Tuesday, 21 February 2017

Holi विशेष 2017 सुरेन्द्र शर्मा के साथ

 हंसी की खुराक हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा

हास्य व्यंग के विश्वख्याति लोकप्रिय कवि सुरेंद्र शर्मा।  जिनके द्वारा लिखी कटाक्ष व्यंग  श्रोताओं को ठहाके लगाने को मजबूर कर देता। सुरेंद्र शर्मा द्वारा हास्य व्यंग श्रोताओं को एक नयी उर्जा प्रदान करता हैं।  सुरेंद्र शर्मा का कोई जोड़ नहीं । सुरेन्द्र शर्मा किसी परिचय के भी मोहताज़ नहीं हैं हर कोई इन्हें जानता हैं।
हास्य-कवि-सुरेंद्र-शर्मा

तो आज बात करते हैं  लोकप्रिय कवि सुरेंद्र शर्मा।  और आज इस आर्टिकल के माध्यम से पढ़ते हैं सुरेंद्र शर्मा जी द्वारा लिखे कुछ मजेदार लोकप्रिय हास्य व्यंग, जिन्हें आप ने जरुर पढ़ा होगा और सुना भी होगा।
होली 2017 बस नजदीक ही आ गयी और होली के समय हास्य रचनाओं और व्यंग की बात ना हो तो होली की मस्ती अधूरी रह जाती हैं यही सोच के साथ आज इस पोस्ट में सुरेन्द्र शर्मा जी द्वारा लिखी कुछ  व्यंग को प्रस्तुत कर कर हु  आशा हैं आप भी इन्हें पढ़ कर अपने जोरदार  ठहाकों को नहीं रोक पायेंगे तो आईये पढ़ते हैं कुछ मजेदार हास्य रचना ... wahh


Ram Banane Ki Perna

‘पत्नी जी-
मैं छोरा नैं राम बनने की प्रेरणा दे रियो ऊँ
कैसो अच्छो काम कर रियो ऊँ.
वा बोली-‘मैं जाणूँ हूँ थैं छोरा नैं
राम क्यूँ बणाणा चाहो हो
अइयां दसरथ बणकै तीन घरआली लाणा चाहो हो.


Isame Ek Jagah Main Hub Aur 4 Jagah Aap Hain..

मैंने अपनी पत्नी से कहा,
“संत महात्मा कह गए हैं……
ढोल, गंवार, शुद्र, पशु और नारी
ये सब ताड़न के अधिकारी…
इन सभी को पीटना चाहिए!!”
इसका अर्थ समझती हो या समझाएं?
पत्नी बोली-
“हे स्वामी, इसका मतलब तो बिलकुल साफ है
इसमें एक जगह मैं हूं और चार जगह आप हैं


Mero Irado Bilkul Hi Nek Hai.. 

‘पत्नी जी!
मेरो इरादो बिल्कुल ही नेक है
तू सैकड़ा में एक है।’
वा बोली-
‘बेवकूफ मन्ना बणाओ
बाकी निन्याणबैं कूण-सी हैं
या बताओ।’





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