है कि आप क्या हैं, 
 इसमें नहीं कि आपके पास क्या है.


 Aapki Kimat Isame Hai Ki Aap Kya Hai,
 Isame Nahi Ki Aapke Paas Kya Hai..

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 33= मैंने अपने जीवन में एक भी दिन काम नहीं किया.
 ये सब मनोरंजन था..


 Maine Apane Jeevan Me Ek Bhi Kaam Nahi Kiya
 Ye Sab Manoranjan Tha...

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 34= सबसे अच्छी सोच एकांत में की गयी होती है. 
सबसे बेकार उथल-पुथल के माहौल में.


 Sabase Achchi Soch Ekant Me Ki Gayi Hoti Hai
Sabase Bekar Uthal-Puthal Ke Mahaul Men...

.Note: दोस्तों बहुत सावधानी बरतने के बावजूद यदि ऊपर दिए गए किसी भी वाक्य या Quote में आपको कोई त्रुटि मिले तो कृपया हमें क्षमा करें और comments के माध्यम से अवगत कराएं ताकि उन त्रुटियों को सुधार सके हम. आशा हैं की आप हमारा साथ देंगे  धन्यवाद  
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