Friday, 21 April 2017

Top 75 Zulf Shayari In Hindi / 75 जुल्फों पर शायरी

बेहतरीन मासूका के जुल्फों पर शायरियों का विशाल संग्रह 

जब शायरी  बात हो और घटाओ का ज़िक्र हो तो जेहन में बस एक ही ख्याल आता हैं,  वो बस अपनी मसूका की जुल्फों का... दिल बस यही कहता हैं उनकी जुल्फों के साए में हर सुबहो शाम गुज़रे,
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Top 75 Zulf Par Shayari In Hindi 

हर शायर अपनी  शायरी में अपनी मसूका की तारीफ जुल्फों से करता हैं, कभी काली घटाए बन कर, कभी ठंडी छाँव बन कर, कभी उलझे दिल के अरमान बन कर, कभी सुहानी रात बन कर...  शायर की कलम इस तरह  जुल्फों में  खो जाती हैं,  जैसे चाँद  बादल में छुप जाता हैं...

हर प्रेमी अपनी प्रेमिका की जुल्फों की छाँव में रहना चाहता हैं, उन पर सिर्फ अपना हक चाहता हैं  साहिर लुधियानवी ने फिल्म कभी कभी के गाने में इस बात का भी जिक्र किया हैं की ""ये गेसुओं की घनी छाँव हैं मेरी ख़ातिर"", ये होंठ और ये बाहें मेरी अमानत हैं... हर मोहबत का दीवाना अपनी महबूबा  की जुल्फों की छाँव में रहना चाहता हैं, और उसे संवारना चाहता हैं और उससे खेलना चाहता हैं.. आरज़ू लखनवी का वो शेर याद आता हैं जिसमे उन्होंने बड़े ही प्यार और मोहब्बत  से कहा की "पूछा जो उनसे चाँद निकलता है किस तरह, ज़ुल्फ़ों को रूख पे डाल के झटका दिया कि यूँ".. 

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में पढ़ते हैं जुल्फों से जुडी ढेरो शायरी जिसे पढ़ कर आप को अपनी मासुका  के साथ बिताये वो लम्हे याद आ जायेंगे कैसे गुज़री थी वो शाम जुल्फों के साये में... तो देर कैसी आईये पढ़ते हैं अपने दोस्तों को शेयर करते हैं....




 1= जुल्फ खुली रखती हु  मै ,
 दिल बाँधने के लिए....


 Zulf Khuli Rakhati Hu Main,
 Dil Bandhane Ke Liye..

Top 75 Zulf Shayari In Hindi

 2= खुदखुशी करने से मुझे कोई परहेज नही है,
 बस शत॔ इतनी है कि फंदा तेरी जुल्फों का हो...


 Khudkhushi Karane Se Mujhe Parhej Nhai Hian,
 Bas Shart Itani hain Ki, Fanda Teri Julfo Ka Ho..



 3= रूठ कर तेरी जुल्फों से चाँद भी सहम गया,
 दागदार तो था ही बादलों में भी छिप गया...


 Ruth Kar Teri Zulfon Se Chand Bhi Saham Gaya,
 Daagdaar To Tha Hi Badalo Me Bhi Chhip Gaya...


 4= यूँ मिलकर सनम तुमसे रोने को जी चाहता है,
 तेरी जुल्फों के साए में सोने को जी चाहता है...


 Yu Muilakar Sanam TumaseRone Ko Jee Chahata Hain,
 Teri Zulfon Ke Saaye Me Sone Ko Jee Chahata Hain...



 5= तुझे देखेंगे सितारे तो ज़िया मांगेंगे,
 प्यासे तेरी जुल्फों से घटा मांगेंगे...



 Tujhe Dekhenge Sitare To Ziya Mangenge,
 Pyase Teri Zulfon Se Ghata Mangenge,,,

 6= तेरी आगोश में आके, मैं दुनिया भूल जाता हूँ,
 तेरी जुल्फों के साये में, सुकूँ की नींद पाता हूँ...


 Teri Aagosh Me Aake, Main Duniya Bhul Jata Hu,
 Teri Zulfo Ke Saaye Me, Suku Ki Nind Pata Hu...



 7= आंसमा पे सरकता चाँद, और कुछ रातें थी सुहानी,
 तेरी जुल्फों से गुजरती हुई उंगलियाँ, 
 और तेरी साँसे थी जैसे मीठा पानी..


 Asaman Pe Sarakata Chand Aur Kuchh Raate Thi Suhani,
 Teri Zulfon Se Gujarati Huyi Ungaliyan,
 Aur Sanse Thi Jaise Mitha Pani...


 8= हर खुशी माना है ,सनम तेरी जुल्फों के साये में है,
 वो मज़ा मगर है कहाँ ,जो दिल के लुट जाने में ....


 Har Khushi Mana Hain, Sanam Teri Zulfon Ke  Saye Me  Hai,
 Wo Maza Magar Hain Kaha, Jo Dil Ke Lut Jane Me....

बेहतरीन मासूका के जुल्फों पर शायरियों का विशाल संग्रह 

 9=तेरी जुल्फों से नज़र मुझसे हटाई न गई,
 नम आँखों से पलक मुझसे गिराई न गई,,,


 Teri Julfo Se Nazar Mujhase Hatyi Naa Gayi,
 Nam Ankhon Se Palak Mujhase Geerayi Naa Gayi....

Zulf Shayari

 10= बडे गुस्ताख हैं, 
 झुक कर तेरा चेहरा चूम लेते हैं,
 तुमने भी जानम, 
 जालिम ज़ुल्फ़ों को सर चढा रखा है...


 Bade Gustakh Hain, 
 Jhuk Kar Tera Chaihara Chum Lete  Hain,
 Tumane Bhi Janam, 
 Zalim Julfon Ko Sar Chadha Rakkha  Hain...
Top 75 Zulf Shayari In Hindi

 11= तेरी ज़ुल्फ़ क्या संवारी, मेरी किस्मत निखर गयी,
 उलझने तमाम मेरी, दो लट में संवर गयी....

 Teri Julf Kya Sanwari, Meri Kisamat Nikhar Gayi,
 Ulajhane Tamam Meri Do Lat Me Sanwar Gayi...


 12= यह ज़ुल्फ़ अगर खुल के बिखर जाये तो अच्छा है 
 इस रात की तक़दीर सँवर जाये तो अच्छा है 
 जिस तरह से थोड़ी सी ज़िन्दगी तेरे साथ कटी है 
 बाकी भी उसी तरह गुज़र जाये तो अच्छा है 
 वैसे तो तुम्ही ने मुझे बर्बाद किया है 
 इल्ज़ाम किसी और के सिर जाये तो अच्छा है


 Yeh Zulf Agar Khul Ke Bikhar Jaye To Accha Hai
 Is Raat Ki Takdir Sanwar Jaye To Accha Hai
 Jis Tarah Se Thodi Si Zindagi Tere Sath Kati Hai
 Baaki Bhi Usi Tarah Guzar Jaye To Accha Hai
 Waise To Tumhi Ne Mujhe Barbaad Kiya Hai
 Ilzaam Kisi Aur Ke Sar Jaye To Accha Hai

ज़ुल्फ़ हिंदी शायरी

 13=चेहरे पे मेरे ज़ुल्फ़ को फैलाओ किसी दिन,
 क्यों रोज़ गरजते हो बरस जाओ किसी दिन...


 Chaihare Par Mere Zulf Ko Failao Kisi Din,
 Kyu Roz Garazate Ho Baras Jao Kisi Din...



 14= तेरे जुल्फों के अंधियारे में अपना शहर भूल आया, 
 मैं वही शख्स हूँ जो तेरे दिल में,
 अपना घर भूल आया...


 Teri Julfon Ke Andhiyare Me Apana Shahar Bhul Aaya,
 Main Wahi Shakhas Hun Jo Tere Dil  Me,
  Apna Ghar Bhul Aaya...


 15= तुम्हारी ज़ुल्फ़ों के साये में शाम कर लूंगा, 
 सफर इस उम्र का पल में तमाम कर लूंगा....


 Tumahri Zulfo Ke Saye Me Sham Kar Lunga,
 Safar Is Umr Ka Pal Me Tmaam Kar Lunga..
Top 75 Zulf Shayari In Hindi

 16= जूल्फों से यूँ चेहरे को छुपाते क्यूँ हो,
 शर्माते हो तो सामने आते क्यूँ हो,
 कर लो मेरी तरह इकरार तुम भी अब,
 प्यार करते हो तो छुपाते क्यूँ हो.....


 Julfo Se Yu Chaihare Ko Chhupate Kyu Ho,
 Sharmate Ho To Samane Aate Kyu Ho,
 Kar Lo Meri Tarah Ikarar Tum Bhi Ab
 Pyar Karate Ho To Chhupate Kyu Ho...



 17= कल मिला जो वक्त तो जुल्फें तेरी सुलझाऊंगा,
 आज उलझा हूँ जरा मैं वक्त के सुलझाने में....


 Kal Mila To Waqt To Teri Zulfo Ko Suljhaunga,
 Aaj Uljha Hu Jara Waqt Ke Suljhane Me...



 18= लिपट के तेरी जुल्फों में बादलों में खो जाना,
 फिर से तेरी आंखों में डूब के पार हो जाना...


 Lipat Ke Teri Julfo Me Badalo Me Kho Jana,
 Fir Se Teri Ankho Me Dub Ke Paar Ho Jana...

बेहतरीन मासूका के जुल्फों पर शायरियों का विशाल संग्रह 

 19= बिखरने दे तेरी खुशबू
 महक जाने दे फिजाओं को,
 खुलके बिखरने दे जुल्फों को,
 बरस जाने दे घटाओं को


 Bikharne De Teri Khushbu,
 Mahak Jaane De Fijaon Ko,
 Khulke Bikharane De Zulfon Ko,
 Bars Jaane De Ghatao Ko...


 20= तेरे रूखसार पर बिखरी जुल्फों की घटा,
 मैं क्या कहूँ ऐ चाँद, हाय.. तेरी हर अदा....


 Tere Rukhsaar Par Bikhari Julfon Ki Ghata,
 Main Kya Kahu Ye Chand, Hay.. Teri Har Aada...


 21= कोई हवा का झोंका,
 जब तेरी जुल्फों को बिखराता है,
 कसम खुदा की,,,,
 तू बड़ा ही कातिल नजर आता है.....


 Koi Hawa Ka Jhuka,
 Jab Teri Julfo Ko Bikharata Hain,
 Kasam Khuda Ki,,
 Tu Bada Katil Nazar Aata Hain...


 22= तेरी जुल्फों की ज़ंजीर मिल जाती तो अच्छा था,
 तेरे लबों की वो लकीर मिल जाती तो अच्छा था...


 Teri Julfon Ki Zanjir Mil Jati To Achcha Tha,
 Tere Labo Ki Wo Lakir Mil Jati To Achcha Tha...

Top 75 Zulf Shayari In Hindi

 23= तेरी जुल्फों के बिखरने का सबब है कोई,
 आँख कहती है तेरे दिल में तलब है कोई...


 Teri Julfo Ke Bikharane Ka Sabab Hain Koi,
 Ankhn Kahati Hain Tere Dil Me Talab Hain Koi...



 24= जब भी मुँह ढँक लेता हूँ तेरी जुल्फों की छाँव में,
 जाने कितने गीत उतर आते हैं मेरे मन के गाँव में....


 Jab Bhi Muh Dhak Leta Hu TERI Zulfon Ki Chhanv Me,
 Jaane Kitane Geet Utar Aate Hain Mere Man Ke Ganv Me...


 25= मेरी उंगलियाँ फिर तेरी जुल्फों से गुज़र जायें,
 जब तू पलकें झुकाकर फिर मेरी ज़िन्दगी में चली आये


 Meri Ungaliyan Fir Teri Julfo Se Guzar Jaaye,
 Jab Bhi Tu Palake Jhukakar Fir Meri Zindagi Me Chali  Aaaye...
  
बेहतरीन मासूका के जुल्फों पर शायरियों का विशाल संग्रह 

 26= फिर न सिमटेगी मोहब्बत जो बिखर जायेगी,
 ज़िंदगी ज़ुल्फ़ नहीं जो फिर संवर जायेगी...


 Fir Naa Simategi Mohabbat Jo Bikhar Jayegi,
 Zindagi Zulf Nahi Jo Fir Sanvar Jayegi...



 27= बिजलियों ने सीख ली उनके तबस्सुम की अदा,
 रंग ज़ुल्फ़ों की चुरा लाई घटा बरसात की,,,,


 Bijliyon Ne Seekh Li Unke Tabassum Ki Adaa,
 Rang Zulfon Ki Chura Layi Ghataa Barsat Ki.
"ज़ुल्फ़ हिंदी शायरी"

 28= सर-ए-आम यूँ ही जुल्फ संवारा न कीजिये 
 बे-मौत हमको हुस्न से मारा न कीजिये ...


 Sar-E-Aaam Yu Julf Sanwara Naa Kijiye,
 Be-Maut Hmako Husn Se Maara Naa Kijiye...



 29= ये उड़ी उड़ी सी रंगत ये लुटी लुटी सी जु़ल्फ़ें,
 तेरी हालत बता रही है ज़िंदगी का फ़साना....


 Ye Udi Udi Si Rangat Ye Luti Luti Si Zulfe,
 Teri Halat Bata Rahi Hai Zindagi Ka Fasana.....

Top 75 Zulf Shayari In Hindi

 30= तुम्हारी जुल्फ के साये में शाम कर लूँगा
 सफ़र इस उम्र का पल में तमाम कर लूँगा
 नज़र मिलाई तो पूछूंगा इश्क का अंजाम
 नज़र झुकाई तो खाली सलाम कर लूँगा


 Tumahari Julf Ke Saaye Me Sham Kar Lunga,
 Safar Is Umr Ka Pal Me Tamam Kar Lunga,
 Nazar Milayi To Puchhunga Ishk Ka Anzam,
 Nazar Jhukayi To Khali Salam Kar Lunga.....


 31= लहराती ज़ुल्फें कजरारे नयन और ये रसीले होंठ,
 बस कत्ल बाकी है औज़ार तो सब पूरे हैं,,,


 Laharati Julfe Kajarare Nayan Aur Rasile Hoth,
 Bas Qatl Baki Hain Ya Auzar To Sab Pure Hain....


 32= बड़ी  बेअदब हैं जुल्फें  आपकी
 हर  वो हिस्सा  चूमती हैं
 जो  ख्वाहिश है  मेरी.....


 Badi Beadab Hain Zulfe Aapaki,
 Har Wo Hissa Chum Leti Hai,
 Jo Khwahish Hain Hamari.....


 33= ज़ुल्फ़ ए सरकार से जब चेहरा निकलता होगा,
 फिर भला कैसे कोई चाँद को तकता होगा...


 Julfe-E-Sarakar Se Jab Chaihara Nikalata Hoga,
 Fir Bhala Kaise Koi Chand Ko Takata Hoga...



 34= पहले जुल्फ, फिर होठ 
 फिर दिल पे हावी तेरे नैन  हो गये
 तुने चार दफा Dp बदली
 हम चार  दफा तेरे  फैन हो गये.....


 Pahale Zulf, Fir Hoth, 
 Fir Dil pe Havi tere Nayan Ho gaye,,,
 Tune Char Dafa DP Badali HAM char Dafa FAN Ho Gaye....



 35= रेशमी जुल्फें हैं तेरी, मखमली है चेहरा तेरा,
 हो जाऊं तुम्हारा या बना लूं तुम्हें अपना....


 Reshami Julfe Hai Teri, Makhamali Hai Chaihara Tera,
 Hi Jau Tumahara Ya Bana Lu Tumhe Apna....



 36= पहली मुलाकात थी, और हम दोनों ही बेबस थे...
 वो जुल्फें ना संभाल सके, और हम खुद को....


 Pahali Mulakat Thi, Aur Ham Dono Bebas The,
 Wo Julf Naa Sambhal Sake, Aur Ham Khud Ko....



 37= जुल्फ़े बांधा ना करो तुम,.
 हवायें नाराज़ सी रहती हैं ...


 Zulfe Naa Bandha Karo Tum,
 Hawaye Naraz Si Lagti Hain...

बेहतरीन "मासूका के जुल्फों पर शायरियों" का विशाल संग्रह 

 39= जुल्फ़े सिर्फ "दांयी तरफ" मत रखा करो,
 बांया झुमका खुद को  महफूज़ नहीं समझता....


 Julfe Sirf Dayi Taraf Mat Rakkha Karo,
 Baya Jhumaka Khud Ko Mahfuz Nahi Samjhata....


 39= दिल   लेकर क्या करोगी,? बताओ तो सही ?
 तुमसे जुल्फे तो अपनी संभाली नही जाती .....


 Dil Lekar Kya Karogi? Batao To Sahi?
 Tumase Zulfe To Apani SAMBHALI nahi Jati ....


 40= किसी ने पूछा कौन याद आता है, अक्सर तन्हाई में,
 हमने कहा कुछ पुराने रास्ते, खुलती ज़ुल्फे और बस दो आँखें...


 Kisi Ne Puchha Kaun Yaad Aata Hain Akasar Tanhayiyon  Me,
 Hamane Kaha Kuchh Purane Raste, Khulati Julfe Aur Bas  Do Ankhe....


 41=जुल्फे खोली हैं उन्होंने आज,
 और सारा शहर बादलो को दुआ दे रहा हैं.....


 Julfe Kholi Hain Unhone Aaj,
 Aur Sara Shahar Badalo Ko Duwa De Raha Hai...



 42= वों जुल्फें हवाओं संग लहरायी थीं,
 हम असर इश्क का समझ बैठे.....


 Wo Julfe Hawaon Ke Sath Laharayi Thi,
 Ham Asar Ishk Ka Samjh Baithe....


 43= बड़ी आरजू थी महबूबा को बेनक़ाब देखने की,
 दुपट्टा जो सरका तो ज़ुल्फ़ें दीवार बन गयी....


 Badi Aarazoo Thi Mahabuba Ko Benakab Dekhane Ki,
 Duptta Saraka To Julfe Deewar Ban Gayi.....



 44= उनकी गहरी नींद का मंज़र भी कितना हसीन होता होगा,
 तकिया कहीं,, ज़ुल्फ़ें कहीं,, और वो खुद कहीं......


 Unaki Gahari Nind Ka Manzar Bhi Kitana Haseen Hota  Hoga,
 Takiya Kahi,, Julfe Kahi,, Aur Khud Kahi.....


 45= माथे को चूम लूँ मैं और, उनकी जुल्फ़े बिखर जाये,
 इन लम्हों के इंतजार में, कहीं जिंदगी न गुज़र जाये.....


 Manthe Ko Chum Lu Main, Unaki Julfe Bikhar Jaye,
 In Lamho Ke Intzar Me Kahi, Zindagi Naa Guzar Jaaye....



 46= बहुत ही शरारती हैं...ये तेरी आवारा जुल्फें,
 हवा का बहाना बनाकर .तेरे गालो को चूम लेती हैं....


 Bahut Sharati Hain, Ye teri Awara Zulfe,
 Hawa Ka Bahana Banakar, 
 Tere Gaalo Ko Chum Leti Hain....


 47= तेरी जुल्फे इशारो में कह गयी मुझे, 
 मैं भी शामिल थी तुझे बर्बाद करने में....


 Teri Julfe Isharo Me Kah gayi Mujhe,
 Main Bhi Shamil Thi, Tujhe Barbaad Karane Me....



 48= तेरी जुल्फें जब बिखर जाती है,
 ए हसीना तू और भी हसीन हो जाती है ....


 Teri Zulfe Jab Bikhar Jati Hain,
 E Haseena Tu Aur Bhi Haseen Ho Jati Hain...

 49= रुख-ए-यार पे यह जुल्फें, यूँ फिसल रही है,
 कभी दिन निकल रहा है, कभी रात ढल रही है...


 Rukh-E-Yaar pe Yah Julfe Yu Fisal Rahi Hain,
 Kabhi Din Nikal Raha Hain, Kabhi Raat Dhal Rahi Hain...

 50= उनके हाथों में मैंहदी लगाने का. ये फायदा हुआ हमें,
 कि रात-भर चेहरे से उनके,   ज़ुल्फें हटाते रहे हम.....


 Unake Hatho Me Mehandi Lagaane Ka Ye Fayada Hua  Hmae,
 Ki Raat Bhar Chaihare Se Unake, Julfe Hatate Rahe Ham...



 51= ये उड़ती ज़ुल्फें, ये बिखरी मुस्कान,
 एक अदा से संभलूँ, ,तो दूसरी होश उड़ा देती है....


 Ye Udati Zulfe, Ye Bikhari Muskaan,
 Ek Ada Sambhalu To Dusari Hosh Uda Deti Hain...



 52= बिखरी हुई थी जुल्फे वही आँखोमें नमी थी,
 हम चाहकर भी पूरी ना कर सके, 
 ऐ-जिंदगी तूझमें ऐसी क्या कमी थी....


 Bikhari Huyi Thi Julfe Wahi Ankhon Me Nami Thi,
 Ham Chahkar Bhi Puri Naa Kar Sake,
 ye Zindagi yesi Kya Kami Thi....


 53= अच्छी लगती नही चांद पे बदलियां,
 अपने चेहरे से जुल्फें हटा लीजिये ...


 Achchhi Lagati Nahi Chand Pe Badaliya,
 Apane Chaihare Se Jufe Hata Lijiye....


 54= न तो दम लेती है तू और न हवा थमती है,
 ज़िन्दगी ज़ुल्फ़ तेरी कोई सँवारे कैसे.....


 Naa To Dam Leti Hain Aur Naa Hawa Thamati Hain,
 Zindagi Zulfe teri Koi Sanware Kaise...



 55= तेरी खुली~खुली सी ज़ुल्फ़ें,
 इन्हें लाख तुम संवारो
 अगर हम संवारते तो,कुछ और बात होती...


 Teri Khuli Khuli Zulfe Inhe Lakh Tum Sanwaro,
 Inhe Ham Sanwarate To Kuchh Aur Baat Hoti.....

बेहतरीन मासूका के जुल्फों पर शायरियों का विशाल संग्रह 

 56= मैं घंटों निगाह भर के देखता रहा उन्हें,
 वो इत्मिनान से घंटों धूप में जुल्फें सुखाती रहीं ....


 Main Ghanto Nigah Bhar Ke Dekhata Raha Unhe,
 Wo Itminan Se Ghanto Dhup Me Julfe Sukhati Rahi...


 57= जिस हाथ से मैंने तेरी जुल्फों को छुआ था…
 छुप छुप के उसी हाथ को मैं चूम रहा हूं… 
 मुशीर झिंझानवी


 Jis Hatho Se Maine Teri Julfon Ko Chhua Tha,
 Chhup Chhup Ke Usi Hath Ko Main Chum Leta Hu....

ज़ुल्फ़ हिंदी शायरी

 58= इजाजत हो तो मैं तस्दीक कर लूँ तेरी जुल्फों से,
 सुना है जिन्दगी इक खूबसूरत जाम  है साकी.... -
 ‘अदम’


 Izazat Ho To Tasdik Kar Lu teri Julfo Se,
 Suna Hain Zindagi Ek Khubsurat Jaam Hain Saki...


 59= जो गुजरे इश्क में सावन सुहाने, याद आते हैं
 तेरी जुल्फों के मुझको शामियाने याद आते हैं..


 Jo Guzare Ishk Me Sawan Suhane Yaad Aate Hain,
 Teri Zulfo Ke Mujhako Shaiyane Yaad Aate Hain....


 60= गुलों की तरह हम ने ज़िंदगी को इस कदर जाना
 किसी कि ज़ुल्फ़ में इक रात सोना और बिखर जाना...
 बशीर बद्र


 Gulo Ki Tarah Hamne Zindagi Ko Is Kadar Jana,
 Kisi Ki Julf Me Ek Raat Sona Aur Bikhar Jana....



 61= आँख को जाम लिखो ज़ुल्फ़ को बादल लिखो 
 जिस से नाराज़ हो उस शख्स की हर बात लिखो 
 जिस से मिलकर भी न मिलने की कसक बाक़ी है 
 उसी अनजान इंसान की मुलाक़ात लिखो....


 Aankh Ko Jaam Likho Zulf Ko Badal Likho
 Jis Se Naraz Ho Uss Shakhs Ki Har Baat Likho
 Jis Se Milkar Bhi Na Milne Ki Kasak Baaqi Hai
 Usee Anjaan insaan Ki Mulaqaat Likho....



 62= पूछा जो उनसे चाँद निकलता है किस तरह,
 ज़ुल्फ़ों को रूख पे डाल के झटका दिया कि यूँ...
 आरज़ू लखनवी


 Puchha Jo Unse Chaand Nikalta Hai Kis Tarah,
 Zunfon Ko Rukh Pe Daal Ke Jhatka Diya Ke Yun.


 63= ये कह कर सितमगर ने ज़ुल्फ़ों को झटका,
 बहुत दिन से दुनिया परेशाँ नहीं है....


 Yeh Kah SitamGar Ne Zulfon Ko Jhatka,
 Bahut Dil Se Duniya Pareshan Nahi Hai.



 64= आह को चाहिये इक उम्र असर होते तक,
 कौन जीता है तेरी जुल्फ के सर होते तक...


 Aah Ko Chahiye Ek Umr Asar Hote Tak,
 Kaun Jeeta Hain Teri Zulf Ke Sar Hote Tak...

ज़ुल्फ़ हिंदी शायरी

 65= ज़ुल्फ़ रातों सी , रंगत है उजालों जैसी, 
 पर तबियत है वही , भूलने वालों जैसी. 
 ढूढ़ता फिरता हूँ , लोगों में शबाहत उसकी, 
 के वो ख्वाबों में भी लगती है , ख्यालों जैसी...


 Zulf raaton si, rangat hai ujaalon jaisi,
 par tabiyat hai wohi, bhulne walon jaisi.
 Dhoonta phirta hun, logon mein shabahat uski,
 ke wo khwabon mein bhi lagti hai, khayalon jaisi...



 66= मेरे मर जाने की वो सुन के खबर आई  “मोहसिन” 
 घर से रोते हुए वो बिन ज़ुल्फ़ सँवारे निकले....


 Mere Mar Jane Ki Wo Sun Ke Khabar "Mohasin",
 Ghar Se Rote Huye Wo Bin Zulf Sanware Nikale... 



 67= किस ने भीगे हुए बालों से ये झटका पानी
 झूम के आई घटा टूट के बरसा पानी
 आरज़ू लखनवी


 Kis Ne Bhige Huye Baalo Se ye Jhataka Hain Pani,
 Jhum Ke Aayi Ghata Tut Ke Barasa Pani...

Zulf Shayari

 68= जुल्फों में तेरी पेंच ओ ख़म जितने….
 मेरी मजबूरियाँ मेरे मुश्किलात बस इतने
 ग़ालिब 


 Zulfo Me Teri Pench O Kham Jitane,
 Meri Majburiyan Mere Mushkilaat Bas Itane....


 69= ज़ुल्फ़ घटा बन कर रह जाए आँख कँवल हो जाए शायद
 उन को पल भर सोचे और ग़ज़ल हो जाए...
 क़ैसर_उल_जाफ़री


 Julf Ghata Ban Kar Rah Jaye, Ankh Kanval Ho Jaye Shayad,
 Un Ko Pal Bhar Soche Aur Gazal Ho Jaye.....
ज़ुल्फ़ हिंदी शायरी

 70= छाँव पाता है मुसाफिर तो ठहर जाता है,
 ज़ुल्फ़ को ऐसे न बिखरा,हमे नींद आती है...
 मुनव्वर राना


 Chhanv Pata Hain Musafir To Thahar Jata Hain,
 Zulf Ko Yese Naa Bikhara Hame Nind Aati Hai....



 71 = फूक मार के वो अपनी जुल्फों को संवारती है
लगता है जैसे हवा भी उसकी गुलाम है


 Fuk Maar Ke Wo Apane Zulfo Ko Sanwarati Hai,
 Lagata Hai Jaise Hawa Bhi Usaki Gulam Hai.


 72= पहले जुल्फ, फिर होठ , फिर दिल पे  हावी तेरे नैन हो गये
 तुने तीन  दफा बदली डीपी, हम  तीन  दफा तेरे  फैन हो गये.


 Pahale Zulf, Fir Hoth Fir Dil Pe Havi Tere Nain Ho Gaye,
 Tune Teen Dafa Badali DP,
 Ham Teen Dafa Tere Fan Ho Gaye.

 73= जुल्फ देखी है या नजरों ने घटा देखी है,
 लुट गया जिसने भी तेरी ये अदा देखी है.


 Zulf Dekhi Hai Ya Nazare Ghata Dekhi Hai,
 Lut Gaya Jisane Bhi Teri Ye Ada Dekhi Hai.


 74= जुल्फें चाहे कितनी हंसीं क्यूँ न हो
 दुपट्टा शख़्सियत को चार चाँद लगा देता है.


 Zulfe Chahe Kitani Hansi Kyun Na Ho,
 Dupatta Shakhsiyat Par Char Chand Laga Deta Hain.


 75= हम कहाँ से अपने दिल को समझाये
 आप ने यूँ जुल्फ जो बिखेरी है.


 Ham Kahan Se Apane Dil Ko Samajhaye,
 Aap Ne Yun Zulfe Jo Bekhari Hai.


 76= माथे को चूम लूँ मैं और उनकी जुल्फ़े बिखर जाये,
 इन लम्हों के  इंतजार में कहीं जिंदगी न गुज़र जाये.


 Mathe Ko Chum Lu Aur Unaki Julfe Bikhar Jaaye,
 In Lamho Ke Intazar Me Kahi Zindagi Na Guzar Jaye.


 77= दिसम्बर से भी ठण्डा है तेरी ज़ुल्फ़ का साया,
 जी चाहता है की  जून तेरे पास आकर गुजारूं .


 December Se Bhi Thanda Hai Teri Zulfo Ka Saya,
 Jee Chahata Hai Ki June Tere Paas Guzaru.


 87= तेरी काली जुल्फेँ और मुस्कराते होठोँ की लाली 
 लोगोँ को दीवाना बना देती है.


 Teri Kali Zulfe Aur Muskurate Hotho Ki Lali,
 Logo Ko Deewana Bana Deti Hain .


 79= ये किसका ढल गया है आँचल, तारों की निगाह झुक गयी है,
 ये किसकी मचल गयी हैं जुल्फें, जाती हुई रात रुक गयी है.


 Ye Kisaka Dhal Gaya Hai Anchal,
 Taaro Ki Nigah Jhuk Gayi.
 Ye Kisaki Machal Gayi Hai Zulfe,
 Jati Raat Ruk Gayi.


 80= उम्र भर जुल्फ-ए-मसाऐल यूँ ही सुलझाते रहे
दुसरों के वास्ते हम खुद को उलझाते रहे

 Umr Bhar Zulfo-E-Masayel Yun Hi Suljhate Rahe,
 Dusaro Ke Vaste Ham Khud Ko Uljhate Rahe.


 81=  सुन छोरे मैं जु़ल्फें खुली रखती हूं 
 तेरा दिल बांधने के लिए.


 Sun Chhore Main Zulfe Khuli Rakhati Hun,
 Tera Dil Badhane Ke Liye.


 82= अब कौन घटाअों को, घुमड़ने से रोक पायेगा,
 ज़ुल्फ़ जो खुल गयी तेरी, लगता है सावन आयेगा.


 Ab Kaun Ghatao Ko Ghumadane Se Rok Payega,
 Zulf Jo Khul Gayi Teri, Lagata Hain Sawan Aayega.


 83= आवारा सी ज़ुल्फ तुम्हारी गालों को जब सहलाती है,
 हसीन  बेशक उस वक़्त लगती हो,
  पर मुझे तेरी जुल्फे जलाती है.


 Aawara Si Zulfe Tumahari Gaalo Ko Jab Sahalati Hai,
 Haseen Beshak Us Waqt Lagati Ho,
 Par Mujhe Teri Zulfe Jalati Hai.


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