Tuesday, 2 May 2017

Famous 100 Quotes By Mahatma Gandhi In Hindi / राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी की जीवनी

राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी के 100 अनमोल वचन और विचार और जीवनी 

सत्य, अहिंसा व शांति के मार्ग पर चल कर आज़ादी दिलाने वाले राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी का जन्म 2 अक्तूबर 1869 को गुजरात में स्थित काठियावाड़ के पोरबंदर नामक गाँव में हुआ था. उनके पिता का नाम करमचंद गांधी था. जोकि ब्रिटिश काल में वो गुजरात में स्थित काठियावाड़ (पोरबंदर) की एक छोटी सी रियासत के दीवान थे. 
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Famous 100 Quotes By Mahatma Gandhi In Hindi 

महात्‍मा गांधी जी की  माता का नाम  पुतलीबाई परनामी था जोकि वैश्य समुदाय से  थीं. करमचंद गांधी की ये चौथी पत्नी थी. इससे पहले तीनो पत्नियों का स्वर्गवास हो गया था प्रसव के दौरान ततपश्चात करमचंद गांधी ने चौथी शादी की थी. पुतलीबाई शुरू से ही धार्मिक विचारधारा की थी जिसके कारण गाँधी जी के ऊपर विशेष प्रभाव रहा..  बचपन से ही धर्म करुंडा और  निर्बलो की सहायता करने के प्रति. 

वाल्या अवस्था में विवाह:-
गाँधी जी का विवाह कम आयु में ही करा दिया गया था जब वो मात्र 13 साल के हुए थे. मई 1883 में कस्तूरबा माखनजी से जिनकी उम्र गाँधी जी से एक वर्ष ज्यादा थी. विवाह  के समय कस्तूरबा माखनजी की उम्र 14 साल की थी.  बाल विवाह  की यह प्रथा उस समय मान्य थी समाज में, जिसके कारण  उनके माता पिता ने यह शादी करायी थी. 

शिक्षा:-
गाँधी जी की शिक्षा की शुरुआत काठियावाड़ से ही प्रारम्भ हो गयी थी. प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद  4 सितम्बर 1888 उच्च शिक्षा हेतु वो लंदन चले गए कानून शिक्षा की पढाई करने के लिए और  कानून की शिक्षा प्राप्त कर के वो भारत वापस लौट आये और मुंबई में रह कर उन्होंने वकालत का कार्य प्रारम्भ किया, पर उनको इस पेशे में कोई ज्यादा सफलता नहीं मिली. और इस असफलता के बाद उन्होंने राजकोट को अपना कार्यस्थल के रूप में चुना और वहा वकालत की अर्जियां  गरीब जरूरतमंद लोगो के लिए लिखने लगे.. परन्तु यह कार्य भी छोड़ना पड़ा एक मुर्ख अंग्रेज के चलते.. 

और इसी के बाद गाँधी जी  सन 1893 में एक वर्ष के करार पर वकालत करने के लिए दक्षिण अफ्रीका की एक भारतीय फर्म में न्यायिक सलाहकार के तौर पर चले गए. और उन्होंने अपने जीवन के 21 वर्ष वही व्यतीत किये और वही से उनकी शुरुआत हुयी राजनीति विचार और कौशल नेतृत्व की 

दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों पर भेदभाव होते थे जिसके चलते गाँधी  जी को भी इसी नज़र से वहा के लोग देखते थे. एक बार तो उन्हें  ट्रेन के डिब्बे से  बाहर फेंक दिया गया था, उनके पास प्रथम श्रेणी कोच की वैध टिकट भी थी लेकिन उन्होंने बाद तीसरी श्रेणी के डिब्बे में जाने से इन्कार से इंकार किया और इसी के चलते उन्हें ट्रेन के डिब्बे से बाहर फेक दिया गया. इतना ही नहीं गाँधी जी अपनी शेष यात्रा को पूरी करने के लिए पायदान पर सफ़र किया लेकिन एक यूरोपियन यात्री के अन्दर आने पर चालक की मार भी खानी पड़ी.. और गाँधी जी को यह यात्रा काफी दुखदायी बीती.. 

अफ्रीका के कटी नामी होटलों में तो इनका प्रवेश ही वर्जित कर दिया था इस तरह तमाम प्रकार के प्रतिबन्ध लगा दिया गया था. एक बार की घटना और भी दुखदायी थी जब गाँधी जी को न्यायाधीश  ने न्यालय के अन्दर  पगड़ी उतारने का आदेश सुनाया और इस आदेश को गाँधी जी ने नहीं माना..  

इसी तरह हो रही  बार बार की  घटनाओ से उनके जीवन में एक नया मोड़ आना शुरू हो गया. और उनके ह्रदय में अन्याय के खिलाफ ज्वाला जलने लगी और सामाजिक अन्याय के प्रति जागरुकता बढ़ी. और इसी तरह सामाजिक अधिकारों के लिए प्रेरणा मिली.

दक्षिण अफ्रीका में हो रहे, भारत के लोग के साथ, अन्याय के खिलाफ,  संघर्ष के लिए भारतियों को प्रेरित किया अपने राजनैतिक और सामाजिक अधिकारों के लिए.  गाँधी जी ने भारतियों की नागरिकता सम्बंधित मुद्दे को भी उठाया दक्षिण अफ़्रीकी सरकार के सामने..  

सन 1906 के ज़ुलु युद्ध के दौरान  ब्रिटिश अधिकारियों को अपनी तरफ से प्रेरित किया की भारतीयों को भर्ती करने के लिए 

 आन्दोलन:- 
और इसी तरह गाँधी जी को  राजनीति के क्षेत्र में एक राष्ट्रवादी नेता और संयोजक के रूप में जाना जाने लगा और इसी बढ़ते कद को देखते हुए उदारवादी कांग्रेस नेता गोपाल कृष्ण गोखले जी ने गाँधी जी को भारत आने को कहा.
और गाँधी जी दक्षिण अफ्रीका से वर्ष 1914 भारत वापस लौट आये. गोखले जी के विचार गाँधी जी के विचार से मेल कहते थे. और काफी प्रभावित थे गोखले जी के विचारो से गाँधी जी. 
आते ही देश के कई भागो का दौरा किया और  राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों को समझने की कोशिश की. 

 1918 चम्पारण और खेड़ा सत्याग्रह 
गाँधी जी ने अपना आन्दोलन किसानो के हित को लेकर शुरू किया. बिहार के चम्पारण और गुजरात के खेड़ा में. किसानों को खाद्य फसलों की बजाए नील की खेती करने के लिए बुरी तरह से  मजबूर कर रहे ब्रिटिश ज़मींदार के खिलाफ. 
अंग्रेजी सरकार ने दमनकारी लगान (कर) के खिलाफ. हड़ताल और विरोध प्रदर्शन भी किया और उसका पूरा नेतृत्व किया और इस आन्दोलन के बाद आखिरकार हुकूमत को गरीब किसानो की मांगो के आगे झुकाना पड़ा और किसानो की इस जायज मांग को माना गया.

गुजरात में स्थित खेड़ा गाँव में  सन 1918 में आई बाढ़ के कारण पूरा इलाका सूखे की चपेट में आ गया. जिसके कारण गरीब किसान की ज़िन्दगी बद से बद्तर हो गयी. किसान अपने लगान (कर) माफ़ी की मांग करने लगे. जिसके लिए गाँधी जी फिर आगे आये 
इस बार उनका मार्ग दर्शन सरदार पटेल  ने किया और अंग्रेजों के साथ किसानो के कर माफ़ी की समस्या पर वार्ता की और किसानो का नेतृत्व किया. 
इस वार्ता के बाद अंग्रेजो ने कर ना देने वाले बंदी किसानो को रिहा किया और राजस्व संग्रहण से  किसानो को मुक्ति दी. और इसी के साथ साथ गाँधी जी की प्रसिद्धि और बढ़ गयी पुरे देश में. और वो स्वतंत्रता आन्दोलन के एक महत्वपूर्ण नेता बन गए लोगो का उन्हें समर्थन मिलने लगा..

 असहयोग आन्दोलन 
लगातार तेजी से बढती लोकप्रियता के कारण  गाँधी जी को  कांग्रेस का सबसे बड़ा नेता बना दिया. गाँधी जी का मानना था की वे अंग्रेजी हुकुमत के खिलाफ अगर हम सब मिल कर उनके हर बातो का अहिंसा तथा शांतिपूर्ण  ढंग से असहयोग करे तो हमारी आजादी संभव हैं. 

और इसी बीच हुआ  जलियावांला नरसंहार पुरे देश को हिला दिया था. लोगो में भारी गुस्सा था और यह गुस्सा हिंसा की ज्वाला बन कर दहक उठा था.

और इसी को लेकर जनता ने असहयोग आन्दोलन में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया. जिसमे लोगो ने विदेशी वस्तुओं बहिष्कार करना शुरू कर दिया.  अंग्रेजों द्वारा बनाए गए वस्त्रों की जगह लोगो ने खुद के हाथो बनाये गए खादी के वस्त्रो  का उपयोग करना शुरू कर दिया.

गाँधी जी के इस आवाहन में पुरूषों और महिलाओं को रोज़ सूत कातने के लिए कहा. इसके साथ ही उन्होंने ब्रिटेन की शिक्षा  संस्थाओं और न्यायालयों  का बहिष्कार भी करने को कहा. सरकारी नौकरी तथा अंग्रेजी हुकूमत से मिले तोहफे तमगे सम्मान सभी कुछ लौटाने  की भी बात कही, और लोगो से इस पर अमल करने के लिए विनम्र  अनुरोध भी किया.

और इसके फलस्वरूप असहयोग आन्दोलन को लोगो का समर्थन मिला और इस आन्दोलन सफलता मिली. जिसमे समाज के सभी वर्गों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया और लोगो में आज़ादी को लेकर उत्साह बढ़ा.

लेकिन फरवरी 1922 में हुयी -चौरा कांड की हिंसक घटना को देखते हुए गाँधी जी ने यह आन्दोलन वापस लेना पड़ा. और अंग्रेजी सरकार ने गाँधी जी पर राजद्रोह का मुकदमा चला के छह साल कैद की सजा सुना दी. पर उनकी ख़राब स्वास्थ्य को देखते हुए फरवरी 1924 में रिहा कर दिया गया...

 स्वराज और नमक सत्याग्रह 
रिहा होने के बाद 1924 से 1928 तक सक्रिय राजनीति से काफी दूर रहे. क्युकी इस बीच गाँधी जी स्वराज पार्टी और कांग्रेस के बीच चल रहे मनमुटाव को कम करने में जुटे थे. और इसी के साथ वो  शराब, अज्ञानता और गरीबी के खिलाफ संघर्ष करते रहे.

और इसी दौरान अंग्रेजी हुकूमत के जॉन साइमन के नेतृत्व में एक सुधार आयोग बनाया गया लेकिन उस आयोग में कोई एक भी व्यक्ति भारतीय नहीं था. और इसी कारण भारतीय राजनैतिक दलों ने इस आयोग का बहिष्कार किया.

और इसी के पश्चात गाँधी जी ने दिसम्बर 1928 कलकत्ता अधिवेशन में अंग्रेजी सरकार को  भारतीय साम्राज्य को सत्ता प्रदान करने के लिए कहा.  और चेतावनी दी की अगर एसा नहीं किया तो देश की आज़ादी के लिए असहयोग आंदोलन करेंगे उसका सामना करने को अंग्रेजी सरकार तैयार रहे. 
लेकिन अंग्रेजो द्वारा इस का कोई जवाब नहीं मिला. तब  31 दिसम्बर 1929 को लाहौर में भारत का झंडा फहराया गया. और इसी  के साथ कांग्रेस ने 26 जनवरी 1930 में भारतीय स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया. 

उसी समय नमक पर कर लगाने के विरुद्ध गाँधी जी ने नमक सत्याग्रह चलाया, और इस  नमक सत्याग्रह के लिए उन्होंने 12 मार्च से 6 अप्रेल को अहमदाबाद से दांडी, गुजरात तक लगभग 388 किलोमीटर यात्रा की. और इस यात्रा का मात्र उद्देश्य खुद नमक का उत्पाद करना था. 
और इस सत्याग्रह में हजारो की संख्या में भारतीयों ने सहयोग दिया. और इस सत्याग्रह से अंग्रेजी सरकार विचलित  हो गयी और लगभग 60 हज़ार से अधिक भारतीयों को गिरफ्तार कर के  जेल भेज दिया. 

और इसके बाद  लार्ड इरविन ने प्रतिनिधित्व वाली सरकार ने गांधी जी के साथ बैठ कर इस मुद्दे पर विचार-विमर्श करने का फैसला  लिया.  और मार्च 1931 में हस्ताक्षर के माध्यम से संधि हुयी. और इस संधि के कारण सभी राजनैतिक कैदियों को रिहा करने को तैयार हो गयी सरकार. 

और इस संधि के बाद कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में गाँधी जी लंदन में आयोजित होने वाली गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया. पर यह सम्मलेन कांग्रेस और दूसरे राष्ट्रवादियों के लिए घोर निराशाजनक रही. और गाँधी जी फिर से एक बार गिरफ्तार हो गए. 

कांग्रेस की सदस्यता से 1934 में गांधी ने इस्तीफ़ा दे दिया. और उसके बाद  निचले स्तर से शुरुआत की भारत राष्ट्र के निर्माण की और इस निर्माण कार्य पर अपना ध्यान लगाया  भारत को छुआछूत  के खिलाफ और ग्रामीण भारत  शिक्षित करने में. और इस आन्दोलन को जारी रखने के लिए 

ग्रामीणों को कताई, बुनाई और अन्य कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया ताकि लोगो की आवश्यकतायें पूरी हो और शिक्षित भारत बनाने के लिए.साथ ही  शिक्षा प्रणाली को बढ़ने का कार्य भी शुरू किया..

 हरिजन आंदोलन:- 
दलित नेता बी आर अम्बेडकर अछूतों को सम्मान दिलाने के लिए  किये गए लगातार कोशिशों के परिणामस्वरूप अंग्रेजी सरकार ने अछूतों के लिए एक नए संविधान मंजूर कर दिया था.

येरवडा की जेल में बंद गांधीजी ने छुआ छुत के  विरोध में सितंबर 1932 में छ: दिन का उपवास कर अनसन किया और अंग्रेजी सरकार को सब के लिए एक समान व्यवस्था (पूना पैक्ट) अपनाने के लिए  मजबूर कर दिया.
अछूतों को सम्मान और हक दिलाना साथ ही उनके  जीवन को सुधारने के लिए यहअभियान की  शुरूआत थी.

गांधी जी ने आत्म-शुद्धि के लिए  8 मई 1933 को 21 दिन का उपवास किया और एक-वर्षीय अभियान की शुरुआत की हरिजन आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए..

लेकिन इसके विपरीत अमबेडकर जी इस आन्दोलन से खुश  नहीं थे और गांधी जी द्वारा दलितों के लिए संबोधन किये गए हरिजन शब्द की निंदा की. 

 द्वितीय विश्व युद्ध और भारत छोड़ो आन्दोलन:- 
द्वितीय विश्व युद्ध के आरंभ के दौरान अंग्रेजों को अहिंसात्मक नैतिक सहयोग’ देने के पक्षधर थे. किन्तु इस विचार से  कांग्रेस के बहुत से नेता सहमत नहीं थे. क्युकी जनता के प्रतिनिधियों के बिना सलाह के सरकार ने देश को युद्ध की आग झोंक दिया था, 

गाँधी जी ने घोषणा की एक तरफ तो सरकार भारत को आजादी देने से इंकार कर रही हैं और दूसरी तरफ लोकतांत्रिक शक्तियों की जीत के लिए भारत को युद्ध में शामिल कर रही हैं. 

जैसे जैसे द्वितीय विश्व युद्ध अपनी चरम सीमा पर बढ़ रहा था वैसे-वैसे  गाँधी जी और कांग्रेस ने ‘भारत छोड़ो” आन्दोलन की मांग को और तेज कर दिया. और देखते देखते ‘भारत छोड़ो’ स्वतंत्रता आन्दोलन का यह  संघर्ष और शक्तिशाली बन कर उभरने लगा 

और इस ‘भारत छोड़ो’  आंदोलन जिसमे व्यापक हिंसा और गिरफ्तारी हुई. और इस आन्दोलन में हजारों की संख्‍या में भारत के स्वतंत्रता सेनानी या तो शहीद हो  गए या घायल हो गए,  और साथ ही में हजारों गिरफ्तार भी कर लिए गए. 

गांधी जी ने अपने घोषणा यह बात पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया था कि भारत  ब्रिटिश युद्ध प्रयासों को समर्थन तब तक नहीं देंगे जब तक भारत को तत्‍काल आजादी न दे दी जाए. 
और साथ ही भी कहा की कि व्यक्तिगत हिंसा के बावजूद यह ‘भारत छोड़ो’आन्दोलन बन्द नहीं होगा. गाँधी जी ने सभी कांग्रेसियों और भारतीय नागरिको को अहिंसा के साथ करो या मरो (डू ऑर डाय) का पाठ भी पढाया अनुशासन संयम बनाये रखने  को कहा.

अंग्रेजी सरकार ने मुबंई में 9 अगस्त 1942 को गांधी जी और कांग्रेस कार्यकारणी समिति के सभी सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया.  गिरफ्तारी के बाद गांधी जी को पुणे में स्थित  आंगा खां महल ले गए और उन्हें  दो साल तक बंदी बनाकर रखा गया. 

और इसी बीच गाँधी जी की पत्नी कस्तूरबा गांधी का 22 फरवरी 1944 देहांत हो गया. और उसी के कुछ दिनों बाद  जेल में ही गांधी जी  मलेरिया के शिकार हो गए. और उनकी यह हालत देख कर अंग्रेज उन्हें जेल में नहीं छोड़ सकते थे, और उनके इलाज हेतु 6 मई 1944 को उन्हें रिहा कर दिया गया. 

भारत छोड़ो आंदोलन आशिंक सफलता के बावजूद भी चलता रहा और उसके बाद द्वितीय विश्व युद्ध के अंत तक पहुचते पहुचते ब्रिटिश हुकूमत ने एक स्पष्ट संकेत दे दिया जल्द ही भारत की सत्ता भारतीयों को दे दी जाएगी. और इस एलान के बाद गाँधी जी और उनके समर्थको ने  भारत छोड़ो आंदोलन समाप्त कर दिया. और अंग्रेजी सरकार ने तुरंत ही  1 लाख के करीब गिरफ्तार राजनैतिक कैदियों को रिहा कर दिया गया. 

 देश का विभाजन और आजादी:- 
ब्रिटिश सरकार द्वारा किये गए भारत की आज़ादी के  एलान के बाद.  एक आवाज़ और उठने लगी जिन्ना के नेतृत्व में एक अलग मुसलमान देश की. और यह मांग लगातार तेज़ होने लगी. और इस आवाज़ को वास्तविकता में बदल डाला 40 के दशक में अलग राष्ट्र  ‘पाकिस्तान’ के रूप में. इस मांग के खिलाफ थे गाँधी जी क्युकी  उनके धार्मिक एकता के सिद्धांत से बिलकुल अलग था यह निर्णय. 
लेकिन अंग्रेजों ने देश को दो टुकड़ों में आखिर कार बाट ही दिया. भारत और पाकिस्तान को  विभाजित कर के.

 गाँधी जी की हत्या:- 
गाँधी जी की हत्या 30 जनवरी 1948 को दिल्ली के बिरला हाउस में शाम 5:17 मिनट पर हुयी थी. उस समय वो एक प्रार्थना सभा को संबोधित करने जा रहे थे. गाँधी जी की हत्या नाथूराम गोडसे ने की उनके सीने में 3 गोलियां दाग कर.  अपने प्राण त्याग ने से पहले उनके मुख से आखिरी शब्द निकला  ‘हे राम’ 

इस हत्या के दोषी नाथूराम गोडसे और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया गया और मुकदमा चलाया गया 1949 में उन्हें फांसी  की सजा सुनाई गयी...

नोट :- राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी के जीवन से जुडी और अधिक जानकारी के लिए wikipedia की साईट पर जाए..

दोस्तों आप ने पढ़ा   राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी के जीवन के बारे में इस आर्टिकल में तो दोस्तों आईये पढ़ते हैं राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी जी द्वारा कहे गए वो अनमोल वचनों को जो अपने जीवन काल के दौरान कही और लिखी 



 कुरीति के अधीन होना कायरता है, 
 उसका विरोध करना पुरुषार्थ है..


 Kuriti Ke Adhin Hona Kayarta Hai,
 Uska Virodh karna Pursharth Hai.


 मृत, अनाथ, और बेघर को इससे क्या फर्क पड़ता है,
 कि यह तबाही सर्वाधिकार या फिर स्वतंत्रता या लोकतंत्र के पवित्र नाम  पर लायी जाती है ?


 Mart Anath Aur Begar ko Isse Kya fark Padta Hai,
 KI Yah Tabahi Sarvadhikar Ya Fir Svatantrata Ya Loktantra  Ke Pavitra Nam Par Laye Jati Hai.............

 मैं मरने के लिए तैयार हूँ, पर ऐसी कोई वज़ह नहीं है.
 जिसके लिए मैं मारने को तैयार हूँ...


 Me Marne Ke Liye Teyar Hun Par Yesi Koi Vajah Nahi Hain,
 Jisake Liye Main Marane Ko Taiyar Hun..

 क्रोध और असहिष्णुता सही समझ के दुश्मन हैं..


 Krodh Aur Ashisudata Sahi Samaj Ke Dusman Hai..


 पूंजी अपने-आप में बुरी नहीं है, उसके गलत उपयोग में ही बुराई है.
 किसी ना किसी रूप में पूंजी की आवश्यकता हमेशा रहेगी...


 Punji Apne Aap Me Buri Nahi Hai, Uske Glat Upyog Me Hi  Burae Hai,
 Kishi Na Kishi Rup Me Punji Ki Avashyakta Hmesha Rahegi...

Famous 100 Quotes By Mahatm a Gandhi In Hindi

 अपनी गलती को स्वीकारना झाड़ू लगाने के सामान है 
 जो धरातल की सतह को चमकदार और साफ़ कर देती है...


 Apni Galti Ko Shvikarna Jhandu Lagane Ke Saman Hai,
 Jo Dhratal Ki Satha Ko Chamakdar Aur Shaf Kar Deti Hai...
Mahatma Gandhi  Biography

 केवल प्रसन्नता ही एकमात्र इत्र है, 
 जिसे आप दुसरो पर छिड़के तो उसकी कुछ बुँदे अवश्य ही आप पर भी पड़ती है...


 Keval Prasnnata Hi Ek Matra Etra Hai
 Jise Aap Dusro Par Chidken To Uske Kuch Bunde Avashy Hi Aap Par Padti Hai.


 विश्वास करना एक गुण है, 
 अविश्वास दुर्बलता कि जननी है..


 Vishvas Karna Ek Gud Hai,
 Avishvas Durbalta Ki Janni Hai..
Mahatma Gandhi Best 100  Quotes In Hindi 

 कोई त्रुटी तर्क-वितर्क करने से सत्य नहीं बन सकती,
 और ना ही कोई सत्य इसलिए त्रुटी नहीं बन सकता है 
 क्योंकि कोई उसे देख नहीं रहा...


 Koi Truti Tark - Vitark Karne Se Satya Nahi Ban Sakti,
 Aur Na Hi Satya Isliye Truti Nahi Ban Sakata Hain,
 Kyuki Koi Use Dekh Nahi Raha..


 जो समय बचाते हैं, 
 वे धन बचाते हैं और बचाया हुआ धन, कमाएं हुए धन के बराबर है...


 Jo Smay  Bachate Hain,
 Ve Dhan Bachate Hain Aur Bachaya Huwa Dhan Kamay Huwe Dhun Ke Brabar Hai...


 यद्यपि आप अल्पमत में हों, पर सच तो सच है..


 Yadhpi Aap Alpmat Me Hon Par Sach To Sach Hai...


 जो भी चाहे अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुन सकता है,
 वह सबके भीतर है..


 Jo Bhi Chaye Apni Antratma Ki  Awaj  Sun Sakta Hai,
 Wah Sabke Bhitar Hai....


 आप आज जो करते हैं उस पर भविष्य निर्भर करता है..


 Aap Aaj Jo Karti Hai Us par Bhavishy Nirbhar Karta Hai..


 राष्ट्रीय व्यवहार में हिन्दी को काम में लाना,
 देश की उन्नति के लिए आवश्यक है..


 Rashtriy Vyvhar  Me Hindi Ko Kam Me Lana,
 Desh Ki Unnati Ke Liye Avashyak Hai....


 सत्य कभी ऐसे कारण को क्षति नहीं पहुंचाता जो उचित हो..


 Satya Kabhi Yese karan Ko Chati nahi Pahunchata Jo Uchit HO...


 ख़ुशी तब मिलेगी जब आप जो सोचते हैं, 
 जो कहते हैं और जो करते हैं, सामंजस्य में हों...


 Khushi Tab Milegi Jab Aap Jo Sochte Hain,
 Jo Khate HaiAur Jo Karte Hai Samjsya Me Ho...

राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी के 100 अनमोल वचन और विचार 

 अपने प्रयोजन में द्रढ विश्वास रखने वाला.
 एक सूक्ष्म शरीर इतिहास के रुख को बदल सकता है...


Apane Prayojan Me Dran Viashvas Rakhne Vala,
 Ek Sucham Sharir Itesh Ke Rukh Ko Badal Sakta Hai...

"महात्‍मा गांधी के 100 अनमोल विचार"

 शांति का कोई रास्ता नहीं है, केवल शांति है..


 Shanti Ka Koi Rasta Nahi Hai, Keval Shanti Hai..


 विश्वास को हमेशा तर्क से तौलना चाहिए. 
 जब विश्वास अँधा हो जाता है तो मर जाता है...


 Vishvas Ko Hmesha Tark Se Tolna Chahiye,
 Jab Vishvas Andha Ho Jata Hai To Mar Jata Hai...


 पहले वो आप पर ध्यान नहीं देंगे, फिर वो आप पर हँसेंगे, 
 फिर वो आप से लड़ेंगे, और तब आप जीत जायेंगे...


 Phale Vo  Aap Par Dhyan Nahi Denge Fir Vo Aap Par Hansege,
 Fir Vo Aap Se Ladege Aur Tab Aap Jet Jayange...


 विश्व के सभी धर्म, भले ही और चीजों में अंतर रखते हों, 
 लेकिन सभी इस बात पर एकमत हैं कि दुनिया में कुछ नहीं बस सत्य  जीवित रहता है...


 Vishva Ke Sabhi Dharm Bhle Hi Aur Chijon Me Anter Rakhte Hon,
 Lakin Sabhi Is Bat Par Ekmat Hai Ki Duniya Me Kuch Nahi  Bash Satya Jivit Rahta Hai..

 निरंतर विकास जीवन का नियम है, 
 और जो व्यक्ति खुद को सही दिखाने  के लिए,
 हमेशा अपनी रूढ़िवादिता को बरकरार रखने की कोशिश करता है,
 वो खुद को गलत स्थिति में पंहुचा देता है....


 Nirantar Vikash Jivan Ka NIyam Hai,
 Aur Jo Vykit Khud Ko Shai Dikhane Ke Liye,
 Hamesha Apni Rudivadita Ko Barkarar Rakhne Ki Koshish Karta Hai,
 Vokhud Glat stithi में phuncha Deta Hai....


 गर्व लक्ष्य को पाने के लिए किये  गए प्रयत्न में निहित है, 
 ना कि उसे पाने में...


 Garv Lachy Ko Pane Ke Liye Kiye Gaye Prayatn Me Nihit Hai,
 Na Ki Use Pane Me..


 ऐसे जियो जैसे कि तुम कल मरने वाले हो,
 ऐसे सीखो की तुम हमेशा के लिए जीने वाले हो..


 Yese Jio Jese ki Tum Kal marne Vale Ho,
 Yese Shikho Ki Tum Hamesha Ke Liye Jene Vale Ho...

 भगवान का कोई धर्म नहीं है..


 Bhagwan Ka koi Dharam Nahi Hai..

Mahatma Gandhi Best 100  Quotes In Hindi 

 हंसी मन की गांठें बड़ी आसानी से खोल देती है..



 Hanshi Man Ki Ghante Badi Aasani Se Khol Deti hai....


 स्वयं को जानने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है,
 स्वयं को औरों की सेवा में डुबो देना...


 Svam Ko Janne Ka Sarvsresth Tarika Hai,
 Svam Ko Auron Ki Sewa  Me Dubo Dena..


 प्रेम दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति है,
 और फिर भी हम जिसकी कल्पना कर सकते हैं उसमे सबसे नम्र है..


 Prem Duniya Ki Sabse BadiShakti Hai,
 Aur Fir Bhi Hum Jiski Kalpna Kar Sakte Hain Usme Sabse  Namra Hai....

राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी की जीवनी 

 हर रात, जब मैं सोने जाता हूँ, मैं मर जाता हूँ,
 और अगली सुबह, जब मैं उठता हूँ, मेरा पुनर्जन्म होता है...


 Hur Rat Jab Me Sone Jata Hun Me Mar Jata Hun,
 Aur Agli Subha Jab Me Uthta Hun Mera Punrjanm Hota  hai...

 हो सकता है आप कभी ना जान सकें कि आपके काम का क्या परिणाम हुआ, 
 लेकिन यदि आप कुछ करेंगे नहीं तो कोई परिणाम नहीं होगा...


 Ho Sakta Hai Aap kabhi na Jan Sake Ki Aap Ke Kam Ka Kya  parinam Huwa,
 Lakin Yadi Aap Kuch karege Nahi To Koi parinam Nahi  Hoga....


 मैं सभी की समानता में विश्वास रखता हूँ, 
 सिवाय पत्रकारों और फोटोग्राफरों के...


 Me Sabhi ki Smanta Me Vishvas Rakhta Hun,
 Sivay Patrakar Aur photografar Ke..

 व्यक्ति की पहचान उसके कपड़ों से नहीं 
 अपितु उसके चरित्र से आंकी जाती है...


 Vyakit Ki Pachan Uske Kapdon Se Nahi,
 Apetu Uske Charetra Se Anki Jati Hai....

 सत्य बिना जन समर्थन के भी खड़ा रहता है, वह आत्मनिर्भर है..


 Satya Bina Jan SamrthanKeBhi Khada Rahta Hai Wha AtmNirbhar Hai...

महात्‍मा गांधी के 100 अनमोल विचार

 मेरा जीवन मेरा सन्देश है..


 Mera Jivan Mera Sandesh hai...


 मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है,
 सत्य मेरा भगवान है, अहिंसा उसे पाने का साधन...


 Mera Dharam Satya hai Ahinsha Par Aadarit Hai,
 Satya Mera Bhagwan Hai Ahinsha Use Pane ka Sadhan...

 कुरीति के अधीन होना कायरता है, 
 उसका विरोध करना पुरुषार्थ है..


 Kuriti Ke Adhin Hona Kayarta Hai,
 Uska Virodh karna Pursharth Hai..


 आप मानवता में विश्वास मत खोइए। मानवता सागर की तरह है,
 अगर सागर की कुछ बूँदें गन्दी हैं, तो सागर गन्दा नहीं हो जाता...


 Aap Manvta Me Visshvas Mat Khoey Manvta Sagar Ki Trah Hai,
 Agar Sagar Ki Kuch Bunde Gandi Hai To Sagar Ganda Nahi Ho Jata..

महात्‍मा गांधी के 100 अनमोल विचार

 सबसे सशक्त भाषण है,
 धीरे-धीरे दुनिया आपको सुनेगी..


 Maun Sabse Sashakt Bhasan Hai,
 Dhere - Dhere Duniya Aap Ko Sunegi...


 आँख के बदले में आँख पूरे विश्व को अँधा बना देगी..


 Ankh Ke Badle Me Anshu Pure Vishva Ko Andha Bana Deghi..

Famous 100 Quotes By Mahatma Gandhi In Hindi 

 एक कृत्य द्वारा किसी एक दिल को ख़ुशी देना, 
 प्रार्थना में झुके हज़ार सिरों से बेहतर है..


 Ek Kraty Dvara Kisi Ek  Dil Ko Kushi Dena,
 Prarthna Me jhuke Hajar Siron Se Behtar hai..


 प्रार्थना माँगना नहीं है. यह आत्मा की लालसा है,
  यह हर रोज अपनी कमजोरियों की स्वीकारोक्ति है,
 प्रार्थना में बिना वचनों के मन लगाना, वचन होते हुए मन ना लगाने से  बेहतर है..


 Prarthna mangna Nahu HAiYah Atma Ki Lalsha Hai,
 Yah Har Roj Apni Kamjoriyon Ki Scvikarokit Hai,
 Prarthna Me Bina Vachno Ke Man Lagna Vachan Hote  Huwe Man Na Lagne Se Bhetar Hai.....


 पृथ्वी सभी मनुष्यों की ज़रुरत पूरी करने के लिए पर्याप्त संसाधन प्रदान करती है, 
 लेकिन लालच पूरी करने के लिए नहीं...


 Prathvi Sabhi Manushyon Ki Jarurat Puri Karne Ke Liye  Paryapt  SAnsadhan Prdhan Karti Hai,
 Lakin lalach Puri Karne Ke Liye Nahi...


 आप मुझे जंजीरों में जकड़ सकते हैं, यातना दे सकते हैं,
 यहाँ तक की आप इस शरीर को नष्ट कर सकते हैं, 
 लेकिन आप कभी मेरे विचारों को कैद नहीं कर सकते...


 Aap Mujhe Janjeron Me Jakd sakte Hai Yatna De Sakte Hai,
 yaha Tak Ki Aap Is Sharir Ko nast kar Sakte Hai,
 Lakin Aap Kabhi Mere Vicharon Ko Ked Nahi Kar Sakte...


 एक देश की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से आँका जा सकता है,
 कि वहां जानवरों से कैसे व्यवहार किया जाता है...


 Ek Desh Ki Mahanta Aur Neatik Pragti Ko Is bat Se Anka Ja Sakta Hai,
 Ki Wha Janvaron Se Kese Vyvhar Kiya Jata Hai....

राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी के 100 अनमोल वचन और विचार 

 किसी चीज में यकीन करना और उसे ना जीना बेईमानी है...


 Kishi Chij Me Yakin Karna Aur Use Na Jina Baemani Hai..

राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी के 100 अनमोल वचन और विचार 

 जहाँ प्रेम है वहां जीवन है..


 Jhan Prem Hai Whan Jivan hai..

Mahatma Gandhi  Biography

 मैं किसी को भी गंदे पाँव के साथ,
 अपने मन से नहीं गुजरने दूंगा..


 Me Kishi ko Bhi Gande  Panv  Ke Sath,
 Apne Man Se Nahi Gujarne Dunga...


 सत्य एक विशाल वृक्ष है, उसकी ज्यों-ज्यों सेवा की जाती है, 
 त्यों-त्यों उसमे अनेक फल आते हुए नजर आते है, उनका अंत ही नहीं  होता...


 Satya Ek Vishal Vrach Hai Uski Jyun - Jyun Seva  Ki Jati Hai,
 Tyon -Tyon Usme Anek Fal Aate Huye Najar Aate Hain,  Unka Ant Hi Nahi Hota..


 पाप से घृणा करो, पापी से प्रेम करो..


 Pap Se Gharna KaroPapi Se Prem Karo.....


 आप तब तक यह नहीं समझ पाते की आपके लिए कौन महत्त्वपूर्ण है,
 जब तक आप उन्हें वास्तव में खो नहीं देते...


 Aap Tab TakYah Nahi Samaj Pate Ki Aapke Liye Kun  Mahtvpurn Hai,
 Jab Tak Aap Unhe vastava Me Kho Nahi Deti....


 मेरी अनुमति के बिना कोई भी मुझे ठेस नहीं पहुंचा सकता..


 Meri Anumati Ke Bina Koi Bhi Mujhe THes Nahi Phanucha Sakta ...


 आप नम्र तरीके से दुनिया को हिला सकते है..


 Aap Namr Tarike Se Duniya Ko Hila Shakte Hai..


 भूल करने में पाप तो है ही, 
 परन्तु उसे छुपाने में उससे भी बड़ा पाप है...


 Bhul Karne Me Pap To Hai Hi,
 Parantu Use Chupane Me Usse Bhi Bada Pap Hai...


 गुलाब को उपदेश देने की आवश्यकता नहीं होती है,
 वह तो केवल अपनी ख़ुशी बिखेरता है,
 उसकी खुशबु ही उसका संदेश है....


 Gulab Ko Updesh Dene Ki Avashyakta Nahi Hoti Hai,
 Wah To Keval Apni Khushi Bikhertia Hai,
 Uski Khusbu Hi Uska Sandesh Hai..


 गरीबी दैवी अभिशाप नहीं बल्कि मानवरचित षडयन्त्र है...


 Garibi Devi Abhishap Nahi Balki Manavrachit Shadyantra Hai....


 अक्लमंद काम करने से पहले सोचता है,
 और मूर्ख काम करने के बाद..


 Aklmand Kam Karne Se Phale Sochta Hai,
 Aur Murkh Kam karne Ke Bad ....


 चिंता से अधिक कुछ और शरीर को इतना बर्बाद नहीं करता..


 Chinta Se Adhik Kuch Aur Sharir Ko Itna Barbad Nahi Karta..


 चरित्र की शुद्धि ही सारे ज्ञान का ध्येय होनी चाहिए..


 Charitra Ki Sudhi Hi Sare Gyan Ka Dyey Honi Chahiye...


 जब भी आपका सामना किसी ,
 विरोधी से हो, उसे प्रेम से जीतें..


 Jab Bhi Aapka Samana Kisi,
 Virodhi Se Ho, Use Prem Se Jeto....


 शारीरिक उपवास के साथ-साथ मन का उपवास न हो तो,
 वह दम्भपूर्ण और हानिकारक हो सकता है...


 Sharirik Upvas Ke Sath Sath Man Ka Upvas Na Ho To,
 Wah Dambpurn Aur Hanikarak Ho Sakta Hai..


 लम्बे-लम्बे भाषणों से कही अधिक मूल्यवान है,
 इंच भर कदम बढ़ाना...


 Lambe Lambe Bhasano Se Khai Adhik Mulyvan Hai,
 Inch Bhar Kadam Badana..

 कोई भी संस्कृति जीवित नहीं रह सकती,
 यदि वह अपने को हम दबाव से अनुशासन नहीं सीख सकते..


 Koi Bhi Sanskriti  Jivet Nahi Rah Sakti,
 Yadi Wah Apne Ko Hum Dabav Se Anushasan Nahi Shik Sakte...

महात्‍मा गांधी के 100 अनमोल विचार

 प्रार्थना या भजन जीभ से नहीं ह्रदय से होता है,
 इसी से गूंगे, तोतले और मूढ भी प्रार्थना कर सकते है...


 Prarthna Ya Bhajan Jibh Se Nahi Harday Se Hota Hai,
 ESe Se Gunge Totle Aur Muth Bhi Prarthna Kar Sakte Hai...

 थोडा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है..


 Thoda Sa Abhyas Bhaut Sare Updeshon Se Behtar Hai.


 मैं हिंसा का विरोध करता हूँ क्योंकि जब ऐसा लगता है कि 
 वो अच्छा कर रही है तब वो अच्छाई अस्थायी होती है,
 और वो जो बुराई करती है वो स्थायी होती है...


 Me Hinsha ka Virodh Karta Hun Kyuki Jab Yesa Lagta Hai Ki,
 Vo Accha Kar Rahi Hai Tab Vo Acchae Asthye Hoti Hai,
 Aur Vo Jo Burae Karti hai Vo Sthaye Hoti Hai...


 मै हिंदी के जरिये प्रांतीय भाषाओं को दबाना नहीं चाहता, 
 किन्तु उनके साथ हिंदी को भी मिला देना चाहता हूं...


 Me Hindi Ke jariye Prantiy Bhashao Ko Dabana Nahi Chata,
 Kintu Unke Sath Hindi Ko Bhi Mila Dena Chata Hun...

Famous 100 Quotes By Mahatma Gandhi In Hindi 

श्रद्धा का अर्थ है आत्मविश्वास,
 और आत्मविश्वास का अर्थ है ईश्वर में विश्वास...


 Shrdha  Ka Arth Hai Atmvishvas,
 Aur Atmvishvas ka Arth Hai Ishvar Me Vishvas....


 कायरता से कहीं ज्यादा अच्छा है, लड़ते-लड़ते मर जाना..


 Kayarta Se Khai Jyda Accha Hai Ladte - Ladte Mar Jana..


 भविष्य में क्या होगा, मै यह नहीं सोचना चाहता,
 मुझे वर्तमान की चिंता है,
 ईश्वर ने मुझे आने वाले क्षणों पर कोई नियंत्रण नहीं दिया है...


 Bhavishy Me Kya Hoga Me Yah Nahi Sochana Chata,
 Mujhe Vartman Ki Chinta Hai,
 Ishvar Ne Mujhe Aane Vale Kshano Par Koi Niyantran Nahi  Diya Hai.

महात्‍मा गांधी के 100 अनमोल विचार

 खुद वो बदलाव बनिए जो दुनिया में आप देखना चाहते हैं..


 Khud Vo Badlav Baniy Jo Duniya Me Aap Dekhna Chate Hai..

Famous 100 Quotes By Mahatma Gandhi In Hindi 

 कुछ करने में, या तो उसे प्रेम से करें
 या उसे कभी करें ही नहीं..


 Kuch Karne Me Ya To Use Prem Se Kare ,
 Ya Use Kabhi Kare Hi Nahi..


 तुम जो भी करोगे वो नगण्य होगा, 
 लेकिन यह ज़रूरी है कि तुम वो करो...


 Tum Jo Bhi Karoge Naganya Hoga,
  Lakin Yah Zaruri Hai KI Tum Vo Karo....

"राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी की जीवनी"

 अहिंसा ही धर्म है, वही जिंदगी का एक रास्ता है..


 Ahinsa Hi Dharm Hai Vahi Jindgi Ka Rasta Hai....


 जो लोग अपनी प्रशंसा के भूखे होते हैं, 
 वे साबित करते हैं कि उनमें योग्यता नहीं है...



 Jo Log Apni Pransha Ke Bhuke Hote Hai,
 Ve Sabit Karte Hai Ki Unme Yogyata Nahi Hai....
Mahatma Gandhi Best 100  Quotes In Hindi 

 पुस्तकों का मूल्य रत्नों से भी अधिक है, 
 क्योंकि पुस्तकें अन्तःकरण को उज्ज्वल करती हैं...


 Pustkon Ka Muly Ratno Se Bhi Adhik Hai,
 Kyuki Pustken Anthakaran Ko Ujjval Karti Hai......


 कुछ लोग सफलता के सपने देखते हैं,
 जबकि अन्य व्यक्ति जागते हैं और कड़ी मेहनत करते हैं...


 Kuch Log Saflta Ke Sapne Dekhte Hai,
 Jabki Any Vykit Jagte Hain Aur Kadi Mehnat Karte Hain..


 काम की अधिकता नहीं, 
 अनियमितता आदमी को मार डालती है...


 Kam Ki Adhitta Nahi,
 Aniymitta Admi Ko Mar Dalti Hai....


 हम जिसकी पूजा करते है उसी के समान हो जाते है..


 Hum Jiski Puja Karte Hai Use Ke Sman Ho Jate Hai...

Mahatma Gandhi  Biography

 मैं तुम्हे शांति का प्रस्ताव देता हूँ. मैं तुम्हे प्रेम का प्रस्ताव देता हूँ. 
 मैं तुम्हारी सुन्दरता देखता हूँ.मैं तुम्हारी आवश्यकता सुनता हूँ.
 मैं तुम्हारी भावना महसूस करता हूँ....


 Me Tumhe Shanti Ka Prastav Deta Hu Me Tumhe Prem Ka Prastav Deta Hai,
 Me Tumhari Sundarta Dekhta Hu Me Tumhari Avashyakta Sunta Hun,
 Me Tumhari Bhavna Mahshus Karta Hun..


 प्रेम की शक्ति दण्ड की शक्ति से,
 हजार गुनी प्रभावशाली और स्थायी होती है...


 Prem Ke Shakti Dand Ki Shakti Se,
 Hajar Gunai Prabavshali Aur Sthayi Hoti Hai....


 वास्तविक सोन्दर्य ह्रदय की पवित्रता में है..


 Vastvik Sondary  Hardy Ki pavitrata Me Hai..


 पूर्ण धारणा के साथ बोला गया “नहीं”  सिर्फ दूसरों को खुश करने,
 या समस्या से छुटकारा पाने के लिए बोले गए “हाँ” से बेहतर है...


 Purn  Dharna Ke Sath Bola Gaya" Nahi " Sirf Dusro Ko Khush Karne,
 Ya Smashya Se Chutkara Pane Ke Liye Bole Gay" Han" Se Behtar Hai.


 यदि मनुष्य सीखना चाहे,
 तो उसकी हर भूल उसे कुछ शिक्षा दे सकती है...


 Yadi Manusya  Sikhna Chahe,
 To Uski Har Bhul Use Kuch Sicha De Sakti Hai...........


 सुख बाहर से मिलने की चीज नहीं, 
 मगर अहंकार छोड़े बगैर इसकी प्राप्ति भी होने वाली नहीं...


 Sukh Bahar Se Milne Ki Chij Nahi,
 Magar Ahankar Chude Bager Iski Prapti Bhi Hone Vale Nahi...


 व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित एक प्राणी है, 
 वह जो सोचता है वही बन जाता है...


 Vykit Apne Vicharon Se Nirmit Ek Pradi Hai,
 Wah Jo Sochta Hai Wahi Ban Jata Hai....

Mahatma Gandhi  Biography

किसी राष्ट्र की संस्कृति,
 उसके लोगों के दिलों और आत्माओं में बसती है...


 Kisi Rastra Ki Sanskriti,
 Uske Logon Ke Dilon Aur Aatmao Me Baste Hai.....

 अपने से हो सके, वह काम दूसरे से न कराना..


 Apne Se Ho Sake Wah Kam Dusre Se Na Karana....

Famous 100 Quotes By Mahatma Gandhi In Hindi 

 जीवन की  गति बढाने के अलावा भी इसमें बहुत कुछ है..


 Jivan Ki Gati Badane Ke Alava Bhi Isme Bhaut Kuch Hai....


 जब तक गलती करने की स्वतंत्रता ना हो,
 तब तक स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं है...


 Jab Tak Galti Karne Ki Svatantrta Na Ho,
 Tab Tak  Svatantrta Ka Koi Arth Nahi Hai..

राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी के 100 अनमोल वचन और विचार 

 जिस दिन प्रेम की शक्ति, शक्ति के प्रति प्रेम पर हावी हो जायेगी, 
 दुनिया में अमन आ जायेगा...


 Jis Din Prem Ki Shakti , Shakti Ke Prati Prem Par Havi Ho Jayege,
 Duniya Me Aman Aa Jayega....


 क्रोध को जीतने में मौन सबसे अधिक सहायक है..


 Krodh Ko Jetne Me Maun Sabse Adhik Shayak hai..
"Mahatma Gandhi  Biography"

 जिज्ञासा के बिना ज्ञान नहीं होता,
 दुःख के बिना सुख नहीं होता..


 Jigyasha Ke Bina Gyan Nahi Hota,
 Dukh Ke Bina Shuk Nahi Hota.....


 सत्य एक है, मार्ग कई,..


 Saty Ek Hai Marg Kai...

Note: दोस्तों बहुत सावधानी बरतने के बावजूद यदि ऊपर दिए गए किसी भी वाक्य या Quote में या जीवनी में आपको कोई त्रुटि मिले तो कृपया हमें क्षमा करें और comments के माध्यम से अवगत कराएं ताकि उन त्रुटियों को सुधार सके हम. आशा हैं की आप हमारा साथ देंगे  धन्यवाद   

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